वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 62
एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।
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विषय चुनकर शुरू करें। उत्तर के साथ व्याख्या पढ़ें और कठिन प्रश्न दोहराएँ।
1221–1240 / 4666 प्रश्न
प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करेंभारतीय उपमहाद्वीप में लोहे का प्रयोग कब शुरू हुआ?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- भारतीय उपमहाद्वीप में लौह-प्रयोग इन विकल्पों की तुलना में बहुत बाद का है; इसलिए ‘इनमें से कोई नहीं’ सही है।
भारतीय कला में ‘स्तूप’, ‘चैत्य’ और ‘विहार’ का निर्माण निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- स्तूप, चैत्य और विहार बौद्ध स्थापत्य की प्रमुख संरचनाएँ हैं।
भारतीय धार्मिक इतिहास के संदर्भ में:सौत्रान्तिक और सम्मितीय जैन संप्रदाय थे।सर्वास्तिवादी मानते थे कि धर्म/घटक पूरी तरह क्षणिक नहीं, बल्कि किसी र…
- सौत्रान्तिक और सम्मितीय जैन संप्रदाय थे।
- सर्वास्तिवादी मानते थे कि धर्म/घटक पूरी तरह क्षणिक नहीं, बल्कि किसी रूप में अस्तित्व रखते हैं।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- सौत्रान्तिक और सम्मितीय बौद्ध परंपराएँ थीं; दूसरा कथन सर्वास्तिवाद से मेल खाता है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने विश्व स्मारक निधि के सहयोग से हाल में किस 16वीं सदी की बावड़ी का संरक्षण किया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- दिल्ली के महरौली पुरातात्त्विक उद्यान स्थित राजों की बावली के संरक्षण का कार्य ASI और World Monuments Fund India के सहयोग से हुआ।
भारतीय राष्ट्रवादी नेताओं ने 1 नवंबर 1858 की महारानी की उद्घोषणा को किस रूप में देखा?
भारतीय राष्ट्रवादी नेताओं ने 1 नवंबर 1858 की महारानी की उद्घोषणा को किस रूप में देखा?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। भारतीय राष्ट्रवादियों ने महारानी की उद्घोषणा को अपने अधिकारों का 'मैग्ना कार्टा' माना और बाद में इसी के आधार पर अंग्रेजों को उनके वादों की याद दिलाते रहे।
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के प्रारंभिक बौद्धिक विकास में आधुनिक समाचार पत्रों की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. द हिंदू…
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के प्रारंभिक बौद्धिक विकास में आधुनिक समाचार पत्रों की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. द हिंदू (The Hindu) एवं स्वदेशमित्रन: जी. सुब्रमण्यम अय्यर 2. द बंगाली (The Bengalee): सुरेंद्रनाथ बनर्जी 3. वॉयस ऑफ इंडिया (Voice of India) एवं रस्त गोफ्तार: दादाभाई नौरोजी 4. अमृत बाजार पत्रिका: शिशिर कुमार घोष और मोतीलाल घोष उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सभी चारों युग्म सही सुमेलित हैं। 'द हिंदू' व स्वदेशमित्रन (जी. सुब्रमण्यम अय्यर), 'द बंगाली' (सुरेंद्रनाथ बनर्जी), 'वॉयस ऑफ इंडिया' (दादाभाई नौरोजी), और 'अमृत बाजार पत्रिका' (शिशिर कुमार घोष व मोतीलाल घोष)।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष कौन थीं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- BPSC की अंतिम उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (b) एनी बेसेंट है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आरंभिक उद्देश्यों के संदर्भ में व्योमेश चंद्र बनर्जी द्वारा 1885 के प्रथम अधिवेशन में घोषित लक्ष्यों में निम्नलिखित …
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आरंभिक उद्देश्यों के संदर्भ में व्योमेश चंद्र बनर्जी द्वारा 1885 के प्रथम अधिवेशन में घोषित लक्ष्यों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल थे? 1. देश के विभिन्न भागों के उत्साही कार्यकर्ताओं के बीच व्यक्तिगत घनिष्ठता और मित्रता स्थापित करना। 2. जाति, धर्म या प्रांतीय संकीर्णताओं को मिटाकर राष्ट्रीय एकता की भावना का पोषण और सुदृढ़ीकरण करना। 3. भारत के शिक्षित वर्ग द्वारा उस समय के ज्वलंत सामाजिक-राजनीतिक प्रश्नों पर विचार-विमर्श कर परिपक्व दृष्टिकोण तैयार करना। 4. ब्रिटिश साम्राज्य से पूर्ण स्वतंत्रता की घोषणा करना और सशस्त्र क्रांति की तैयारी करना। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 4 गलत है क्योंकि प्रारंभिक कांग्रेस ने पूर्ण स्वतंत्रता या सशस्त्र क्रांति की कोई मांग नहीं की; उनके लक्ष्य मित्रता, राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक सुधार थे। अतः कथन 1, 2 और 3 सही हैं।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किस अधिवेशन में मौलिक अधिकारों से संबंधित प्रस्ताव पहली बार पारित किए गए?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- 1931 के कराची अधिवेशन में मौलिक अधिकार और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हुए।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रारंभिक अधिवेशनों और उनके अध्यक्षों के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. प्रथम अधिवेशन (1885, बंबई): व्योमेश च…
