बिहार लोक सेवा आयोग (Bihar Public Service Commission—BPSC) · बिहार विशेष · भूगोल
भाग 5: जलवायु, मानसून, वर्षा एवं कृषि-जलवायु क्षेत्र
बिहार की मानसूनी जलवायु, ऋतु-चक्र, वर्षा-वितरण और कृषि-जलवायु क्षेत्रों का परीक्षा-केंद्रित अध्ययन।
जलवायुउपोष्ण महाद्वीपीय मानसूनी
वर्षामुख्यतः दक्षिण-पश्चिम मानसून से
कृषि-जलवायुZone I · II · IIIA · IIIB
महत्वपूर्ण तथ्य
- बिहार उष्णकटिबंधीय से उपोष्ण क्षेत्र की संक्रमण पट्टी में स्थित है और इसकी जलवायु पर हिमालय, स्थलरुद्ध स्थिति तथा दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रभाव पड़ता है।
- राज्य की अधिकांश वर्षा जून से सितंबर के दक्षिण-पश्चिम मानसून काल में होती है।
- वर्षा सामान्यतः उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर घटती है; किशनगंज–पूर्णिया क्षेत्र अधिक आर्द्र है।
- बिहार के कृषि नियोजन में 4 कृषि-जलवायु इकाइयाँ प्रचलित हैं: Zone I, Zone II, Zone IIIA और Zone IIIB। इन्हें 3 व्यापक क्षेत्र मानकर Zone III को A और B में विभाजित भी किया जाता है।
- बिहार सरकार के सामान्य जलवायु प्रोफाइल में Köppen वर्गीकरण Cwa दिया गया है; पारंपरिक भारतीय परीक्षा-साहित्य में उत्तर बिहार के लिए Cwg का प्रयोग भी मिलता है।
इस भाग में क्या पढ़ना है?
1. बिहार की जलवायु का सामान्य स्वरूप
- प्रकृति: महाद्वीपीय मानसूनी, गर्म ग्रीष्म और ठंडी शीत ऋतु के साथ।
- स्थानिक भिन्नता: पूर्वोत्तर बिहार अधिक आर्द्र, जबकि दक्षिण-पश्चिम बिहार अपेक्षाकृत शुष्क।
- वर्षा: दीर्घकालीन सामान्य/औसत स्रोत और कालखंड के अनुसार बदलता है; सामान्यतः लगभग 1,000–1,200 मिमी के आसपास माना जाता है।
- मुख्य वर्षा स्रोत: दक्षिण-पश्चिम मानसून की बंगाल की खाड़ी शाखा।
2. जलवायु वर्गीकरण
| वर्गीकरण | बिहार के संदर्भ में | परीक्षा संकेत |
|---|---|---|
| Köppen | बिहार सरकार के सामान्य प्रोफाइल में Cwa; पुराने भारतीय भूगोल/प्रतियोगी साहित्य में उत्तर बिहार के लिए Cwg भी प्रचलित। | प्रश्न में दिए स्रोत/विकल्प को ध्यान से पढ़ें। |
| Thornthwaite | उत्तर की आर्द्रता अधिक और दक्षिण-पश्चिम की ओर नमी की उपलब्धता घटती है। | वर्षा–वाष्पोत्सर्जन संतुलन पर आधारित वर्गीकरण। |
| Trewartha | उत्तर बिहार उपोष्ण मानसूनी और दक्षिणी भाग अधिक उष्ण/महाद्वीपीय प्रभाव वाला। | तापमान और वर्षा के मौसमी वितरण पर बल। |
3. बिहार की प्रमुख ऋतुएँ
ग्रीष्म ऋतु — मार्च से मई/मध्य जून
- मई सामान्यतः सबसे गर्म महीना होता है।
- गया, औरंगाबाद, रोहतास और आसपास के दक्षिणी-पश्चिमी जिलों में तापमान 40°C से ऊपर जा सकता है।
- मई–जून में पश्चिमी और मध्य बिहार में गर्म, शुष्क लू चलती है।
- पूर्वी बिहार में प्री-मानसून गर्जन-तूफान और स्थानीय वर्षा होती है; इन्हें व्यापक पूर्वी भारत के नॉरवेस्टर/कालबैसाखी तंत्र से जोड़ा जाता है।
वर्षा ऋतु — जून से सितंबर/प्रारंभिक अक्टूबर
- मानसून सामान्यतः जून में बिहार पहुँचता है और पहले पूर्वोत्तर जिलों में सक्रिय होता है।
- राज्य की वार्षिक वर्षा का बड़ा भाग इसी अवधि में प्राप्त होता है।
- उत्तर बिहार में भारी वर्षा के साथ हिमालयी नदियों की बाढ़ का जोखिम बढ़ता है।
शीत ऋतु — दिसंबर से फरवरी
- दिसंबर–जनवरी में न्यूनतम तापमान सबसे कम रहता है।
- पश्चिमी विक्षोभ से हल्की शीतकालीन वर्षा हो सकती है, जो गेहूँ, चना और अन्य रबी फसलों के लिए उपयोगी होती है।
मानसून की वापसी — अक्टूबर से नवंबर
वर्षा घटती है, आर्द्रता कम होती है और तापमान में क्रमिक गिरावट शुरू होती है।
4. वर्षा का वितरण
बिहार में वर्षा समान रूप से वितरित नहीं है। पूर्वोत्तर जिलों—विशेषकर किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार—में अधिक वर्षा होती है, जबकि दक्षिण-पश्चिमी जिलों में अपेक्षाकृत कम। भारतीय मौसम विभाग के दीर्घकालीन आँकड़े भी इस पूर्वोत्तर–दक्षिण-पश्चिम अंतर को स्पष्ट करते हैं।
5. बिहार के कृषि-जलवायु क्षेत्र
| क्षेत्र | जिले | औसत वर्षा | प्रमुख फसलें/विशेषता |
