एकीकृत कृषि प्रणाली और संधारणीय कृषि उत्पादन
अक्षर आकार
वास्तविक विगत वर्ष प्रश्न।
प्रश्न
एकीकृत कृषि प्रणाली (आई.एफ.एस.) किस सीमा तक कृषि उत्पादन को संधारित करने में सहायक है?
प्रश्न की मांग
- आई.एफ.एस. की संक्षिप्त परिभाषा देना।
- उत्पादन, आय, संसाधन दक्षता और जोखिम-घटाव पर उसके प्रभाव का मूल्यांकन करना।
- सीमाएँ बताते हुए “किस सीमा तक” का संतुलित निष्कर्ष देना।
आदर्श उत्तर
एकीकृत कृषि प्रणाली (Integrated Farming System—IFS) फसल, पशुपालन, मत्स्य, बागवानी, कुक्कुट, कृषि-वनीकरण आदि को परस्पर जोड़ती है, ताकि एक घटक का उप-उत्पाद दूसरे का संसाधन बने।
संधारणीयता में योगदान
- पोषक-चक्र: गोबर, फसल-अवशेष और जैविक अपशिष्ट का पुनर्चक्रण बाहरी उर्वरक पर निर्भरता घटाता है।
- जोखिम-विविधीकरण: एक फसल की विफलता या मूल्य-पतन की भरपाई अन्य गतिविधियाँ कर सकती हैं।
- आय व रोजगार: वर्षभर उत्पादन और रोजगार से छोटे किसानों की नकदी-प्रवाह स्थिति सुधरती है।
- संसाधन दक्षता: भूमि, जल, श्रम और ऊर्जा का बहुउद्देश्यीय उपयोग होता है।
- पोषण: दूध, अंडा, मछली, फल-सब्जी घरेलू पोषण सुरक्षा बढ़ाते हैं।
फिर भी प्रारंभिक पूँजी, प्रबंधन-कौशल, पशु-स्वास्थ्य सेवाएँ, बाजार और क्षेत्र-विशिष्ट तकनीक की कमी इसकी सीमाएँ हैं। अतः आई.एफ.एस. कोई एकरूप मॉडल नहीं, बल्कि कृषि-जलवायु क्षेत्र के अनुकूल संयोजन के रूप में सबसे प्रभावी है।
मूल्यवर्धन
उत्तर का सूत्र: Recycling + Diversification + Risk reduction + Income stability + Nutrition.