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संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा 2019 • सामान्य अध्ययन-III • प्रश्न 6

एकीकृत कृषि प्रणाली और संधारणीय कृषि उत्पादन

अक्षर आकार

वास्तविक विगत वर्ष प्रश्न।

10 अंकशब्द-सीमा: 150 शब्दमाध्यम: हिंदी

प्रश्न

एकीकृत कृषि प्रणाली (आई.एफ.एस.) किस सीमा तक कृषि उत्पादन को संधारित करने में सहायक है?

प्रश्न की मांग

  • आई.एफ.एस. की संक्षिप्त परिभाषा देना।
  • उत्पादन, आय, संसाधन दक्षता और जोखिम-घटाव पर उसके प्रभाव का मूल्यांकन करना।
  • सीमाएँ बताते हुए “किस सीमा तक” का संतुलित निष्कर्ष देना।

आदर्श उत्तर

एकीकृत कृषि प्रणाली (Integrated Farming System—IFS) फसल, पशुपालन, मत्स्य, बागवानी, कुक्कुट, कृषि-वनीकरण आदि को परस्पर जोड़ती है, ताकि एक घटक का उप-उत्पाद दूसरे का संसाधन बने।

संधारणीयता में योगदान

  • पोषक-चक्र: गोबर, फसल-अवशेष और जैविक अपशिष्ट का पुनर्चक्रण बाहरी उर्वरक पर निर्भरता घटाता है।
  • जोखिम-विविधीकरण: एक फसल की विफलता या मूल्य-पतन की भरपाई अन्य गतिविधियाँ कर सकती हैं।
  • आय व रोजगार: वर्षभर उत्पादन और रोजगार से छोटे किसानों की नकदी-प्रवाह स्थिति सुधरती है।
  • संसाधन दक्षता: भूमि, जल, श्रम और ऊर्जा का बहुउद्देश्यीय उपयोग होता है।
  • पोषण: दूध, अंडा, मछली, फल-सब्जी घरेलू पोषण सुरक्षा बढ़ाते हैं।

फिर भी प्रारंभिक पूँजी, प्रबंधन-कौशल, पशु-स्वास्थ्य सेवाएँ, बाजार और क्षेत्र-विशिष्ट तकनीक की कमी इसकी सीमाएँ हैं। अतः आई.एफ.एस. कोई एकरूप मॉडल नहीं, बल्कि कृषि-जलवायु क्षेत्र के अनुकूल संयोजन के रूप में सबसे प्रभावी है।

मूल्यवर्धन

उत्तर का सूत्र: Recycling + Diversification + Risk reduction + Income stability + Nutrition.