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UPSC CSE 2027 लक्ष्य · वर्तमान आधिकारिक योजना पर आधारित

UPSC पाठ्यक्रम 2027
हिंदी में सम्पूर्ण पाठ्यक्रम

प्रारंभिक परीक्षा से साक्षात्कार तक—हर प्रश्नपत्र, अंक, अवधि और विषय को सरल, सुव्यवस्थित तथा एक ही पृष्ठ पर समझिए। 2027 की तैयारी शुरू करने वाले अभ्यर्थी भी नई अधिसूचना आने तक इसे आधार बना सकते हैं।

अंतिम सत्यापन: 14 सितंबर 2026भाषा: हिंदी
परीक्षा का पूरा मार्ग3 चरण
1

प्रारंभिक परीक्षाScreening Stage

2 Papers
2

मुख्य परीक्षाWritten परीक्षा

1750
3

साक्षात्कारPersonality Test

275
अंतिम मेरिट का कुल योग2025 अंक
प्रा

प्रारंभिक परीक्षा2 प्रश्नपत्र · 400 अंक

मु

मुख्य परीक्षा9 प्रश्नपत्र · 1750 मेरिट अंक

सा

साक्षात्कार275 अंक

कु

कुल2025 मेरिट अंक

UPSC सिविल सेवा परीक्षा का ढाँचा

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा क्रमशः प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार/व्यक्तित्व परीक्षण से पूरी होती है। प्रारंभिक परीक्षा केवल छँटनी चरण है; इसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते। अंतिम रैंक मुख्य परीक्षा के 1750 अंक और साक्षात्कार के 275 अंक मिलाकर बनती है।

चरण 1प्रारंभिक परीक्षाGS I + CSAT
चरण 2मुख्य परीक्षा9 लिखित प्रश्नपत्र
चरण 3साक्षात्कारव्यक्तित्व परीक्षण
ध्यान रखें

प्रारंभिक परीक्षा के दोनों प्रश्नपत्रों में उपस्थित होना अनिवार्य है। CSAT में कम-से-कम 33% अंक आवश्यक हैं। गलत उत्तर पर निर्धारित ऋणात्मक अंकन लागू होता है।

PRELIMS · PAPER I

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-I

200 अंक2 घंटेवस्तुनिष्ठ प्रकृति

इसी प्रश्नपत्र के अंकों के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए चयन की न्यूनतम चयनांक निर्धारित होती है।

  1. 01

    राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्त्व की समसामयिक घटनाएँभारत और विश्व की प्रमुख वर्तमान घटनाएँ तथा उनसे जुड़े मुद्दे।

  2. 02

    भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलनप्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक भारत के साथ स्वतंत्रता संग्राम।

  3. 03

    भारत एवं विश्व का भूगोलभारत और विश्व का भौतिक, सामाजिक एवं आर्थिक भूगोल।

  4. 04

    भारतीय राजव्यवस्था एवं शासनसंविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज, लोक नीति और अधिकार संबंधी मुद्दे।

  5. 05

    आर्थिक एवं सामाजिक विकाससतत विकास, गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी और सामाजिक क्षेत्र की पहलें।

  6. 06

    पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तनऐसे सामान्य विषय जिनके लिए विषय-विशेषज्ञता अपेक्षित नहीं है।

  7. 07

    सामान्य विज्ञानदैनिक जीवन से जुड़े विज्ञान और उसकी मूलभूत अवधारणाएँ।

PRELIMS · PAPER II

CSAT — सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-II

200 अंक2 घंटे33% न्यूनतम

यह अर्हकारी प्रश्नपत्र है, लेकिन इसमें कम-से-कम 66 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।

  • बोधगम्यता (Comprehension)
  • संचार कौशल सहित पारस्परिक कौशल
  • तार्किक कौशल एवं विश्लेषणात्मक क्षमता
  • निर्णय-निर्माण एवं समस्या-समाधान
  • सामान्य मानसिक योग्यता
  • आधारभूत संख्यात्मक योग्यता—संख्याएँ और उनके संबंध, परिमाण-क्रम आदि, कक्षा 10 स्तर
  • आँकड़ों की व्याख्या—चार्ट, ग्राफ, तालिकाएँ और data sufficiency, कक्षा 10 स्तर
दोनों Papers में उपस्थित होना अनिवार्यप्रश्न हिंदी और अंग्रेज़ी मेंMultiple Choice Questions

UPSC मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम एवं परीक्षा पैटर्न

मुख्य परीक्षा अभ्यर्थी की केवल जानकारी नहीं, बल्कि समझ की गहराई, विश्लेषण, विचारों की स्पष्टता और संक्षिप्त व प्रभावी अभिव्यक्ति का परीक्षण करती है। लिखित परीक्षा में कुल 9 प्रश्नपत्र होते हैं।

