वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 65
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1281–1300 / 4666 प्रश्न
प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करेंमुग़ल दरबार में आने वाले ब्रिटिश दूतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कैप्टन विलियम हॉकिन्स 1608 में 'हेक्टर' जहाज से सूरत पहु…
मुग़ल दरबार में आने वाले ब्रिटिश दूतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कैप्टन विलियम हॉकिन्स 1608 में 'हेक्टर' जहाज से सूरत पहुंचा और 1609 में आगरा में जहांगीर के दरबार में उपस्थित हुआ। 2. हॉकिन्स तुर्की और फारसी भाषाओं का ज्ञाता था और जहांगीर ने उसे 400 का मनसब तथा 'इंग्लिश खान' की उपाधि दी थी। 3. सर थॉमस रो 1615 में जेम्स प्रथम के दूत के रूप में जहांगीर के दरबार में पहुंचा और पूरे मुग़ल साम्राज्य में व्यापारिक कोठियां स्थापित करने का फरमान प्राप्त किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। कैप्टन हॉकिन्स 1608 में आया और जहांगीर से फारसी में बात की। जहांगीर ने उसे 400 का मनसब और 'इंग्लिश खान' कहा। 1615 में सर थॉमस रो आया और 1619 तक रहा; उसने आगरा, अहमदाबाद और भड़ौच में कोठियां स्थापित करने का फरमान हासिल किया।
मुगल भारत में जागीरदार और जमींदार के संबंध में:जागीरदारों को न्यायिक और पुलिस दायित्वों के बदले भूमि-अधिकार मिलते थे, जबकि जमींदार केवल राजस्व अध…
- जागीरदारों को न्यायिक और पुलिस दायित्वों के बदले भूमि-अधिकार मिलते थे, जबकि जमींदार केवल राजस्व अधिकार रखते थे और अन्य दायित्व नहीं निभाते थे।
- जागीरदारों के भूमि-अधिकार वंशानुगत थे, जबकि जमींदारों के राजस्व अधिकार वंशानुगत नहीं थे।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- दोनों कथन अतिसरलीकृत और गलत हैं; जमींदारों के भी विविध दायित्व थे और जागीर वंशानुगत निजी संपत्ति नहीं थी।
मुग़ल शासक जहांदार शाह (1712–1713) और उसके वज़ीर ज़ुल्फ़िकार खान के सुधारों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ज़ुल्फ़िकार खान ने ज…
मुग़ल शासक जहांदार शाह (1712–1713) और उसके वज़ीर ज़ुल्फ़िकार खान के सुधारों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ज़ुल्फ़िकार खान ने जजिया (Jizya) कर को पूरी तरह से समाप्त कर दिया था। 2. उसने आमेर के जय सिंह को 'मिर्जा राजा' की उपाधि दी और मालवा का सूबेदार नियुक्त किया। 3. उसने मुग़ल साम्राज्य के वित्तीय संकट को दूर करने के लिए 'इज़ारा' (Izara/Revenue farming) प्रणाली को बढ़ावा दिया, जिससे किसानों का शोषण बढ़ा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। जहांदार शाह के वज़ीर ज़ुल्फ़िकार खान ने राजपूतों से संबंध सुधारने हेतु आमेर के जय सिंह को मालवा और मारवाड़ के अजीत सिंह को गुजरात का सूबेदार बनाया तथा जजिया समाप्त किया। वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए उसने 'इज़ारा' (राजस्व ठेकेदारी) की घातक प्रथा को बढ़ावा दिया।
मुग़ल सम्राट अकबर द्वितीय द्वारा राजा राममोहन राय को दी गई उपाधि और उनके इंग्लैंड प्रवास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मुग़ल …
मुग़ल सम्राट अकबर द्वितीय द्वारा राजा राममोहन राय को दी गई उपाधि और उनके इंग्लैंड प्रवास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मुग़ल सम्राट अकबर द्वितीय ने अपनी पेंशन बढ़वाने के लिए अपनी ओर से ब्रिटिश सम्राट विलियम चतुर्थ के दरबार में भेजने से पूर्व राममोहन राय को 'राजा' की उपाधि दी थी। 2. वे समुद्र पार कर इंग्लैंड जाने वाले पहले आधुनिक भारतीय समाज सुधारक थे। 3. 27 सितंबर 1833 को इंग्लैंड के ब्रिस्टल (Bristol) में मेनिन्जाइटिस की बीमारी से उनका देहांत हुआ, जहां उनकी समाधि स्थित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। मुग़ल सम्राट अकबर द्वितीय ने अपनी पेंशन के लिए उन्हें 'राजा' की उपाधि देकर इंग्लैंड भेजा। वे समुद्र पार जाने वाले पहले आधुनिक समाज सुधारक थे। 27 सितंबर 1833 को इंग्लैंड के ब्रिस्टल में उनका देहांत हुआ।
