एक बहुजातीय जिले में, जहाँ आर्थिक प्रतिस्पर्धा और ऐतिहासिक शिकायतों के परिणामस्वरूप प्रायः सामुदायिक तनाव उत्पन्न होते हैं, वहाँ एक जनजातीय उपग्राम के निकट एक अपशिष्ट प्रबंधन सुविधा केंद्र के लिए भूमि आबंटित करने संबंधी एक सरकारी निर्णय से एक चिंगारी निकली और जनजातीय समुदाय का विरोध भड़क उठा, जिसमें दावा किया गया है कि यह भूमि उनकी सांस्कृतिक पहचान के लिए पवित्र और महत्त्वपूर्ण है। उसी समय, शहरी निवासी और स्थानीय उद्योग समूह एक उपयुक्त निपटान स्थल के न होने के कारण उत्पन्न ठोस अपशिष्ट की गंभीर चुनौतियों और स्वास्थ्य चिंताओं का हवाला देते हुए इस परियोजना का समर्थन करते हैं। यह संघर्ष सड़क अवरोध, सोशल मीडिया अभियानों, और पुलिस के अतिरेक के आरोपों के चलते तीव्र हो गया। एक जिम्मेदार सरकारी अधिकारी के रूप में, आपको मध्यस्थता के माध्यम से इस स्थिति का समाधान करने एवं पर्यावरणीय आवश्यकताओं, जनजाति के अधिकारों, और शहरी जन स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाते हुए एक संधारणीय परिणाम सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है।
उत्तर और व्याख्या
सही उत्तर(a) केवल 1, 3 और 4
कथनवार विश्लेषण
- कथन 1 सही: मध्यस्थता में प्रभावित समुदाय की पहचान, संस्कृति और शिकायतों को पहले सुनना विश्वास-निर्माण का आवश्यक आधार है।
- कथन 2 गलत: सार्वजनिक स्वास्थ्य महत्त्वपूर्ण है, पर किसी जनजातीय समुदाय के अधिकारों और सांस्कृतिक हितों को केवल संख्या के आधार पर दरकिनार कर परियोजना थोपना सहभागी शासन और विधिसम्मत प्रक्रिया के विरुद्ध होगा।
- कथन 3 सही: बहु-हितधारक संवाद से सभी पक्षों को साझा मंच मिलता है और तनाव कम करते हुए सहमति-आधारित विकल्प खोजे जा सकते हैं।
- कथन 4 सही: स्वतंत्र पर्यावरणीय एवं सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन तथा पारदर्शी निष्कर्ष साक्ष्य-आधारित निर्णय के लिए उपयोगी हैं।
संघर्ष-समाधान क्रम: सुनना → संवाद → स्वतंत्र साक्ष्य → पारदर्शिता → सहमति-आधारित समाधान।