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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 42

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

821–840 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिउग्रवादी राष्ट्रवादियों के वैचारिक दर्शन के संदर्भ में 'स्वराज' (Swaraj) की उनकी अवधारणा उदारवादियों से किस प्रकार भिन्न थी?

उग्रवादी राष्ट्रवादियों के वैचारिक दर्शन के संदर्भ में 'स्वराज' (Swaraj) की उनकी अवधारणा उदारवादियों से किस प्रकार भिन्न थी?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। उदारवादी ब्रिटिश छत्रछाया में डोमिनियन स्टेटस चाहते थे, जबकि तिलक और उग्रवादियों के लिए स्वराज का अर्थ पूर्ण राजनीतिक स्वतंत्रता था। तिलक का नारा था: "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है..."।

UPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 2020उत्तर-हर्ष कालीन स्रोतों में ‘हुंडी’ का अर्थ क्या था?
उत्तर-हर्ष कालीन स्रोतों में ‘हुंडी’ का अर्थ क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) विनिमय-पत्र

क्यों?

  • हुंडी व्यापार और धन हस्तांतरण में प्रयुक्त बिल ऑफ एक्सचेंज थी।
विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिउत्तरवर्ती मुग़ल शासक फर्रुखसियर (1713–1719) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उसने 1717 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को एक शाही…

उत्तरवर्ती मुग़ल शासक फर्रुखसियर (1713–1719) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उसने 1717 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को एक शाही फरमान जारी किया जिसे कंपनी का 'मैग्ना कार्टा' कहा जाता है। 2. इस फरमान के तहत कंपनी को 3,000 रुपये वार्षिक के बदले बंगाल में सीमा शुल्क मुक्त व्यापार की अनुमति मिली। 3. उसके शासनकाल में सिख नेता बंदा सिंह बहादुर को दिल्ली में मृत्युदंड दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। जॉन सुरमन के नेतृत्व वाले मिशन को फर्रुखसियर ने 1717 में शाही फरमान दिया, जिसमें बंगाल में बिना चुंगी दिए व्यापार और सिक्के ढालने की छूट मिली। 1716 में फर्रुखसियर के समय ही बंदा सिंह बहादुर और उनके साथियों को दिल्ली में शहीद किया गया था।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिउत्तरवर्ती मुग़ल सम्राट बहादुर शाह प्रथम (1707–1712) की नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उसने मराठा राजकुमार शाहू को मुग…

उत्तरवर्ती मुग़ल सम्राट बहादुर शाह प्रथम (1707–1712) की नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उसने मराठा राजकुमार शाहू को मुग़ल कैद से रिहा कर दिया, जिससे मराठों में आंतरिक गृहयुद्ध आरंभ हुआ। 2. उसने गुरु गोबिंद सिंह के साथ शांति स्थापित की और उन्हें उच्च मनसब प्रदान किया। 3. उसने बंदा बहादुर के नेतृत्व में सिख विद्रोह को दबाने के लिए कठोर सैन्य अभियान चलाया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1707 में औरंगजेब की मृत्यु के बाद बहादुर शाह प्रथम (शाह आलम प्रथम) ने मेल-मिलाप की नीति अपनाई। उसने शंभाजी के पुत्र शाहू को रिहा किया जिससे ताराबाई और शाहू के बीच मराठा उत्तराधिकार युद्ध शुरू हुआ। उसने गुरु गोबिंद सिंह को मनसब दिया, किंतु बंदा बहादुर द्वारा पंजाब में बगावत करने पर लौहगढ़ में उनके खिलाफ सैन्य अभियान चलाया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिउदारवादी चरण की मुख्य कमजोरियों या सीमाओं (Limitations) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

उदारवादी चरण की मुख्य कमजोरियों या सीमाओं (Limitations) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। उदारवादियों की सबसे बड़ी कमजोरी यह थी कि वे आम जनता (किसानों व मजदूरों) की शक्ति में विश्वास नहीं कर सके और उनका आंदोलन केवल शिक्षित उच्च-मध्य वर्ग तक सीमित रहा।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिउदारवादी नेताओं की प्रमुख संवैधानिक और प्रशासनिक मांगों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल थे? 1. केंद्रीय और प्रांतीय विधान परिषदों का विस्तार औ…