मुग़ल सम्राट मुहम्मद शाह 'रंगीला' (1719–1748) के शासनकाल में घटित घटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उसके शासनकाल में ही ना…
मुग़ल सम्राट मुहम्मद शाह 'रंगीला' (1719–1748) के शासनकाल में घटित घटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उसके शासनकाल में ही नादिर शाह ने 1739 में भारत पर आक्रमण किया और करनाल का युद्ध लड़ा गया। 2. चिन किलिच खान (निज़ाम-उल-मुल्क) ने मुहम्मद शाह के समय ही 1724 में हैदराबाद के स्वायत्त राज्य की स्थापना की। 3. सआदत खान बुरहान-उल-मुल्क ने इसी दौर में अवध में एक स्वायत्त रियासत की नींव रखी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। मुहम्मद शाह रंगीला के विलासी शासन में मुग़ल सत्ता ताश के पत्तों की तरह ढह गई। 1724 में निज़ाम ने दक्कन में, 1722 में सआदत खान ने अवध में और मुर्शिद कुली खान ने बंगाल में स्वायत्त सत्ता स्थापित की। 1739 में नादिर शाह ने करनाल के युद्ध में मुग़ल सेना को परास्त किया।
मुग़ल सम्राट शाह आलम द्वितीय (1759–1806) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वह 1764 में लड़े गए बक्सर के युद्ध में अंग्रेजों के वि…
मुग़ल सम्राट शाह आलम द्वितीय (1759–1806) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वह 1764 में लड़े गए बक्सर के युद्ध में अंग्रेजों के विरुद्ध त्रिगुट (अवध, बंगाल, मुग़ल) का हिस्सा था। 2. उसने 1765 में रॉबर्ट क्लाइव के साथ इलाहाबाद की संधि की और ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी प्रदान की। 3. 1772 में मराठा पेशवा माधवराव के समय महादजी सिंधिया के संरक्षण में शाह आलम द्वितीय पुनः दिल्ली के सिंहासन पर बैठा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। शाह आलम द्वितीय (अली गौहर) ने बक्सर के युद्ध में भाग लिया। हार के बाद उसने क्लाइव के साथ 1765 में इलाहाबाद की संधि कर बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी 26 लाख रुपये वार्षिक पेंशन के बदले कंपनी को दी। 1772 में महादजी सिंधिया ने उसे पुनः दिल्ली के तख्त पर आसीन किया।
मुग़ल सम्राट शाहजहां के शासनकाल में 1632 में पुर्तगालियों के विरुद्ध हुगली अभियान (Siege of Hooghly) का मुख्य कारण क्या था?
मुग़ल सम्राट शाहजहां के शासनकाल में 1632 में पुर्तगालियों के विरुद्ध हुगली अभियान (Siege of Hooghly) का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। पुर्तगाली हुगली में सीमा शुल्क की चोरी करते थे, बंगाल की खाड़ी में लूटपाट करते थे और स्थानीय हिंदू व मुस्लिम बच्चों को गुलाम बनाकर जबरन ईसाई बनाते थे। इससे क्रुद्ध होकर शाहजहां ने बंगाल के गवर्नर कासिम खान को आदेश देकर 1632 में हुगली से पुर्तगालियों को खदेड़ दिया।
मुग़ल साम्राज्य के पतन के कारणों पर इतिहासकारों के विभिन्न दृष्टिकोणों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. सतीश चंद्र : जागीरदारी…
मुग़ल साम्राज्य के पतन के कारणों पर इतिहासकारों के विभिन्न दृष्टिकोणों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. सतीश चंद्र : जागीरदारी संकट (Crisis of Jagirdari System) 2. इरफान हबीब : कृषक संकट एवं राजस्व का अत्यधिक दोहन (Agrarian Crisis) 3. जदुनाथ सरकार : औरंगजेब की धार्मिक व दक्कन नीतियां तथा नैतिक पतन। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों युग्म सही सुमेलित हैं। आधुनिक इतिहासकारों में सतीश चंद्र ने जागीरदारी व्यवस्था के संकट (बेजागीरी) को मुख्य कारण माना; इरफान हबीब ने किसानों से अत्यधिक भू-राजस्व वसूली और कृषक विद्रोहों को आधार बताया; जबकि जदुनाथ सरकार ने औरंगजेब की नीतियों और नैतिक पतन को जिम्मेदार ठहराया।
मुरैना के निकट चौसठ योगिनी मंदिर के संदर्भ में:यह कच्छपघात वंश के शासन में बना वृत्ताकार मंदिर है।यह भारत का एकमात्र वृत्ताकार मंदिर है।यह वैष्णव…
- यह कच्छपघात वंश के शासन में बना वृत्ताकार मंदिर है।
