भाग 2: अम्ल, क्षार, लवण, pH, आवर्त सारणी, धातु-अधातु, अयस्क एवं मिश्रधातुएँ
यह पृष्ठ आपकी दी हुई मूल सामग्री के विषय-विन्यास पर आधारित है। अम्ल-क्षार से लेकर धातुओं और मिश्रधातुओं तक सभी परीक्षा-उपयोगी खंड रखे गए हैं; बाहरी सत्यापन से मिले सुधार अलग और स्पष्ट रूप से जोड़े गए हैं।
मूल नोट्स से किए गए प्रमुख तथ्य-सुधार
- अम्लराज (Aqua Regia): सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल : सांद्र नाइट्रिक अम्ल = 3:1 आयतन अनुपात। यदि क्रम HNO₃:HCl लिखा जाए तो वही अनुपात 1:3 होगा।
- लैक्टिक अम्ल और थकान: तीव्र व्यायाम में मांसपेशीय थकान को केवल “लैक्टिक अम्ल जमा होने” से समझना पुराना सरलीकरण है; थकान बहु-कारकीय है।
- pH: 0–14 सामान्य तनु जलीय विलयनों के लिए सुविधाजनक पाठ्य सीमा है; अत्यधिक सांद्र विलयनों में pH 0 से कम या 14 से अधिक भी हो सकता है। शुद्ध जल का pH 7 लगभग 25°C पर होता है।
- आवर्त प्रवृत्तियाँ: परमाणु त्रिज्या, आयनन ऊर्जा और इलेक्ट्रॉन बंधुता के दिए गए दिशा-नियम सामान्य प्रवृत्तियाँ हैं, कठोर अपवादहीन नियम नहीं।
- रेडॉन: मूल नोट्स में इसे वायुमंडल में प्राकृतिक रूप से अनुपस्थित बताया गया था। यह गलत है—रेडॉन यूरेनियम/रेडियम के प्राकृतिक क्षय से बनने वाली रेडियोधर्मी गैस है और पर्यावरण में प्राकृतिक रूप से पाई जाती है। इसे विश्वसनीय भूकंप-पूर्वानुमान संकेतक मानना भी स्थापित वैज्ञानिक नियम नहीं है।
- धातु चालकता: सामान्य ताप पर विद्युत चालकता में चाँदी सबसे आगे है; उसके बाद ताँबा, सोना और एल्युमिनियम जैसे धातु आते हैं।
- गैलियम बनाम सीजियम: गैलियम हथेली की गर्मी से पिघल सकता है। सीजियम का गलनांक भी बहुत कम है, पर वह अत्यधिक अभिक्रियाशील है—उसे हाथ पर रखने वाला उदाहरण सुरक्षित/उचित नहीं है।
- बॉक्साइट: इसे एक निश्चित शुद्ध सूत्र Al₂O₃·2H₂O वाला यौगिक न समझें; यह विभिन्न जलयोजित एल्युमिनियम ऑक्साइड/हाइड्रॉक्साइड खनिजों का अयस्क-मिश्रण है।
- मोनाजाइट: “केरल में विश्व का सबसे बड़ा भंडार” जैसा निरपेक्ष दावा हटाया गया है। भारत में मोनाजाइट संसाधन कई तटीय राज्यों में फैले हैं; केरल उनमें महत्वपूर्ण है।
- मिश्रधातु प्रतिशत: पीतल, कांसा, सोल्डर और स्टेनलेस स्टील के प्रतिशत एक ही सार्वभौमिक अनुपात नहीं होते; नीचे दिए अनुपात सामान्य/प्रतिनिधि उदाहरण हैं।
इस भाग की अध्ययन-सूची
1. अम्ल, क्षार एवं सूचक
अम्ल
- अरहेनियस दृष्टि से अम्ल जलीय विलयन में H₃O⁺ की सांद्रता बढ़ाते हैं।
- ब्रॉन्स्टेड–लॉरी अम्ल प्रोटॉन दाता होता है।