उदारवादी नेताओं की प्रमुख संवैधानिक और प्रशासनिक मांगों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल थे? 1. केंद्रीय और प्रांतीय विधान परिषदों का विस्तार और उनमें निर्वाचित भारतीयों की संख्या में वृद्धि। 2. बजट पर चर्चा करने और मतदान करने का अधिकार ("बिना प्रतिनिधित्व के कोई कर नहीं" / No taxation without representation)। 3. आईसीएस (ICS) परीक्षा का एक साथ भारत और इंग्लैंड दोनों में आयोजन और आयु सीमा में वृद्धि। 4. कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण और सैन्य व्यय में कटौती। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

चारों मांगें सही हैं। विधान परिषदों का विस्तार, बजट पर अधिकार, भारत व इंग्लैंड में एक साथ आईसीएस परीक्षा, और कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण उदारवादियों की प्रमुख मांगें थीं।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिउमाजी नाईक (Umaji Naik) को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में किस विशिष्ट कारण से याद किया जाता है?

उमाजी नाईक (Umaji Naik) को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में किस विशिष्ट कारण से याद किया जाता है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। उमाजी नाईक ने 1831 में ब्रिटिश शासन के खिलाफ खुला घोषणापत्र जारी कर जनता से कंपनी को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया था। वे 1857 से पहले अंग्रेजों को सीधी राजनीतिक चुनौती देने वाले महान क्रांतिकारी थे; 1832 में उन्हें पुणे में फांसी दी गई।

UPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 2017ऋग्वैदिक आर्यों और सिंधु सभ्यता के लोगों के संदर्भ में:ऋग्वैदिक आर्य युद्ध में कवच और शिरस्त्राण जानते थे, जबकि सिंधु सभ्यता से इसका प्रमाण नहीं …
ऋग्वैदिक आर्यों और सिंधु सभ्यता के लोगों के संदर्भ में:
  1. ऋग्वैदिक आर्य युद्ध में कवच और शिरस्त्राण जानते थे, जबकि सिंधु सभ्यता से इसका प्रमाण नहीं मिला।
  2. ऋग्वैदिक आर्य सोना, चाँदी और ताँबा जानते थे, जबकि सिंधु लोग केवल ताँबा और लोहा जानते थे।
  3. ऋग्वैदिक आर्यों ने घोड़ा पालतू बनाया था, जबकि सिंधु सभ्यता में घोड़े के स्पष्ट प्रमाण नहीं हैं।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) केवल 1 और 3

क्यों?

  • सिंधु सभ्यता लोहा नहीं जानती थी; 1 और 3 सही माने गए।
UPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 2026ऋग्वैदिक काल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : कुओं से की जाने वाली सिंचाई ने कृषि को प्लावनीय मैदानों और नदी किनारों की पट्टियों से …
ऋग्वैदिक काल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
  1. कुओं से की जाने वाली सिंचाई ने कृषि को प्लावनीय मैदानों और नदी किनारों की पट्टियों से दूर वर्तमान पंजाब और हरियाणा के मैदानों में विस्तृत होने का अवसर दिया जहाँ भूमिगत जल स्तर सतह के पर्याप्त समीप था।
  2. कुओं से पानी निकालने के लिए भारवाही-पशु शक्ति का प्रयोग किया गया था।

निम्नलिखित में से कौन-सी सूचना, उपर्युक्त कथनों का समर्थन करती है/हैं?

  1. ऋग्वेद में, पानी निकालने के लिए अश्म चक्र (पत्थर की घिरनी) और आहाव (पट्टी से कसा हुआ लकड़ी का डोल) के उपयोग के साक्ष्य हैं।
  2. ऋग्वेद में परशु/कुलिश (कुल्हाड़ी) और दात्र/सृणी (हँसिया) जैसे उपकरणों के उपयोग का उल्लेख मिलता है।
  3. ऋग्वेद से पहले भी, भूमि को जोतने और गाड़ियों को खींचने के लिए बैल के उपयोग का इतिहास मिलता है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :

उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) केवल 1 और 3

साक्ष्य का तर्क

  • सूचना 1 सीधे कुएँ से पानी निकालने की तकनीक का प्रमाण देती है, इसलिए सिंचाई वाले कथन का समर्थन करती है।
  • सूचना 2 कुल्हाड़ी और हँसिया जैसे कृषि/वनस्पति-कार्य उपकरणों का उल्लेख करती है, लेकिन कुओं से सिंचाई या पशु-शक्ति से जल उठाने का प्रत्यक्ष समर्थन नहीं करती।
  • सूचना 3 बैल की भारवाही क्षमता के पूर्व-ऋग्वैदिक उपयोग का प्रमाण देती है, इसलिए पशु-शक्ति के प्रयोग की संभावना का समर्थन करती है।
UPSC कौशल: प्रश्न ‘क्या सत्य है?’ नहीं, बल्कि ‘कौन-सा साक्ष्य दिए गए कथन का समर्थन करता है?’ पूछ रहा है।
UPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 2026एका आंदोलन और बारदोली सत्याग्रह के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
एका आंदोलन और बारदोली सत्याग्रह के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c)

दोनों आंदोलनों का अंतर

  • एका आंदोलन (1921–22) अवध क्षेत्र में किसानों का आंदोलन था; प्रमुख शिकायतों में अत्यधिक लगान, अवैध वसूली और बेगार शामिल थे।
  • बारदोली सत्याग्रह (1928) गुजरात के सूरत जिले के बारदोली तालुका में बढ़े हुए भू-राजस्व के विरुद्ध संगठित आंदोलन था और इसका नेतृत्व वल्लभभाई पटेल ने किया।
  • एका आंदोलन वाराणसी–मिर्जापुर केंद्रित नहीं था और बारदोली सौराष्ट्र में नहीं था।
तुलना: एका → लगान/किराया वसूली; बारदोली → भूमि-राजस्व वृद्धि।
विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिएनी बेसेंट की नजरबंदी के दौरान महात्मा गांधी की क्या प्रतिक्रिया थी और उन्होंने क्या कदम उठाने का प्रस्ताव रखा था?

एनी बेसेंट की नजरबंदी के दौरान महात्मा गांधी की क्या प्रतिक्रिया थी और उन्होंने क्या कदम उठाने का प्रस्ताव रखा था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (b) सही है। गांधीजी यद्यपि दोनों लीगों में औपचारिक रूप से शामिल नहीं हुए थे, परंतु बेसेंट की गिरफ्तारी पर उन्होंने 1000 स्वयंसेवकों के साथ पदयात्रा निकालने और हस्ताक्षर अभियान चलाने का प्रस्ताव दिया, जिसने सरकार पर भारी दबाव बनाया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिएनी बेसेंट द्वारा भारत में होमरूल आंदोलन शुरू करने के उद्देश्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे 1893 में थियोसोफिकल सोसायटी…

एनी बेसेंट द्वारा भारत में होमरूल आंदोलन शुरू करने के उद्देश्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे 1893 में थियोसोफिकल सोसायटी के प्रचार के लिए भारत आई थीं और भारतीय संस्कृति से अत्यधिक प्रभावित थीं। 2. उनका मानना था कि प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटेन की भागीदारी भारत पर स्वशासन का दबाव बनाने का सर्वोत्तम अवसर है। 3. उन्होंने 1914 में दो समाचार पत्र—'न्यू इंडिया' (New India) और 'कॉमनवील' (Commonweal) शुरू किए ताकि स्वशासन के विचार को प्रसारित किया जा सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। एनी बेसेंट ने 1893 में भारत आकर सेंट्रल हिंदू कॉलेज (बनारस) की स्थापना की। 1914 से उन्होंने राजनीतिक सक्रियता बढ़ाई और 'कॉमनवील' (साप्ताहिक) व 'न्यू इंडिया' (दैनिक - पूर्व नाम मद्रास स्टैंडर्ड) के माध्यम से स्वशासन का जोरदार प्रचार किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिएम.जी. रानाडे ने अपनी पुस्तक 'एसेज इन इंडियन इकोनॉमिक्स' (Essays in Indian Economics - 1898) में ब्रिटिश क्लासिकल अर्थशास्त्र (एडम स्मिथ के अहस्त…

एम.जी. रानाडे ने अपनी पुस्तक 'एसेज इन इंडियन इकोनॉमिक्स' (Essays in Indian Economics - 1898) में ब्रिटिश क्लासिकल अर्थशास्त्र (एडम स्मिथ के अहस्तक्षेप सिद्धांत) की क्या आलोचना की?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। रानाडे ने कहा कि पश्चिमी मुक्त व्यापार भारत को केवल कच्चा माल उत्पादक बनाएगा; भारत के विकास के लिए राज्य को उद्योगों को संरक्षण देना चाहिए।

UPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 2022ऐतिहासिक व्यक्ति–पहचान युग्मों पर विचार कीजिए: आर्यदेव–जैन विद्वान, दिङ्नाग–बौद्ध विद्वान, नाथमुनि–वैष्णव विद्वान। कितने सही हैं?
ऐतिहासिक व्यक्ति–पहचान युग्मों पर विचार कीजिए: आर्यदेव–जैन विद्वान, दिङ्नाग–बौद्ध विद्वान, नाथमुनि–वैष्णव विद्वान। कितने सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) केवल दो

क्यों?

