विकल्प
Aकेंद्र सरकार भारत की संचित निधि की साख पर भारत के भीतर या बाहर ऋण ले सकती है (अनुच्छेद 292)।
Bराज्य सरकार संविधान के तहत केवल भारत के भीतर ऋण ले सकती है; वह विदेशों से सीधे ऋण नहीं ले सकती (अनुच्छेद 293)।
Cयदि किसी राज्य पर केंद्र का ऋण बकाया है या केंद्र ने उसके ऋण की गारंटी दी है, तो नए ऋण के लिए केंद्र की सहमति आवश्यक हो सकती है।
Dराज्य सरकार विदेशों से सीधे ऋण ले सकती है, बशर्ते राज्यपाल इसकी अनुमति दें।
सही उत्तर: D. राज्य सरकार विदेशों से सीधे ऋण ले सकती है, बशर्ते राज्यपाल इसकी अनुमति दें।
सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 292 संघ को भारत की संचित निधि की साख पर उधार लेने की शक्ति देता है, जबकि अनुच्छेद 293 राज्यों की उधारी को भारत के क्षेत्र के भीतर सीमित करता है। इसलिए राज्य सरकार सीधे विदेशी स्रोतों से ऋण नहीं ले सकती। यदि राज्य पर केंद्र का ऋण बकाया हो या केंद्र की गारंटी वाला ऋण मौजूद हो, तो अनुच्छेद 293(3) के तहत केंद्र की सहमति महत्वपूर्ण हो जाती है।