बिहार लोक सेवा आयोग (Bihar Public Service Commission—BPSC) · सामान्य विज्ञान · भौतिक विज्ञान

भाग 1: यांत्रिकी, गति के नियम, गुरुत्वाकर्षण, कार्य, ऊर्जा एवं शक्ति

यह पृष्ठ आपकी दी हुई “भौतिक विज्ञान भाग 1” सामग्री को आधार बनाकर तैयार किया गया है। मूल विषय-विन्यास रखा गया है और जहाँ आधुनिक SI, यांत्रिकी या खगोल-विज्ञान के अनुसार सुधार आवश्यक था, उसे अलग से स्पष्ट किया गया है।

सबसे स्कोरिंगमात्रक, दूरी-विस्थापन और गति
अवधारणा क्षेत्रन्यूटन के नियम एवं संवेग
उच्च प्राथमिकतागुरुत्वाकर्षण, कार्य-ऊर्जा-शक्ति

मूल नोट्स से किए गए प्रमुख तथ्य-सुधार

  • SI में “2 संपूरक मात्रक”: यह पुरानी वर्गीकरण-पद्धति है। वर्तमान SI में 7 मूल मात्रक हैं; रेडियन और स्टेरेडियन को व्युत्पन्न, आयामहीन इकाइयाँ माना जाता है।
  • मोल: 1 mol में ठीक 6.02214076 × 10²³ निर्दिष्ट मूल इकाइयाँ होती हैं; 6.022 × 10²³ केवल सन्निकट मान है।
  • किलोग्राम: आधुनिक SI में किलोग्राम की परिभाषा प्लांक नियतांक के निश्चित मान से जुड़ी है; यह किसी भौतिक धातु-प्रतिरूप पर निर्भर नहीं है।
  • पारसेक: यह “सबसे बड़ी खगोलीय इकाई” नहीं है; यह खगोलीय दूरी की एक सामान्य इकाई है। उससे कहीं बड़ी दूरियाँ किलोपारसेक, मेगापारसेक आदि में व्यक्त की जाती हैं।
  • प्रक्षेप्य का 45° नियम: अधिकतम परास 45° पर तभी मिलता है जब प्रक्षेपण और अवतरण की ऊँचाई समान हो तथा वायु-प्रतिरोध नगण्य माना जाए।
  • अपकेंद्री बल: इसे घूर्णनशील अजड़त्वीय संदर्भ-तंत्र में प्रयुक्त छद्म बल के रूप में समझें। जड़त्वीय फ्रेम में वस्तु को वृत्तीय गति देने के लिए वास्तविक परिणामी बल केंद्र की ओर होता है।
  • F = ma: स्थिर द्रव्यमान के लिए न्यूटन के दूसरे नियम का रूप है; अधिक सामान्य रूप F = dp/dt है।
  • G: वर्तमान CODATA मान लगभग 6.67430 × 10⁻¹¹ m³ kg⁻¹ s⁻² है। कैवेंडिश के प्रसिद्ध torsion-balance प्रयोग ने पृथ्वी के औसत घनत्व/गुरुत्वीय आकर्षण के मापन का रास्ता दिया; “उन्होंने सीधे आधुनिक G की पहली माप की” कहना ऐतिहासिक सरलीकरण है।
  • चंद्रमा का वातावरण: चंद्रमा बिल्कुल वायुरहित नहीं है; उसके पास अत्यंत विरल एक्सोस्फीयर है। कम गुरुत्व और कम पलायन वेग घने वातावरण को लंबे समय तक बनाए रखने में बाधक हैं, पर “सभी गैस अणुओं का RMS वेग हमेशा पलायन वेग से अधिक है” सही सार्वभौमिक कथन नहीं है।
  • स्थितिज ऊर्जा mgh: यह पृथ्वी की सतह के पास लगभग समान g वाले क्षेत्र का सन्निकट रूप है। घड़ी की स्प्रिंग/धनुष में ऊर्जा लोचीय स्थितिज ऊर्जा होती है।
  • संवेग दुगुना ⇒ KE चार गुना: यह निष्कर्ष तभी है जब वस्तु का द्रव्यमान स्थिर हो, क्योंकि KE = p²/(2m)।

