Vishaka v. State of Rajasthan (1997) को Judicial Activism का प्रमुख उदाहरण क्यों माना जाता है?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 42 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 8प्रश्न 42 / 50

विकल्प

Aन्यायालय ने संसद का मौजूदा यौन उत्पीड़न कानून रद्द कर दिया था।
Bकार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए पर्याप्त विशिष्ट कानून के अभाव में Supreme Court ने मौलिक अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के आधार पर दिशानिर्देश जारी किए, जो संसद द्वारा 2013 में कानून बनाए जाने तक लागू रहे।
Cन्यायालय ने निजी कंपनियों का राष्ट्रीयकरण कर दिया था।
Dन्यायालय ने पुलिस प्रशासन सीधे अपने हाथ में ले लिया था।
सही उत्तर: B. कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए पर्याप्त विशिष्ट कानून के अभाव में Supreme Court ने मौलिक अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के आधार पर दिशानिर्देश जारी किए, जो संसद द्वारा 2013 में कानून बनाए जाने तक लागू रहे।
सही उत्तर (b) है। Vishaka मामले में कार्यस्थल पर sexual harassment के खिलाफ प्रभावी विधायी ढाँचा अनुपस्थित था। Supreme Court ने Articles 14, 15, 19 और 21 तथा CEDAW जैसे अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों को आधार बनाकर binding guidelines जारी किए। ये guidelines legislative vacuum को अस्थायी रूप से भरते रहे, जब तक Sexual Harassment of Women at Workplace Act, 2013 लागू नहीं हुआ। यह rights protection और judicial law-making की सीमा पर एक क्लासिक अध्ययन है।

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