'बंदी प्रत्यक्षीकरण' (Habeas Corpus) रिट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका शाब्दिक अर्थ है 'सशरीर प्रस्तुत करना' (To have the body of)। 2. यह रिट सार्वजनिक प्राधिकरणों और निजी व्यक्तियों दोनों के खिलाफ जारी की जा सकती है। 3. यदि हिरासत किसी सक्षम न्यायालय द्वारा दी गई हो या विधायिका/न्यायालय की अवमानना के लिए हो, तो यह रिट जारी नहीं की जा सकती। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 37 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 3प्रश्न 37 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3
तीनों कथन सही हैं। बंदी प्रत्यक्षीकरण गैर-कानूनी नजरबंदी के विरुद्ध व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सबसे सशक्त गारंटी है।

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