इस भाग की अध्ययन-सूची

1. मात्रक, मापन एवं भौतिक राशियाँ

मूल राशिSI मूल मात्रकप्रतीकआधुनिक SI संदर्भ
समयसेकंडsसीजियम-133 की hyperfine transition frequency के निश्चित मान पर आधारित।
लंबाईमीटरmनिर्वात में प्रकाश की गति c = 299,792,458 m/s के निश्चित मान से।
द्रव्यमानकिलोग्रामkgप्लांक नियतांक h के निश्चित मान से परिभाषित।
विद्युत धाराएम्पियरAमूल आवेश e के निश्चित मान से।
ऊष्मागतिक तापमानकेल्विनKबोल्ट्ज़मान नियतांक k के निश्चित मान से।
पदार्थ की मात्रामोलmol1 mol = 6.02214076 × 10²³ निर्दिष्ट मूल इकाइयाँ।
ज्योति तीव्रताकैंडेलाcdनिर्दिष्ट आवृत्ति के एकवर्णी विकिरण की luminous efficacy के निश्चित मान से।

रेडियन (rad) और स्टेरेडियन (sr) आज अलग “संपूरक” वर्ग में नहीं रखे जाते; ये SI में unit one से संबंधित व्युत्पन्न इकाइयाँ हैं।

महत्वपूर्ण दूरी इकाइयाँ

इकाईलगभग मानप्रयोग
प्रकाश-वर्ष9.46 × 10¹⁵ mखगोलीय दूरी; समय की इकाई नहीं।
पारसेक3.086 × 10¹⁶ m ≈ 3.26 प्रकाश-वर्षतारकीय/आकाशगंगीय दूरी; बड़े पैमाने पर kpc, Mpc आदि।
खगोलीय इकाई (AU)149,597,870,700 mपृथ्वी-सूर्य दूरी के पैमाने पर; SI में इसका मान सटीक परिभाषित है।
एंग्स्ट्रॉम10⁻¹⁰ mपरमाण्विक/तरंगदैर्ध्य पैमाने पर प्रचलित गैर-SI इकाई।
फेमटोमीटर10⁻¹⁵ mनाभिकीय आकार के पैमाने पर।
नॉटिकल माइल1852 mसमुद्री/विमानन दूरी; 1 knot = 1 nautical mile प्रति घंटा।

चयनित व्युत्पन्न इकाइयाँ

  • बल — न्यूटन (N) = kg·m·s⁻²
  • कार्य/ऊर्जा — जूल (J) = N·m
  • दाब — पास्कल (Pa) = N/m²
  • शक्ति — वाट (W) = J/s
  • आवृत्ति — हर्ट्ज़ (Hz) = s⁻¹
  • विद्युत धारिता — फैराड (F) = C/V
  • चुंबकीय फ्लक्स — वेबर (Wb)
  • प्रेरकत्व — हेनरी (H)

2. अदिश एवं सदिश राशियाँ

प्रकारपरिभाषाउदाहरण
अदिशजिनके लिए केवल परिमाण पर्याप्त है और जो सदिश जोड़ के नियमों का पालन नहीं करतींद्रव्यमान, दूरी, चाल, समय, कार्य, ऊर्जा, शक्ति, दाब, तापमान, विद्युत धारा, विद्युत विभव
सदिशजिनमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं तथा सदिश बीजगणित लागू होता हैविस्थापन, वेग, त्वरण, बल, संवेग, आवेग, भार, बलाघूर्ण

दूरी पथ की कुल लंबाई है और ऋणात्मक नहीं होती। विस्थापन प्रारंभिक से अंतिम बिंदु तक का सदिश है; एक आयाम में उसका घटक धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है। हमेशा दूरी ≥ |विस्थापन|।

3. गति, वृत्तीय गति एवं प्रक्षेप्य

एकसमान वृत्तीय गति

चाल स्थिर हो सकती है, पर वेग की दिशा निरंतर बदलती है; इसलिए त्वरण मौजूद रहता है। केंद्र की ओर त्वरण:

ac = v²/r और आवश्यक परिणामी केंद्राभिमुख बल Fc = mv²/r। केंद्राभिमुख बल अलग प्रकार का नया बल नहीं है; परिस्थिति के अनुसार गुरुत्व, घर्षण, तनाव आदि ही उसका स्रोत होते हैं।

अपकेंद्री बल

घूर्णनशील अजड़त्वीय संदर्भ-तंत्र में बाहर की ओर अनुभव होने वाला छद्म बल। वाशिंग मशीन की स्पिन अवस्था और घूर्णनशील प्रणालियाँ इसके सामान्य उदाहरण हैं।

