बिहार लोक सेवा आयोग (Bihar Public Service Commission—BPSC) · सामान्य विज्ञान · रसायन विज्ञान

भाग 3: कार्बन, हाइड्रोकार्बन, ईंधन, बहुलक, उर्वरक एवं दैनिक जीवन के रसायन

यह पृष्ठ आपकी दी हुई “रसायन विज्ञान भाग 3” सामग्री के विषय-विन्यास पर आधारित है। कार्बन से लेकर ईंधन, बहुलक, उर्वरक, काँच-सीमेंट और दैनिक रसायनों तक मूल कवरेज रखा गया है; पुराने या अत्यधिक सरल कथनों को अलग से सुधारकर प्रस्तुत किया गया है।

मुख्य आधारकार्बन अपररूप और हाइड्रोकार्बन
स्कोरिंग क्षेत्रईंधन और बहुलक
उच्च प्राथमिकताउर्वरक एवं दैनिक जीवन के रसायन

मूल नोट्स से किए गए प्रमुख तथ्य-सुधार

  • कार्बन का द्रव्यमान: “कार्बन का द्रव्यमान = 12” केवल कार्बन-12 समस्थानिक की द्रव्यमान संख्या है। प्राकृतिक कार्बन का मानक सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान लगभग 12.01 है।
  • LPG: ब्यूटेन 60% और प्रोपेन 40% कोई सार्वभौमिक स्थिर अनुपात नहीं है; वास्तविक मिश्रण क्षेत्र, मौसम और आपूर्ति के अनुसार बदलता है।
  • हाइड्रोजन का उष्मीय मान: लगभग 120 MJ/kg (निम्न उष्मीय मान) से 142 MJ/kg (उच्च उष्मीय मान) संदर्भ के अनुसार उपयोग किए जाते हैं; 150 kJ/g को कठोर सार्वभौमिक मान न मानें।
  • “शून्य कार्बन ईंधन”: हाइड्रोजन के उपयोग-स्थल पर CO₂ नहीं बनती, लेकिन उसका कुल जीवन-चक्र उत्सर्जन इस बात पर निर्भर करता है कि हाइड्रोजन कैसे बनाई गई। वायु में दहन पर NOₓ भी बन सकता है।
  • NPK = 4:2:1: कोई सार्वभौमिक “आदर्श अनुपात” नहीं है। सही उर्वरक आवश्यकता फसल, मिट्टी-परीक्षण, उपज लक्ष्य और स्थानीय कृषि परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
  • पौधों द्वारा नाइट्रोजन ग्रहण: पौधे नाइट्रोजन केवल नाइट्रेट के रूप में नहीं लेते; नाइट्रेट (NO₃⁻) और अमोनियम (NH₄⁺) दोनों सामान्य अवशोषित रूप हैं।
  • काँच: “काँच वास्तव में अतिशीतित द्रव है” पुराना और भ्रामक कथन है। सामान्य काँच को अक्रिस्टलीय ठोस (Amorphous Solid) माना जाता है।
  • पॉलीकार्बोनेट: सुरक्षा/बैलिस्टिक ग्लेज़िंग में पॉलीकार्बोनेट का उपयोग हो सकता है, पर “बुलेटप्रूफ काँच = केवल Lexan” अत्यधिक सरलीकरण है; सामान्यतः बहुपरत संरचना होती है।
  • सैकरीन: इसे लगभग 300–500 गुना सुक्रोज से मीठा माना जाता है; “ठीक 500 गुना” स्थिर मान नहीं है।
  • विस्फोटक खंड: परीक्षा के लिए केवल नाम, पूर्ण रूप/रासायनिक पहचान और ऐतिहासिक संदर्भ रखा गया है; निर्माण अथवा प्रयोग की प्रक्रियाएँ शामिल नहीं की गई हैं।

इस भाग की अध्ययन-सूची

1. कार्बन एवं उसके अपररूप

कार्बन का परमाणु क्रमांक 6 है और यह समूह 14 का तत्व है। इसकी चतुःसंयोजकता और मजबूत C–C बंध बनाने की क्षमता के कारण इसमें असाधारण श्रृंखलन (Catenation) पाया जाता है।

