वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 73
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1441–1460 / 4666 प्रश्न
प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करेंस्वामी दयानंद सरस्वती की कालजयी कृति 'सत्यार्थ प्रकाश' (1875) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह मूलतः हिंदी भाषा में लिखी गई थ…
स्वामी दयानंद सरस्वती की कालजयी कृति 'सत्यार्थ प्रकाश' (1875) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह मूलतः हिंदी भाषा में लिखी गई थी, जिससे हिंदी को एक राष्ट्रीय संपर्क भाषा के रूप में स्थापित करने में सहायता मिली। 2. इसमें मूर्तिपूजा, बहुदेववाद, अवतारवाद, बाल विवाह और बलि प्रथा का तर्कसंगत खंडन किया गया है। 3. स्वामी दयानंद ने पहली बार 'स्वराज' (Swaraj) शब्द का प्रयोग किया और कहा कि "विदेशी राज्य चाहे कितना भी अच्छा क्यों न हो, वह स्वदेशी राज्य की बराबरी नहीं कर सकता।" उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 'सत्यार्थ प्रकाश' (1875) हिंदी में लिखी गई। मूर्तिपूजा व कर्मकांडों का खंडन किया। स्वामी दयानंद ने पहली बार 'स्वराज' शब्द का राजनीतिक प्रयोग किया और स्वदेशी का समर्थन किया।
स्वामी दयानंद सरस्वती के राष्ट्रवाद संबंधी विचारों के संदर्भ में सुप्रसिद्ध समाजशास्त्री रोमां रोलां (Romain Rolland) ने क्या लिखा?
स्वामी दयानंद सरस्वती के राष्ट्रवाद संबंधी विचारों के संदर्भ में सुप्रसिद्ध समाजशास्त्री रोमां रोलां (Romain Rolland) ने क्या लिखा?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। फ्रांसीसी दार्शनिक रोमां रोलां ने दयानंद सरस्वती को एक 'योद्धा सन्यासी' बताया जिन्होंने भारतीयों में राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना फूंकी।
स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा रचित प्रमुख ग्रंथों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल हैं? 1. पाखंड खंडन 2. वेद भाष्य भूमिका 3. ऋग्वेदादि भाष्य भूम…
स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा रचित प्रमुख ग्रंथों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल हैं? 1. पाखंड खंडन 2. वेद भाष्य भूमिका 3. ऋग्वेदादि भाष्य भूमिका 4. अष्टाध्यायी भाष्य नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
चारों रचनाएं स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा रचित हैं (पाखंड खंडन, वेद भाष्य, ऋग्वेदादि भाष्य भूमिका, अष्टाध्यायी भाष्य)।
स्वामी विवेकानंद के सामाजिक और राष्ट्रवादी विचारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उन्होंने कहा था कि "भूखे पेट धर्म की बात करन…
स्वामी विवेकानंद के सामाजिक और राष्ट्रवादी विचारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उन्होंने कहा था कि "भूखे पेट धर्म की बात करना पाप है" और "जब तक करोड़ों लोग भूख और अज्ञान में जी रहे हैं, मैं हर उस व्यक्ति को देशद्रोही मानता हूं जो उनके खर्चे पर शिक्षित होकर उनकी सुध नहीं लेता।" 2. उन्होंने हिंदू धर्म में व्याप्त छुआछूत और संकीर्णता की कटु निंदा करते हुए इसे "रसोईघर का धर्म" (Kitchen Religion) कहा। 3. सुभाष चंद्र बोस ने उन्हें "आधुनिक राष्ट्रीय आंदोलन का आध्यात्मिक पिता" (Spiritual Father of Modern National Movement) कहा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। विवेकानंद ने कहा कि भूखे पेट धर्म की बात करना व्यर्थ है। छुआछूत को "रसोईघर का धर्म" कहा। सुभाष चंद्र बोस ने उन्हें "आधुनिक राष्ट्रीय आंदोलन का आध्यात्मिक पिता" कहा।
स्वामी विवेकानंद द्वारा 1899 में प्रकाशित पत्रिका 'प्रबुद्ध भारत' (अंग्रेजी) और 'उद्बोधन' (बंगाली) का मुख्य उद्देश्य क्या था?
