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14–22 सितंबर 2026: करंट अफेयर्स को अर्थव्यवस्था से जोड़कर पढ़ें

सिर्फ़ वे आर्थिक घटनाएँ जिनसे सूचकांक, मुद्रास्फीति, भुगतान प्रणाली, व्यापार, औद्योगिक उत्पादन, राष्ट्रीय आय, पूंजी बाजार या सार्वजनिक परिसंपत्ति पर कथन-आधारित प्रश्न बन सकता है।

01
मुद्रास्फीतिअत्यंत उच्च प्राथमिकता

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI): अगस्त 2026

क्यों चर्चा में?

अगस्त 2026 में अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति 4.82% रही, जबकि उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक आधारित खाद्य मुद्रास्फीति 5.95% रही।

स्थिर अर्थव्यवस्था से सीधा संबंध

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक घरेलू उपभोग के लिए खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की खुदरा कीमतों में समय के साथ परिवर्तन मापता है। नई श्रृंखला का आधार 2024=100 है और इसका भार-तंत्र घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण 2023–24 पर आधारित है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • नई CPI श्रृंखला का आधार वर्ष: 2024=100।
  • पुरानी CPI श्रृंखला का आधार वर्ष: 2012=100।
  • नई श्रृंखला में 6 समूहों के स्थान पर COICOP-2018 के अनुरूप 12 उप-विभाग (divisions) का उपयोग होता है।
  • अगस्त 2026 CPI मुद्रास्फीति: 4.82%; ग्रामीण: 5.23%; शहरी: 4.31%।
  • अगस्त 2026 खाद्य मुद्रास्फीति: 5.95%।
  • CPI का प्रकाशन सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) करता है।
ट्रैप: CPI का आधार 2024 है, लेकिन GDP/IIP/WPI की नई श्रृंखलाओं का आधार 2022-23 है।
स्रोत: MoSPI, CPI अगस्त 2026 प्रेस विज्ञप्ति; CPI 2024 तकनीकी नोट.
02
मूल्य सूचकांकअत्यंत उच्च प्राथमिकता

थोक मूल्य सूचकांक (WPI) और उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI)

क्यों चर्चा में?

अगस्त 2026 में अखिल भारतीय थोक मूल्य मुद्रास्फीति 9.92% रही। वर्तमान WPI श्रृंखला का आधार वर्ष 2022-23 है।

स्थिर अर्थव्यवस्था से संबंध

नई WPI श्रृंखला जून 2026 में जारी की गई और उसने 2011-12 आधार वाली पुरानी श्रृंखला को प्रतिस्थापित किया। साथ ही सरकार ने आउटपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक, परीक्षण इनपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक और 7 सेवाओं के सेवा उत्पादक मूल्य सूचकांक भी शुरू किए हैं।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • WPI नई श्रृंखला: आधार वर्ष 2022-23।
  • अगस्त 2026 WPI मुद्रास्फीति: 9.92%।
  • WPI का संकलन आर्थिक सलाहकार कार्यालय, उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) करता है।
  • WPI, आउटपुट PPI और सेवा PPI को मूल मूल्य (basic price) पर संकलित किया जाता है; परीक्षण इनपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक क्रेता मूल्य (purchaser's price) पर।
  • सरकार ने WPI को PPI के साथ 5 वर्ष तक समानांतर जारी करने और उसके बाद WPI बंद करने की व्यवस्था बताई है।
  • सेवा PPI की 7 सेवाओं में बैंकिंग, प्रतिभूति लेनदेन, बीमा, पेंशन निधि प्रबंधन, रेलवे, हवाई यात्री सेवा और दूरसंचार शामिल हैं।
ट्रैप: WPI और CPI अलग संस्थाएँ जारी करती हैं—WPI: DPIIT; CPI: MoSPI।
स्रोत: आर्थिक सलाहकार कार्यालय, DPIIT; WPI अगस्त 2026 और नई PPI श्रृंखला प्रेस विज्ञप्तियाँ.
03
औद्योगिक उत्पादनअत्यंत उच्च प्राथमिकता

कोर उद्योग सूचकांक: अब 8 नहीं, 9 उद्योग

क्यों चर्चा में?

