बिहार लोक सेवा आयोग (Bihar Public Service Commission—BPSC) · बिहार विशेष · भूगोल

भाग 3: बिहार का अपवाह तंत्र एवं नदियाँ

बिहार के अपवाह तंत्र, गंगा, उत्तरी एवं दक्षिणी नदियों, प्रमुख संगमों और नदी परियोजनाओं का विस्तृत अध्ययन।

मुख्य धुरीगंगा नदी एवं 12 गंगा-तटीय जिले
उत्तर बिहारहिमालयी, बाढ़-प्रवण नदी तंत्र
दक्षिण बिहारपठारी/प्रायद्वीपीय नदी तंत्र

महत्वपूर्ण तथ्य

  • बिहार का नदी-तंत्र गंगा नदी बेसिन का भाग है।
  • गंगा के मुख्य प्रवाह से बिहार के 12 जिले जुड़े हैं।
  • उत्तर बिहार की प्रमुख नदियाँ हिमालयी स्रोतों से आती हैं और बाढ़ तथा धारा-परिवर्तन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
  • दक्षिण बिहार की प्रमुख नदियाँ पठारी एवं प्रायद्वीपीय उच्चभूमियों से निकलती हैं।
  • कोसी–मेची अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना से अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में अतिरिक्त सिंचाई लाभ प्रस्तावित है।

इस भाग में क्या पढ़ना है?

1. बिहार के अपवाह तंत्र का सामान्य परिचय

बिहार का जल-अपवाह गंगा नदी के इर्द-गिर्द संगठित है। गंगा राज्य को मोटे तौर पर दो नदी-प्रदेशों में बाँटती है:

  • उत्तर बिहार: नेपाल और हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली गंडक, बागमती, कमला-बलान, कोसी, महानंदा जैसी नदियाँ; अधिक अवसाद, बार-बार धारा परिवर्तन और बाढ़ का उच्च जोखिम प्रमुख विशेषताएँ हैं।
  • दक्षिण बिहार: पठारी/प्रायद्वीपीय उच्चभूमियों से निकलने वाली सोन, पुनपुन, फल्गु, किऊल, कर्मनाशा, चंदन आदि नदियाँ; इनके प्रवाह में मानसूनी मौसमीपन अपेक्षाकृत अधिक है।

बिहार जल संसाधन विभाग की नदी-बेसिन सूची में घाघरा, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती-अधवारा, कमला-बलान, कोसी, महानंदा, कर्मनाशा, सोन, पुनपुन, किऊल, हरोहर, चंदन आदि को अलग बेसिन/उप-बेसिन के रूप में व्यवस्थित किया गया है।

2. गंगा — बिहार के अपवाह तंत्र की मुख्य धुरी

  • उद्गम तंत्र: भागीरथी का स्रोत गंगोत्री हिमनद क्षेत्र में है; देवप्रयाग में भागीरथी और अलकनंदा के संगम के बाद नदी “गंगा” कहलाती है।
  • बिहार में प्रवेश: बक्सर जिले के चौसा क्षेत्र के पास।
  • बिहार में प्रचलित लंबाई: लगभग 445 किमी।
  • मुख्य तटीय जिले: 12।

गंगा से जुड़े 12 जिले — पश्चिम से पूर्व

बक्सर → भोजपुर → सारण → पटना → वैशाली → समस्तीपुर → बेगूसराय → लखीसराय → मुंगेर → खगड़िया → भागलपुर → कटिहार

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की मुख्य-धारा जिला सूची भी बिहार के लिए इन्हीं 12 जिलों को दर्ज करती है।

