सुश्री X, एक मध्यम स्तरीय सिविल सेवा अधिकारी हैं, जो एक प्रमुख नगर के शहरी विकास विभाग में कार्यरत हैं। हाल ही में, वे एक सार्वजनिक अवसंरचना परियोजना—सामुदायिक उद्यान—हेतु संविदा की अनुमोदन प्रक्रिया में सम्मिलित थीं। अनुमोदन प्रक्रिया के दौरान, उन्हें एक गोपनीय सूचना प्राप्त होती है, जिसमें इसका उल्लेख है कि चयनित सूची में सम्मिलित एक संविदाकार के अन्य नगरों में घटिया कार्य-शैली और भ्रष्टाचार के आरोपों का पूर्ववृत्त रहा है, यद्यपि विधि द्वारा कुछ भी प्रमाणित नहीं हुआ है। विभागाध्यक्ष श्री Y, उन्हें इस सूचना को परियोजना समिति अथवा जनता के समक्ष प्रकट न करने की सलाह देते हैं क्योंकि इससे परियोजना में विलंब हो सकता है और नगर की प्रतिष्ठा को हानि हो सकती है। हालाँकि, सुश्री X का मानना है कि ऐसी सूचना को रोकना, पारदर्शिता और जनता के विश्वास से समझौता करना होगा।
उत्तर और व्याख्या
सही उत्तर(b) केवल 3
कथनवार विश्लेषण
- कथन 1 उचित नहीं: सूचना गोपनीय है और आरोप अभी प्रमाणित नहीं हैं। तत्काल सार्वजनिक प्रकटीकरण प्राकृतिक न्याय, गोपनीयता और निष्पक्ष प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
- कथन 2 उचित नहीं: केवल अप्रमाणित आरोपों के आधार पर संविदाकार को हटाना बिना जाँच के दंडात्मक निष्कर्ष होगा।
- कथन 3 उचित: सीमित प्रकटीकरण सक्षम निरीक्षण/सतर्कता समिति को जाँच का अवसर देता है और एक साथ पारदर्शिता, गोपनीयता तथा उचित प्रक्रिया का संतुलन रखता है।
प्रशासनिक सिद्धांत: अप्रमाणित आरोप → सार्वजनिक दोषारोपण नहीं; सक्षम संस्थागत चैनल → सत्यापन → फिर निर्णय।