अगस्त 2026 में कोर उद्योग सूचकांक 4.8% बढ़ा। नई 2022-23 आधार-वर्ष श्रृंखला में लौह अयस्क को शामिल किए जाने से कोर उद्योगों की संख्या 8 से बढ़कर 9 हो गई है।

स्थिर अर्थव्यवस्था से संबंध

कोर उद्योग सूचकांक अर्थव्यवस्था के आधारभूत औद्योगिक क्षेत्रों की उत्पादन गतिविधि को मापता है। नई श्रृंखला के भार IIP 2022-23 श्रृंखला के संबंधित उद्योगों से लेकर आनुपातिक रूप से 100 पर पुनर्वितरित किए गए हैं।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • नई आधार-वर्ष श्रृंखला: 2022-23।
  • अब 9 उद्योग: कोयला, प्राकृतिक गैस, कच्चा तेल, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट, बिजली और लौह अयस्क।
  • नया जोड़ा गया उद्योग: लौह अयस्क।
  • सबसे अधिक भार: बिजली — 30.932%।
  • दूसरा बड़ा भार: रिफाइनरी उत्पाद — 22.572%।
  • अगस्त 2026 समग्र वृद्धि: 4.8%।
  • कोर उद्योग सूचकांक आर्थिक सलाहकार कार्यालय, DPIIT द्वारा जारी किया जाता है।
ट्रैप: पुराने प्रश्नों में “8 Core Industries” सही था; 2026 की नई श्रृंखला में उत्तर 9 है।
स्रोत: DPIIT/OEA, नई ICI श्रृंखला और अगस्त 2026 ICI प्रेस विज्ञप्ति.
04
डिजिटल भुगतानअत्यंत उच्च प्राथमिकता

एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) और मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR)

क्यों चर्चा में?

नई UPI व्यवस्था में व्यक्ति-से-व्यक्ति लेनदेन पूर्णतः निःशुल्क बने रहेंगे। ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान तथा शून्य-MDR ढाँचे में आने वाले छोटे व्यापारियों के लेनदेन भी निःशुल्क रहेंगे।

स्थिर अर्थव्यवस्था से संबंध

मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह शुल्क है जो व्यापारी के भुगतान-स्वीकार ढाँचे से जुड़ा होता है और भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के प्रतिभागियों में वितरित होता है। यह सरकार या NPCI द्वारा वसूला जाने वाला कर नहीं है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • व्यक्ति-से-व्यक्ति UPI लेनदेन: सभी राशि पर निःशुल्क।
  • ₹2,000 तक व्यापारी भुगतान: निःशुल्क।
  • MDR कोई कर नहीं है।
  • UPI का परिचालन राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) करता है।
  • NPCI भारतीय रिज़र्व बैंक और भारतीय बैंक संघ की पहल से स्थापित भुगतान प्रणाली संस्था है।
  • नई व्यवस्था भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के ढाँचे के अंतर्गत लाई गई।
ट्रैप: MDR को ग्राहक से सरकार द्वारा वसूला गया “UPI tax” न मानें।
स्रोत: वित्त मंत्रालय, UPI-MDR स्पष्टीकरण, 15 सितंबर 2026.
05
विदेश व्यापारउच्च प्राथमिकता

₹3 लाख तक के निर्यात पर RCMC छूट

क्यों चर्चा में?