अपररूपसंरचनामुख्य गुण एवं उपयोग
हीराsp³, त्रिविमीय सहसंयोजक जालमोह्स कठोरता 10; विद्युत का खराब चालक, पर उत्कृष्ट ऊष्मा चालक; काटने/घिसाई और आभूषण में।
ग्रेफाइटsp², परतदार षट्कोणीय जालपरतों के बीच कमजोर आकर्षण; शुष्क स्नेहक, पेंसिल, इलेक्ट्रोड; delocalized इलेक्ट्रॉनों के कारण विद्युत चालक।
C₆₀ फुलरीन12 पंचकोण + 20 षट्कोण वाला बंद पिंजराबकमिंस्टरफुलरीन; नैनो-विज्ञान में महत्वपूर्ण।
ग्राफीनsp² कार्बन की एक-परमाणु मोटी द्विविमीय परतउच्च यांत्रिक शक्ति, विद्युत और ऊष्मीय चालकता; 2010 का भौतिकी नोबेल ग्राफीन पर अग्रणी प्रयोगों के लिए।
अक्रिस्टलीय कार्बनकोयला, चारकोल, कार्बन ब्लैक आदिसक्रिय कार्बन उच्च पृष्ठ क्षेत्र के कारण अधिशोषण में उपयोगी।

ध्यान दें: “हीरा प्रकृति का सबसे कठोर पदार्थ” सामान्य प्रतियोगी-परीक्षा कथन है; यहाँ प्राकृतिक खनिज कठोरता के संदर्भ में समझें।

2. हाइड्रोकार्बन

वर्गबंधनसामान्य सूत्रउदाहरण/तथ्य
एल्केनकेवल C–C एकल बंधअचक्रीय संतृप्त के लिए CₙH₂ₙ₊₂मेथेन, ईथेन, प्रोपेन, ब्यूटेन
एल्कीनकम-से-कम एक C=Cएक द्विबंध वाले अचक्रीय एल्कीन के लिए CₙH₂ₙएथीन/एथिलीन; प्राकृतिक पादप हार्मोन और फल पकने में भूमिका
एल्काइनकम-से-कम एक C≡Cएक त्रिबंध वाले अचक्रीय एल्काइन के लिए CₙH₂ₙ₋₂एथाइन/एसीटिलीन; ऑक्सी-एसीटिलीन ज्वाला वेल्डिंग में
एरोमैटिकसंयुग्मित चक्रीय π-तंत्रएकल सार्वभौमिक सूत्र नहींबेंजीन C₆H₆; विषाक्त और मानव कार्सिनोजेन

मेथेन

मेथेन रंगहीन और गंधहीन गैस है। दलदलों, धान के खेतों, जुगाली करने वाले पशुओं, लैंडफिल/सेप्टिक तंत्र और कोयला खानों से उत्सर्जित हो सकती है। कोयला खानों में मेथेन-वायु मिश्रण को पारंपरिक रूप से फायरडैम्प कहा गया है।

कैल्शियम कार्बाइड और फल पकाना

कैल्शियम कार्बाइड नमी से एसीटिलीन उत्पन्न करता है। भारत में खाद्य सुरक्षा के संदर्भ में कार्बाइड द्वारा कृत्रिम पकाने को सुरक्षित विधि नहीं माना जाता; नियंत्रित फल-पकाने के लिए एथिलीन-आधारित प्रणालियाँ अधिक उपयुक्त हैं।