प्रक्षेप्य गति

आदर्श स्थिति में—समान गुरुत्वीय क्षेत्र, वायु प्रतिरोध नगण्य—प्रक्षेप्य का पथ परवलय होता है। समान प्रारंभिक और अंतिम ऊँचाई पर किसी निश्चित प्रारंभिक वेग के लिए क्षैतिज परास 45° पर अधिकतम होता है।

4. न्यूटन के गति के नियम

प्रथम नियम — जड़त्व

कोई वस्तु तब तक विराम या सरल रेखा में समान वेग की अवस्था में रहती है, जब तक उस पर परिणामी बाह्य बल न लगे। द्रव्यमान जड़त्व का माप है।

  • बस अचानक चले तो शरीर का ऊपरी भाग विराम की अवस्था बनाए रखने की प्रवृत्ति दिखाता है।
  • बस अचानक रुके तो शरीर आगे की गति बनाए रखने की प्रवृत्ति दिखाता है।
  • कंबल झाड़ने पर धूल का अलग होना जड़त्व से समझा जा सकता है।

द्वितीय नियम

ΣF = dp/dt। स्थिर द्रव्यमान के लिए यह ΣF = ma बनता है।

तृतीय नियम

दो वस्तुओं की परस्पर क्रिया में एक वस्तु द्वारा दूसरी पर लगाया गया बल, दूसरी द्वारा पहली पर लगाए गए बल के बराबर पर विपरीत दिशा में होता है। दोनों बल अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैं, इसलिए एक ही वस्तु पर एक-दूसरे को निरस्त नहीं करते।

  • बंदूक का recoil
  • तैराक द्वारा पानी को पीछे धकेलना
  • नाव से किनारे की ओर कूदना

5. संवेग, आवेग एवं संवेग संरक्षण

  • संवेग: p = mv; सदिश राशि; SI इकाई kg·m/s।
  • आवेग: J = Δp = ∫F dt; स्थिर बल पर J = FΔt।
  • कैच लेते समय हाथ पीछे खींचने से रुकने का समय बढ़ता है और समान संवेग-परिवर्तन के लिए औसत बल घटता है।
  • किसी पृथक तंत्र पर कुल बाह्य बल/आवेग नगण्य हो तो कुल रेखीय संवेग संरक्षित रहता है।
  • रॉकेट propulsion को संवेग संरक्षण से समझा जाता है; निकास गैस पीछे संवेग ले जाती है और रॉकेट विपरीत दिशा में संवेग प्राप्त करता है।

6. गुरुत्वाकर्षण

न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम:

F = Gm₁m₂/r²

CODATA अनुशंसित मान: G = 6.67430(15) × 10⁻¹¹ m³·kg⁻¹·s⁻²।

गुरुत्वीय त्वरण g

पृथ्वी की सतह के निकट औसत रूप से g ≈ 9.8 m/s²।

  • ध्रुवों पर g सामान्यतः अधिक और भूमध्यरेखा पर कम—पृथ्वी के घूर्णन और चपटी आकृति दोनों का प्रभाव।
  • ऊँचाई बढ़ने पर g घटता है।
  • पृथ्वी के भीतर गहराई बढ़ने पर g सामान्यतः घटता है और आदर्श गोलाकार पृथ्वी के केंद्र पर g = 0।
  • केंद्र पर भार शून्य होता है; द्रव्यमान शून्य नहीं।

7. द्रव्यमान, भार एवं लिफ्ट में आभासी भार

आधारद्रव्यमानभार
प्रकृतिजड़त्व/पदार्थ के द्रव्यमान का माप; अदिशगुरुत्वीय बल; सदिश
SI इकाईkgN
स्थान बदलने परआम परिस्थितियों में वही रहता हैस्थानीय g के साथ बदलता है
चंद्रमा परसमानपृथ्वी की तुलना में लगभग 1/6

किलोग्राम-भार (kgf) SI इकाई नहीं है; 1 kgf ≈ 9.80665 N।

लिफ्ट में

  • समान वेग: N = mg
  • ऊपर त्वरण a: N = m(g+a)
  • नीचे त्वरण a: N = m(g−a), जब संपर्क बना रहे
  • मुक्त पतन: N = 0 — भारहीनता का अनुभव
  • यदि लिफ्ट नीचे g से अधिक त्वरण से खींची जाए तो व्यक्ति फर्श से संपर्क खो सकता है और छत से टकरा सकता है।

8. पलायन वेग एवं चंद्रमा

वायु-प्रतिरोध और आगे के propulsion को नजरअंदाज करते हुए किसी गोलाकार पिंड की सतह से न्यूनतम प्रारंभिक वेग:

ve = √(2GM/R) = √(2gR)

