वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 63
एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।
छोटे कदम, बेहतर तैयारी
विषय चुनकर शुरू करें। उत्तर के साथ व्याख्या पढ़ें और कठिन प्रश्न दोहराएँ।
1241–1260 / 4666 प्रश्न
प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करेंमई 1782 में संपन्न 'सालबाई की संधि' (Treaty of Salbai) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस संधि की मध्यस्थता ग्वालियर के शासक मह…
मई 1782 में संपन्न 'सालबाई की संधि' (Treaty of Salbai) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस संधि की मध्यस्थता ग्वालियर के शासक महादजी सिंधिया ने की थी। 2. अंग्रेजों ने सवाई माधवराव को पेशवा स्वीकार किया और रघुनाथराव को मात्र पेंशनभोगी बनाने पर सहमति दी। 3. सालसेट (Salsette) द्वीप अंग्रेजों के अधिकार में बना रहा, जबकि अन्य सभी विजित क्षेत्र मराठों को लौटा दिए गए। 4. इस संधि ने अंग्रेजों और मराठों के बीच अगले 20 वर्षों के लिए शांति स्थापित की, जिससे अंग्रेजों को मैसूर से निपटने का अवसर मिला। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 17 मई 1782 को महादजी सिंधिया की मध्यस्थता से सालबाई की संधि हुई। हेस्टिंग्स ने सवाई माधवराव को पेशवा और सिंधिया के यमुना पार के दावों को मान्यता दी। अंग्रेजों को केवल सालसेट मिला। इस संधि ने अंग्रेजों और मराठों के बीच 20 वर्षों की शांति स्थापित की, जिससे अंग्रेजों ने मैसूर पर ध्यान केंद्रित किया।
मई 1907 में पंजाब में अशांति फैलने के बाद ब्रिटिश सरकार ने लाला लाजपत राय और अजीत सिंह को बिना किसी मुकदमे के किस कानून के तहत मांडले (बर्मा) निर…
मई 1907 में पंजाब में अशांति फैलने के बाद ब्रिटिश सरकार ने लाला लाजपत राय और अजीत सिंह को बिना किसी मुकदमे के किस कानून के तहत मांडले (बर्मा) निर्वासित कर दिया था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। मई 1907 में ब्रिटिश सरकार ने 1818 के कुख्यात बंगाल रेगुलेशन III का प्रयोग करते हुए लाला लाजपत राय और अजीत सिंह को बर्मा के मांडले जेल में निर्वासित कर दिया था।
मई 1915 में महात्मा गांधी ने अपने आदर्शों के क्रियान्वयन और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण हेतु किस आश्रम की स्थापना की थी?
मई 1915 में महात्मा गांधी ने अपने आदर्शों के क्रियान्वयन और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण हेतु किस आश्रम की स्थापना की थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (b) सही है। 25 मई 1915 को गांधीजी ने अहमदाबाद के निकट कोचरब में 'सत्याग्रह आश्रम' स्थापित किया। बाद में 1917 में प्लेग फैलने के कारण इसे साबरमती नदी के तट पर स्थानांतरित किया गया, जिसे 'साबरमती आश्रम' कहा जाता है।
मगध शासक बिम्बिसार का चिकित्सक कौन था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- जीवक बिम्बिसार और बुद्धकाल से जुड़े प्रसिद्ध वैद्य थे।
मज्जिनी, गैरीबाल्डी, शिवाजी और श्रीकृष्ण की जीवनियाँ लिखने वाले और केंद्रीय विधानसभा के सदस्य कौन थे?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- यह विवरण लाला लाजपत राय से संबंधित है।
मणिपुरी संकीर्तन के संदर्भ में:यह गीत और नृत्य प्रदर्शन है।इसमें केवल झाँझ ही वाद्य के रूप में उपयोग होती है।यह कृष्ण के जीवन और लीलाओं का वर्णन …
- यह गीत और नृत्य प्रदर्शन है।
- इसमें केवल झाँझ ही वाद्य के रूप में उपयोग होती है।
- यह कृष्ण के जीवन और लीलाओं का वर्णन करता है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- संकीर्तन में गायन-नृत्य और कृष्णभक्ति प्रमुख हैं; केवल झाँझ ही वाद्य नहीं है।
मद्रास के बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के अध्यक्ष जॉन सुलिवन (John Sullivan) ने भारत से धन के निष्कासन की कार्यप्रणाली का वर्णन किस प्रकार किया था?