3. उत्तरी बिहार की प्रमुख नदियाँ

नदीउद्गम/प्रवेशबिहार में प्रमुख क्षेत्रमुख्य तथ्य
घाघरा/सरयूतिब्बत–नेपाल हिमालयी तंत्र; सीवान के पास बिहार सीमा क्षेत्रसीवान, सारणउत्तर प्रदेश–बिहार सीमा के कुछ हिस्सों से जुड़ी; सारण क्षेत्र में गंगा से मिलती है।
गंडक/नारायणीनेपाल हिमालय; वाल्मीकिनगर क्षेत्र से बिहारपश्चिमी व पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशालीवाल्मीकिनगर बैराज महत्वपूर्ण; सोनपुर–हाजीपुर क्षेत्र के पास गंगा में संगम।
बूढ़ी गंडकपश्चिमी चंपारण क्षेत्रचंपारण, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़ियाखगड़िया क्षेत्र के पास गंगा से मिलती है; काबरताल क्षेत्र की नदीय भू-आकृति से संबंध।
बागमतीनेपाल के शिवपुरी/महाभारत क्षेत्रसीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुरधारा परिवर्तन और बाढ़ के लिए प्रसिद्ध; केंद्रीय जल आयोग इसे कोसी-बागमती तंत्र के रूप में मॉनिटर करता है।
कमला–बलाननेपाल; जयनगर के पास भारत प्रवेशमधुबनी, दरभंगाकमला नीचे की ओर बलान से मिलकर कमला-बलान प्रणाली बनाती है; बाढ़ दृष्टि से महत्वपूर्ण।
कोसीसुन कोसी, अरुण और तमुर जैसी हिमालयी धाराओं का संयुक्त तंत्रसुपौल, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार आदि“बिहार का शोक”; ऐतिहासिक रूप से व्यापक धारा-परिवर्तन; कटिहार क्षेत्र में गंगा से संगम।
महानंदादार्जिलिंग हिमालय क्षेत्रकिशनगंज, पूर्णिया, कटिहारउत्तर-पूर्व बिहार की प्रमुख नदी; आगे पश्चिम बंगाल/बांग्लादेश की ओर प्रवाहित।

बागमती और कमला-बलान की निचली धाराएँ कोसी तंत्र से जुड़ती हैं। उत्तर बिहार में नदी-धाराओं, शाखाओं और संगमों का स्वरूप बाढ़ तथा धारा-परिवर्तन के कारण जटिल है।

4. दक्षिणी बिहार की प्रमुख नदियाँ

नदीउद्गममुख्य बिहार क्षेत्रसंगम/विशेष तथ्य
कर्मनाशाकैमूर पहाड़ियाँकैमूर, बक्सरचौसा क्षेत्र के पास गंगा में मिलती है; उत्तर प्रदेश–बिहार सीमा से जुड़ी नदी।
सोनअमरकंटक क्षेत्र, मध्य प्रदेशरोहतास, औरंगाबाद, अरवल, भोजपुर, पटनामनेर क्षेत्र के पास गंगा से संगम; ऐतिहासिक सोन नहर प्रणाली बिहार की सिंचाई में महत्वपूर्ण।
पुनपुनझारखंड के पठारी क्षेत्रऔरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, पटनाफतुहा के पास गंगा में मिलती है।
फल्गुलीलाजन/निरंजना और मोहना के संगम से गया क्षेत्र मेंगया, जहानाबाद क्षेत्रविष्णुपद और पितृपक्ष से धार्मिक महत्व; गया जी रबर डैम इसी पर।
किऊल–हरोहर तंत्रझारखंड–जमुई पठारी क्षेत्रजमुई, लखीसरायदक्षिण बिहार के ताल क्षेत्र के अपवाह में महत्वपूर्ण।
अजयजमुई क्षेत्रजमुई से पूर्व की ओरबिहार में गंगा से नहीं मिलती; झारखंड और पश्चिम बंगाल होकर भागीरथी-हुगली तंत्र में जाती है।
चंदन/बड़ुआझारखंड की पहाड़ियाँबांका, भागलपुरदक्षिण-पूर्व बिहार की मौसमी नदी प्रणालियाँ; सिंचाई परियोजनाओं से भी जुड़ी।

5. समसामयिकी एवं परियोजनाएँ

कोसी–मेची अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 28 मार्च 2025 को इसे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल करने की मंजूरी दी। परियोजना में पूर्वी कोसी मुख्य नहर के 41.30 किमी हिस्से का पुनरुद्धार और उसे मेची नदी तक कुल 117.50 किमी तक विस्तारित करना शामिल है।

  • अतिरिक्त वार्षिक खरीफ सिंचाई: 2,10,516 हेक्टेयर।
  • लाभान्वित जिले: अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार।
  • निर्धारित पूर्णता: मार्च 2029।
  • जुलाई 2026 स्थिति: लगभग 8.5% भौतिक प्रगति।

