कृषि जैविक संसाधनों से ₹1.04 करोड़ ABS लाभ-साझाकरण: NBA की क्षेत्र-आधारित पद्धति
कृषि जैव-विविधता से प्राप्त ₹1.04 करोड़ के पहुँच एवं लाभ साझाकरण, NBA की क्षेत्र-आधारित पद्धति, नागोया प्रोटोकॉल और KMGBF लक्ष्य 13 का विस्तृत अध्ययन।
25 अक्टूबर 2026
चर्चा में क्यों?
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) ने कृषि जैविक संसाधनों के अनुसंधान और वाणिज्यिक उपयोग से प्राप्त लगभग ₹1.04 करोड़ की पहुँच एवं लाभ साझाकरण राशि 27 राज्य जैव विविधता बोर्डों और 2 केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों में वितरित की है।
क्या हुआ?
- कुल वितरण: ₹1,03,63,188।
- योगदान देने वाली कंपनियाँ: Crystal Crop Protection, Savannah Seeds और Nunhems India।
- संबंधित फसलें: बाजरा, ज्वार, मक्का, धान और लौकी।
- कृषि क्षेत्र से अब तक लगभग ₹87 करोड़ ABS योगदान आया है; NBA के कुल लाभ-वितरण ने ₹204 करोड़ पार कर लिए हैं।
ABS और क्षेत्र-आधारित पद्धति
पहुँच एवं लाभ साझाकरण (Access and Benefit-Sharing—ABS) का उद्देश्य जैविक/आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग से उत्पन्न लाभ को न्यायसंगत रूप से बाँटना है। जब संसाधन बाजार, व्यापारी या मध्यस्थ से लिए जाएँ और किसी एक किसान या समुदाय की पहचान संभव न हो, तब NBA ने खेती के भौगोलिक वितरण और बुवाई क्षेत्र के अनुपात पर आधारित क्षेत्र-आधारित पद्धति अपनाई। इसके लिए कृषि मंत्रालय के एकीकृत कृषि सांख्यिकी पोर्टल (UPAg) के आँकड़ों का उपयोग किया गया।
कानूनी व संस्थागत ढाँचा
- जैव विविधता अधिनियम, 2002—2023 में संशोधित।
- जैव विविधता नियम, 2024 और ABS विनियम, 2025 वर्तमान कार्यान्वयन ढाँचे का हिस्सा हैं।
- राष्ट्रीय स्तर पर NBA, राज्य स्तर पर राज्य जैव विविधता बोर्ड और स्थानीय निकाय स्तर पर जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ (BMC) कार्य करती हैं।
- NBA एक सांविधिक निकाय है और इसका मुख्यालय चेन्नई में है।
नागोया प्रोटोकॉल और KMGBF
नागोया प्रोटोकॉल आनुवंशिक संसाधनों तक पहुँच और उनसे प्राप्त लाभ के निष्पक्ष व न्यायसंगत बँटवारे से संबंधित है। यह व्यवस्था कुनमिंग–मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क के लक्ष्य 13 से भी जुड़ती है, जो आनुवंशिक संसाधनों, डिजिटल अनुक्रम सूचना और संबद्ध पारंपरिक ज्ञान से उत्पन्न लाभ के साझाकरण पर बल देता है। भारत इस अनुभव को 28 अक्टूबर 2026 को येरेवन में CBD COP-17 के सह-कार्यक्रम में प्रस्तुत करने वाला है।
प्रारंभिक परीक्षा तथ्य
- नागोया प्रोटोकॉल—ABS; कार्टाजेना प्रोटोकॉल—जैव-सुरक्षा और जीवित संशोधित जीव।
- BMC स्थानीय जैव विविधता शासन की प्रमुख इकाई है और अपने अधिकार-क्षेत्र में जैव संसाधनों के संग्रह पर शुल्क लगा सकती है।
- येरेवन आर्मेनिया की राजधानी है; आर्मेनिया स्थलरुद्ध दक्षिण काकेशस देश है।
मुख्य परीक्षा विश्लेषण
यह व्यवस्था संरक्षण को केवल नियमन नहीं रहने देती, बल्कि जैव विविधता के वाणिज्यिक उपयोग से प्राप्त मूल्य का एक हिस्सा संरक्षण और स्थानीय शासन में वापस पहुँचाती है। चुनौती यह है कि राज्यों से प्राप्त राशि समय पर स्थानीय संस्थाओं तक पहुँचे, जैव संसाधनों की उत्पत्ति का बेहतर अभिलेखीकरण हो और पारंपरिक ज्ञान धारकों को वास्तविक लाभ मिले।
वास्तविक UPSC PYQ
UPSC मुख्य परीक्षा 2026 · सामान्य अध्ययन-III · प्रश्न 8 · 10 अंक · 150 शब्द
कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क के उद्देश्य और लक्ष्यों की चर्चा कीजिए। इसके लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए भारत की प्रतिबद्धताओं और पहलों का उपयुक्त उदाहरणों सहित उल्लेख कीजिए।
UPSC प्रारंभिक परीक्षा 2023: जैव विविधता प्रबंधन समितियों और नागोया प्रोटोकॉल के उद्देश्यों की प्राप्ति तथा संग्रह शुल्क लगाने की शक्ति पर कथन-आधारित प्रश्न पूछा गया था; दोनों कथन सही थे।
प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास
प्रश्न. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. NBA का मुख्यालय चेन्नई में है। 2. नागोया प्रोटोकॉल ABS से संबंधित है। 3. कार्टाजेना प्रोटोकॉल लाभ-साझाकरण से संबंधित है। सही कूट चुनिए— (a) केवल 1 और 2 (b) केवल 2 और 3 (c) केवल 1 और 3 (d) 1, 2 और 3
उत्तर
(a) केवल 1 और 2। कार्टाजेना प्रोटोकॉल जैव-सुरक्षा से संबंधित है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
भारत का पहुँच एवं लाभ साझाकरण तंत्र कृषि जैव-विविधता के संरक्षण और वाणिज्यिक नवाचार के बीच किस प्रकार संतुलन बनाने का प्रयास करता है? क्षेत्र-आधारित वितरण पद्धति के संदर्भ में समझाइए।
10 अंक · 150 शब्द · GS-III