राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और क्वांटम–अर्धचालक प्रौद्योगिकी
CSIR–केंद्रीय काँच एवं सिरेमिक अनुसंधान संस्थान, कोलकाता में क्वांटम और अर्धचालक प्रौद्योगिकियों पर राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ और Emerging Quantum and Semiconductor Technologies अनुभाग का उद्घाटन किया गया।
स्थिर विज्ञान से सीधा संबंध
क्वांटम प्रौद्योगिकी पदार्थ और ऊर्जा के सूक्ष्म स्तर पर क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों—जैसे अध्यारोपण और उलझाव—का उपयोग कंप्यूटिंग, संचार, संवेदन और पदार्थ-विज्ञान में करती है।
- राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को 2023 में मंजूरी मिली।
- कुल परिव्यय: ₹6,003.65 करोड़; अवधि: 2023-24 से 2030-31।
- 4 प्रमुख क्षेत्र: क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार, क्वांटम संवेदन एवं मापन, क्वांटम पदार्थ एवं उपकरण।
- 8 वर्षों में 50–1000 भौतिक क्यूबिट वाले मध्यवर्ती स्तर के क्वांटम कंप्यूटर विकसित करने का लक्ष्य।
- 2000 किमी तक उपग्रह-आधारित सुरक्षित क्वांटम संचार और अंतर-शहरी क्वांटम कुंजी वितरण लक्ष्य का हिस्सा हैं।
- चार विषयगत हब IISc Bengaluru, IIT Madras, IIT Bombay और IIT Delhi से जुड़े हैं।