3. प्रमुख ईंधन एवं गुणवत्ता सूचकांक

ईंधनमुख्य संघटनपरीक्षा तथ्य
द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG)मुख्यतः प्रोपेन और ब्यूटेन का परिवर्तनीय मिश्रणदाब में द्रव रूप में संग्रह; रिसाव पहचान हेतु तीव्र गंध वाला सल्फर-युक्त odorant मिलाया जाता है।
संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG)मुख्यतः मेथेनवाहन ईंधन; पेट्रोल/डीजल की तुलना में कण और कुछ प्रदूषक कम हो सकते हैं, पर यह जीवाश्म ईंधन ही है।
बायोगैसमुख्यतः CH₄ + CO₂अवायवीय अपघटन; अवशेष पोषक-समृद्ध डाइजेस्टेट के रूप में उपयोगी हो सकता है।
जल गैसCO + H₂ऐतिहासिक रूप से तप्त कार्बन और भाप से तैयार गैसीय मिश्रण।
प्रोड्यूसर गैसमुख्यतः CO + N₂, साथ में अन्य गैसेंकार्बन ईंधन का सीमित वायु में गैसीकरण।
हाइड्रोजनH₂उपयोग-स्थल पर CO₂ नहीं बनती; उष्मीय मान बहुत उच्च, लेकिन उत्पादन-पथ से कुल उत्सर्जन तय होता है।
  • ऑक्टेन संख्या: स्पार्क-इग्निशन ईंधन की नॉकिंग-रोधी गुणवत्ता का मापक।
  • सीटेन संख्या: डीजल-जैसे संपीड़न-इग्निशन ईंधन की प्रज्वलन गुणवत्ता/विलंब से संबंधित।

4. बहुलक एवं प्लास्टिक

प्राकृतिक रबर

प्राकृतिक रबर मुख्यतः cis-1,4-polyisoprene है। वल्कनीकरण में सल्फर-आधारित क्रॉस-लिंकिंग से उसकी प्रत्यास्थता, शक्ति और ताप-सहनशीलता सुधरती है। आवश्यक सल्फर मात्रा उत्पाद के अनुसार बदलती है; 3–5% को सार्वभौमिक अनुपात न मानें।

बहुलकमूल एकलक/आधारमुख्य उपयोग
PTFE / टेफ्लॉनटेट्राफ्लुओरोएथिलीनकम घर्षण, रासायनिक प्रतिरोध; नॉन-स्टिक और औद्योगिक उपयोग
नायलॉन-6,6हेक्सामेथिलीन डायमीन + एडिपिक अम्लरेशे, रस्सियाँ, इंजीनियरिंग प्लास्टिक
रेयॉनपुनर्जनित सेल्यूलोजअर्ध-संश्लेषित/पुनर्जनित रेशा; “कृत्रिम रेशम” नाम से प्रसिद्ध
बैकेलाइटफिनोल + फॉर्मेल्डिहाइडथर्मोसेटिंग रेज़िन; विद्युत इन्सुलेटिंग हिस्से
मेलामाइन-फॉर्मेल्डिहाइडमेलामाइन + फॉर्मेल्डिहाइडलैमिनेट, टेबलवेयर, कठोर ऊष्मा-प्रतिरोधी रेज़िन
PVCविनाइल क्लोराइडपाइप, केबल इन्सुलेशन, निर्माण सामग्री
केवलरअरामिड बहुलकबहुत उच्च strength-to-weight; सुरक्षात्मक रेशे, टायर/कम्पोज़िट
पॉलीकार्बोनेटकार्बोनेट समूह वाला इंजीनियरिंग थर्मोप्लास्टिकप्रभाव-प्रतिरोधी पारदर्शी पैनल; बहुपरत सुरक्षा ग्लेज़िंग में उपयोग

5. साबुन एवं अपमार्जक

  • साबुन: उच्च वसा अम्लों के सोडियम या पोटेशियम लवण।
  • साबुनीकरण: वसा/तेल का मजबूत क्षार से जल-अपघटन, जिससे साबुन और ग्लिसरॉल बनते हैं।
  • कठोर जल के Ca²⁺ और Mg²⁺ आयनों से साबुन अघुलनशील लवण/स्कम बनाता है, इसलिए सफाई क्षमता घटती है।
  • कृत्रिम अपमार्जक: प्रायः लंबी हाइड्रोकार्बन श्रृंखला के सल्फोनेट/सल्फेट लवण; कई प्रकार कठोर जल में साबुन से बेहतर काम करते हैं। “साबुन-रहित साबुन” बोलचाल की अभिव्यक्ति है, वैज्ञानिक परिभाषा नहीं।