सरकार ने ₹3 लाख तक के छोटे मूल्य के निर्यात consignments को Registration-cum-Membership Certificate (RCMC) या Certificate of Registration की आवश्यकता से छूट दी।

स्थिर अर्थव्यवस्था से संबंध

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने विदेश व्यापार नीति 2023 के पैरा 2.57 में संशोधन किया है। जहाँ अन्यथा RCMC आवश्यक होता, वहाँ ₹3 लाख तक के मुक्त-परिवहन-पोत मूल्य (FOB) वाले निर्यात consignments को अब छूट मिलेगी।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • नोडल संस्था: विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT)।
  • संबंधित मंत्रालय: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय।
  • छूट सीमा: मुक्त-परिवहन-पोत मूल्य (FOB) ₹3 लाख तक।
  • RCMC सामान्यतः संबंधित निर्यात संवर्धन परिषद (Export Promotion Council) या वस्तु बोर्ड (Commodity Board) से लिया जाता है।
  • FOB का अर्थ है कि मूल्य में माल को जहाज़/परिवहन साधन पर चढ़ाए जाने तक की लागत शामिल होती है; उसके बाद का freight/insurance अलग होता है।
  • उद्देश्य: MSME, कारीगर और प्रथम बार निर्यातकों की प्रवेश बाधा कम करना।
ट्रैप: यह सभी निर्यातों के लिए RCMC समाप्त करना नहीं है; छूट पात्र छोटे consignments तक सीमित है।
स्रोत: DGFT, विदेश व्यापार नीति 2023 संशोधन; वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय.
06
औद्योगिक नीतिउच्च प्राथमिकता

सेमिकॉन 2.0 (Semicon 2.0): विनिर्माण, निवेश और मूल्य शृंखला (value chain)

क्यों चर्चा में?

सेमिकॉन 2.0 (Semicon 2.0) के अंतर्गत लगभग ₹1 लाख करोड़ की निवेश प्रतिबद्धताओं और करीब 1 लाख नए रोजगार अवसरों की संभावना बताई गई।

स्थिर अर्थव्यवस्था से संबंध

सेमिकॉन 2.0 (Semicon 2.0) का फोकस केवल चिप निर्माण (fabrication) पर नहीं, बल्कि डिजाइन, उपकरण, निर्माण संयंत्र (fabs), उन्नत पैकेजिंग (advanced packaging), अनुसंधान एवं विकास, सूक्ष्म विनिर्माण और कौशल-विकास सहित पूरी अर्धचालक मूल्य शृंखला (semiconductor value chain) पर है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • संबंधित मंत्रालय: इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय।
  • सेमिकॉन 1.0 (Semicon 1.0) का मुख्य उद्देश्य आधारभूत अर्धचालक पारिस्थितिकी तंत्र (semiconductor ecosystem) खड़ा करना था।
  • सेमिकॉन 2.0 (Semicon 2.0) का जोर पूरी मूल्य शृंखला (value chain) को गहरा और व्यापक करना है।
  • प्रमुख क्षेत्र: डिजाइन, चिप निर्माण (fabrication), उपकरण, उन्नत पैकेजिंग (advanced packaging), अनुसंधान एवं विकास (R&D) और कौशल/प्रतिभा।
  • भारत अर्धचालक (semiconductor) क्षेत्र को रणनीतिक विनिर्माण और आयात-निर्भरता घटाने के दृष्टिकोण से देख रहा है।
ट्रैप: अर्धचालक पारिस्थितिकी तंत्र (semiconductor ecosystem) केवल fabrication plant तक सीमित नहीं है; design, packaging, testing और equipment भी इसका भाग हैं।
स्रोत: इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सेमिकॉन 2.0 (Semicon 2.0) ब्रीफिंग, 17 सितंबर 2026.
07
विशेष आर्थिक क्षेत्रउच्च प्राथमिकता

फाल्टा SEZ के क्षेत्राधिकार में ओडिशा की SiC इकाई

क्यों चर्चा में?