  • पृथ्वी: लगभग 11.2 km/s
  • चंद्रमा: लगभग 2.38 km/s

महत्वपूर्ण सुधार: चंद्रमा के पास घना वातावरण नहीं है, लेकिन वह पूरी तरह वायुरहित भी नहीं है। उसके पास अत्यंत विरल एक्सोस्फीयर है जिसमें हीलियम, नियॉन, आर्गन आदि पाए जाते हैं। कम द्रव्यमान/गुरुत्व और कम पलायन वेग दीर्घकालीन गैस-हानि में योगदान देते हैं।

9. कार्य, ऊर्जा एवं शक्ति

कार्य

स्थिर बल के लिए W = Fs cosθ। कार्य अदिश राशि और SI इकाई जूल है। यदि विस्थापन शून्य हो या बल विस्थापन के लम्बवत हो, तो उस बल द्वारा किया गया कार्य शून्य होता है।

ऊर्जा

  • गतिज ऊर्जा: KE = ½mv² = p²/(2m)। द्रव्यमान स्थिर हो तो वेग दुगुना ⇒ KE चार गुनी; संवेग दुगुना ⇒ KE चार गुनी।
  • गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा: पृथ्वी की सतह के निकट छोटे ऊँचाई-अंतर पर ΔU ≈ mgh।
  • लोचीय स्थितिज ऊर्जा: स्प्रिंग, घड़ी की चाबी, तना धनुष आदि में। आदर्श स्प्रिंग के लिए U = ½kx²।
  • ऊर्जा संरक्षण: पृथक तंत्र में कुल ऊर्जा संरक्षित रहती है; रूप बदल सकता है।

ऊर्जा रूपांतरण

उपकरणमुख्य रूपांतरण
जनरेटरयांत्रिक → विद्युत
विद्युत मोटरविद्युत → यांत्रिक
माइक्रोफोनध्वनिक → विद्युत संकेत
लाउडस्पीकरविद्युत संकेत → ध्वनि
सौर कोशिकाप्रकाश → विद्युत

शक्ति

  • P = W/t; SI इकाई वाट (W)।
  • यांत्रिक horsepower का सामान्य मान लगभग 746 W है; horsepower की अलग परिभाषाएँ भी मिलती हैं।
  • 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J; विद्युत बिलिंग में इसे प्रायः “1 यूनिट” कहा जाता है।

10. अभ्यास प्रश्न — PYQ नहीं

प्रश्न 1. वर्तमान SI में रेडियन और स्टेरेडियन किस श्रेणी में आते हैं?

उत्तर: व्युत्पन्न, आयामहीन इकाइयाँ; पुराने “संपूरक इकाई” वर्ग को 1995 में समाप्त किया जा चुका है।
प्रश्न 2. किसी वस्तु का द्रव्यमान स्थिर रखते हुए उसका संवेग 2 गुना कर दिया जाए तो गतिज ऊर्जा कितनी होगी?

उत्तर: 4 गुनी, क्योंकि KE = p²/(2m)।
प्रश्न 3. “चंद्रमा पर कोई वातावरण नहीं है” कथन क्यों वैज्ञानिक रूप से अधूरा है?

उत्तर: चंद्रमा के पास अत्यंत विरल एक्सोस्फीयर है; वह पृथ्वी जैसा घना वातावरण नहीं रखता।

11. सत्यापित BPSC PYQ स्थिति

मूल PDF में 2015–2023 के कई प्रश्न BPSC PYQ के रूप में दिए गए हैं। उन्हें अभी इस पृष्ठ पर वास्तविक PYQ के रूप में प्रकाशित नहीं किया गया है। प्रत्येक प्रश्न को बिहार लोक सेवा आयोग की आधिकारिक प्रश्न-पुस्तिका/उत्तर-कुंजी से सत्यापित करने के बाद ही अलग “वास्तविक PYQ” खंड में जोड़ा जाएगा।

मूल आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध “भौतिक विज्ञान भाग 1” नोट्स। बाहरी सत्यापन/अद्यतन: अंतरराष्ट्रीय भार एवं माप ब्यूरो (BIPM) के आधुनिक SI, राष्ट्रीय मानक एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (NIST) के CODATA स्थिरांक तथा राष्ट्रीय वैमानिकी एवं अंतरिक्ष प्रशासन (NASA) की चंद्र एक्सोस्फीयर सामग्री से प्रमुख सुधार किए गए। अंतिम संपादकीय अद्यतन: 5 अक्टूबर 2026।