UPSC प्रारंभिक परीक्षा क्या है?
सिविल सेवा Preliminary परीक्षा CSE का पहला चरण और screening परीक्षण है। इसमें दो objective (बहुविकल्पीय प्रश्न) प्रश्नपत्र होते हैं—सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-I और सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-II, जिसे सामान्यतः CSAT कहा जाता है।
प्रारंभिक परीक्षा के अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते। इसका उद्देश्य मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों का चयन करना है। फिर भी इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि GS प्रश्नपत्र-I की न्यूनतम चयनांक पार करने के साथ CSAT में न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त करना आवश्यक होता है और दोनों प्रश्नपत्र में उपस्थित होना अनिवार्य है।
UPSC प्रारंभिक परीक्षा 2027 Exam प्रतिरूप
2027 की विस्तृत अधिसूचना आने तक नीचे की संरचना वर्तमान UPSC CSE योजना पर आधारित है। अंतिम रूप से 13 जनवरी 2027 की आधिकारिक अधिसूचना देखें।
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-I
इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, विज्ञान और समसामयिकी से objective प्रश्न.
CSAT / सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-II
Comprehension, reasoning, basic numeracy, data interpretation और decision-making आधारित aptitude प्रश्नपत्र.
| विशेषता | GS प्रश्नपत्र-I | CSAT (प्रश्नपत्र-II) |
|---|---|---|
| प्रकृति | Merit screening | Qualifying |
| न्यूनतम अंक | UPSC द्वारा निर्धारित न्यूनतम चयनांक | 33% = 66/200 |
| प्रश्न प्रकार | Objective बहुविकल्पीय प्रश्न | Objective बहुविकल्पीय प्रश्न |
| गलत उत्तर | 1/3 negative marking | 1/3 negative marking |
| अंतिम मेरिट में अंक | नहीं जुड़ते | नहीं जुड़ते |
| उपस्थिति | दोनों प्रश्नपत्र में उपस्थित होना अनिवार्य | |
*100 और 80 प्रश्न वर्तमान प्रचलित CSE प्रारंभिक परीक्षा प्रारूप को दर्शाते हैं। 2027 की अधिसूचना/प्रश्नपत्र अंतिम प्रामाणिक स्रोत होंगे।
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-I का पाठ्यक्रम
UPSC का पाठ्यक्रम संक्षिप्त है, लेकिन प्रश्न विषयों को आपस में जोड़कर पूछे जाते हैं। इसलिए पाठ्यक्रम की हर पंक्ति को विगत प्रश्न के साथ पढ़ना अधिक उपयोगी है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्त्व की समसामयिक घटनाएँ
महत्त्वपूर्ण सरकारी नीतियाँ, वैश्विक घटनाएँ, संस्थाएँ, रिपोर्ट, पर्यावरणीय और वैज्ञानिक घटनाक्रम आदि।
भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन
प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक भारत के चयनित हिस्से; विशेष जोर आधुनिक भारत और राष्ट्रीय आंदोलन की समझ पर।
भारत एवं विश्व का भूगोल
भौतिक, सामाजिक और आर्थिक भूगोल—भारत तथा विश्व दोनों के संदर्भ में।
भारतीय राजव्यवस्था और शासन
संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज, सार्वजनिक नीति, अधिकार संबंधी मुद्दे और शासन की संस्थाएँ।
आर्थिक और सामाजिक विकास
सतत विकास, गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहल और अर्थव्यवस्था की मूल अवधारणाएँ।
पर्यावरण, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन
सामान्य पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, biodiversity और जलवायु परिवर्तन से जुड़े सामान्य मुद्दे; विशेषज्ञता आवश्यक नहीं।
सामान्य विज्ञान
दैनिक जीवन और समसामयिक संदर्भ से जुड़ी विज्ञान की बुनियादी समझ, जिसमें उभरती तकनीक के मूल सिद्धांत भी सहायक होते हैं।
पूरा मूल पाठ्यक्रम शब्दशः देखने के लिए अध्ययनसार UPSC पाठ्यक्रम पेज देखें।
CSAT में क्या पढ़ना है?
