1.4.1.2 सिलिकेट और गैर-सिलिकेट खनिज

रासायनिक संरचना के आधार पर खनिजों का सबसे महत्वपूर्ण विभाजन—

सिलिकेट खनिज (Silicate Minerals)

और

गैर-सिलिकेट खनिज (Non-Silicate Minerals)

के रूप में किया जाता है।

पृथ्वी की भूपर्पटी और मैंटल में सिलिकेट खनिजों का प्रभुत्व है क्योंकि ऑक्सीजन और सिलिकॉन भूपर्पटी के सर्वाधिक प्रचुर तत्वों में हैं।

सिलिकेट खनिज

सिलिकेट खनिजों की मूल संरचनात्मक इकाई सिलिकॉन–ऑक्सीजन चतुष्फलक (Silicon-Oxygen Tetrahedron) है।

इसमें—

होते हैं।

इस मूल इकाई को SiO₄ के रूप में समझा जाता है।

इन चतुष्फलकों के आपस में जुड़ने के तरीके के आधार पर विभिन्न सिलिकेट समूह बनते हैं।

पृथक चतुष्फलक सिलिकेट

इनमें प्रत्येक SiO₄ चतुष्फलक अलग रहता है।

इन्हें नेसोसिलिकेट (Nesosilicate) कहा जाता है।

उदाहरण—

युग्मित चतुष्फलक सिलिकेट

दो चतुष्फलक एक ऑक्सीजन साझा करते हैं।

इन्हें सोरोसिलिकेट (Sorosilicate) कहा जाता है।

उदाहरण—एपिडोट समूह।

वलय सिलिकेट

चतुष्फलक वलय बनाते हैं।

इन्हें साइक्लोसिलिकेट (Cyclosilicate) कहते हैं।

उदाहरण—

एकल शृंखला सिलिकेट

चतुष्फलक एक लंबी शृंखला बनाते हैं।

उदाहरण—पाइरॉक्सीन।

पाइरॉक्सीन में सामान्यतः दो विदलन दिशाएँ लगभग 90° के निकट होती हैं।

द्वि-शृंखला सिलिकेट

दो एकल शृंखलाएँ जुड़ी होती हैं।

उदाहरण—ऐंफिबोल।

ऐंफिबोल में सामान्यतः विदलन कोण लगभग 56° और 124° के क्रम में होते हैं।

परीक्षा-फँद

पाइरॉक्सीन — लगभग समकोणीय विदलन।

ऐंफिबोल — लगभग 60°/120° प्रकार का विदलन।

पत्रक सिलिकेट

चतुष्फलक चादर जैसी संरचना बनाते हैं।

इन्हें फाइलोसिलिकेट (Phyllosilicate) कहा जाता है।

उदाहरण—

अभ्रक के उत्कृष्ट पत्तीनुमा विदलन का कारण इसकी पत्रक संरचना है।

त्रिविम ढाँचा सिलिकेट

सभी चतुष्फलक त्रिविमीय जाल में जुड़े होते हैं।

इन्हें टेक्टोसिलिकेट (Tectosilicate) कहा जाता है।

उदाहरण—

फेल्सपार पृथ्वी की भूपर्पटी के सबसे प्रचुर खनिज समूहों में से है।

सिलिकेट समूह और शैल-प्रकार

मैफिक खनिज

लौह और मैग्नीशियम से समृद्ध सिलिकेट खनिज—

गहरे रंग के और अपेक्षाकृत अधिक घनत्व वाले हो सकते हैं।

ये बेसाल्ट और गैब्रो जैसी मैफिक शैलों में सामान्य हैं।

फेल्सिक खनिज

सिलिका, एल्युमिनियम, सोडियम और पोटैशियम से समृद्ध खनिज—

ग्रेनाइट जैसी फेल्सिक शैलों में महत्वपूर्ण हैं।

गैर-सिलिकेट खनिज

वे खनिज जिनकी मूल संरचना सिलिकॉन–ऑक्सीजन चतुष्फलक पर आधारित नहीं होती, गैर-सिलिकेट खनिज कहलाते हैं।

इनका भूपर्पटी में कुल अनुपात सिलिकेटों से कम है, लेकिन आर्थिक दृष्टि से अनेक गैर-सिलिकेट अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

ऑक्साइड

धातु और ऑक्सीजन से बने खनिज।

उदाहरण—

हेमेटाइट — Fe₂O₃

मैग्नेटाइट — Fe₃O₄

दोनों महत्वपूर्ण लौह खनिज हैं।

मैग्नेटाइट प्रबल चुंबकीय गुण दिखाता है।

सल्फाइड

धातु और सल्फर से बने खनिज।

उदाहरण—

कई धातुओं के प्रमुख अयस्क सल्फाइड वर्ग में आते हैं।

कार्बोनेट

कार्बोनेट आयन वाले खनिज।

उदाहरण—

कैल्साइट — CaCO₃

डोलोमाइट — CaMg(CO₃)₂

कैल्साइट चूना पत्थर और संगमरमर का प्रमुख खनिज हो सकता है।

सल्फेट

उदाहरण—

बैराइट का सूत्र BaSO₄ है और उसका विशिष्ट गुरुत्व अपेक्षाकृत अधिक होता है।

हैलाइड

उदाहरण—

फॉस्फेट

उदाहरण—

मोनाजाइट दुर्लभ मृदा तत्वों और थोरियम से जुड़ा महत्वपूर्ण खनिज है।

प्राकृतिक तत्व

उदाहरण—

सिलिकेट और गैर-सिलिकेट में तुलना

आधार सिलिकेट गैर-सिलिकेट
मूल संरचना Si–O चतुष्फलक अन्य रासायनिक समूह
भूपर्पटी में मात्रा अत्यधिक तुलनात्मक रूप से कम
प्रमुख उदाहरण क्वार्ट्ज, फेल्सपार, अभ्रक कैल्साइट, हेमेटाइट, पाइराइट
शैल निर्माण अत्यंत महत्वपूर्ण कुछ शैलों में महत्वपूर्ण
आर्थिक महत्व उच्च अत्यंत उच्च, अनेक अयस्क

कौन-सा वर्ग अधिक महत्वपूर्ण है?