- लुईस अम्ल इलेक्ट्रॉन-युग्म ग्रहण करता है; जैसे BF₃, AlCl₃।
- अम्लों को चखकर पहचानना प्रयोगशाला में असुरक्षित है; “खट्टा स्वाद” केवल पाठ्य विशेषता के रूप में पढ़ें।
प्राकृतिक स्रोतों में पाए जाने वाले प्रमुख अम्ल
| स्रोत | प्रमुख अम्ल | परीक्षा तथ्य |
|---|---|---|
| सिरका | एसीटिक/एथेनॉइक अम्ल, CH₃COOH | खाद्य सिरके में एसीटिक अम्ल का जलीय विलयन होता है; प्रतिशत उत्पाद के अनुसार बदल सकता है। |
| नींबू, संतरा | साइट्रिक अम्ल | खट्टे फलों में एस्कॉर्बिक अम्ल (विटामिन C) भी पाया जाता है। |
| इमली, अंगूर | टार्टरिक अम्ल | बेकिंग पाउडर में अम्लीय घटक के रूप में उपयोग हो सकता है। |
| पालक, कई पौधे | ऑक्सैलिक अम्ल/ऑक्सैलेट | कैल्शियम ऑक्सैलेट मानव गुर्दे की पथरी का सामान्य प्रकार है, पर सभी पथरियाँ यही नहीं होतीं। |
| दही/किण्वित दूध | लैक्टिक अम्ल | लैक्टिक अम्ल जीवाणु किण्वन से बनता है। मांसपेशीय थकान को केवल इसके “जमाव” से न जोड़ें। |
| चींटी का डंक | मेथेनॉइक/फॉर्मिक अम्ल — पाठ्यपुस्तकीय उदाहरण | इसे बिच्छू के विष पर लागू न करें; बिच्छू विष जटिल पेप्टाइड/प्रोटीन मिश्रण है। |
| सेब | मैलिक अम्ल | फल की खटास में योगदान। |
| कार्बोनेटेड जल | कार्बोनिक अम्ल, H₂CO₃ | CO₂ के जल में घुलने से संतुलन द्वारा थोड़ी मात्रा बनती है। |
| आमाशय रस | हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, HCl | अत्यधिक अम्लीय वातावरण; प्रोटीन पाचन और रोगाणु नियंत्रण में सहायक। |
अम्लराज
अम्लराज (Aqua Regia) ताजा तैयार सांद्र HCl और सांद्र HNO₃ का लगभग 3:1 आयतन मिश्रण है। यह सोना और प्लेटिनम जैसे उत्कृष्ट धातुओं को घोल सकता है।
क्षार
- अरहेनियस क्षार जलीय विलयन में OH⁻ की सांद्रता बढ़ाते हैं।
- ब्रॉन्स्टेड–लॉरी क्षार प्रोटॉन ग्रहण करता है।
- लुईस क्षार इलेक्ट्रॉन-युग्म दाता होता है।
- मिल्क ऑफ मैग्नीशिया — Mg(OH)₂ का निलंबन — अम्लता में एंटासिड के रूप में उपयोग होता है।
2. pH पैमाना एवं महत्वपूर्ण यौगिक
pH = −log₁₀ a(H⁺) अधिक सटीक परिभाषा है, जहाँ a(H⁺) हाइड्रोजन आयन की सक्रियता है। विद्यालय स्तर पर इसे प्रायः −log₁₀[H⁺] से समझाया जाता है।
| पदार्थ | सामान्य pH सीमा/मान | टिप्पणी |
|---|---|---|
| मानव रक्त | लगभग 7.35–7.45 | हल्का क्षारीय; संकीर्ण जैविक सीमा। |
| शुद्ध जल | लगभग 7.0 | 25°C पर तटस्थ; ताप बदलने पर तटस्थ pH भी बदलता है। |
| लार | व्यक्ति/समय के अनुसार बदलती | अक्सर लगभग 6–8 के भीतर। |
| दूध | लगभग 6.5–6.8 | हल्का अम्लीय; स्रोत और ताजगी से परिवर्तन। |