प्रश्नपत्रविषयअंकमेरिट में
Paper Aसंविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल चुनी हुई भारतीय भाषा300Qualifying
Paper BEnglish300Qualifying
प्रश्नपत्र-Iनिबंध / निबंध250हाँ
प्रश्नपत्र-IIसामान्य अध्ययन I250हाँ
Paper IIIसामान्य अध्ययन II250हाँ
Paper IVसामान्य अध्ययन III250हाँ
Paper Vसामान्य अध्ययन IV250हाँ
Paper VIवैकल्पिक विषय प्रश्नपत्र-I250हाँ
Paper VIIवैकल्पिक विषय प्रश्नपत्र-II250हाँ
लिखित परीक्षा के मेरिट अंक1750 अंक
Qualifying भाषा प्रश्नपत्र

भारतीय भाषा और English, दोनों 300-300 अंक के हैं। ये मैट्रिक स्तर के होते हैं और मेरिट में नहीं जुड़ते। मूल्यांकन आगे बढ़ने के लिए प्रत्येक में न्यूनतम 25% अंक आवश्यक हैं। भारतीय भाषा प्रश्नपत्र में comprehension, précis लेखन, vocabulary, short essay तथा अनुवाद शामिल हैं; English में comprehension, précis लेखन, vocabulary और short essay शामिल हैं।

नि
MAINS · PAPER I · 250 अंक

निबंध (निबंध)

अभ्यर्थी को विभिन्न विषयों पर निबंध लिखने पड़ सकते हैं। विषय पर केंद्रित रहते हुए विचारों को सुव्यवस्थित, संक्षिप्त और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना अपेक्षित है। सही और सटीक अभिव्यक्ति को महत्त्व दिया जाता है।

GS–I

MAINS · PAPER II · 250 अंक

भारतीय विरासत एवं संस्कृति, इतिहास, विश्व एवं समाज का भूगोल

इतिहास एवं संस्कृति

  • प्राचीन से आधुनिक काल तक कला रूपों, साहित्य और वास्तुकला के प्रमुख पक्ष।
  • 18वीं शताब्दी के मध्य से वर्तमान तक आधुनिक भारतीय इतिहास की प्रमुख घटनाएँ, व्यक्तित्व और मुद्दे।
  • स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न चरण तथा देश के अलग-अलग भागों से योगदानकर्ता और उनका योगदान।
  • स्वतंत्रता के बाद देश का एकीकरण और पुनर्गठन।
  • 18वीं शताब्दी से विश्व इतिहास—औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनर्निर्धारण, उपनिवेशवाद, उपनिवेश-मुक्ति तथा साम्यवाद, पूँजीवाद और समाजवाद जैसी राजनीतिक विचारधाराएँ एवं समाज पर उनका प्रभाव।

भारतीय समाज

  • भारतीय समाज की प्रमुख विशेषताएँ और भारत की विविधता।
  • महिलाओं एवं महिला संगठनों की भूमिका; जनसंख्या, गरीबी और विकास संबंधी मुद्दे; शहरीकरण, उसकी समस्याएँ और समाधान।
  • भारतीय समाज पर वैश्वीकरण का प्रभाव।
  • सामाजिक सशक्तीकरण, सांप्रदायिकता, क्षेत्रवाद और धर्मनिरपेक्षता।

भूगोल

  • विश्व के भौतिक भूगोल की प्रमुख विशेषताएँ।
  • विश्व में प्रमुख प्राकृतिक संसाधनों का वितरण; प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक उद्योगों की अवस्थिति के कारक।
  • भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखीय गतिविधि, चक्रवात जैसी महत्त्वपूर्ण भू-भौतिक घटनाएँ; जल निकायों, हिमावरण, वनस्पति और जीव-जंतुओं में स्थानगत परिवर्तन तथा उनके प्रभाव।
GS–II

MAINS · PAPER III · 250 अंक

शासन, संविधान, राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध

संविधान एवं राजव्यवस्था

  • भारतीय संविधान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और मूल संरचना।
  • संघ और राज्यों के कार्य एवं उत्तरदायित्व; संघीय ढाँचे की चुनौतियाँ; स्थानीय स्तर तक शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण।
  • विभिन्न अंगों के बीच शक्तियों का पृथक्करण तथा विवाद निवारण तंत्र और संस्थाएँ।
  • भारतीय संवैधानिक व्यवस्था की अन्य देशों से तुलना।
  • संसद और राज्य विधानमंडल—संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियाँ, विशेषाधिकार और संबंधित मुद्दे।
  • कार्यपालिका एवं न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य; मंत्रालय एवं विभाग; दबाव समूह तथा औपचारिक-अनौपचारिक संघों की भूमिका।
  • जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की प्रमुख विशेषताएँ।
  • संवैधानिक पदों पर नियुक्ति; संवैधानिक, वैधानिक, नियामक और अर्द्ध-न्यायिक निकाय।

