1.4.1.3 कठोरता, रंग, चमक, विदलन

खनिजों की पहचान के लिए अनेक भौतिक गुणों का उपयोग किया जाता है। इनमें कठोरता (Hardness), रंग (Colour), चमक (Lustre) और विदलन (Cleavage) सबसे महत्वपूर्ण प्रारंभिक गुण हैं।

किसी खनिज की सही पहचान केवल एक गुण से नहीं की जाती। अनेक गुणों को मिलाकर निष्कर्ष निकाला जाता है।

कठोरता

खनिज की चिकनी सतह का खरोंच के प्रति प्रतिरोध कठोरता (Hardness) कहलाता है।

यह खनिज के आंतरिक परमाण्विक बंधनों की शक्ति से प्रभावित होती है।

कठोरता मापने के लिए सामान्यतः मोह्स कठोरता पैमाना (Mohs Hardness Scale) उपयोग किया जाता है।

मोह्स कठोरता पैमाना

कठोरता मानक खनिज
1 टैल्क
2 जिप्सम
3 कैल्साइट
4 फ्लोराइट
5 एपेटाइट
6 ऑर्थोक्लेज
7 क्वार्ट्ज
8 टोपाज
9 कोरंडम
10 हीरा

परीक्षा-फँद

मोह्स पैमाना सापेक्ष है, रैखिक नहीं।

हीरे का मान 10 और टैल्क का 1 होने का अर्थ यह नहीं कि हीरा केवल 10 गुना कठोर है।

दैनिक वस्तुओं से कठोरता का अनुमान

क्षेत्रीय पहचान में कुछ सामान्य वस्तुओं का उपयोग किया जा सकता है—

यदि कोई खनिज काँच को खरोंच देता है, तो उसकी कठोरता सामान्यतः 5.5 से अधिक होगी।

क्वार्ट्ज की कठोरता 7 है, इसलिए वह सामान्य काँच को खरोंच सकता है।

कठोरता और क्रिस्टल संरचना

कठोरता केवल रासायनिक तत्वों पर निर्भर नहीं करती।

परमाणुओं की व्यवस्था और बंधन भी महत्वपूर्ण हैं।

उदाहरण—

हीरा और ग्रेफाइट दोनों कार्बन से बने हैं।

फिर भी—

है।

कारण है दोनों की अलग क्रिस्टलीय संरचना और बंधन व्यवस्था।

रंग

खनिज का दिखाई देने वाला बाहरी रंग उसकी पहचान का सबसे सरल गुण है।

कुछ खनिजों में रंग काफी विशिष्ट होता है, लेकिन अनेक खनिजों में अशुद्धियाँ रंग बदल सकती हैं।

उदाहरण—क्वार्ट्ज रंगहीन, दूधिया, बैंगनी, गुलाबी और धूमिल रूपों में पाया जाता है।

इसलिए केवल रंग से खनिज पहचानना सुरक्षित नहीं है।

स्ववर्णी और परवर्णी खनिज

जिन खनिजों का रंग उनकी मूल रासायनिक संरचना से निर्धारित होता है, उन्हें स्ववर्णी (Idiochromatic) कहा जा सकता है।

जिनमें अल्प अशुद्धियों या संरचनात्मक दोषों के कारण विभिन्न रंग विकसित होते हैं, उन्हें परवर्णी (Allochromatic) कहा जा सकता है।

यह उन्नत अवधारणा है, लेकिन मुख्य परीक्षा में रंग की विश्वसनीयता समझाने में उपयोगी है।

चूर्ण-रेखा और रंग

बाहरी रंग की तुलना में खनिज के चूर्ण का रंग कई बार अधिक विश्वसनीय होता है।

इसे चूर्ण-रेखा (Streak) कहते हैं।

उदाहरण—

हेमेटाइट बाहर से लाल, भूरा, काला या धात्विक धूसर दिखाई दे सकता है, लेकिन उसकी चूर्ण-रेखा सामान्यतः लाल-भूरी होती है।