- यह भारत का एकमात्र वृत्ताकार मंदिर है।
- यह वैष्णव पंथ के प्रचार हेतु था।
- लोकप्रिय धारणा है कि इसकी रूपरेखा ने भारतीय संसद भवन को प्रेरित किया।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- मंदिर वृत्ताकार है और कच्छपघात काल से जुड़ा है; यह योगिनी/शाक्त परंपरा का मंदिर था और भारत में अन्य वृत्ताकार मंदिर भी हैं।
मुस्लिम लीग ने ‘Direct Action Day’ कब मनाया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- मुस्लिम लीग ने 16 अगस्त 1946 को Direct Action Day मनाया।
मेरठ में 1857 के विद्रोह के विस्फोट के सही घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 24 अप्रैल 1857 को तीसरी नेटिव कैवेलरी के 85…
मेरठ में 1857 के विद्रोह के विस्फोट के सही घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 24 अप्रैल 1857 को तीसरी नेटिव कैवेलरी के 85 सिपाहियों ने चर्बी वाले नए कारतूसों को छूने से इंकार कर दिया। 2. 9 मई 1857 को इन 85 सिपाहियों का कोर्ट मार्शल कर उन्हें 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई और परेड ग्राउंड पर उनकी वर्दी उतारी गई। 3. 10 मई 1857 को मेरठ छावनी के सिपाहियों ने खुला विद्रोह कर दिया, अपने साथियों को जेल से छुड़ाया, अंग्रेज अफसरों की हत्या की और "दिल्ली चलो" का नारा लगाते हुए दिल्ली की ओर कूच किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 24 अप्रैल को मेरठ के 85 घुड़सवारों ने कारतूस छूने से मना किया। 9 मई को उन्हें बेड़ियां पहनाकर 10 साल की जेल हुई। 10 मई 1857 को पूरी मेरठ छावनी ने बगावत कर दी, जेल तोड़ी, अधिकारियों को मारा और रात में ही दिल्ली कूच किया।
मैडम भीकाजी कामा ने भारतीय स्वतंत्रता का तिरंगा झंडा कहाँ फहराया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- उन्होंने 1907 में स्टुटगार्ट, जर्मनी में भारतीय ध्वज फहराया।
मैसूर के रॉकेट प्रौद्योगिकी (Mysorean Rockets) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हैदर अली और टीपू सुल्तान के रॉकेटों में बारूद को…
मैसूर के रॉकेट प्रौद्योगिकी (Mysorean Rockets) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हैदर अली और टीपू सुल्तान के रॉकेटों में बारूद को लोहे के मजबूत बेलनाकार खोल (Iron tubes) में भरा जाता था, जिससे वे अधिक दूरी तक मार कर सकते थे। 2. इन रॉकेटों के अग्रभाग पर तलवारें या धारदार ब्लेड लगे होते थे। 3. 1799 में श्रीरंगपट्टनम से पकड़े गए मैसूर के रॉकेटों का अध्ययन कर विलियम कांग्रीव (William Congreve) ने ब्रिटिश 'कांग्रीव रॉकेट' विकसित किए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। मैसूर के रॉकेट विश्व के पहले लोहे के खोल वाले सैन्य रॉकेट थे। इनकी मारक क्षमता 1 से 2 किमी तक थी। 1799 के बाद अंग्रेजों ने इन रॉकेटों को वूलविच शस्त्रागार (लंदन) भेजा, जहां विलियम कांग्रीव ने इनका अध्ययन कर ब्रिटिश सेना के लिए कांग्रीव रॉकेट विकसित किए।
मॉन्टेग्यू घोषणा (1917) के महत्व के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
मॉन्टेग्यू घोषणा (1917) के महत्व के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। अब तक ब्रिटिश सरकार स्वशासन की मांग को राजद्रोह मानती थी और दमन करती थी। इस घोषणा ने स्वशासन और उत्तरदायी सरकार को ब्रिटिश नीति का घोषित लक्ष्य बनाकर राष्ट्रवादियों की मांग को वैधानिकता प्रदान की।
मॉन्टेग्यू घोषणा के परिणामस्वरूप भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में 1918 में हुए दूसरे विभाजन (Second Split of INC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर …
मॉन्टेग्यू घोषणा के परिणामस्वरूप भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में 1918 में हुए दूसरे विभाजन (Second Split of INC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सुरेंद्रनाथ बनर्जी के नेतृत्व में उदारवादियों ने प्रस्तावित सुधारों का समर्थन करने के लिए कांग्रेस छोड़ दी। 2. उदारवादियों ने नवंबर 1918 में 'इंडियन नेशनल लिबरल फेडरेशन' (Indian National Liberal Federation) नामक एक नए दल की स्थापना की। 3. तेज बहादुर सप्रू, वी.एस. श्रीनिवास शास्त्री और एम.आर. जयकर इस लिबरल फेडरेशन के प्रमुख नेता बने। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। अगस्त 1918 में बंबई के विशेष कांग्रेस अधिवेशन (अध्यक्ष: हसन इमाम) ने सुधारों को 'निराशाजनक और असंतोषजनक' घोषित किया। इसके विरोध में सुरेंद्रनाथ बनर्जी, दिनशा वाचा और सप्रू ने कांग्रेस से नाता तोड़कर लिबरल फेडरेशन बना लिया।
मॉन्टेग्यू घोषणा के बाद भारत आए राज्य सचिव एडविन मॉन्टेग्यू और वायसराय लॉर्ड चेम्सफोर्ड द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई सुधार रिपोर्ट (Montagu-…
मॉन्टेग्यू घोषणा के बाद भारत आए राज्य सचिव एडविन मॉन्टेग्यू और वायसराय लॉर्ड चेम्सफोर्ड द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई सुधार रिपोर्ट (Montagu-Chelmsford Report) किस वर्ष प्रकाशित हुई थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। मॉन्टेग्यू ने भारत आकर वायसराय चेम्सफोर्ड और विभिन्न भारतीय नेताओं से व्यापक विचार-विमर्श किया। इसके बाद जुलाई 1918 में संयुक्त 'मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड रिपोर्ट' प्रकाशित हुई, जो आगे चलकर भारत शासन अधिनियम 1919 का आधार बनी।
मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों (1918 की रिपोर्ट / 1919 का अधिनियम) के संदर्भ में 'द्वैध शासन' (Dyarchy) का क्या अर्थ था?
मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों (1918 की रिपोर्ट / 1919 का अधिनियम) के संदर्भ में 'द्वैध शासन' (Dyarchy) का क्या अर्थ था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (b) सही है। मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड रिपोर्ट की सबसे प्रमुख सिफारिश प्रांतों में द्वैध शासन लागू करना थी, जिसमें वित्त, पुलिस, जेल, न्याय जैसे महत्वपूर्ण विभाग गवर्नर के पास 'आरक्षित' रखे गए, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य, स्थानीय स्वशासन जैसे कम बजट वाले विभाग भारतीय मंत्रियों को 'हस्तांतरित' किए गए।
मोहनजोदड़ो से प्राप्त प्रसिद्ध ‘नृत्य करती बालिका’ की प्रतिमा किस सामग्री की बनी है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- यह लगभग 10.5 सेमी ऊँची कांस्य प्रतिमा है।
- इसे ‘लॉस्ट-वैक्स’ ढलाई तकनीक से बनाया गया, जो हड़प्पाई धातु-कला की उन्नत अवस्था दर्शाती है।
मोहनदास करमचंद गांधी के दक्षिण अफ्रीका में राजनीतिक एवं सामाजिक संघर्ष (1893–1914) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे 1893 में …
मोहनदास करमचंद गांधी के दक्षिण अफ्रीका में राजनीतिक एवं सामाजिक संघर्ष (1893–1914) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे 1893 में दादा अब्दुल्ला नामक एक गुजराती मुस्लिम व्यापारी का कानूनी मुकदमा लड़ने डरबन (नेटाल) पहुंचे थे। 2. 1894 में उन्होंने भारतीयों के मताधिकार के हनन के विरोध में 'नेटाल इंडियन कांग्रेस' (Natal Indian Congress) की स्थापना की। 3. उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी भारतीयों के बीच एकता और अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए 1904 में 'इंडियन ओपिनियन' (Indian Opinion) समाचार पत्र शुरू किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। गांधीजी 1893 में दक्षिण अफ्रीका पहुंचे। 1894 में उन्होंने नेटाल इंडियन कांग्रेस की स्थापना की और 1904 में डरबन के निकट फीनिक्स फार्म की स्थापना के साथ 'इंडियन ओपिनियन' अखबार प्रकाशित किया जो गुजराती, हिंदी, तमिल और अंग्रेजी में छपता था।
मौर्य, शुंग, कुषाण और कण्व राजवंशों का सही कालानुक्रमिक क्रम कौन-सा है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- मौर्य के बाद शुंग, फिर कण्व और उसके बाद उत्तर-पश्चिम व उत्तर भारत में कुषाण शक्ति का उत्कर्ष हुआ।