मद्रास के बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के अध्यक्ष जॉन सुलिवन (John Sullivan) ने भारत से धन के निष्कासन की कार्यप्रणाली का वर्णन किस प्रकार किया था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। जॉन सुलिवन ने कहा था कि "हमारी व्यवस्था एक स्पंज की तरह है जो गंगा के तटों से धन सोखकर टेम्स के तटों पर निचोड़ देती है।"
मद्रास प्रेसीडेंसी में 17 जून 1911 को मनियाची रेलवे स्टेशन पर तिरुनेलवेली के जिला मजिस्ट्रेट रॉबर्ट एश (Robert Ashe) की हत्या करने वाले क्रांतिका…
मद्रास प्रेसीडेंसी में 17 जून 1911 को मनियाची रेलवे स्टेशन पर तिरुनेलवेली के जिला मजिस्ट्रेट रॉबर्ट एश (Robert Ashe) की हत्या करने वाले क्रांतिकारी कौन थे?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। 17 जून 1911 को मनियाची स्टेशन पर वांची अय्यर ने कलेक्टर ऐश की गोली मारकर हत्या की और तुरंत स्वयं को गोली मारकर शहादत दी। वे नीलकंठ ब्रह्मचारी की 'भारत माता समिति' से जुड़े थे।
मध्यकालीन गुजरात के किस शासक ने पुर्तगालियों को दीव सौंपा?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- गुजरात के बहादुर शाह और पुर्तगालियों के बीच 16वीं शताब्दी में संधियाँ हुईं।
- दीव में पुर्तगाली प्रभाव और किलेबंदी इसी प्रक्रिया से मजबूत हुई।
मध्यकालीन भारत के किस शासक ने पुर्तगालियों को भटकल में किला बनाने की अनुमति दी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- विजयनगर शासक कृष्णदेवराय ने पुर्तगालियों से मैत्रीपूर्ण संबंध रखे।
- भटकल पश्चिमी तट के व्यापारिक संपर्कों में महत्त्वपूर्ण था।
मध्यकालीन भारत में ‘कुलाह-दारान’ किसे कहा जाता था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- नुकीली टोपी ‘कुलाह’ पहनने के कारण कुछ सैयदों को कुलाह-दारान कहा जाता था।
मध्यकालीन भारत में ‘फणम’ शब्द किसके लिए प्रयुक्त होता था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- फणम दक्षिण भारत में प्रचलित मुद्रा/सिक्का इकाई थी।
मध्यकालीन भारत में आकार की दृष्टि से आरोही क्रम कौन-सा है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- मुगल प्रशासन में परगना से ऊपर सरकार और उससे ऊपर सूबा होता था।
मध्यकालीन भारत में मनसबदारी व्यवस्था क्यों शुरू की गई?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- BPSC की अंतिम उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (b) सेना में भर्ती को सुगम बनाना है।
मराठा शासकों की अष्टप्रधान व्यवस्था में सही मिलान चुनिए: सचिव–पत्राचार प्रभारी, पेशवा–प्रधानमंत्री, सामंत/सुमंत–विदेश मंत्री, अमात्य–वित्त मंत्री…
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- अष्टप्रधान में पेशवा प्रधान मंत्री, अमात्य वित्त, सचिव पत्राचार और सुमंत विदेश संबंधों से जुड़ा पद था।
महात्मा गांधी के भारत में तीन प्रारंभिक आंदोलनों—चंपारण, अहमदाबाद और खेड़ा—की प्रकृति और ऐतिहासिक महत्व के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार…
महात्मा गांधी के भारत में तीन प्रारंभिक आंदोलनों—चंपारण, अहमदाबाद और खेड़ा—की प्रकृति और ऐतिहासिक महत्व के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. चंपारण सत्याग्रह (1917) — प्रथम सविनय अवज्ञा (First Civil Disobedience) 2. अहमदाबाद मिल हड़ताल (1918) — प्रथम भूख हड़ताल (First Hunger Strike) 3. खेड़ा सत्याग्रह (1918) — प्रथम वास्तविक असहयोग (First Non-Cooperation) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों युग्म सही सुमेलित हैं। ये तीनों आंदोलन स्थानीय समस्याओं (नील किसान, मिल मजदूर, लगान पीड़ित किसान) पर केंद्रित थे, जिनमें गांधीजी ने सत्याग्रह के विभिन्न हथियारों का भारत में सफल परीक्षण किया और जनता की अपार शक्ति को समझा।