शासन एवं सामाजिक न्याय

  • विभिन्न क्षेत्रों के विकास हेतु सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप तथा उनके निर्माण और क्रियान्वयन से उत्पन्न मुद्दे।
  • विकास प्रक्रिया एवं उद्योग—NGO, SHG, समूहों, संघों, दाताओं, धर्मार्थ संस्थाओं और अन्य हितधारकों की भूमिका।
  • कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ; संरक्षण और बेहतरी हेतु तंत्र, कानून, संस्थाएँ एवं निकाय।
  • स्वास्थ्य, शिक्षा और मानव संसाधन से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन के मुद्दे।
  • गरीबी और भूख से संबंधित मुद्दे।
  • शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही; e-governance, नागरिक चार्टर तथा संस्थागत उपाय।
  • लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका।

अंतरराष्ट्रीय संबंध

  • भारत और उसके पड़ोसी देशों के संबंध।
  • भारत से संबंधित या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह एवं समझौते।
  • विकसित और विकासशील देशों की नीतियों और राजनीति का भारत के हितों पर प्रभाव तथा भारतीय प्रवासी।
  • महत्त्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ, एजेंसियाँ और मंच—उनकी संरचना तथा अधिदेश।
GS–III

MAINS · PAPER IV · 250 अंक

प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन

अर्थव्यवस्था एवं कृषि

  • भारतीय अर्थव्यवस्था—योजना, संसाधन जुटाना, वृद्धि, विकास और रोजगार।
  • समावेशी विकास और उससे उत्पन्न मुद्दे; सरकारी बजट।
  • मुख्य फसलें और cropping patterns; सिंचाई, कृषि उपज का भंडारण, परिवहन और विपणन; किसानों हेतु e-technology।
  • कृषि सब्सिडी, MSP, PDS, buffer stock, खाद्य सुरक्षा, technology missions और पशुपालन का अर्थशास्त्र।
  • भारत में food processing उद्योग, उसकी अवस्थिति, आवश्यकताएँ और supply श्रृंखला management।
  • भारत में भूमि सुधार; उदारीकरण और औद्योगिक नीति का प्रभाव।
  • ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, हवाई अड्डे और रेलवे सहित अवसंरचना; निवेश मॉडल।

विज्ञान, पर्यावरण एवं आपदा

  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का विकास, उपयोग और दैनिक जीवन पर प्रभाव।
  • विज्ञान-प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; स्वदेशीकरण और नई तकनीक का विकास।
  • IT, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, robotics, nanotechnology, biotechnology और बौद्धिक संपदा अधिकार।
  • संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण तथा पर्यावरणीय प्रभाव आकलन।
  • आपदाएँ और आपदा प्रबंधन।

आंतरिक सुरक्षा

  • विकास और उग्रवाद के प्रसार के बीच संबंध।
  • बाहरी राज्य और गैर-राज्य तत्वों की भूमिका से उत्पन्न आंतरिक सुरक्षा चुनौतियाँ।
  • संचार नेटवर्क, मीडिया और social networking sites की भूमिका; cyber security तथा money laundering की रोकथाम।
  • सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ; संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध।
  • विभिन्न सुरक्षा बल और एजेंसियाँ तथा उनका अधिदेश।
GS–IV

