मंत्रिमंडलीय समितियों (Cabinet Committees) की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ये संविधानेतर निकाय हैं; संविधान में इनका उल्लेख नहीं है, लेकिन सरकारी कार्य-संचालन नियमों के तहत गठित की जाती हैं। 2. ये स्थायी (Standing) या तदर्थ (Ad-hoc) हो सकती हैं। 3. इनमें केवल कैबिनेट मंत्री ही सदस्य हो सकते हैं; गैर-कैबिनेट मंत्रियों को कभी सदस्य या विशेष आमंत्रित नहीं बनाया जा सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 47 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 6प्रश्न 47 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: A. केवल 1 और 2
सही उत्तर (a) है। Cabinet Committees संविधान में निर्मित संस्थाएँ नहीं हैं; उनका संगठन कार्य-संचालन नियमों और प्रधानमंत्री/सरकार के प्रशासनिक निर्णयों से होता है। वे स्थायी या किसी विशेष उद्देश्य के लिए तदर्थ हो सकती हैं। कथन 3 गलत है—यद्यपि प्रमुख सदस्य प्रायः Cabinet Ministers होते हैं, अन्य मंत्री भी सदस्य या special invitee बनाए जा सकते हैं। इन समितियों की संरचना समय-समय पर पुनर्गठित होती रहती है, इसलिए समसामयिक प्रश्न में नवीन Cabinet Secretariat सूची देखना चाहिए।

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