स्वामी विवेकानंद द्वारा 1899 में प्रकाशित पत्रिका 'प्रबुद्ध भारत' (अंग्रेजी) और 'उद्बोधन' (बंगाली) का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। 1899 में स्वामी विवेकानंद ने 'प्रबुद्ध भारत' (अंग्रेजी) और 'उद्बोधन' (बंगाली) पत्रिकाओं की शुरुआत वेदांत दर्शन और राष्ट्रीय सेवा के प्रचार हेतु की थी।
स्वामी सहजानन्द सरस्वती किस आंदोलन से संबंधित थे?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- स्वामी सहजानन्द किसान आंदोलन और अखिल भारतीय किसान सभा के प्रमुख नेता थे।
हंटर आयोग की रिपोर्ट आने से पूर्व ही ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'क्षतिपूर्ति अधिनियम' (Indemnity Act, 1919) का वास्तविक उद्देश्य क्या था?
हंटर आयोग की रिपोर्ट आने से पूर्व ही ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'क्षतिपूर्ति अधिनियम' (Indemnity Act, 1919) का वास्तविक उद्देश्य क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (b) सही है। ब्रिटिश सरकार ने हंटर कमेटी की जांच पूरी होने से पहले ही 'इंडेम्निटी एक्ट' (White Washing Bill) पास कर दिया ताकि पंजाब में भारतीयों पर जुल्म ढाने वाले डायर और अन्य अफसरों पर कोई मुकदमा न चलाया जा सके।
हंटर आयोग की लीपापोती वाली रिपोर्ट पर महात्मा गांधी की प्रसिद्ध टिप्पणी क्या थी?
हंटर आयोग की लीपापोती वाली रिपोर्ट पर महात्मा गांधी की प्रसिद्ध टिप्पणी क्या थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। गांधीजी ने हंटर कमीशन की रिपोर्ट को 'पन्ने-दर-पन्ने निर्लज्ज लीपापोती' (Thinly disguised whitewash) कहा। इस रिपोर्ट के बाद गांधीजी ने घोषणा की कि 'शैतानी ब्रिटिश सरकार के साथ सहयोग करना अब पाप है'।
हड़प्पा नगरों में पुरातात्विक खोजों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : घरों में तकली की प्रचुर उपलब्धता है किंतु चरखे अनुपलब्ध हैं। अं…
- घरों में तकली की प्रचुर उपलब्धता है किंतु चरखे अनुपलब्ध हैं।
- अंशांकित बाट और मापन पैमानों की खोज हुई है।
- अपेक्षाकृत रूप से विस्तृत प्रांगण के चारों ओर, अधिकतर पकी हुई ईंटों से निर्मित घर मिले हैं, जिनके अपने कुएँ हैं, स्नान करने के चबूतरे हैं, और बड़े कमरे हैं।
उपर्युक्त कथनों से निम्नलिखित में से कौन-से निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं?
