LIVEUPSC CSE 2027 & BPSC • नोट्स • समसामयिकी • PYQ • Tests
इस पृष्ठ में
पर्यावरण • जलवायु परिवर्तन • UPSC

उत्सर्जन अंतराल रिपोर्ट 2026: 1.5°C अतिक्रमण, NDC और वैश्विक उत्सर्जन

UNEP की Emissions Gap Report 2026 के सही आँकड़े, 1.5°C overshoot, NDC अंतराल, कार्बन निष्कासन और भारत के जलवायु विकल्पों का विस्तृत अध्ययन।

24 अक्टूबर 2026

चर्चा में क्यों?

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने Emissions Gap Report 2026 — “The Point of Return” जारी की है। रिपोर्ट का केंद्रीय संदेश यह है कि 1.5°C की सीमा के अस्थायी अतिक्रमण से बचना अब अत्यंत कठिन हो गया है; इसलिए निकट अवधि की तेज उत्सर्जन कटौती और बाद में सीमित कार्बन डाइऑक्साइड निष्कासन—दोनों आवश्यक होंगे।

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

  • रिपोर्ट 17वाँ संस्करण है।
  • 2025 के स्तर की तुलना में न्यूनतम 1.5°C अतिक्रमण-पथ के लिए वैश्विक GHG उत्सर्जन में 2030 तक 18%, 2035 तक 45% और 2040 तक 69% कटौती चाहिए।
  • यदि देशों के मौजूदा NDC पूरी तरह लागू होते हैं तो 2030 तक केवल 5–8% और 2035 तक 11–15% कटौती का अनुमान है।
  • पूर्ण NDC कार्यान्वयन के साथ सदी-अंत तापवृद्धि लगभग 2.6°C; वर्तमान नीतियों के साथ लगभग 2.8°C रहने का अनुमान है। अतिरिक्त नेट-जीरो प्रतिज्ञाओं के पूर्ण पालन से इसे लगभग 2.1°C तक सीमित किया जा सकता है।
  • न्यूनतम अतिक्रमण-पथ में इस सदी में लगभग 320 GtCO₂ स्थायी रूप से हटाने की आवश्यकता पड़ सकती है।

कटौती लक्ष्य: 45% कटौती का लक्ष्य 2035 के लिए है, 2030 के लिए नहीं।

उत्सर्जन अंतराल क्या है?

Emissions Gap वह अंतर है जो घोषित/लागू नीतियों से अनुमानित उत्सर्जन और पेरिस समझौते के तापमान लक्ष्यों के अनुरूप आवश्यक उत्सर्जन स्तर के बीच रहता है। यह केवल “कितना उत्सर्जन हो रहा है” नहीं बताता, बल्कि प्रतिज्ञा–कार्यान्वयन–वैज्ञानिक आवश्यकता के बीच दूरी मापता है।

पेरिस समझौता, NDC और Ratchet Mechanism

  • पेरिस समझौता तापवृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तर से 2°C से काफी नीचे रखने और 1.5°C तक सीमित करने के प्रयास पर बल देता है।
  • Nationally Determined Contributions (NDCs) देशों के स्वयं निर्धारित जलवायु लक्ष्य हैं।
  • देशों को समय-समय पर अधिक महत्वाकांक्षी NDC प्रस्तुत करने होते हैं; इसे सामान्यतः ratchet mechanism कहा जाता है।
  • CBDR-RC—साझी किंतु विभेदित जिम्मेदारियाँ और संबंधित क्षमताएँ—भारत सहित विकासशील देशों की climate equity दलील का आधार है।

भारत की स्थिति: Panchamrit और न्यायपूर्ण संक्रमण

भारत ने COP26 में 2030 के लिए 500 GW गैर-जीवाश्म विद्युत क्षमता, गैर-जीवाश्म स्रोतों की हिस्सेदारी बढ़ाने, उत्सर्जन तीव्रता में 45% कमी, अनुमानित उत्सर्जन में 1 बिलियन टन कमी और 2070 तक net-zero की दिशा घोषित की थी। UPSC उत्तर में installed electricity capacity, कुल ऊर्जा उपभोग और वास्तविक generation को अलग-अलग समझना जरूरी है।

भारत के लिए मुख्य प्रश्न है—ऊर्जा सुरक्षा, विकास और गरीबी उन्मूलन को बनाए रखते हुए grid, storage, green hydrogen, EVs, efficiency, forests और climate finance को किस गति से बढ़ाया जाए।

जलवायु वित्त और कार्बन निष्कासन

उत्सर्जन में वास्तविक कमी का विकल्प बड़े पैमाने का Carbon Dioxide Removal (CDR) नहीं हो सकता। प्रत्यक्ष वायु-पकड़, bioenergy with CCS, afforestation आदि के साथ भूमि, पानी, ऊर्जा, जैव विविधता और लागत के trade-offs जुड़े हैं। इसी कारण प्राथमिकता आज उत्सर्जन घटाने पर रहनी चाहिए।

विकासशील देशों के लिए concessional finance, technology access, adaptation finance और loss-and-damage support न्यायपूर्ण संक्रमण के केंद्रीय प्रश्न बने हुए हैं।

मुख्य परीक्षा विश्लेषण

रिपोर्ट की नीति-दिशा: 2050 या 2070 की दूरस्थ net-zero तारीख पर्याप्त नहीं; 2030–35 के वास्तविक उत्सर्जन पथ निर्णायक हैं।

भारत के लिए अवसर: renewable manufacturing, storage, green hydrogen, low-carbon industry, public transport और climate-resilient agriculture।

चुनौतियाँ: coal-dependent regions में jobs, DISCOM वित्त, critical minerals, grid flexibility, technology cost, climate finance और adaptation gap।

आगे की राह: sector-wise carbon budgets, मजबूत MRV, cleaner industrial processes, demand-side efficiency, nature-based sinks और climate finance को विकास योजनाओं के साथ जोड़ना।

वास्तविक UPSC PYQ

UPSC 2021 · सामान्य अध्ययन-III · प्रश्न 17 · 15 अंक · 250 शब्द

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क सम्मेलन (यू.एन.एफ.सी.सी.सी.) के सी.ओ.पी. के 26वें सत्र के प्रमुख परिणामों का वर्णन कीजिए। इस सम्मेलन में भारत द्वारा की गई वचनबद्धताएँ क्या हैं?

प्रश्न और आदर्श उत्तर पढ़ें →

प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास

प्रश्न 1. Emissions Gap Report कौन प्रकाशित करता है? (a) IPCC (b) UNEP (c) UNDP (d) WMO

उत्तर

(b) UNEP.

प्रश्न 2. 2026 रिपोर्ट के न्यूनतम 1.5°C अतिक्रमण-पथ के संदर्भ में 2025 की तुलना में 2035 तक आवश्यक वैश्विक GHG कटौती कितनी है? (a) 18% (b) 25% (c) 45% (d) 69%

उत्तर

(c) 45%. 18% 2030 और 69% 2040 के लिए है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

उत्सर्जन अंतराल रिपोर्ट 2026 बताती है कि जलवायु नीति में दूरस्थ शुद्ध-शून्य उत्सर्जन प्रतिज्ञाओं से अधिक महत्त्व निकट अवधि की वास्तविक उत्सर्जन कटौती का है। भारत के विकास और जलवायु न्याय के संदर्भ में विश्लेषण कीजिए।

15 अंक · 250 शब्द · GS-III

आदर्श उत्तर पढ़ें →

स्रोत और संदर्भ