परीक्षा-योग्य अंतर

रंग = खनिज की सतह का दिखाई देने वाला रंग।

चूर्ण-रेखा = खनिज के चूर्ण का रंग।

चमक

खनिज की सतह से प्रकाश किस प्रकार परावर्तित होता है, उसे चमक (Lustre) कहते हैं।

चमक रंग से अलग गुण है।

धात्विक चमक

सतह धातु जैसी चमकदार दिखाई देती है।

उदाहरण—

उपधात्विक चमक

धात्विक और अधात्विक चमक के बीच का रूप।

काँचीय चमक

काँच जैसी चमक।

उदाहरण—क्वार्ट्ज।

मोती जैसी चमक

मोती की सतह जैसी मुलायम चमक।

अभ्रक की विदलन सतहों पर ऐसा प्रभाव दिखाई दे सकता है।

रेशमी चमक

सूक्ष्म तंतुमय संरचना से रेशम जैसी चमक।

राल जैसी चमक

राल जैसी चमक।

मृदाभ चमक

चमक रहित या मिट्टी जैसी सतह।

हीरकीय चमक

अत्यंत तीव्र चमक को हीरकीय चमक (Adamantine Lustre) कहा जाता है।

हीरा इसका प्रसिद्ध उदाहरण है।

विदलन

खनिज के निश्चित क्रिस्टलीय कमजोर समतलों के समानांतर टूटने की प्रवृत्ति को विदलन (Cleavage) कहते हैं।

विदलन का कारण खनिज की आंतरिक परमाण्विक संरचना है।

जहाँ परमाण्विक बंधन अपेक्षाकृत कमजोर होते हैं, वहाँ खनिज बार-बार समानांतर समतलों में टूट सकता है।

विदलन की दिशाएँ

एक दिशा

उदाहरण—अभ्रक।

यह पतली चादरों में अलग हो सकता है।

दो दिशाएँ

उदाहरण—फेल्सपार।

पाइरॉक्सीन और ऐंफिबोल में भी दो प्रमुख विदलन दिशाएँ होती हैं, लेकिन उनके कोण अलग होते हैं।

तीन दिशाएँ

कैल्साइट में तीन दिशाओं का विदलन होता है जो समकोण पर नहीं होता।

हैलाइट में तीन दिशाओं का समकोणीय घनीय विदलन मिलता है।

पाइरॉक्सीन और ऐंफिबोल का महत्वपूर्ण अंतर

पाइरॉक्सीन
दो विदलन दिशाएँ लगभग 87° और 93°

ऐंफिबोल
दो विदलन दिशाएँ लगभग 56° और 124°

सरल स्मरण—

पाइरॉक्सीन = लगभग 90°।

ऐंफिबोल = लगभग 60° और 120°।

विदलन और भंजन

यदि खनिज निश्चित समतलों में नहीं टूटता और अनियमित टूटन दिखाता है, तो इसे भंजन (Fracture) कहा जाता है।

उदाहरण—क्वार्ट्ज में स्पष्ट विदलन नहीं होता और वह शंखाभ भंजन (Conchoidal Fracture) दिखाता है।

परीक्षा-फँद

क्वार्ट्ज की कठोरता 7 है, लेकिन उसमें अच्छा विदलन नहीं है।

कठोरता और विदलन अलग गुण हैं।

विदलन और कठोरता में संबंध

उच्च कठोरता का अर्थ खराब विदलन नहीं और कम कठोरता का अर्थ अच्छा विदलन नहीं है।

उदाहरण—

हीरा बहुत कठोर है, फिर भी उसमें क्रिस्टलीय विदलन हो सकता है।

अभ्रक अपेक्षाकृत मुलायम है और उसमें उत्कृष्ट एक-दिशीय विदलन है।

महत्वपूर्ण खनिजों की पहचान सारणी

खनिज कठोरता चमक विदलन/भंजन विशेष संकेत
टैल्क 1 मोती जैसी उत्तम अत्यंत मुलायम
जिप्सम 2 काँचीय/मोती जैसी अच्छा नाखून से खरोंच
कैल्साइट 3 काँचीय 3 दिशाएँ अम्ल में बुलबुले
फ्लोराइट 4 काँचीय 4 दिशाओं में अच्छा अनेक रंग
ऑर्थोक्लेज 6 काँचीय 2 दिशाएँ फेल्सपार
क्वार्ट्ज 7 काँचीय विदलन नहीं; शंखाभ भंजन काँच खरोंचता है
अभ्रक लगभग 2–3 मोती जैसी 1 उत्कृष्ट दिशा पतली चादरें
मैग्नेटाइट लगभग 5.5–6.5 धात्विक असमान भंजन चुंबकीय
हीरा 10 हीरकीय अच्छा विदलन संभव सर्वाधिक मोह्स कठोरता

रंग क्यों बदलता है?