- कथन I संकेत करता है कि कताई घर पर किया जाने वाला एक श्रम-साध्य कार्य था।
- कथन II हड़प्पा के लोगों में वैज्ञानिक ज्ञान के प्रसार की ओर संकेत करता है।
- कथन III साझी संपत्ति व्यवस्था के उद्भव की ओर संकेत करता है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
निष्कर्षों का परीक्षण
- तकली के चक्र (spindle-whorls) हाथ से सूत कातने की घरेलू गतिविधि की ओर संकेत करते हैं; चरखे का अभाव इसे अधिक श्रम-साध्य बनाता था।
- मानकीकृत बाट और अंशांकित माप व्यापार, शिल्प और मापन में उन्नत मानकीकरण/तकनीकी ज्ञान दिखाते हैं।
- निजी कुएँ, स्नान-मंच और बड़े कमरों वाले घर साझी संपत्ति व्यवस्था का प्रमाण नहीं देते; वे अलग-अलग घरेलू इकाइयों और संपन्नता के अंतर की ओर अधिक संकेत करते हैं।
हर्षवर्धन के समय असम पर किस शासक का शासन था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- कामरूप के राजा भास्करवर्मन हर्षवर्धन के समकालीन और सहयोगी थे।
हाल में यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल भारतीय स्थलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: बाराटांग के मड ज्वालामुखी से सामान्यतः बे…
हाल में यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल भारतीय स्थलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- बाराटांग के मड ज्वालामुखी से सामान्यतः बेसाल्टिक लावा का उद्गार होता है।
- सिरपुर महानदी के पूर्वी तट पर स्थित सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक परिदृश्य है।
- बैरेन और नारकोंडम अंडमान ज्वालामुखीय चाप से संबंधित हैं।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर: (b) केवल 2 और 3
कथन 1 गलत है। मड ज्वालामुखी को मैग्माई ज्वालामुखी नहीं समझना चाहिए; इनमें कीचड़, जल और गैसों का निष्कासन प्रमुख होता है। कथन 2 और 3 सही हैं।
हिंदू फीमेल स्कूल, जो बाद में बेथ्यून फीमेल स्कूल कहलाया, के सचिव के रूप में कौन जुड़े थे?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- विद्यासागर महिला शिक्षा के प्रबल समर्थक थे और बेथ्यून स्कूल से सक्रिय रूप से जुड़े।
हुगली को बंगाल की खाड़ी में समुद्री डकैती के आधार के रूप में किसने उपयोग किया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- BPSC की अंतिम उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (c) पुर्तगाली है।
हैदर अली द्वारा अपनाई गई सैन्य तकनीक और प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उसने युद्ध में पहली बार बड़े पैमाने …
हैदर अली द्वारा अपनाई गई सैन्य तकनीक और प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उसने युद्ध में पहली बार बड़े पैमाने पर लौह आवरण वाले रॉकेटों (Iron-cased rockets) का संगठित प्रयोग किया। 2. उसने अपने राज्य में धार्मिक सहिष्णुता की नीति अपनाई और उसके सिक्कों पर शिव-पार्वती तथा विष्णु की आकृतियां अंकित थीं। 3. उसने चामुंडेश्वरी मंदिर के निर्माण और संरक्षण के लिए उदार दान दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। हैदर अली ने सैन्य तकनीक में लोहे के रॉकेटों का सफल प्रयोग किया। वह धार्मिक रूप से अत्यंत उदार था; उसके सिक्कों पर हिंदू देवी- देवताओं की आकृतियां थीं और उसने शृंगेरी तथा चामुंडेश्वरी मंदिरों को दान दिए।
हैदराबाद के आसफजाही राजवंश और निज़ाम-उल-मुल्क के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. निज़ाम-उल-मुल्क ने 1724 में शकरखेड़ा के युद्ध में…
