पारंपरिक 'Locus Standi' और Public Interest Litigation (PIL) के बीच क्या संबंध है?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 43 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 8प्रश्न 43 / 50

विकल्प

APIL पारंपरिक locus standi को और कठोर बनाती है।
BPIL ने locus standi को उदार बनाया, जिससे bona fide सार्वजनिक हित में कोई उपयुक्त व्यक्ति/संस्था उन कमजोर या वंचित लोगों के अधिकारों के लिए न्यायालय जा सकती है जो स्वयं प्रभावी रूप से न्यायालय नहीं पहुँच सकते।
CPIL केवल सरकार दायर कर सकती है।
DPIL में standing या bona fides का कोई महत्व ही नहीं रहता।
सही उत्तर: B. PIL ने locus standi को उदार बनाया, जिससे bona fide सार्वजनिक हित में कोई उपयुक्त व्यक्ति/संस्था उन कमजोर या वंचित लोगों के अधिकारों के लिए न्यायालय जा सकती है जो स्वयं प्रभावी रूप से न्यायालय नहीं पहुँच सकते।
सही उत्तर (b) है। पारंपरिक private litigation में सामान्य नियम था कि वही व्यक्ति अदालत जाए जिसका अपना legal right प्रभावित हुआ हो। PIL ने इस नियम को सामाजिक न्याय के लिए उदार किया ताकि bonded labourers, prisoners, marginalized communities या अन्य कमजोर समूहों की ओर से bona fide petitioner न्यायालय का दरवाजा खटखटा सके। लेकिन इसका अर्थ standing का पूर्ण अंत नहीं है—courts petitioner की bona fides और वास्तविक public interest जाँचते हैं ताकि निजी, राजनीतिक या publicity litigation को रोका जा सके।

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