1.4.1 खनिज

पृथ्वी की भूपर्पटी अनेक प्राकृतिक पदार्थों से बनी है। इनमें व्यवस्थित आंतरिक संरचना और विशिष्ट रासायनिक एवं भौतिक गुण रखने वाले पदार्थों को खनिज (Mineral) कहा जाता है।

शैलें स्वयं खनिज नहीं होतीं; अधिकांश शैलें एक या अनेक खनिजों के प्राकृतिक समुच्चय से बनती हैं।

उदाहरण—ग्रेनाइट में क्वार्ट्ज, फेल्सपार और अभ्रक जैसे खनिज मिल सकते हैं।

खनिज की वैज्ञानिक परिभाषा

सामान्य भूविज्ञान में खनिज को ऐसा पदार्थ माना जाता है जो—

प्राकृतिक रूप से निर्मित

खनिज प्रकृति में भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं से बनते हैं। प्रयोगशाला में बनाया गया कृत्रिम हीरा रासायनिक और क्रिस्टलीय रूप से प्राकृतिक हीरे जैसा हो सकता है, लेकिन भूवैज्ञानिक परिभाषा में प्राकृतिक उत्पत्ति एक महत्वपूर्ण शर्त है।

सामान्यतः अकार्बनिक

अधिकांश खनिज अकार्बनिक प्रक्रियाओं से बनते हैं। फिर भी कुछ प्राकृतिक क्रिस्टलीय पदार्थ जैविक प्रक्रियाओं की सहायता से बन सकते हैं।

उदाहरण—जीवों द्वारा निर्मित कैल्साइट के क्रिस्टल।

इसलिए “खनिज केवल निर्जीव प्रक्रिया से बन सकता है” अत्यधिक सरल कथन है।

ठोस अवस्था

खनिज सामान्यतः ठोस होते हैं। प्राकृतिक बर्फ क्रिस्टलीय ठोस होने के कारण खनिज हो सकती है, जबकि तरल जल खनिज नहीं माना जाता।

रासायनिक संरचना

कुछ खनिजों की संरचना लगभग निश्चित होती है।

उदाहरण—

लेकिन कई खनिजों में समान आकार और आवेश वाले तत्व सीमित सीमा में एक-दूसरे का स्थान ले सकते हैं।

उदाहरण—ऑलिवीन में मैग्नीशियम और लौह का अनुपात बदल सकता है।

क्रिस्टलीय संरचना

खनिज में परमाणु, आयन या अणु नियमित त्रि-आयामी व्यवस्था में होते हैं। इसे क्रिस्टलीय जालक (Crystal Lattice) कहा जाता है।

यही संरचना खनिज के—

को प्रभावित करती है।

खनिज और खनिजाभ

कुछ प्राकृतिक ठोस पदार्थ खनिज जैसे दिखते हैं, लेकिन उनमें दीर्घ-दूरी की नियमित क्रिस्टलीय संरचना नहीं होती।

ऐसे पदार्थों को खनिजाभ (Mineraloid) कहा जा सकता है।

उदाहरण—

खनिज और शैल में अंतर

आधार खनिज शैल
प्रकृति विशिष्ट प्राकृतिक पदार्थ एक या अधिक खनिजों का समुच्चय
रासायनिक संरचना निश्चित या सीमित सीमा में निश्चित एकल निश्चित सूत्र नहीं
क्रिस्टलीय संरचना सामान्यतः व्यवस्थित पूरी शैल के लिए एकल जालक नहीं
उदाहरण क्वार्ट्ज, कैल्साइट ग्रेनाइट, बेसाल्ट

खनिज और अयस्क

खनिज वैज्ञानिक प्राकृतिक पदार्थ है।

अयस्क (Ore) आर्थिक अवधारणा है।

अयस्क वह पदार्थ है जिससे उपयोगी तत्व का आर्थिक रूप से निष्कर्षण संभव हो।

उदाहरण—हेमेटाइट एक लौह खनिज है और अनेक स्थानों पर लौह का महत्वपूर्ण अयस्क भी है।

शैल-निर्माणकारी खनिज

प्रमुख शैल-निर्माणकारी खनिज—

प्रमुख खनिज वर्ग

सिलिकेट

सिलिकॉन और ऑक्सीजन आधारित खनिज।

उदाहरण—क्वार्ट्ज, फेल्सपार, अभ्रक, ऑलिवीन।

ऑक्साइड

उदाहरण—हेमेटाइट, मैग्नेटाइट।

सल्फाइड

उदाहरण—पाइराइट, गैलेना, चाल्कोपाइराइट।

कार्बोनेट

उदाहरण—कैल्साइट, डोलोमाइट।

सल्फेट

उदाहरण—जिप्सम, बैराइट।

हैलाइड

उदाहरण—हैलाइट, फ्लोराइट।

फॉस्फेट

उदाहरण—एपेटाइट, मोनाजाइट।

प्राकृतिक तत्व

उदाहरण—सोना, चाँदी, ताँबा, ग्रेफाइट, हीरा।

बहुरूपता

एक ही रासायनिक संरचना अलग क्रिस्टलीय संरचना में अलग खनिज बना सकती है। इसे बहुरूपता (Polymorphism) कहा जाता है।