6. प्रमुख विस्फोटक — केवल परीक्षा-परिचय

BPSC स्तर पर पहचान के लिए नाम याद रखना पर्याप्त है। निर्माण, अनुपात या प्रयोग की विधि इस अध्ययन-पृष्ठ में शामिल नहीं की गई है।

नामपरीक्षा-परिचय
डायनामाइटअल्फ्रेड नोबेल से ऐतिहासिक रूप से जुड़ा विस्फोटक; नाइट्रोग्लिसरीन-आधारित प्रारंभिक रूप।
RDXएक उच्च-ऊर्जा नाइट्रामीन विस्फोटक; hexogen/cyclonite जैसे नामों से भी जाना जाता है।
TNTट्राइनाइट्रोटोल्यून (Trinitrotoluene)
पिक्रिक अम्ल2,4,6-trinitrophenol; ऐतिहासिक उच्च-विस्फोटक उपयोग
नाइट्रोग्लिसरीनग्लिसरिल ट्राइनाइट्रेट; अत्यधिक संवेदनशील ऊर्जावान यौगिक

7. रासायनिक उर्वरक

पौध पोषण में नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P) और पोटेशियम (K) प्रमुख प्राथमिक पोषक तत्व हैं, लेकिन इनका कोई एक सार्वभौमिक आदर्श अनुपात नहीं है। उर्वरक सिफारिश मिट्टी-परीक्षण, फसल और क्षेत्र के अनुसार तय होती है।

उर्वरकसंघटनमुख्य तथ्य
यूरियाCO(NH₂)₂लगभग 46% N; 1828 में फ्रेडरिक वोहलर का संश्लेषण जैविक रसायन के इतिहास में महत्वपूर्ण। मिट्टी में यूरिया शीघ्र NH₄⁺ में परिवर्तित होती है; पौधे सामान्यतः NH₄⁺ और NO₃⁻ दोनों ग्रहण कर सकते हैं।
DAP(NH₄)₂HPO₄व्यावसायिक ग्रेड प्रायः 18-46-0 के रूप में व्यक्त: लगभग 18% N और 46% P₂O₅ समतुल्य।
MOPKClम्यूरिएट ऑफ पोटाश; प्रायः लगभग 60% K₂O समतुल्य ग्रेड। भारत घरेलू पोटाश उत्पादन की कमी के कारण आयात पर अत्यधिक निर्भर है; “हर परिस्थिति में ठीक 100%” जैसा स्थिर दावा न रखें।

नीम-लेपित यूरिया: भारत में सब्सिडीकृत कृषि यूरिया को नीम-लेपित रूप में आपूर्ति करने की नीति पोषक उपयोग-दक्षता बढ़ाने और गैर-कृषि diversion कम करने के उद्देश्य से लागू की गई।

8. काँच एवं सीमेंट

काँच

काँच एक अक्रिस्टलीय ठोस है—इसके परमाणु/अणु दीर्घ-दूरी क्रिस्टलीय क्रम में व्यवस्थित नहीं होते। सामान्य पुराने पाठों में “अतिशीतित द्रव” लिखा मिलता है, लेकिन आधुनिक पदार्थ-विज्ञान में यह परिभाषा उपयुक्त नहीं मानी जाती।

  • कोबाल्ट यौगिक — प्रायः नीला रंग
  • क्रोमियम यौगिक — हरा
  • लौह यौगिक — पीला/भूरा/हरा, ऑक्सीकरण अवस्था पर निर्भर
  • बोरोसिलिकेट काँच — कम तापीय प्रसार के कारण प्रयोगशाला/रसोई के ताप-प्रतिरोधी उपयोग

पोर्टलैंड सीमेंट

जोसेफ एस्पडिन ने 1824 में पोर्टलैंड सीमेंट का पेटेंट लिया। औद्योगिक सीमेंट मुख्यतः कैल्शियम सिलिकेट चरणों से बना होता है। क्लिंकर में थोड़ी मात्रा में जिप्सम मिलाने का प्रमुख उद्देश्य सेटिंग को नियंत्रित करना और फ्लैश-सेट रोकना है।