CSAT अर्हकारी है, लेकिन “सिर्फ अर्हकारी” का अर्थ “बिना तैयारी” नहीं है। न्यूनतम 33% यानी 66 अंक आवश्यक हैं। कठिन प्रश्नपत्र या कमजोर अभ्यास के कारण कई गंभीर अभ्यर्थी इसी चरण पर रुक जाते हैं।
Comprehension
गद्यांश पढ़कर अर्थ, निष्कर्ष, तर्क और कथनों की समझ।
Interpersonal & Communication Skills
अंतर्वैयक्तिक कौशल और संचार संबंधी बुनियादी समझ।
Logical Reasoning & Analytical Ability
तार्किक संबंध, विश्लेषण, कथन-निष्कर्ष और reasoning आधारित प्रश्न।
Decision Making & Problem Solving
दिए गए संदर्भ में निर्णय और समस्या-समाधान की क्षमता।
General Mental Ability
मानसिक योग्यता और aptitude आधारित प्रश्न।
Basic Numeracy & Data Interpretation
Class X स्तर तक संख्या, अनुपात, प्रतिशत, औसत, परिमाण, charts, graphs, tables और data sufficiency जैसे क्षेत्र।
सुरक्षित रणनीति: यदि गणित या comprehension कमजोर है, तो CSAT को अंतिम महीनों के लिए न छोड़ें। सप्ताह में निश्चित अभ्यास और समयबद्ध sectional tests रखें।
Negative Marking कैसे होती है?
वर्तमान UPSC CSE नियमों के अनुसार गलत उत्तर पर उस प्रश्न के निर्धारित अंकों का एक-तिहाई (0.33) काटा जाता है। प्रश्न छोड़ने पर कोई दंड नहीं होता।
यदि एक प्रश्न में एक से अधिक विकल्प चिन्हित किए गए, तो वह गलत उत्तर माना जा सकता है और नकारात्मक अंकन लागू होता है। किसी प्रश्न को बिल्कुल न करने पर penalty नहीं होती।
प्रारंभिक परीक्षा Cut-off कैसे काम करती है?
प्रारंभिक परीक्षा qualify करने के लिए दो अलग शर्तें एक साथ पूरी करनी होती हैं।
प्रश्नपत्र-II में कम से कम 33% अर्थात 66 अंक आवश्यक।
UPSC द्वारा श्रेणीवार तय GS प्रश्नपत्र-I न्यूनतम चयनांक से बराबर या अधिक अंक आवश्यक।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए क्या पढ़ें?
किताबों की संख्या बढ़ाने की बजाय पाठ्यक्रम + मानक स्रोत + विगत प्रश्न + पुनरावृत्ति का चक्र बनाइए। नीचे स्रोतों की प्रकृति दी गई है, कोई एक अनिवार्य सूची नहीं।
NCERT की बुनियाद + एक मानक भारतीय राजव्यवस्था पुस्तक + संविधान/समसामयिक निर्णयों की समझ।
लक्ष्य: अवधारणा + statementsएक मानक Modern भारत स्रोत, राष्ट्रीय आंदोलन की कालक्रम, personalities और विषयवस्तु.
लक्ष्य: विगत प्रश्न-driven पुनरावृत्तिNCERT + atlas + physical geography की मूल अवधारणाएँ; maps के साथ वर्तमान events जोड़ें।
लक्ष्य: स्थान + प्रक्रियामूल अवधारणाएँ, बजट/आर्थिक सर्वेक्षण के चयनित मुद्दे और वर्तमान अर्थव्यवस्था को concepts से जोड़ना।
लक्ष्य: अवधारणात्मक clarityEcology basics, species/protected areas, conventions और वर्तमान environmental developments.
लक्ष्य: static + वर्तमान linkageबुनियादी विज्ञान के साथ space, biotech, health, AI/quantum जैसी समसामयिक तकनीकों की मूल समझ।
लक्ष्य: application-based understandingएक ही विषय के 4–5 स्रोत पढ़ने से बेहतर है 1–2 विश्वसनीय स्रोतों को कई बार दोहराना और विगत प्रश्न से gaps भरना।
विगत प्रश्न को केवल परीक्षण की तरह नहीं, पाठ्यक्रम decoder की तरह करें
प्रश्न हल करें और हर विकल्प समझें कि सही/गलत क्यों है।
हर प्रश्न को पाठ्यक्रम विषय और स्रोत chapter से जोड़ें।
देखें UPSC किन concepts को अलग भाषा में बार-बार जाँचता है।
OMR-जैसी discipline, 2 घंटे की सीमा और controlled guessing के साथ mock दें।
न्यूनतम अभ्यास: तैयारी के दौरान पिछले कई वर्षों के प्रारंभिक परीक्षा विगत प्रश्न को बार-बार revisit करें। प्रश्न याद करना लक्ष्य नहीं; UPSC की भाषा और traps पहचानना लक्ष्य है।
UPSC प्रारंभिक परीक्षा 2027 की चरणबद्ध रणनीति
सितंबर 2026 से तैयारी करने वाले अभ्यर्थी के लिए नीचे का ढाँचा व्यावहारिक है। अपने आधार और उपलब्ध समय के अनुसार इसे समायोजित करें।
Foundation + क्रोड Subjects
मुख्य static विषय की पहली मजबूत reading और साथ में विगत प्रश्न.
- राजव्यवस्था, Modern इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण की आधारभूत coverage
- रोज़ सीमित समसामयिकी
- सप्ताह में CSAT अभ्यास
- हर विषय के बाद विषयवार बहुविकल्पीय प्रश्न
Consolidation + Tests
दूसरी/तीसरी पुनरावृत्ति के साथ mixed MCQs और वर्तमान-static integration.
