अनुच्छेद 32 (उच्चतम न्यायालय) और अनुच्छेद 226 (उच्च न्यायालय) के तहत रिट क्षेत्राधिकार के मध्य अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उच्चतम न्यायालय अनुच्छेद 32 के तहत मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट जारी करता है, जबकि उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के तहत मूल अधिकारों के साथ अन्य विधिक अधिकारों के लिए भी रिट जारी कर सकता है। 2. अनुच्छेद 32 स्वयं एक मौलिक अधिकार है; अनुच्छेद 226 की रिट शक्ति अधिक व्यापक है और उसका प्रयोग न्यायिक विवेक के अधीन होता है। 3. उच्च न्यायालय का रिट क्षेत्राधिकार उसके प्रादेशिक क्षेत्र तथा अनुच्छेद 226(2) के अनुसार वहां पूर्णतः या आंशिक रूप से उत्पन्न कारण-ए-दावा से जुड़ा होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास · प्रश्न 36 / 50

भारतीय राजव्यवस्था — सेट 3प्रश्न 36 / 50

विकल्प

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3
तीनों कथन सही हैं। अनुच्छेद 32 मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए उच्चतम न्यायालय तक पहुंच की गारंटी देता है। अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय मूल अधिकारों के अतिरिक्त 'किसी अन्य प्रयोजन' के लिए भी रिट जारी कर सकता है। अनुच्छेद 226(2) कारण-ए-दावा के पूर्णतः या आंशिक रूप से संबंधित क्षेत्र में उत्पन्न होने पर भी क्षेत्राधिकार देता है।

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