| सिरका | आमतौर पर लगभग 2–3 | एसीटिक अम्ल की सांद्रता पर निर्भर। |
| नींबू रस | आमतौर पर लगभग 2–3 | साइट्रिक अम्ल प्रमुख। |
दंतक्षय: दंत पट्टिका में जीवाणुओं द्वारा बने अम्ल से स्थानीय pH लगभग 5.5 या उससे नीचे जाने पर इनेमल का खनिज-विघटन बढ़ सकता है। लार, फ्लोराइड, ब्रशिंग और आहार आवृत्ति भी महत्वपूर्ण हैं।
महत्वपूर्ण औद्योगिक/घरेलू यौगिक
| नाम | सूत्र | मुख्य उपयोग/तथ्य |
|---|---|---|
| बेकिंग सोडा — सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट | NaHCO₃ | बेकिंग, कुछ अग्निशामक प्रणालियाँ, एंटासिड उपयोग। |
| धावन सोडा — सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट | Na₂CO₃·10H₂O | जल मृदुकरण, साबुन/काँच उद्योग। |
| विरंजक चूर्ण | विद्यालय-स्तर पर CaOCl₂ | विरंजन और रोगाणुनाशन; वास्तविक वाणिज्यिक पदार्थ कैल्शियम हाइपोक्लोराइट/क्लोराइड युक्त मिश्रण हो सकता है। |
| प्लास्टर ऑफ पेरिस | CaSO₄·½H₂O | जिप्सम को नियंत्रित गरम करने से; प्लास्टर, साँचे और चिकित्सकीय कास्ट। |
| पोटाश फिटकरी | KAl(SO₄)₂·12H₂O | जल-शोधन में स्कंदक; कसैले/स्टाइप्टिक उपयोग। यही सूत्र K₂SO₄·Al₂(SO₄)₃·24H₂O के समतुल्य रूप में भी लिखा जाता है। |
3. आधुनिक आवर्त सारणी
- मेंडेलीफ (1869): तत्वों के गुणों को मुख्यतः परमाणु भार के साथ व्यवस्थित किया।
- हेनरी मोज़ले: परमाणु क्रमांक को आधुनिक आवर्त व्यवस्था का आधार बनाया।
- आधुनिक सारणी में 7 आवर्त और 18 समूह हैं।
| गुण | आवर्त में बाएँ → दाएँ | समूह में ऊपर → नीचे | परीक्षा टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| परमाणु त्रिज्या | सामान्यतः घटती | सामान्यतः बढ़ती | प्रभावी नाभिकीय आवेश और नए इलेक्ट्रॉन कोश प्रमुख कारण। |
| प्रथम आयनन ऊर्जा | सामान्यतः बढ़ती | सामान्यतः घटती | अपवाद उपस्थित; हीलियम का प्रथम आयनन ऊर्जा बहुत उच्च। |
| विद्युतऋणात्मकता | सामान्यतः बढ़ती | सामान्यतः घटती | पॉलिंग पैमाने पर फ्लोरीन सर्वोच्च। |
| इलेक्ट्रॉन बंधुता | सामान्यतः अधिक अनुकूल होती | सामान्यतः कम अनुकूल | प्रवृत्ति में कई अपवाद; क्लोरीन की इलेक्ट्रॉन बंधुता फ्लोरीन से अधिक अनुकूल मानी जाती है। |
| धात्विक चरित्र | सामान्यतः घटता | सामान्यतः बढ़ता | बाएँ-नीचे भाग में धात्विक प्रवृत्ति अधिक। |
उत्कृष्ट/निष्क्रिय गैसें
समूह 18 में हीलियम, नियॉन, आर्गन, क्रिप्टॉन, जीनॉन, रेडॉन और ओगैनेसन आते हैं। रेडॉन प्राकृतिक रेडियोधर्मी गैस है जो विशेषतः यूरेनियम-रेडियम क्षय शृंखला से बन सकती है और मिट्टी/शैल से वातावरण में निकलती है।
