1.5.5 हॉटस्पॉट और प्लूम
पृथ्वी की अधिकांश ज्वालामुखिता प्लेट सीमाओं पर केंद्रित है, लेकिन कुछ ज्वालामुखी प्लेटों के आंतरिक भाग में भी पाए जाते हैं। ऐसी अपेक्षाकृत स्थानीय और दीर्घकालीन ज्वालामुखीय सक्रियता वाले क्षेत्र को उष्ण बिंदु (Hotspot) कहा जाता है।
इनमें से अनेक उष्ण बिंदुओं को गहरे मैंटल से ऊपर उठने वाले गर्म पदार्थ के स्तंभ, अर्थात मैंटल उष्ण स्तंभ (Mantle Plume) से समझाया जाता है।
लेकिन आधुनिक विज्ञान यह नहीं मानता कि हर उष्ण बिंदु अनिवार्य रूप से क्रोड–मैंटल सीमा से उठे एक ही प्रकार के गहरे प्लूम से बनता है।
उष्ण बिंदु क्या है?
उष्ण बिंदु ऐसा ज्वालामुखीय क्षेत्र है जो—
- प्लेट सीमा से दूर हो सकता है,
- लंबे समय तक सक्रिय रह सकता है,
- प्लेट की गति के कारण आयु-क्रम वाली ज्वालामुखीय शृंखला बना सकता है।
प्रमुख उदाहरण—
- हवाई,
- येलोस्टोन,
- रीयूनियन,
- आइसलैंड।
मैंटल उष्ण स्तंभ
गहरे मैंटल में आसपास के पदार्थ की तुलना में अधिक गर्म, कम घनत्व वाला पदार्थ ऊपर उठ सकता है।
इस उर्ध्वगामी स्तंभ को मैंटल उष्ण स्तंभ (Mantle Plume) कहा जाता है।
सरल आदर्श मॉडल में इसके दो भाग माने जाते हैं—
- चौड़ा सिर,
- संकरा पूँछनुमा स्तंभ।
प्लूम का सिर
यदि विशाल गर्म प्लूम-सिर स्थलमंडल से टकराए तो बड़ी मात्रा में पिघलाव हो सकता है।
इससे विशाल आग्नेय प्रांत (Large Igneous Province) और बाढ़-बेसाल्ट बन सकते हैं।
दक्कन ट्रैप को रीयूनियन प्लूम से जोड़ने वाली प्रमुख व्याख्या इसी प्रकार की है।
प्लूम की पूँछ
प्रारंभिक बड़े ज्वालामुखीय प्रकरण के बाद अपेक्षाकृत संकरा प्लूम लंबे समय तक उष्ण बिंदु ज्वालामुखिता उत्पन्न कर सकता है।
उष्ण बिंदु और प्लेट गति
यदि उष्ण बिंदु अपेक्षाकृत स्थिर रहे और उसके ऊपर प्लेट चलती रहे, तो क्रमिक ज्वालामुखी बनते हैं।
वर्तमान उष्ण बिंदु के ऊपर सबसे युवा सक्रिय ज्वालामुखी।
प्लेट गति की दिशा में दूर जाने पर ज्वालामुखी पुराने और निष्क्रिय।
यह हवाई–सम्राट ज्वालामुखीय शृंखला का मूल आदर्श मॉडल है।
परीक्षा-सावधानी
उष्ण बिंदु पूर्णतः स्थिर नहीं होते।
आधुनिक अध्ययनों में स्वयं प्लूम के झुकाव और गति के प्रमाण भी मिलते हैं।
इसलिए उष्ण बिंदु को “पूर्ण स्थिर कील” की तरह नहीं समझना चाहिए।
प्लेट सीमा और उष्ण बिंदु में अंतर
प्लेट सीमा ज्वालामुखिता—
- अपसारी सीमा,
- सबडक्शन सीमा
से जुड़ी हो सकती है।
उष्ण बिंदु ज्वालामुखिता प्लेट के अंदर भी हो सकती है।
कुछ स्थानों पर दोनों एक साथ मिलते हैं।
आइसलैंड इसका महत्वपूर्ण उदाहरण है जहाँ मध्य-अटलांटिक कटक और उष्ण बिंदु/प्लूम प्रभाव परस्पर जुड़े हैं।
उष्ण बिंदु के प्रमुख उदाहरण
हवाई
प्रशांत प्लेट के भीतर प्रसिद्ध महासागरीय उष्ण बिंदु।
येलोस्टोन
उत्तर अमेरिकी महाद्वीपीय प्लेट के भीतर।
रीयूनियन
हिंद महासागर में सक्रिय उष्ण बिंदु।
दक्कन ज्वालामुखिता के ऐतिहासिक संबंध से महत्वपूर्ण।