- 13 जनवरी की 2027 अधिसूचना से नियम दोबारा सत्यापित करें
- Full पाठ्यक्रम को concise नोट्स में समेटें
- Sectional और mixed tests बढ़ाएँ
- CSAT में कमजोर क्षेत्र पहचानकर सुधारें
पुनरावृत्ति + Full-Length Simulation
नई सामग्री न्यूनतम; पुनरावृत्ति, विगत प्रश्न और परीक्षण analysis अधिकतम.
- बार-बार पूरे पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति
- Full-length GS-I और CSAT प्रश्नपत्र
- गलतियों की notebook का पुनरावृत्ति
- Sleep, exam timing और OMR discipline स्थिर करें
प्रारंभिक परीक्षा से पहले अंतिम 30 दिनों में क्या करें?
नई किताब खोलने की बजाय उन्हीं नोट्स, marked पृष्ठ और विगत प्रश्न विषयवस्तु को दोहराएँ।
केवल score मत देखें; गलत उत्तर का कारण—ज्ञान की कमी, जल्दबाजी, overthinking या guess—लिखें।
यदि कमजोर हैं तो alternate days; मजबूत हैं तब भी नियमित समयबद्ध अभ्यास जारी रखें।
महत्त्वपूर्ण issues को static विषय से जोड़कर revise करें; अंतहीन monthly PDFs न जोड़ें।
अंतिम सप्ताहों में नए coaching नोट्स, random compilations और अत्यधिक tests से पुनरावृत्ति चक्र न तोड़ें।
पिछली न्यूनतम चयनांक उपयोगी संदर्भ है, लेकिन हर वर्ष प्रश्नपत्र difficulty और competition बदलते हैं।
UPSC प्रारंभिक परीक्षा 2027 सामान्य प्रश्न
UPSC प्रारंभिक परीक्षा 2027 कब है?
UPSC वार्षिक कैलेंडर 2027 के अनुसार सिविल सेवा (Preliminary) परीक्षा 23 मई 2027 को निर्धारित है। परीक्षा-तिथि परिस्थितियों के अनुसार आयोग द्वारा बदली जा सकती है, इसलिए आधिकारिक notices देखते रहें।
क्या CSAT के अंक प्रारंभिक परीक्षा न्यूनतम चयनांक में जुड़ते हैं?
नहीं। वर्तमान योजना में CSAT अर्हकारी प्रश्नपत्र है। इसमें कम से कम 33% अंक आवश्यक हैं; GS प्रश्नपत्र-I की न्यूनतम चयनांक अलग से पार करनी होती है।
क्या दोनों प्रश्नपत्र देना अनिवार्य है?
हाँ। वर्तमान UPSC नियमों में evaluation के लिए दोनों प्रारंभिक परीक्षा प्रश्नपत्र में उपस्थित होना अनिवार्य है।
क्या गलत उत्तर पर negative marking होती है?
हाँ। वर्तमान CSE योजना के अनुसार गलत उत्तर पर उस प्रश्न के निर्धारित अंक का एक-तिहाई काटा जाता है। खाली छोड़े गए प्रश्न पर penalty नहीं होती।
क्या प्रारंभिक परीक्षा के अंक अंतिम रैंक में जुड़ते हैं?
नहीं। प्रारंभिक परीक्षा छँटनी चरण है। अंतिम योग्यता सूची मुख्य परीक्षा और Personality Test/साक्षात्कार के अंकों से बनती है।
2027 का अंतिम प्रतिरूप कब निश्चित माना जाएगा?
2027 की विस्तृत CSE अधिसूचना 13 जनवरी 2027 को निर्धारित है। वही पात्रता, योजना और आवेदन संबंधी अंतिम आधिकारिक नियमों का मुख्य स्रोत होगी।
स्रोत एवं संपादकीय नोट
प्रारंभिक परीक्षा 2027 की तिथि UPSC वार्षिक कैलेंडर 2027 पर आधारित है। 2027 की विस्तृत सिविल सेवा परीक्षा अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है; अतः प्रश्नपत्र प्रतिरूप, CSAT अर्हकारी rule, negative marking और पाठ्यक्रम संबंधी विवरण वर्तमान UPSC CSE योजना तथा हाल की आधिकारिक अधिसूचनाओं के आधार पर समझाए गए हैं। 13 जनवरी 2027 को निर्धारित CSE 2027 अधिसूचना जारी होने के बाद इस पृष्ठ को अंतिम नियमों से दोबारा सत्यापित किया जाना चाहिए।
UPSC वार्षिक कैलेंडर 2027 देखें ↗ वर्तमान CSE प्रारंभिक परीक्षा योजना का आधिकारिक संदर्भ ↗