फाल्टा विशेष आर्थिक क्षेत्र की इकाई अनुमोदन समिति (Unit Approval Committee) ने ओडिशा के खोरधा जिले में ₹3,406.25 करोड़ की सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) अर्धचालक इकाई को मंजूरी दी।

स्थिर अर्थव्यवस्था से संबंध

विशेष आर्थिक क्षेत्र निर्यातोन्मुख औद्योगिक गतिविधियों के लिए विशेष कानूनी और प्रशासनिक ढाँचा प्रदान करते हैं। भारत में SEZ व्यवस्था का प्रमुख वैधानिक आधार विशेष आर्थिक क्षेत्र अधिनियम, 2005 और नियम, 2006 हैं।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • इकाई: SiCSem Private Limited; स्थान: IDCO Infovalley-II, खोरधा, ओडिशा।
  • क्षेत्राधिकार: Falta Special Economic Zone।
  • प्रमुख उत्पाद: सिलिकॉन कार्बाइड डायोड और मॉसफेट (MOSFET)।
  • अनुमानित निवेश: ₹3,406.25 करोड़।
  • 5 वर्षों में अनुमानित निर्यात कारोबार (turnover): ₹7,043 करोड़।
  • विशेष आर्थिक क्षेत्र अधिनियम: 2005; नियम: 2006।
ट्रैप: फाल्टा विशेष आर्थिक क्षेत्र (Falta SEZ) पश्चिम बंगाल में है, पर उसके क्षेत्राधिकार के अंतर्गत मंजूर इकाई ओडिशा में हो सकती है।
स्रोत: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, फाल्टा विशेष आर्थिक क्षेत्र (Falta SEZ) इकाई अनुमोदन समिति (Unit Approval Committee), 15 सितंबर 2026.
08
राष्ट्रीय आयअत्यंत उच्च प्राथमिकता

राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी की नई श्रृंखला

क्यों चर्चा में?

MoSPI ने नई राष्ट्रीय लेखा श्रृंखला के संकलन के स्रोत और पद्धतियों पर विस्तृत प्रकाशन जारी किया। नई श्रृंखला का आधार वर्ष 2022-23 है।

स्थिर अर्थव्यवस्था से संबंध

नई राष्ट्रीय लेखा श्रृंखला फरवरी 2026 में जारी हुई और अगस्त 2026 में PPI तथा IIP की नई श्रृंखलाओं के अनुरूप अद्यतन की गई। यह 2011-12 आधार वाली पुरानी श्रृंखला का स्थान लेती है और भारत के राष्ट्रीय लेखों का आठवाँ आधार-वर्ष संशोधन है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • राष्ट्रीय लेखा/GDP नई श्रृंखला का आधार वर्ष: 2022-23।
  • जारीकर्ता: सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI)।
  • आठवाँ आधार-वर्ष संशोधन।
  • नई श्रृंखला में GST, PFMS, e-Vahan, ASUSE, PLFS जैसे प्रशासनिक/सर्वेक्षण स्रोतों का अधिक उपयोग है।
  • राष्ट्रीय लेखों में उत्पादन, आय और व्यय—तीनों दृष्टिकोण महत्त्वपूर्ण हैं।
  • GDP और GVA समान नहीं हैं; GDP = GVA + उत्पाद कर − उत्पाद सब्सिडी।
ट्रैप: GDP का नया आधार 2022-23 है, CPI का नहीं; CPI का आधार 2024=100 है।
स्रोत: MoSPI, “Sources and Methods for Compilation of National Accounts Statistics”, 21 सितंबर 2026.
09
सार्वजनिक परिसंपत्तिउच्च प्राथमिकता

राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) और भूमि मुद्रीकरण

क्यों चर्चा में?