प्रमुख उदाहरण—

हीरा और ग्रेफाइट — दोनों कार्बन हैं, लेकिन उनकी क्रिस्टलीय संरचना अलग है।

इस कारण उनके गुण अत्यंत भिन्न हैं।

परीक्षा-योग्य निष्कर्ष

खनिज के गुण केवल रासायनिक संरचना से नहीं, आंतरिक क्रिस्टलीय संरचना से भी निर्धारित होते हैं।

समरूप प्रतिस्थापन

खनिज के क्रिस्टल जालक में समान आकार और आवेश वाले आयन एक-दूसरे का स्थान ले सकते हैं।

उदाहरण—ऑलिवीन में मैग्नीशियम और लौह के बीच प्रतिस्थापन।

खनिजों की पहचान

केवल रंग देखकर खनिज पहचानना सुरक्षित नहीं है।

खनिज पहचान में कई गुणों को मिलाकर देखा जाता है—

भारत में खनिजीय विविधता

भारत की जटिल भूवैज्ञानिक संरचना के कारण अनेक प्रकार के खनिज पाए जाते हैं।

प्राचीन प्रायद्वीपीय शील्ड धात्विक खनिजों में महत्वपूर्ण है।

तटीय बालू में भारी खनिज मिलते हैं।

पेग्माटाइट पट्टियाँ क्वार्ट्ज, फेल्सपार, अभ्रक, बेरिल और लिथियम-युक्त खनिजों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

2025 का समसामयिक अद्यतन — चार खनिजों का पुनर्वर्गीकरण

20 फरवरी 2025 की अधिसूचना से—

को लघु खनिजों की सूची से हटाकर प्रमुख खनिजों की श्रेणी में रखा गया।

विशेष रूप से क्वार्ट्ज, फेल्सपार और अभ्रक वाली पेग्माटाइट शैलें बेरिल, लिथियम, नायोबियम, टैंटलम, टिन और टंग्स्टन जैसे महत्त्वपूर्ण खनिजों से जुड़ी हो सकती हैं।

2025–2026 महत्त्वपूर्ण खनिज अभियान

राष्ट्रीय महत्त्वपूर्ण खनिज मिशन को जनवरी 2025 में मंजूरी दी गई।

2025–26 में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने 230 महत्त्वपूर्ण खनिज परियोजनाएँ संचालित कीं, जिनमें 92 दुर्लभ मृदा तत्वों पर केंद्रित थीं।

जून 2026 तक 56 महत्त्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉक सफलतापूर्वक नीलाम किए जा चुके थे।

सत्यापित UPSC प्रारंभिक परीक्षा PYQ

UPSC प्रारंभिक परीक्षा, 2022

मोनाजाइट के संबंध में पूछे गए प्रश्न में—

से संबंधित कथन दिए गए थे।

सही उत्तर: कथन 1, 2 और 4।

मोनाजाइट एक फॉस्फेट खनिज है।

सत्यापित UPSC मुख्य परीक्षा PYQ

UPSC भूगोल वैकल्पिक, 2025

महत्त्वपूर्ण खनिजों के निष्कर्षण और प्रसंस्करण से जुड़े पर्यावरणीय तथा आर्थिक चुनौतियों की व्याख्या पूछी गई थी।

सत्यापित BPSC प्रारंभिक परीक्षा PYQ

63वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता प्रारंभिक परीक्षा

प्रश्न:

घड़ियों में प्रयुक्त क्वार्ट्ज क्रिस्टल किसका बना होता है?

सही उत्तर:

सिलिकॉन डाइऑक्साइड — SiO₂।

67वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता पुनर्परीक्षा, 2022

प्रश्न:

भारत में थोरियम का अग्रणी उत्पादक राज्य कौन-सा है?

सही उत्तर:

केरल।

यह मोनाजाइट-समृद्ध तटीय बालू से जुड़ा है।

सत्यापित BPSC मुख्य परीक्षा PYQ

68वीं BPSC मुख्य परीक्षा — भूविज्ञान वैकल्पिक, 2023

प्रश्न:

निम्न में से कौन-सा खनिज सिलिकेट नहीं है?

विकल्पों में ऑर्थोक्लेज, मस्कोवाइट, ऑजाइट और मैग्नेटाइट थे।

सही उत्तर: मैग्नेटाइट।

प्रारंभिक परीक्षा के अंतिम तथ्य

खनिज प्राकृतिक, सामान्यतः अकार्बनिक, ठोस और क्रिस्टलीय पदार्थ है।

खनिज की रासायनिक संरचना निश्चित अथवा सीमित सीमा में निश्चित होती है।

क्वार्ट्ज = SiO₂।

कैल्साइट = CaCO₃।

हैलाइट = NaCl।

हीरा और ग्रेफाइट कार्बन के बहुरूप हैं।

सिलिकेट सबसे महत्वपूर्ण शैल-निर्माणकारी खनिज वर्ग है।

खनिज और अयस्क समान अवधारणा नहीं हैं।

निष्कर्ष

खनिज पृथ्वी की ठोस संरचना की आधारभूत प्राकृतिक इकाइयाँ हैं। उनके गुण रासायनिक संरचना और क्रिस्टलीय व्यवस्था दोनों से निर्धारित होते हैं। खनिजों का अध्ययन पृथ्वी की शैलों, भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं, संसाधनों और आधुनिक तकनीकी अर्थव्यवस्था को समझने के लिए अनिवार्य है।