हैदराबाद के आसफजाही राजवंश और निज़ाम-उल-मुल्क के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. निज़ाम-उल-मुल्क ने 1724 में शकरखेड़ा के युद्ध में मुग़ल सूबेदार मुबारिज़ खान को पराजित कर दक्कन पर वास्तविक नियंत्रण प्राप्त किया। 2. उसने मुग़ल सम्राट के नाम पर सिक्के ढालना और खुतबा पढ़वाना बंद कर औपचारिक स्वतंत्रता की घोषणा कर दी थी। 3. उसने हिंदुओं के प्रति सहिष्णु नीति अपनाई और पूरन चंद नामक हिंदू को अपना दीवान नियुक्त किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 2 गलत है क्योंकि निज़ाम-उल-मुल्क ने कभी भी मुग़ल सम्राट से पूर्ण स्वतंत्रता की खुली घोषणा नहीं की; वह मुग़ल बादशाह के नाम पर ही सिक्के ढालता था और खुतबा पढ़वाता था। कथन 1 और 3 सही हैं; शकरखेड़ा के युद्ध (1724) से हैदराबाद राज्य की शुरुआत हुई और पूरन चंद उसका दीवान था।
होमरूल लीग आंदोलन और 1857 के महाविद्रोह या 1905 के स्वदेशी आंदोलन के बीच प्रमुख संरचनात्मक अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1.…
होमरूल लीग आंदोलन और 1857 के महाविद्रोह या 1905 के स्वदेशी आंदोलन के बीच प्रमुख संरचनात्मक अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. होमरूल आंदोलन ने पहली बार भारत भर में 'वर्ष पर्यंत' सक्रिय रहने वाली स्थानीय राजनीतिक शाखाओं और समितियों का एक निरंतर नेटवर्क तैयार किया। 2. स्वदेशी आंदोलन जहां मुख्यतः बंगाल और कुछ शहरी केंद्रों तक सीमित था, वहीं होमरूल लीग गुजरात, कर्नाटक, सिंध और संयुक्त प्रांत के आंतरिक कस्बों तक फैल गया। 3. होमरूल आंदोलन ने राजनीतिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पूर्णतः अहिंसक एवं संवैधानिक प्रचार का मार्ग अपनाया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। होमरूल आंदोलन ने राजनीतिक लामबंदी को आधुनिक संगठनात्मक स्वरूप दिया। इसने कांग्रेस के तीन-दिवसीय वार्षिक तमाशे की जगह सतत राजनीतिक शिक्षा, पुस्तकालय और जन-संवाद की परिपाटी स्थापित की।
होमरूल लीग आंदोलन की संगठनात्मक संरचना और प्रचार तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दोनों लीगों ने राजनीतिक शिक्षा के प्रसार…
होमरूल लीग आंदोलन की संगठनात्मक संरचना और प्रचार तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दोनों लीगों ने राजनीतिक शिक्षा के प्रसार के लिए पुस्तकालयों, अध्ययन समूहों और सार्वजनिक व्याख्यानों की एक विस्तृत श्रृंृंखला स्थापित की। 2. आंदोलन के दौरान स्वदेशी, स्वशासन, राष्ट्रीय शिक्षा और स्थानीय स्वशासन पर लाखों पैम्फलेट और पर्चे बांटे गए। 3. नाटक, सामाजिक कार्य और धार्मिक उत्सवों (जैसे तिलक का गणपति व शिवाजी महोत्सव) को भी राजनीतिक गोलबंदी के लिए उपयोग किया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। होमरूल आंदोलन ने भारत में राजनीतिक लामबंदी के आधुनिक तरीकों को अपनाया। इसने कांग्रेस की वार्षिक अधिवेशन वाली राजनीति को वर्ष पर्यंत चलने वाले सक्रिय जन-आंदोलन में तब्दील कर दिया।
होमरूल लीग आंदोलन में भाग लेने वाले प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं और उनकी भूमिकाओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
होमरूल लीग आंदोलन में भाग लेने वाले प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं और उनकी भूमिकाओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (d) सही सुमेलित नहीं है। गोपाल कृष्ण गोखले का निधन फरवरी 1915 में ही हो गया था, जबकि होमरूल लीग की स्थापना 1916 में हुई थी। इसके अतिरिक्त, गोखले की संस्था 'सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसायटी' के सदस्यों को किसी भी लीग में शामिल होने की मनाही थी (यद्यपि वे लीग के कार्यों में मदद करते थे)।
M.A.O. कॉलेज, अलीगढ़ के वे प्राचार्य कौन थे जिन्होंने 19वीं शताब्दी के अंतिम दशकों में मुस्लिम सांप्रदायिक राजनीति को प्रोत्साहित किया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- थियोडोर बेक 1883 से 1899 तक M.A.O. कॉलेज के प्राचार्य रहे और अलीगढ़ आंदोलन की राजनीति से जुड़े थे।
Servants of India Society की स्थापना किसने की?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- BPSC की अंतिम उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (c) गोपाल कृष्ण गोखले है।