NLMC ने राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड की 459 भूमि भूखंडों की ई-नीलामी से पहले निवेशक बैठकों की घोषणा की।

स्थिर अर्थव्यवस्था से संबंध

NLMC का काम केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यमों और अन्य सरकारी एजेंसियों की अधिशेष भूमि (surplus land) तथा गैर-मुख्य परिसंपत्तियाँ (non-core assets) के पेशेवर और पारदर्शी मुद्रीकरण (monetisation) को सुगम बनाना है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • NLMC एक पूर्णतः केंद्र सरकार स्वामित्व वाली कंपनी है।
  • प्रशासनिक नियंत्रण: सार्वजनिक उद्यम विभाग, वित्त मंत्रालय।
  • मुख्य कार्य: अधिशेष भूमि (surplus land) और गैर-मुख्य परिसंपत्तियाँ (non-core assets) का मुद्रीकरण (monetisation)।
  • परिसंपत्ति मुद्रीकरण और निजीकरण (privatisation) समान अवधारणाएँ नहीं हैं।
  • मुद्रीकरण (monetisation) में परिसंपत्ति से आर्थिक मूल्य निकाला जाता है; स्वामित्व का स्थायी हस्तांतरण आवश्यक नहीं।
ट्रैप: परिसंपत्ति मुद्रीकरण को हर स्थिति में विनिवेश या निजीकरण न मानें।
स्रोत: वित्त मंत्रालय, NLMC–RINL भूमि ई-नीलामी सूचना, 17 सितंबर 2026.
10
पूंजी बाजारउच्च प्राथमिकता

SEBI और बाजार अवसंरचना संस्थान (Market Infrastructure Institutions—MIIs)

क्यों चर्चा में?

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बाजार अवसंरचना संस्थानों की व्यवसाय निरंतरता योजना (Business Continuity Plan) और आपदा पुनर्प्राप्ति (Disaster Recovery) व्यवस्था को मजबूत करने पर परामर्श पत्र जारी किया।

स्थिर अर्थव्यवस्था से संबंध

बाजार अवसंरचना संस्थान (Market Infrastructure Institutions—MIIs) पूंजी बाजार की मूल परिचालन अवसंरचना हैं। इनमें स्टॉक एक्सचेंज, समाशोधन निगम (clearing corporations) और डिपॉजिटरी (depositories) जैसे संस्थान शामिल होते हैं। इनका निर्बाध संचालन बाजार की स्थिरता और निपटान की अखंडता के लिए आवश्यक है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • SEBI: वैधानिक नियामक; SEBI अधिनियम, 1992।
  • MII में प्रमुखतः स्टॉक एक्सचेंज (stock exchanges), समाशोधन निगम (clearing corporations) और डिपॉजिटरी (depositories) शामिल हैं।
  • व्यवसाय निरंतरता योजना (Business Continuity Plan) का उद्देश्य disruption के दौरान आवश्यक बाजार सेवाओं को जारी रखना है।
  • आपदा पुनर्प्राप्ति (Disaster Recovery) Site मुख्य प्रणाली विफल होने पर वैकल्पिक संचालन क्षमता देती है।
  • SEBI का सितंबर 2026 दस्तावेज अभी परामर्श पत्र है, अंतिम बाध्यकारी विनियमन नहीं।
ट्रैप: परामर्श पत्र को अंतिम SEBI नियम न मानें; यह प्रस्ताव/परामर्श चरण का दस्तावेज है।
स्रोत: SEBI, 15 सितंबर 2026 परामर्श पत्र.
45 सेकंड पुनरावृत्ति

इस सप्ताह के सबसे संभावित अर्थव्यवस्था ट्रैप

CPI — आधार 2024=100 • जारीकर्ता MoSPI

WPI — आधार 2022-23 • जारीकर्ता DPIIT

कोर उद्योग — अब 9 • नया उद्योग लौह अयस्क

UPI — P2P निःशुल्क • MDR कर नहीं

RCMC — ₹3 लाख तक पात्र छोटे निर्यात पर छूट

सेमिकॉन 2.0 (Semicon 2.0) — पूरी semiconductor मूल्य शृंखला (value chain)

SEZ — अधिनियम 2005 • नियम 2006

GDP series — आधार 2022-23

NLMC — भूमि/गैर-मुख्य परिसंपत्तियाँ (non-core assets) मुद्रीकरण (monetisation)

MII — exchange + clearing corporation + depository