9. दैनिक जीवन के महत्वपूर्ण रसायन

प्रयोगरसायन/तथ्य
मतदान की अमिट स्याहीसिल्वर नाइट्रेट आधारित अमिट स्याही; त्वचा/नाखून पर दीर्घकालिक दाग बनाती है।
कृत्रिम वर्षा / क्लाउड सीडिंगबादल की प्रकृति के अनुसार सिल्वर आयोडाइड, लवण या शुष्क बर्फ जैसे बीजारोपण पदार्थ उपयोग हो सकते हैं।
पारंपरिक फोटोग्राफीसिल्वर हैलाइड, जैसे AgBr, प्रकाश-संवेदी; सोडियम थायोसल्फेट “फिक्सर” के रूप में।
अश्रु-उत्तेजक एजेंटCN (α-chloroacetophenone) एक ऐतिहासिक tear agent; आधुनिक नियंत्रण एजेंटों में CS व्यापक। क्लोरोपिक्रिन भी तीव्र उत्तेजक विषैला रसायन है।
मस्टर्ड एजेंटसल्फर मस्टर्ड एक blister agent और रासायनिक युद्ध एजेंट; “गैस” नाम के बावजूद सामान्य ताप पर तैलीय द्रव हो सकता है।
भोपाल गैस त्रासदी2–3 दिसंबर 1984; यूनियन कार्बाइड संयंत्र से मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) सहित विषैली गैसों का रिसाव।
हास्य गैसनाइट्रस ऑक्साइड (N₂O); चिकित्सकीय निश्चेतना/पीड़ानाश में नियंत्रित उपयोग।
कृत्रिम मिठाससैकरीन लगभग 300–500×, एस्पार्टेम लगभग 200× और सुक्रालोज लगभग 600× सुक्रोज की मिठास के क्रम में संदर्भित किए जाते हैं; वास्तविक अनुभूति सांद्रता/भोजन पर निर्भर।

10. अभ्यास प्रश्न — PYQ नहीं

प्रश्न 1. निम्न कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राकृतिक रबर मुख्यतः आइसोप्रीन का बहुलक है।
2. LPG में प्रोपेन और ब्यूटेन का अनुपात सभी देशों और मौसमों में स्थिर रहता है।
3. काँच को आधुनिक पदार्थ-विज्ञान में अक्रिस्टलीय ठोस माना जाता है।

उत्तर: केवल 1 और 3।
प्रश्न 2. पौधे मृदा से नाइट्रोजन मुख्यतः किन रूपों में ग्रहण कर सकते हैं?

उत्तर: नाइट्रेट (NO₃⁻) और अमोनियम (NH₄⁺)।
प्रश्न 3. सही सुमेलन चुनिए: PTFE—नॉन-स्टिक/रासायनिक प्रतिरोध; DAP—18-46-0 ग्रेड; सिल्वर नाइट्रेट—अमिट स्याही; जिप्सम—सीमेंट सेटिंग नियंत्रण।

उत्तर: चारों सुमेलन सही हैं।

11. सत्यापित BPSC PYQ स्थिति

मूल PDF में 2015–2023 के कई प्रश्न BPSC PYQ के रूप में दिए गए हैं। अभी उन्हें वास्तविक PYQ के रूप में प्रकाशित नहीं किया गया है। प्रत्येक प्रश्न को बिहार लोक सेवा आयोग की आधिकारिक प्रश्न-पुस्तिका/उत्तर-कुंजी से सत्यापित करने के बाद ही अलग “वास्तविक PYQ” खंड में जोड़ा जाएगा।

मूल आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध “रसायन विज्ञान भाग 3” नोट्स। संपादकीय सत्यापन/अद्यतन: मानक रसायन विज्ञान, पदार्थ-विज्ञान, पौध पोषण और औद्योगिक रसायन संदर्भों के आधार पर पुराने/अत्यधिक सरल कथनों को संशोधित किया गया है। अंतिम संपादकीय अद्यतन: 5 अक्टूबर 2026।