MAINS · PAPER V · 250 अंक

नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि

  • नीतिशास्त्र एवं मानवीय अंतर्संबंधमानवीय कर्म में नैतिकता का सार, निर्धारक और परिणाम; निजी एवं सार्वजनिक संबंधों में नैतिकता; मानवीय मूल्य और परिवार, समाज तथा शिक्षा की भूमिका।
  • अभिवृत्तिविषयवस्तु, संरचना, कार्य; विचार और व्यवहार से संबंध; नैतिक और राजनीतिक अभिवृत्ति; सामाजिक प्रभाव और अनुनय।
  • सिविल सेवा के मूल मूल्यसत्यनिष्ठा, निष्पक्षता, गैर-पक्षपात, वस्तुनिष्ठता, लोक सेवा के प्रति समर्पण, सहानुभूति, सहिष्णुता और करुणा।
  • भावनात्मक बुद्धिमत्ताअवधारणाएँ तथा प्रशासन और शासन में उनका उपयोग एवं अनुप्रयोग।
  • नैतिक चिंतक एवं दार्शनिकभारत और विश्व के नैतिक चिंतकों तथा दार्शनिकों का योगदान।
  • लोक प्रशासन में नैतिकतानैतिक चिंताएँ और दुविधाएँ; कानून, नियम एवं अंतरात्मा; जवाबदेही, नैतिक शासन, अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नैतिक मुद्दे और corporate governance।
  • शासन में शुचितापारदर्शिता, RTI, आचार संहिता, नागरिक चार्टर, कार्य संस्कृति, सेवा की गुणवत्ता, सार्वजनिक धन का उपयोग और भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ।
  • Case Studiesउपर्युक्त विषयों पर व्यावहारिक परिस्थितियों और नैतिक दुविधाओं का विश्लेषण।

UPSC वैकल्पिक विषयों की सूची

अभ्यर्थी निम्नलिखित में से एक वैकल्पिक विषय चुनता है। उसके 2 प्रश्नपत्र होते हैं। वैकल्पिक विषय का स्तर सामान्यतः स्नातक सम्मान स्तर के आसपास होता है; अभियांत्रिकी, चिकित्सा विज्ञान और विधि में यह स्नातक स्तर के अनुरूप है।

कृषिपशुपालन एवं पशु चिकित्सा विज्ञानमानवशास्त्रवनस्पति विज्ञानरसायन विज्ञानसिविल इंजीनियरिंगवाणिज्य एवं लेखाशास्त्रअर्थशास्त्रविद्युत इंजीनियरिंगभूगोलभूविज्ञानइतिहासविधिप्रबंधनगणितयांत्रिक इंजीनियरिंगचिकित्सा विज्ञानदर्शनशास्त्रभौतिकीराजनीति विज्ञान एवं अंतरराष्ट्रीय संबंधमनोविज्ञानलोक प्रशासनसमाजशास्त्रसांख्यिकीप्राणी विज्ञानमान्य भाषाओं में से किसी एक का साहित्य
इतिहास वैकल्पिक

अध्ययनसार पर इतिहास वैकल्पिक के प्रश्नपत्र-I और प्रश्नपत्र-II का अलग, विषयवार पाठ्यक्रम अगला प्रमुख अध्ययन क्षेत्र होगा।

इतिहास वैकल्पिक देखें →
चरण 3275अंक

साक्षात्कार / व्यक्तित्व परीक्षण

साक्षात्कार का उद्देश्य लोक सेवा में करियर के लिए अभ्यर्थी की व्यक्तिगत उपयुक्तता और मानसिक क्षमता का आकलन करना है। यह कठोर जिरह नहीं, बल्कि स्वाभाविक लेकिन उद्देश्यपूर्ण संवाद होता है।

मानसिक सतर्कतातार्किक अभिव्यक्तिनिर्णय में संतुलनसामाजिक समन्वयनेतृत्वबौद्धिक एवं नैतिक सत्यनिष्ठासमसामयिकी में रुचि

UPSC पाठ्यक्रम से जुड़े प्रमुख प्रश्न

UPSC परीक्षा में कितने चरण होते हैं?

3 चरण—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार/Personality Test। प्रारंभिक परीक्षा screening परीक्षा है; अंतिम मेरिट मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार से बनती है।

क्या CSAT के अंक अंतिम मेरिट में जुड़ते हैं?

नहीं। CSAT अर्हकारी है, लेकिन इसमें कम-से-कम 33% अर्थात 66 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।

UPSC की अंतिम मेरिट कितने अंकों की होती है?

मुख्य परीक्षा के 1750 अंक और साक्षात्कार के 275 अंक मिलाकर अंतिम मेरिट कुल 2025 अंकों की होती है।

क्या यह UPSC पाठ्यक्रम 2027 का अंतिम आधिकारिक पाठ्यक्रम है?

2027 की विस्तृत अधिसूचना जारी होने तक यह पृष्ठ 2026 की आधिकारिक अधिसूचना और वर्तमान CSE योजना पर आधारित है। 2027 की अधिसूचना आने पर बदलावों का मिलान और पृष्ठ का पुनः सत्यापन आवश्यक होगा।

स्रोत एवं आवश्यक सूचना

यह हिंदी प्रस्तुति UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2026 की आधिकारिक अधिसूचना के आधार पर अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए तैयार की गई है। किसी विसंगति की स्थिति में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा प्रकाशित मूल अधिसूचना ही मान्य होगी। अध्ययनसार का UPSC या भारत सरकार से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।

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