SIMBEX और हिंद-प्रशांत समुद्री सुरक्षा
प्रश्न
SIMBEX जैसे नियमित द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास भारत की पूर्व की ओर सक्रिय नीति और हिंद-प्रशांत समुद्री सुरक्षा को किस प्रकार परिचालनात्मक गहराई प्रदान करते हैं?
आदर्श उत्तर
भारत–सिंगापुर नौसैनिक अभ्यास SIMBEX कूटनीतिक सहयोग को समुद्री संचालन में बदलता है। 2026 का अभ्यास पनडुब्बी-रोधी, वायु और सतह युद्धाभ्यास के माध्यम से इस सहयोग को आगे बढ़ाता है।
परिचालनात्मक गहराई: नियमित अभ्यास संचार, सामरिक प्रक्रियाओं और संयुक्त योजना में तालमेल विकसित करते हैं। इससे संकट के समय अलग नौसेनाओं के साथ काम करना प्रभावी होता है। समुद्री क्षेत्र की साझा समझ तथा पेशेवर संपर्क खोज-बचाव और आपदा-सहायता में भी उपयोगी हो सकते हैं।
रणनीतिक महत्व: मलक्का जलडमरूमध्य के निकट सिंगापुर की स्थिति भारत के पूर्वी समुद्री संपर्कों के लिए महत्त्वपूर्ण है। सहयोग पूर्व की ओर सक्रिय नीति को सुरक्षा आधार देता है और निर्बाध समुद्री व्यापार के प्रति साझा प्रतिबद्धता दर्शाता है।
फिर भी द्विपक्षीय अभ्यास औपचारिक सैन्य गठबंधन नहीं है। उसे आसियान की केंद्रीयता, अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता के अनुरूप रखना चाहिए। संवाद तथा क्षमता-निर्माण ही टिकाऊ क्षेत्रीय सुरक्षा का आधार है।