महात्मा गांधी द्वारा रौलट एक्ट के विरोध में घोषित 'राष्ट्रव्यापी हड़ताल' (Nationwide Strike / सत्याग्रह दिवस) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर व…
महात्मा गांधी द्वारा रौलट एक्ट के विरोध में घोषित 'राष्ट्रव्यापी हड़ताल' (Nationwide Strike / सत्याग्रह दिवस) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आरंभ में हड़ताल की तिथि 30 मार्च 1919 निर्धारित की गई थी, जिसे बाद में बदलकर 6 अप्रैल 1919 कर दिया गया। 2. संवाद में भ्रम के कारण दिल्ली सहित कई शहरों में 30 मार्च को ही हड़ताल आयोजित हो गई। 3. दिल्ली में स्वामी श्रद्धानंद के नेतृत्व में एक विशाल जुलूस निकाला गया, जिस पर पुलिस ने गोलीबारी की जिसमें कई लोग मारे गए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 6 अप्रैल को पूरे देश में ऐतिहासिक हड़ताल हुई, दुकानें बंद रहीं, प्रार्थना सभाएं हुईं। दिल्ली में आर्य समाजी नेता स्वामी श्रद्धानंद ने चांदनी चौक पर गुरखा राइफल्स के सामने अपनी छाती तान दी थी। उन्हें जामा मस्जिद के मिंबर से भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया, जो सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक बना।
महात्मा गांधी ने अपनी 1909 में लिखी पुस्तक 'हिंद स्वराज' में मॉर्ले-मिंटो सुधारों के संबंध में क्या टिप्पणी की थी?
महात्मा गांधी ने अपनी 1909 में लिखी पुस्तक 'हिंद स्वराज' में मॉर्ले-मिंटो सुधारों के संबंध में क्या टिप्पणी की थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। महात्मा गांधी ने 'हिंद स्वराज' में लिखा था कि मॉर्ले-मिंटो सुधारों ने भारत का सर्वनाश कर दिया है क्योंकि इसने सांप्रदायिकता को वैधानिक मान्यता दे दी।
महात्मा गांधी ने भूख हड़ताल को हथियार के रूप में पहली बार किस आंदोलन में प्रयोग किया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- 1918 की अहमदाबाद मिल हड़ताल में गांधी ने मजदूरों और मिल-मालिकों के विवाद में पहली बार उपवास का प्रयोग किया।
महात्मा ज्योतिराव फुले (1827–1890) द्वारा स्थापित 'सत्यशोधक समाज' (1873) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सत्यशोधक समाज का मुख्य…
महात्मा ज्योतिराव फुले (1827–1890) द्वारा स्थापित 'सत्यशोधक समाज' (1873) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सत्यशोधक समाज का मुख्य उद्देश्य शूद्रों और अतिशूद्रों (दलितों) को ब्राह्मणवादी शोषण, पुरोहितवाद और धार्मिक अंधविश्वासों से मुक्त कराना था। 2. फुले ने विवाह समारोहों में ब्राह्मण पुरोहितों की उपस्थिति और मंत्रोच्चार की अनिवार्यता को समाप्त कर सादे विवाहों को प्रोत्साहित किया। 3. सत्यशोधक समाज ने वेदों को सर्वोच्च और अचूक (Infallible) धर्मग्रंथ स्वीकार किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 3 गलत है क्योंकि ज्योतिराव फुले ने वेदों को अचूक नहीं माना; उन्होंने वैदिक ग्रंथों को ब्राह्मणवादी प्रभुत्व और शोषण का साधन मानकर उनकी तीखी आलोचना की। कथन 1 और 2 सही हैं (शूद्रों की मुक्ति और बिना पुरोहित के विवाह)।