4. धातु, अधातु एवं उपधातु
धातुओं के महत्वपूर्ण गुण एवं अपवाद
- चाँदी: सामान्य ताप पर सर्वोत्तम विद्युत चालक धातुओं में शीर्ष; ताँबा व्यापक विद्युत उपयोग में अधिक व्यावहारिक है।
- सोना: अत्यंत आघातवर्ध्य और तन्य।
- पारा: सामान्य कमरे के ताप पर द्रव धातु।
- ब्रोमीन: सामान्य कमरे के ताप पर द्रव अधातु।
- सोडियम और पोटेशियम: नरम और अत्यधिक अभिक्रियाशील; सुरक्षित भंडारण के लिए उपयुक्त हाइड्रोकार्बन तेल के नीचे रखा जाता है।
- सफेद फॉस्फोरस: वायु में आसानी से प्रज्वलित हो सकता है, इसलिए सामान्यतः जल के नीचे रखा जाता है।
- गैलियम: गलनांक लगभग 30°C के निकट होने से हथेली की गर्मी से पिघल सकता है।
- आयोडीन: चमकीला अधातु; ग्रेफाइट कार्बन का विद्युत चालक अपररूप।
उपधातु
बोरॉन, सिलिकॉन, जर्मेनियम, आर्सेनिक, एंटीमनी और टेल्यूरियम सामान्य पाठ्य सूची में रखे जाते हैं। “उपधातु” की सीमा पूरी तरह सार्वभौमिक नहीं है; पोलोनियम जैसे तत्व का वर्गीकरण अलग स्रोतों में भिन्न मिल सकता है। सिलिकॉन और जर्मेनियम अर्धचालक प्रौद्योगिकी में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
5. प्रमुख अयस्क एवं BPSC के लिए बिहार तथ्य
| धातु | मुख्य अयस्क/खनिज | सुधारित परीक्षा तथ्य |
|---|---|---|
| एल्युमिनियम | बॉक्साइट | मुख्य औद्योगिक अयस्क। क्रायोलाइट ऐतिहासिक/प्रक्रम-सहायक फ्लक्स के रूप में महत्वपूर्ण, पर इसे प्रमुख Al-अयस्क के समान दर्जा न दें। |
| लोहा | हेमेटाइट Fe₂O₃, मैग्नेटाइट Fe₃O₄ | आयरन पायराइट FeS₂ “Fool's Gold” कहलाता है, लेकिन आधुनिक लौह उत्पादन का सामान्य प्रमुख अयस्क नहीं। |
| ताँबा | चाल्कोपाइराइट CuFeS₂, मैलाकाइट, क्यूप्राइट | चाल्कोपाइराइट प्रमुख ताँबा अयस्कों में। |
| पारा | सिनाबार HgS | पारे का प्रमुख पारंपरिक अयस्क। |
| सीसा | गैलेना PbS | मुख्य सीसा अयस्क। |
| यूरेनियम | युरेनिनाइट/पिचब्लेंड | यूरेनियम-ऑक्साइड समृद्ध खनिज; संरचना आदर्श सरल U₃O₈ तक सीमित नहीं। |
| थोरियम | मोनाजाइट | भारत में थोरियम और दुर्लभ मृदा तत्वों का महत्वपूर्ण स्रोत; तटीय प्लेसर कई राज्यों में। |
बिहार के आधिकारिक खनिज तथ्य
- भारतीय खान ब्यूरो के नवीन उपलब्ध बिहार खनिज-विवरण के अनुसार बिहार देश के पाइराइट संसाधनों का लगभग 94% रखता है।
- पाइराइट की उपस्थिति रोहतास में दर्ज है।
- बॉक्साइट की उपस्थिति मुंगेर और रोहतास जिलों में दर्ज है।
- हेमेटाइट की उपस्थिति भागलपुर तथा मैग्नेटाइट की उपस्थिति गया और जमुई क्षेत्रों में दर्ज की गई है।