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रारंभिक अधिवेशनों और उनके अध्यक्षों के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. प्रथम अधिवेशन (1885, बंबई): व्योमेश चंद्र बनर्जी (प्रथम हिंदू/ईसाई अध्यक्ष) 2. द्वितीय अधिवेशन (1886, कलकत्ता): दादाभाई नौरोजी (प्रथम पारसी अध्यक्ष) 3. तृतीय अधिवेशन (1887, मद्रास): बदरुद्दीन तैयबजी (प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष) 4. चतुर्थ अधिवेशन (1888, इलाहाबाद): जॉर्ज यूल (प्रथम यूरोपीय/ब्रिटिश अध्यक्ष) उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सभी चार युग्म सही सुमेलित हैं। 1885 बंबई (डब्ल्यू.सी. बनर्जी), 1886 कलकत्ता (दादाभाई नौरोजी), 1887 मद्रास (बदरुद्दीन तैयबजी), और 1888 इलाहाबाद (जॉर्ज यूल)।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बंबई में आयोजित प्रथम अधिवेशन (1885) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिवेशन की अध्यक्षता कलकत्…
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बंबई में आयोजित प्रथम अधिवेशन (1885) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिवेशन की अध्यक्षता कलकत्ता के प्रमुख बैरिस्टर व्योमेश चंद्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee) ने की थी। 2. इस अधिवेशन में पूरे भारत से आए कुल 72 प्रतिनिधियों (Delegates) ने भाग लिया था। 3. दादाभाई नौरोजी के सुझाव पर इस संगठन का नाम 'इंडियन नेशनल यूनियन' से बदलकर 'इंडियन नेशनल कांग्रेस' रखा गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। व्योमेश चंद्र बनर्जी पहले अध्यक्ष थे। 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। दादाभाई नौरोजी के सुझाव पर नाम 'इंडियन नेशनल यूनियन' से बदलकर 'इंडियन नेशनल कांग्रेस' रखा गया।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक कौन थे?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- BPSC की अंतिम उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (b) ए. ओ. ह्यूम है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने किस दिन को ‘पूर्ण स्वराज दिवस’ घोषित किया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- लाहौर अधिवेशन के निर्णय के बाद 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज दिवस मनाया गया।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वाधीनता का प्रस्ताव किस अधिवेशन में पारित किया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- 1929 के लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित किया गया।
भारतीय राष्ट्रीय सेना की कमान संभालकर ‘चलो दिल्ली’ का प्रसिद्ध युद्ध-नारा किसने दिया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- सुभाष चंद्र बोस ने 1943 में आज़ाद हिंद फौज का नेतृत्व संभाला और ‘चलो दिल्ली’ का नारा दिया।
भारतीय सदस्य को शामिल न करने के कारण किस आयोग ने लगभग सभी राजनीतिक समूहों और दलों में असंतोष को तीव्र किया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- 1927 का साइमन आयोग पूर्णतः ब्रिटिश सदस्यों वाला था; किसी भारतीय को शामिल न किए जाने के कारण व्यापक बहिष्कार हुआ।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में होमरूल लीग आंदोलन के स्थायी योगदान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने राष्ट्रीय आंदोल…
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में होमरूल लीग आंदोलन के स्थायी योगदान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने राष्ट्रीय आंदोलन को केवल शिक्षित अभिजात वर्ग तक सीमित न रखकर कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के व्यापक जनमानस तक पहुंचाया। 2. इसने कांग्रेस संगठन को एक निष्क्रिय वार्षिक सम्मेलन से बदलकर एक सतत सक्रिय राजनीतिक निकाय में रूपांतरित करने का आधार तैयार किया। 3. इसने उग्रवादियों और उदारवादियों के बीच की खाई को पाटने तथा 1916 के लखनऊ समझौते की पृष्ठभूमि तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभाई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। होमरूल आंदोलन ने देश में संगठनात्मक कैडर तैयार किया जिसने बाद में गांधीवादी जन-आंदोलनों को रीढ़ प्रदान की। इसने राष्ट्रवाद को नए क्षेत्रों (गुजरात, सिंध, कर्नाटक, मद्रास) तक विस्तारित किया।
भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के संदर्भ में कौन-सा कथन सही नहीं है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- गांधीजी को असहयोग आंदोलन के बाद मार्च 1922 में गिरफ्तार किया गया था, 1921 में नहीं।
भावभूति, हस्तिमल्ल और क्षेमेश्वर प्राचीन भारत में किस रूप में प्रसिद्ध थे?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- तीनों का संबंध नाट्य/साहित्य परंपरा से है।
मंगोल आक्रमणों के संबंध में: भारत पर पहला मंगोल आक्रमण जलालुद्दीन खिलजी के समय हुआ।अलाउद्दीन खिलजी के समय एक मंगोल सेना दिल्ली तक पहुँची और घेरा …
- भारत पर पहला मंगोल आक्रमण जलालुद्दीन खिलजी के समय हुआ।
- अलाउद्दीन खिलजी के समय एक मंगोल सेना दिल्ली तक पहुँची और घेरा डाला।
- मुहम्मद बिन तुगलक ने उत्तर-पश्चिम के कुछ भाग अस्थायी रूप से मंगोलों को खो दिए।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- मंगोल दबाव दिल्ली सल्तनत पर जलालुद्दीन से पहले भी था।
- अलाउद्दीन के समय दिल्ली पर प्रत्यक्ष मंगोल दबाव/घेराबंदी हुई; तीसरा कथन सही नहीं है।