वैज्ञानिक दृष्टि से पृथ्वी की भूपर्पटी और मैंटल की संरचना में सिलिकेट खनिज सबसे प्रमुख हैं।

आर्थिक दृष्टि से गैर-सिलिकेट खनिजों के कई समूह लौह, ताँबा, सीसा, जस्ता, फॉस्फेट और सल्फेट संसाधनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

इसलिए “सिलिकेट अधिक मात्रा में हैं” का अर्थ “गैर-सिलिकेट महत्वहीन हैं” नहीं है।

भारत में सिलिकेट खनिज

भारत के प्राचीन क्रिस्टलीय भूभाग में क्वार्ट्ज, फेल्सपार, अभ्रक, गार्नेट, पाइरॉक्सीन और ऐंफिबोल व्यापक रूप से मिलते हैं।

पेग्माटाइट शैलें विशेष रूप से क्वार्ट्ज, फेल्सपार और अभ्रक के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भारत में गैर-सिलिकेट खनिज

महत्वपूर्ण उदाहरण—

2025 का समसामयिक अद्यतन

20 फरवरी 2025 से—

को प्रमुख खनिज श्रेणी में रखा गया।

इस सूची को वर्गीकरण के साथ याद रखें—

फेल्सपार, अभ्रक और क्वार्ट्ज — सिलिकेट खनिज

बैराइट — सल्फेट गैर-सिलिकेट खनिज

दुर्लभ मृदा तत्व और मोनाजाइट

2025–26 में भारत ने महत्त्वपूर्ण खनिज अन्वेषण में दुर्लभ मृदा तत्वों पर विशेष जोर दिया।

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने 2025–26 में दुर्लभ मृदा तत्वों पर 92 अन्वेषण परियोजनाएँ संचालित कीं।

मोनाजाइट स्वयं फॉस्फेट खनिज है, सिलिकेट नहीं।

सत्यापित UPSC प्रारंभिक परीक्षा PYQ

UPSC प्रारंभिक परीक्षा, 2022

मोनाजाइट के बारे में पूछा गया था कि वह—

सही उत्तर: कथन 1, 2 और 4।

मोनाजाइट को याद रखें—

फॉस्फेट गैर-सिलिकेट खनिज।

सत्यापित UPSC मुख्य परीक्षा PYQ

UPSC भूविज्ञान वैकल्पिक, 2025

प्रश्न में सिलिकेटों का संरचनात्मक वर्गीकरण चित्रों सहित लिखने और प्रत्येक प्रकार का उदाहरण देने को कहा गया था।

यह इस उपविषय का प्रत्यक्ष प्रश्न है।

सत्यापित BPSC प्रारंभिक परीक्षा PYQ

63वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता प्रारंभिक परीक्षा

क्वार्ट्ज क्रिस्टल की संरचना पूछी गई थी।

सही उत्तर—

सिलिकॉन डाइऑक्साइड — SiO₂।

क्वार्ट्ज त्रिविम ढाँचा सिलिकेट है।

सत्यापित BPSC मुख्य परीक्षा PYQ

68वीं BPSC मुख्य परीक्षा — भूविज्ञान वैकल्पिक, 2023

प्रश्न:

निम्न में से कौन-सा खनिज सिलिकेट नहीं है?

विकल्प—

सही उत्तर: मैग्नेटाइट।

व्याख्या—

ऑर्थोक्लेज = फेल्सपार सिलिकेट
मस्कोवाइट = अभ्रक सिलिकेट
ऑजाइट = पाइरॉक्सीन सिलिकेट
मैग्नेटाइट = ऑक्साइड गैर-सिलिकेट

प्रारंभिक परीक्षा के अंतिम तथ्य

SiO₄ चतुष्फलक सिलिकेटों की मूल इकाई है।

ऑलिवीन = पृथक चतुष्फलक सिलिकेट।

पाइरॉक्सीन = एकल शृंखला।

ऐंफिबोल = द्वि-शृंखला।

अभ्रक = पत्रक सिलिकेट।

क्वार्ट्ज और फेल्सपार = त्रिविम ढाँचा सिलिकेट।

हेमेटाइट और मैग्नेटाइट = ऑक्साइड।

कैल्साइट = कार्बोनेट।

पाइराइट = सल्फाइड।

बैराइट = सल्फेट।

मोनाजाइट = फॉस्फेट।

निष्कर्ष

सिलिकेट खनिज पृथ्वी की पर्पटी और मैंटल के प्रमुख निर्माण घटक हैं, जबकि गैर-सिलिकेट खनिज अनेक महत्वपूर्ण अयस्कों और औद्योगिक संसाधनों का आधार हैं। दोनों का वर्गीकरण उनकी रासायनिक तथा क्रिस्टलीय संरचना पर आधारित है।