6. प्रमुख मिश्रधातुएँ एवं संघटक
मिश्रधातुओं की वास्तविक औद्योगिक संरचना ग्रेड/उपयोग के अनुसार बदल सकती है। नीचे BPSC स्तर के लिए सामान्य प्रतिनिधि संघटन दिए गए हैं।
| मिश्रधातु | मुख्य संघटक | परीक्षा तथ्य/उपयोग |
|---|---|---|
| पीतल (Brass) | Cu + Zn | वाद्ययंत्र, फिटिंग, सजावटी वस्तुएँ; अनुपात अलग ग्रेड में बदलता है। |
| कांसा (Bronze) | मुख्यतः Cu + Sn | मूर्तियाँ, पदक, बेयरिंग आदि; कई विशेष कांस्य में अन्य तत्व भी। |
| जर्मन सिल्वर | Cu + Zn + Ni | चाँदी नहीं होती; निकेल-सिल्वर नाम भी प्रचलित। |
| 18/8 स्टेनलेस स्टील | Fe + लगभग 18% Cr + लगभग 8% Ni + कम C | यह एक प्रसिद्ध ग्रेड उदाहरण है; सभी स्टेनलेस स्टील 18/8 नहीं होते। |
| परंपरागत टिन–सीसा सोल्डर | Sn + Pb | पुराने विद्युत/धातु जोड़ में; आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स में पर्यावरणीय कारणों से कई स्थानों पर सीसा-मुक्त सोल्डर अपनाए जाते हैं। |
| गनमेटल | Cu + Sn + Zn | वाल्व, फिटिंग, बेयरिंग; संरचना ग्रेड अनुसार बदलती है। |
| अमलगम | Hg + अन्य धातु | पारंपरिक दंत अमलगम में पारा और चाँदी/टिन/ताँबा मिश्रधातु; उपयोग अब कई जगह सीमित/नियंत्रित। |
7. अभ्यास प्रश्न — PYQ नहीं
1. अम्लराज में सांद्र HCl और HNO₃ का आयतन अनुपात सामान्यतः 3:1 होता है।
2. रेडॉन प्राकृतिक रूप से वातावरण में बिल्कुल नहीं पाया जाता।
3. शुद्ध जल का pH 25°C पर लगभग 7 होता है।
उत्तर: केवल 1 और 3।
उत्तर: ताँबा + जस्ता + निकेल; इसमें वास्तविक चाँदी नहीं होती।
उत्तर: बिहार देश के लगभग 94% पाइराइट संसाधनों का धारक है और रोहतास में इसकी उपस्थिति दर्ज है।
8. सत्यापित BPSC PYQ स्थिति
मूल PDF में 2015–2023 के कई प्रश्न BPSC PYQ के रूप में दिए गए हैं। अभी उन्हें वास्तविक PYQ के रूप में प्रकाशित नहीं किया गया है। बिहार लोक सेवा आयोग की आधिकारिक प्रश्न-पुस्तिका/उत्तर-कुंजी से प्रत्येक प्रश्न का सत्यापन होने के बाद ही अलग “वास्तविक PYQ” खंड जोड़ा जाएगा।
मूल आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध “रसायन विज्ञान भाग 2” नोट्स। बाहरी सत्यापन/विस्तार: अंतरराष्ट्रीय शुद्ध एवं अनुप्रयुक्त रसायन संघ (IUPAC), संयुक्त राज्य पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA), भारतीय खान ब्यूरो (IBM), परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय (AMD) तथा मानक रसायन विज्ञान संदर्भों से चयनित सुधार। अंतिम संपादकीय अद्यतन: 5 अक्टूबर 2026।