आइसलैंड
मध्य-अटलांटिक कटक और प्लूम प्रभाव का संयुक्त उदाहरण।
दक्कन–रीयूनियन संबंध
दक्कन बाढ़-बेसाल्ट लगभग 66 मिलियन वर्ष पहले विशाल ज्वालामुखीय गतिविधि से बने।
प्रमुख वैज्ञानिक व्याख्या इसे उस समय भारतीय प्लेट के रीयूनियन प्लूम के ऊपर से गुजरने से जोड़ती है।
भारतीय प्लेट बाद में उत्तर की ओर बढ़ती रही जबकि रीयूनियन उष्ण बिंदु हिंद महासागर में वर्तमान स्थान के निकट सक्रिय रहा।
मालदीव–लक्षद्वीप–चागोस क्षेत्र के ज्वालामुखीय अभिलेख को इस इतिहास से जोड़ा जाता है।
2025–2026 भारत संबंधी शोध
2025 की समीक्षा ने भारत के पांजल, राजमहल–सिलहट और दक्कन बाढ़-बेसाल्ट प्रांतों की उत्पत्ति की तुलना की।
इसमें—
- पांजल को मुख्यतः रिफ्ट और दाबमुक्त पिघलाव,
- राजमहल–सिलहट को केरगुएलन प्लूम,
- दक्कन को रीयूनियन प्लूम
से जोड़ी प्रमुख व्याख्याओं की समीक्षा की गई।
2026 के पश्चिमी भारतीय शील्ड अध्ययन ने केरगुएलन, मैरियन और रीयूनियन से जुड़े अलग-अलग प्लूम प्रभावों द्वारा स्थलमंडल के पतला होने और पुनर्गठन के संकेतों पर चर्चा की।
2026 — गहरे मैंटल संरचनाओं से संबंध
2026 के Nature Geoscience अध्ययन ने वैश्विक समुद्री पर्वत आँकड़ों का विश्लेषण करके पाया कि महासागरीय अंतःप्लेट ज्वालामुखिता उन समुद्रतलों पर अधिक रही जो गहरे निचले मैंटल की विशाल निम्न-कतरनी-वेग संरचनाओं के ऊपर से गुजरे।
यह प्लूम और गहरे मैंटल संरचनाओं के संभावित संबंध को मजबूत करता है।
सत्यापित संघ लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न
उष्ण बिंदु को अलग नाम से पूछने वाला स्पष्ट हालिया प्रत्यक्ष प्रारंभिक प्रश्न सत्यापित नहीं मिला।
सत्यापित संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा प्रश्न
सामान्य अध्ययन-I, 2018
प्रश्न:
मैंटल प्लूम की परिभाषा दीजिए और प्लेट विवर्तनिकी में इसकी भूमिका स्पष्ट कीजिए।
यह इस पूरे विषय का प्रत्यक्ष UPSC प्रश्न है।
सत्यापित बिहार लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न
उष्ण बिंदु या मैंटल प्लूम को सीधे पूछने वाला विश्वसनीय प्रत्यक्ष प्रश्न नहीं मिला।
सत्यापित बिहार लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा प्रश्न
प्रत्यक्ष सत्यापित प्रश्न नहीं मिला।
प्रारंभिक परीक्षा के अंतिम तथ्य
हवाई — महासागरीय उष्ण बिंदु।
येलोस्टोन — महाद्वीपीय उष्ण बिंदु।
रीयूनियन — दक्कन इतिहास से जुड़ा।
आइसलैंड — कटक + प्लूम प्रभाव।
हर उष्ण बिंदु का गहरे प्लूम से संबंध समान रूप से सिद्ध नहीं।
उष्ण बिंदु पूर्णतः स्थिर होना आवश्यक नहीं।
निष्कर्ष
उष्ण बिंदु और मैंटल उष्ण स्तंभ पृथ्वी की ऐसी ज्वालामुखिता को समझाते हैं जो सामान्य प्लेट सीमाओं से बाहर होती है। आधुनिक शोध इन्हें स्थिर सरल स्तंभों की बजाय गहरे मैंटल, प्लेट गति और क्षेत्रीय स्थलमंडलीय संरचना के जटिल परस्पर प्रभाव के रूप में देखता है।