विश्व खाद्य दिवस 2026 और कृषि-पारिस्थितिकी: संधारणीय खाद्य प्रणालियों की दिशा
FAO, विश्व खाद्य दिवस 2026, कृषि-पारिस्थितिकी, पुनर्योजी कृषि, श्री अन्न, खाद्य अपशिष्ट और भारत की खाद्य कूटनीति का विस्तृत अध्ययन।
पाठ्यक्रम से संबंध
- प्रारंभिक: FAO, विश्व खाद्य दिवस, प्राकृतिक खेती और संधारणीय कृषि पद्धतियाँ।
- मुख्य GS-III: फसल पैटर्न, सिंचाई, भंडारण, कृषि सब्सिडी, खाद्य सुरक्षा और पोषण।
चर्चा में क्यों?
हर वर्ष 16 अक्टूबर को खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की 1945 में स्थापना की स्मृति में विश्व खाद्य दिवस मनाया जाता है। 2026 की अध्ययन सामग्री में विषय “बेहतर जीवन और बेहतर भविष्य के लिए खाद्य का अधिकार” और आह्वान “आज नवाचार करें, कल का पोषण करें” दिया गया है। भारत के संदर्भ में प्राकृतिक खेती और मोटे अनाजों—‘श्री अन्न’—को टिकाऊ खाद्य प्रणाली से जोड़ा गया है।
प्रारंभिक परीक्षा के मुख्य तथ्य
- FAO स्थापना: 16 अक्टूबर 1945, क्यूबेक (कनाडा); वर्तमान मुख्यालय रोम, इटली।
- प्रकृति: संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी, जिसका केंद्र भूख कम करना और पोषण सुरक्षा है।
- रोम-स्थित तीन खाद्य एजेंसियाँ: FAO, World Food Programme (WFP) और International Fund for Agricultural Development (IFAD)।
- कृषि-पारिस्थितिकी: फसल चक्र, अंतःफसली खेती, जैविक खाद और प्राकृतिक कीट नियंत्रण जैसे तरीकों से मिट्टी और जैव विविधता को मजबूत करना।
स्थैतिक एवं कृषि-पर्यावरणीय पृष्ठभूमि
पारंपरिक हरित क्रांति की पारिस्थितिक चुनौतियाँ
- पंजाब और हरियाणा में अत्यधिक भूजल दोहन।
- यूरिया और DAP के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी में NPK संतुलन बिगड़ना।
- रासायनिक अवशेषों से स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी संबंधी चिंताएँ।
पुनर्योजी कृषि (Regenerative Agriculture) उत्पादन के साथ मिट्टी के जैविक कार्बन और जैव विविधता को पुनर्स्थापित करने पर जोर देती है और कार्बन संचयन के जरिए जलवायु परिवर्तन के प्रभाव कम करने में सहायक हो सकती है।
मुख्य परीक्षा हेतु विश्लेषण
भारत की खाद्य कूटनीति और श्री अन्न
बाजरा, ज्वार और रागी जैसी फसलें कम पानी, उच्च तापमान और अपेक्षाकृत कम बाहरी इनपुट में उग सकती हैं। अध्ययन सामग्री इन्हें पोषण-समृद्ध फसलें मानते हुए वैश्विक दक्षिण के लिए खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के विकल्प के रूप में प्रस्तुत करती है।
खाद्य अपशिष्ट की चुनौती
कोल्ड-चेन और भंडारण की कमी से फल-सब्जियों का लगभग 15–20% हिस्सा खेत से बाजार तक पहुँचने में नष्ट होने की बात सामग्री में दी गई है। ₹1 लाख करोड़ का कृषि अवसंरचना कोष (AIF) पोस्ट-हार्वेस्ट अवसंरचना सुधार का एक प्रमुख साधन बताया गया है।
आगे की राह
- प्राकृतिक खेती मिशन को संस्थागत समर्थन।
- बाजरा आधारित मूल्य-संवर्धित उत्पादों और निर्यात का विस्तार।
- सौर-संचालित ऑन-फार्म कोल्ड स्टोरेज का प्रसार।
विगत वर्षों के सटीक प्रश्न
प्रारंभिक परीक्षा 2016
खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO), पारम्परिक कृषि प्रणालियों को ‘सार्वभौम रूप से महत्त्वपूर्ण कृषि विरासत प्रणाली’ [Globally Important Agricultural Heritage System (GIAHS)] की हैसियत प्रदान करता है। इस पहल का संपूर्ण लक्ष्य क्या है?
- अभिनिर्धारित GIAHS के स्थानीय समुदायों को आधुनिक प्रौद्योगिकी, आधुनिक कृषि प्रणाली का प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता प्रदान करना जिससे उनकी कृषि उत्पादकता अत्यधिक बढ़ जाए।
- पारितंत्र-अनुकूली परम्परागत कृषि पद्धतियाँ और उनसे संबंधित परिदृश्य, कृषि जैव विविधता और स्थानीय समुदायों के ज्ञानतंत्र का अभिनिर्धारण एवं संरक्षण करना।
- इस प्रकार अभिनिर्धारित GIAHS के सभी भिन्न-भिन्न कृषि उत्पादों को भौगोलिक सूचक की हैसियत प्रदान करना।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
(क) केवल 1 और 3 (ख) केवल 2 (ग) केवल 2 और 3 (घ) 1, 2 और 3
इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक, पर्यावरण-अनुकूल कृषि प्रणालियों, उनसे जुड़े परिदृश्य, कृषि जैव विविधता और स्थानीय ज्ञान का संरक्षण है; यह आधुनिक तकनीक देकर उत्पादकता बढ़ाने या सभी उत्पादों को भौगोलिक संकेतक देने की योजना नहीं है।
मुख्य परीक्षा 2019 — सामान्य अध्ययन-III, प्रश्न 6
एकीकृत कृषि प्रणाली (आई.एफ.एस.) किस सीमा तक कृषि उत्पादन को संधारित करने में सहायक है?
10 अंक · 150 शब्द
अभ्यास प्रश्न
प्रारंभिक प्रश्न
FAO और संधारणीय कृषि के संदर्भ में: (1) FAO मुख्यालय जिनेवा में है। (2) पुनर्योजी कृषि का प्रमुख उद्देश्य मिट्टी के जैविक कार्बन और जैव विविधता को बढ़ाना है। (3) भारत मोटे अनाजों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है।
सही उत्तर: केवल 2 और 3। कथन 1 गलत है; FAO का मुख्यालय रोम में है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास
15 अंक · 250 शब्द
आधार सामग्री
यह लेख 16 अक्टूबर 2026 की उपयोगकर्ता-प्रदत्त दैनिक समसामयिकी अध्ययन सामग्री के आधार पर व्यवस्थित किया गया है। मूल तथ्य, प्रश्न और विश्लेषण उसी सामग्री के अनुरूप रखे गए हैं।