BPSC · बिहार विशेष · इतिहास

भाग 3: आधुनिक बिहार-I — यूरोपीय आगमन से 1857 तक

यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों, बक्सर के युद्ध, कंपनी शासन, प्रारंभिक प्रतिरोधों और 1857 की क्रांति में बिहार की भूमिका का अध्ययन।

व्यापारपटना · शोरा · अफीम
1764बक्सर का युद्ध
1857पीर अली · कुंवर सिंह

इस भाग में क्या पढ़ना है?

1. यूरोपीय व्यापारिक कंपनियाँ और बिहार

कंपनीपटना/बिहार में उपस्थितिमुख्य व्यापार
पुर्तगाली17वीं सदी के आरंभ से नदी मार्ग द्वारा पटना व्यापारसूती वस्त्र और अन्य वस्तुएँ
डच1632 से पटना में व्यापारिक प्रतिष्ठानविशेष रूप से शोरा, वस्त्र और अनाज
अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी17वीं सदी के मध्य में स्थायी व्यापारिक प्रतिष्ठानशोरा, अफीम, वस्त्र और अनाज
डेनिश18वीं सदी में पटना व्यापारशोरा प्रमुख वस्तु

बिहार का शोरा बारूद निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था; इसलिए पटना यूरोपीय व्यापारिक प्रतिस्पर्धा का प्रमुख केंद्र बना।

2. बक्सर का युद्ध और कंपनी का राजनीतिक नियंत्रण

  • मीर कासिम: राजधानी मुर्शिदाबाद से मुंगेर स्थानांतरित की; सेना और हथियार निर्माण को मजबूत किया।
  • बक्सर का युद्ध: 22 अक्टूबर 1764 को मीर कासिम, अवध के शुजाउद्दौला और शाह आलम द्वितीय के संयुक्त मोर्चे को हेक्टर मुनरो की कंपनी सेना ने पराजित किया।
  • इलाहाबाद की संधि, 1765: कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी प्राप्त हुई।
  • द्वैध शासन: रॉबर्ट क्लाइव ने राजस्व और प्रशासनिक अधिकारों को अलग ढंग से संचालित करने की व्यवस्था स्थापित की; 1772 में वारेन हेस्टिंग्स ने इसे समाप्त किया।

3. प्रारंभिक नागरिक और धार्मिक प्रतिरोध

  • नूनिया प्रतिरोध: हाजीपुर, तिरहुत, सारण और पूर्णिया के शोरा उत्पादक समुदायों का कंपनी नियंत्रण और शोषण के विरुद्ध प्रतिरोध।
  • लोटा विद्रोह, 1856: मुजफ्फरपुर जेल के कैदियों ने पीतल के लोटे हटाकर मिट्टी के बर्तन देने के निर्णय का विरोध किया।
  • वहाबी आंदोलन: पटना 19वीं सदी में वहाबी/तरीक़ा-ए-मुहम्मदिया गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बना; विलायत अली और इनायत अली प्रमुख नाम हैं।

4. जनजातीय आंदोलन — अविभाजित बिहार क्षेत्र

आंदोलनकालनेताक्षेत्र
कोल विद्रोह1831–32बुधु भगत सहित अनेक स्थानीय नेताछोटानागपुर
संथाल हूल1855–56सिदो, कान्हू, चाँद, भैरवदामिन-ए-कोह/राजमहल क्षेत्र
उलगुलान1899–1900बिरसा मुंडाराँची–खूँटी क्षेत्र
ताना भगत आंदोलन1914 सेजतरा भगतगुमला–राँची क्षेत्र

5. 1857 की क्रांति और बिहार

  • 12 जून 1857: रोहिणी, देवघर में सैनिक विद्रोह की घटना को बिहार क्षेत्र में 1857 के आरंभिक प्रस्फोटों में गिना जाता है।
  • 3 जुलाई 1857, पटना: पुस्तक-विक्रेता पीर अली के नेतृत्व में विद्रोही गतिविधि; उन्हें 7 जुलाई को फाँसी दी गई।
  • 25 जुलाई 1857, दानापुर: सैनिक विद्रोह के बाद विद्रोही आरा की ओर बढ़े और जगदीशपुर के बाबू वीर कुंवर सिंह के नेतृत्व से जुड़े।
  • वीर कुंवर सिंह: लगभग 80 वर्ष की आयु में भोजपुर के जगदीशपुर से संघर्ष का नेतृत्व; आरा, आजमगढ़ और जगदीशपुर अभियानों में उल्लेखनीय सफलता।
  • 23 अप्रैल 1858: जगदीशपुर में कंपनी सेना पर विजय; इसके कुछ दिन बाद 26 अप्रैल 1858 को कुंवर सिंह का निधन हुआ।
  • अमर सिंह: कुंवर सिंह के बाद प्रतिरोध जारी रखा और कैमूर क्षेत्र में छापामार युद्ध का सहारा लिया।

6. BPSC के पिछले वर्षों के प्रश्न

  1. 69वीं BPSC (2023): 1857 में बिहार के प्रमुख क्रांतिकारी नेता? उत्तर: बाबू वीर कुंवर सिंह।
  2. 68वीं BPSC (2023): पटना के 1857 विद्रोह का नेतृत्व किसने किया? उत्तर: पीर अली।
  3. 67वीं BPSC पुनर्परीक्षा (2022): कुंवर सिंह का केंद्र? उत्तर: जगदीशपुर।
  4. 67वीं BPSC (2022): डचों ने पटना में फैक्ट्री कब स्थापित की? उत्तर: 1632।
  5. 66वीं BPSC (2020): कुंवर सिंह किस क्षेत्र से 1857 के संघर्ष में जुड़े? उत्तर: आरा-जगदीशपुर।
  6. 66वीं BPSC पुनर्परीक्षा (2020): 1857 में पटना का कमिश्नर? उत्तर: विलियम टेलर।
  7. 65वीं BPSC (2019): बंगाल-बिहार में द्वैध शासन किसने लागू किया? उत्तर: रॉबर्ट क्लाइव।
  8. 64वीं BPSC (2018): अमर सिंह ने कहाँ छापामार संघर्ष चलाया? उत्तर: कैमूर की पहाड़ियों में।
  9. 63वीं BPSC (2017): संथाल विद्रोह के प्रमुख नेता? उत्तर: सिदो और कान्हू।
  10. 56वीं–59वीं BPSC (2015): मीर कासिम ने राजधानी कहाँ स्थानांतरित की? उत्तर: मुंगेर।

अद्यतन: 5 अक्टूबर 2026