|---|---|---|---|
| Zone I — उत्तर-पश्चिम | पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, गोपालगंज, बेगूसराय | 1,040–1,450 मिमी | धान, गेहूँ, मक्का, गन्ना, सब्जियाँ, आम, लीची |
| Zone II — उत्तर-पूर्व | पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, खगड़िया, अररिया, किशनगंज | 1,200–1,700 मिमी | धान, मक्का, जूट, चाय, मखाना, अनानास, ड्रैगन फ्रूट |
| Zone IIIA — दक्षिण-पूर्व | शेखपुरा, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, भागलपुर, बांका | लगभग 990–1,240 मिमी | धान, गेहूँ, मक्का, दलहन, तिलहन, सब्जियाँ, आम |
| Zone IIIB — दक्षिण-पश्चिम | रोहतास, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, अरवल, पटना, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, औरंगाबाद, गया | लगभग 990–1,240 मिमी | धान, गेहूँ, दलहन, तिलहन, सब्जियाँ; सूखा व ताप तनाव अपेक्षाकृत अधिक |
6. समसामयिकी
- चौथा कृषि रोडमैप (2023–2028): 18 अक्टूबर 2023 को प्रारंभ; जलवायु-अनुकूल कृषि, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पर बल।
- जैविक गलियारा: गंगा क्षेत्र के जिलों में जैविक खेती को बढ़ावा देने की राज्य पहल, जो मृदा स्वास्थ्य और नदी प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी है।
- वज्रपात चेतावनी: बिहार में इंद्रवज्र जैसे डिजिटल साधनों का उपयोग वज्रपात संबंधी चेतावनी और जन-जागरूकता के लिए किया गया है।
- किशनगंज: अधिक वर्षा और अनुकूल अम्लीय मृदा के कारण चाय, अनानास तथा नई बागवानी फसलों का महत्वपूर्ण क्षेत्र।
7. अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1. बिहार में वर्षा सामान्यतः किस दिशा में घटती है?
उत्तर: पूर्वोत्तर से दक्षिण-पश्चिम की ओर।
उत्तर: पूर्वोत्तर से दक्षिण-पश्चिम की ओर।
प्रश्न 2. Zone II के प्रमुख जिले कौन-से हैं?
उत्तर: पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, खगड़िया, अररिया और किशनगंज।
उत्तर: पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, खगड़िया, अररिया और किशनगंज।
प्रश्न 3. पश्चिमी विक्षोभ से होने वाली हल्की वर्षा किस मौसम की फसलों के लिए उपयोगी है?
उत्तर: रबी फसलों के लिए।
उत्तर: रबी फसलों के लिए।
8. BPSC के पिछले वर्षों के प्रश्न
- 69वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा (2023): Köppen वर्गीकरण के अनुसार उत्तर बिहार की जलवायु को किससे प्रदर्शित किया जाता है? उत्तर: Cwg।
- 68वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा (2023): बिहार में न्यूनतम वर्षा किस जिले/क्षेत्र में दर्ज की जाती है? उत्तर: औरंगाबाद/अरवल क्षेत्र।
- 67वीं BPSC पुनर्परीक्षा (2022): बिहार में मानसून सामान्यतः किस महीने प्रवेश करता है? उत्तर: जून।
- 67वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा (2022): Köppen वर्गीकरण के अनुसार बिहार के अधिकांश भाग को किस जलवायु प्रकार में रखा जाता है? उत्तर: पारंपरिक परीक्षा-साहित्य में Cwg।
- 66वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा (2020): बिहार के किस जिले में सर्वाधिक वर्षा होती है? उत्तर: किशनगंज।
- 65वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा (2019): बिहार का सर्वाधिक गर्म जिला कौन-सा माना जाता है? उत्तर: गया।
- 64वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा (2018): ग्रीष्मकाल में चलने वाली अत्यंत गर्म एवं शुष्क हवाओं को क्या कहते हैं? उत्तर: लू।
- 63वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा (2017): बिहार में शीतकालीन वर्षा का मुख्य कारण क्या है? उत्तर: पश्चिमी विक्षोभ।
- 60वीं–62वीं BPSC (2016): बिहार में अधिकांश वर्षा किस मानसूनी शाखा से होती है? उत्तर: बंगाल की खाड़ी शाखा।
- 56वीं–59वीं BPSC (2015): बिहार को कितने कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है? उत्तर: 3 व्यापक क्षेत्र; व्यवहार में Zone IIIA और IIIB सहित 4 इकाइयाँ।
अद्यतन: 5 अक्टूबर 2026