खनिज का रंग प्रभावित हो सकता है—

से।

इसलिए रंग कई बार सहायक होता है, लेकिन अकेले निर्णायक नहीं।

पहचान की सर्वोत्तम रणनीति

किसी अज्ञात खनिज को पहचानते समय—

  1. चमक देखें।
  2. कठोरता जाँचें।
  3. चूर्ण-रेखा देखें।
  4. विदलन या भंजन देखें।
  5. विशिष्ट गुरुत्व का अनुमान करें।
  6. विशेष गुण—चुंबकत्व या अम्ल अभिक्रिया—जाँचें।
  7. आवश्यकता पर प्रयोगशाला विश्लेषण करें।

2025 का समसामयिक संदर्भ

20 फरवरी 2025 को क्वार्ट्ज, फेल्सपार, अभ्रक और बैराइट को भारत में प्रमुख खनिजों की श्रेणी में रखा गया।

इन्हें उनके भौतिक गुणों के साथ याद करें—

क्वार्ट्ज — कठोरता 7, काँचीय चमक, शंखाभ भंजन।

फेल्सपार — कठोरता लगभग 6, दो विदलन दिशाएँ।

अभ्रक — एक दिशा में उत्कृष्ट विदलन, पतली पत्तियाँ।

बैराइट — अपेक्षाकृत अधिक विशिष्ट गुरुत्व, सल्फेट खनिज।

सत्यापित UPSC प्रारंभिक परीक्षा PYQ

इस सूक्ष्म उपविषय पर मोह्स कठोरता, रंग, चमक और खनिज विदलन को सीधे पूछने वाला स्पष्ट UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा PYQ सत्यापित नहीं मिला।

अतः किसी अभ्यास प्रश्न को PYQ के रूप में शामिल नहीं किया गया है।

सत्यापित UPSC मुख्य परीक्षा PYQ

UPSC सिविल सेवा सामान्य अध्ययन मुख्य परीक्षा में इन चार भौतिक विशेषताओं को सीधे पूछने वाला सत्यापित प्रश्न नहीं मिला।

सत्यापित BPSC प्रारंभिक परीक्षा PYQ

63वीं BPSC में क्वार्ट्ज की रासायनिक संरचना पूछी गई थी, लेकिन कठोरता, चमक या विदलन का प्रत्यक्ष प्रश्न सत्यापित नहीं मिला।

इसलिए उसे इस सूक्ष्म शीर्षक का प्रत्यक्ष PYQ नहीं माना गया है।

सत्यापित BPSC मुख्य परीक्षा PYQ

68वीं BPSC मुख्य परीक्षा — भूविज्ञान वैकल्पिक, 2023

प्रश्न:

पाइरॉक्सीन में विदलन कोण क्या हैं?

सही उत्तर:

लगभग 87° और 93°।

यह खनिज विदलन पर प्रत्यक्ष सत्यापित BPSC प्रश्न है।

प्रारंभिक परीक्षा के अंतिम तथ्य

मोह्स पैमाना 1 से 10 तक सापेक्ष कठोरता बताता है।

टैल्क = 1।

कैल्साइट = 3।

ऑर्थोक्लेज = 6।

क्वार्ट्ज = 7।

कोरंडम = 9।

हीरा = 10।

रंग अकेले विश्वसनीय नहीं है।

हेमेटाइट की चूर्ण-रेखा लाल-भूरी होती है।

क्वार्ट्ज की चमक सामान्यतः काँचीय है।

अभ्रक में एक दिशा में उत्कृष्ट विदलन।

क्वार्ट्ज में विदलन नहीं, शंखाभ भंजन।

पाइरॉक्सीन का विदलन लगभग 90°।

ऐंफिबोल का विदलन लगभग 60°/120°।

निष्कर्ष

कठोरता, रंग, चमक और विदलन खनिज पहचान के आधारभूत भौतिक गुण हैं, लेकिन इनमें से किसी एक पर अकेले निर्भर करना उचित नहीं है। सबसे विश्वसनीय पहचान अनेक गुणों के संयुक्त परीक्षण से होती है। इन गुणों के पीछे खनिज की परमाण्विक और क्रिस्टलीय संरचना कार्य करती है।