गया जी रबर डैम

फल्गु नदी पर विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के पास गया जी रबर डैम निर्मित है। इसकी लंबाई लगभग 411 मीटर और ऊँचाई लगभग 3 मीटर है तथा इसका उद्देश्य विष्णुपद क्षेत्र में वर्ष भर जल उपलब्धता बनाए रखना है।

गंगा जल आपूर्ति योजना

मानसून के अधिशेष गंगा जल को उठाकर राजगीर और टेटर जलाशयों में संग्रहित कर राजगीर, गया, बोधगया और नवादा की पेयजल आवश्यकता और भूजल दबाव कम करने की योजना है।

विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन अभयारण्य

भागलपुर जिले में सुल्तानगंज से कहलगांव तक गंगा के लगभग 60 किमी नदी-खंड में विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन अभयारण्य स्थित है। यह गंगा नदी डॉल्फिन संरक्षण का महत्वपूर्ण क्षेत्र है।

6. आधिकारिक नदी-बेसिन दृष्टिकोण

बिहार जल संसाधन विभाग नदी-प्रबंधन को केवल “उत्तर बनाम दक्षिण” में नहीं, बल्कि अलग नदी-बेसिनों में भी देखता है। विभागीय सूची में प्रमुख बेसिन हैं: घाघरा, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती-अधवारा, कमला-बलान, कोसी, महानंदा, कर्मनाशा, सोन, पुनपुन, किऊल, हरिहर/हरोहर, बड़ुआ-बलेरना, चंदन तथा गंगा मुख्य धारा।

यह दृष्टिकोण BPSC के कथन-आधारित प्रश्नों में उपयोगी है, क्योंकि एक नदी की “मुख्य धारा”, “उप-बेसिन” और “अंतिम संगम” अलग स्तरों की बातें हो सकती हैं।

7. अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1. निम्न में से कौन-से चार जिले कोसी–मेची परियोजना से अतिरिक्त वार्षिक सिंचाई लाभ पाने वाले आधिकारिक जिले हैं?
उत्तर: अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार।
प्रश्न 2. गंगा की मुख्य धारा से बिहार के कितने जिले जुड़े हैं?
उत्तर: 12।
प्रश्न 3. पुनपुन नदी गंगा में कहाँ मिलती है?
उत्तर: फतुहा के पास।
प्रश्न 4. विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन अभयारण्य किस नदी और जिले में है?
उत्तर: गंगा नदी, भागलपुर जिला।

8. BPSC के पिछले वर्षों के प्रश्न

  1. 69वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा (2023): कोसी–मेची नदी जोड़ परियोजना मुख्य रूप से किस क्षेत्र को लाभान्वित करेगी? उत्तर: कोसी एवं पूर्णिया प्रमंडल/सीमांचल क्षेत्र।
  2. 68वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा (2023): गया जी रबर डैम किस नदी पर निर्मित है? उत्तर: फल्गु नदी।
  3. 67वीं BPSC पुनर्परीक्षा (2022): सोन नदी बिहार में कहाँ गंगा से मिलती है? उत्तर: मनेर के पास।
  4. 67वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा (2022): त्रिवेणी नहर किस नदी से निकाली गई है? उत्तर: गंडक नदी।
  5. 66वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा (2020): बिहार में गंगा नदी के किनारे कितने जिले स्थित हैं? उत्तर: 12।
  6. 66वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा (2020): बिहार में गंगा की लंबाई किस जिले में सर्वाधिक है? उत्तर: पटना।
  7. 65वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा (2019): बिहार की कौन-सी नदी लगातार मार्ग परिवर्तन और बाढ़ के लिए प्रसिद्ध है? उत्तर: कोसी।
  8. 64वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा (2018): तेल नदी किसकी सहायक नदी है? उत्तर: महानदी।
  9. 60वीं–62वीं BPSC (2016): बूढ़ी गंडक का उद्गम कहाँ है? उत्तर: सोमेश्वर श्रेणी के निकट पश्चिमी चंपारण क्षेत्र।
  10. 56वीं–59वीं BPSC (2015): कर्मनाशा नदी गंगा में कहाँ मिलती है? उत्तर: चौसा, बक्सर।

अद्यतन: 5 अक्टूबर 2026