राज्य मंत्रियों (Ministers of State) की स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी राज्य मंत्री को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है या उसे किसी कैबिनेट मंत्री के साथ संबद्ध किया जा सकता है। 2. राज्य मंत्री कैबिनेट के सदस्य नहीं होते और सामान्यतः कैबिनेट बैठकों में भाग नहीं लेते। 3. स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री को अपने मंत्रालय से संबंधित विषय पर विचार के समय विशेष रूप से आमंत्रित किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 46 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 6प्रश्न 46 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3
सही उत्तर (d) है। Minister of State दो रूपों में हो सकता है—स्वतंत्र प्रभार के साथ या किसी Cabinet Minister की सहायता करते हुए। वे Cabinet के नियमित सदस्य नहीं होते, इसलिए सामान्यतः उसकी बैठकों में नहीं बैठते। लेकिन उनके विभाग से संबंधित विषय आने पर प्रधानमंत्री/कैबिनेट व्यवस्था के अनुसार उन्हें विशेष रूप से बुलाया जा सकता है। मंत्री की संवैधानिक सामूहिक उत्तरदायित्व की स्थिति सभी मंत्रियों पर लागू रहती है, चाहे उनकी श्रेणी अलग हो।

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