  • आर्यदेव बौद्ध दार्शनिक थे, जैन नहीं।
  • दिङ्नाग बौद्ध और नाथमुनि श्रीवैष्णव परंपरा के प्रमुख आचार्य थे।
UPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 2020ऐतिहासिक शब्दों के युग्म:औरंग — राज्य कोष का प्रभारीबनिया/बनियन — ईस्ट इंडिया कंपनी का भारतीय एजेंटमिरासिदार — राज्य को निर्धारित राजस्व देने वाल…
ऐतिहासिक शब्दों के युग्म:
  1. औरंग — राज्य कोष का प्रभारी
  2. बनिया/बनियन — ईस्ट इंडिया कंपनी का भारतीय एजेंट
  3. मिरासिदार — राज्य को निर्धारित राजस्व देने वाला
सही चुनिए।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) केवल 2 और 3

क्यों?

  • बनियन और मिरासिदार का मिलान सही है; ‘औरंग’ का अर्थ विनिर्माण/कार्यशाला से था।
UPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 2017औद्योगिक श्रम के संदर्भ में:कारखाना अधिनियम, 1881 का उद्देश्य मजदूरी तय करना और ट्रेड यूनियन की अनुमति देना था।एन. एम. लोखंडे ब्रिटिश भारत के श्र…
औद्योगिक श्रम के संदर्भ में:
  1. कारखाना अधिनियम, 1881 का उद्देश्य मजदूरी तय करना और ट्रेड यूनियन की अनुमति देना था।
  2. एन. एम. लोखंडे ब्रिटिश भारत के श्रमिक आंदोलन के अग्रदूत थे।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) केवल 2

क्यों?

  • 1881 अधिनियम मुख्यतः कार्य-स्थितियों से संबंधित था; लोखंडे श्रम आंदोलन के अग्रणी थे।
विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिऔपनिवेशिक काल में जनजातीय (आदिवासी) विद्रोहों की अंतर्निहित विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जनजातीय समाज में बाहरी लो…

औपनिवेशिक काल में जनजातीय (आदिवासी) विद्रोहों की अंतर्निहित विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जनजातीय समाज में बाहरी लोगों (साहूकारों, व्यापारियों, राजस्व ठेकेदारों और ब्रिटिश अधिकारियों) को 'दिक्कू' (Diku) कहा जाता था, जिन्हें वे अपने शोषण का मूल स्रोत मानते थे। 2. ब्रिटिश वन कानूनों और राजस्व व्यवस्था ने आदिवासियों की पारंपरिक सामूहिक भू-स्वामित्व प्रणाली (जैसे खूंटकट्टी व्यवस्था) को नष्ट कर दिया। 3. कई जनजातीय आंदोलनों में 'मसीहाई' (Messianic) चरित्र दिखाई देता है, जहां नेताओं ने देवी-देवताओं से अलौकिक शक्तियां प्राप्त होने का दावा कर अपने अनुयायियों को प्रेरित किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। आदिवासी विद्रोहों की पहचान 'दिक्कू' (बाहरी शोषक - महाजन, ठेकेदार, अंग्रेज) के विरुद्ध संघर्ष थी। वन कानूनों ने उनकी सामूहिक खेती (खूंटकट्टी) छीनी, और अधिकांश आंदोलनों में मसीहाई नेताओं ने ईश्वरीय आदेश का दावा कर आदिवासियों को गोलबंद किया।

UPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 2021औपनिवेशिक भारत में शाहनवाज़ ख़ान, प्रेम कुमार सहगल और गुरबख्श सिंह ढिल्लों किस रूप में याद किए जाते हैं?
औपनिवेशिक भारत में शाहनवाज़ ख़ान, प्रेम कुमार सहगल और गुरबख्श सिंह ढिल्लों किस रूप में याद किए जाते हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) भारतीय राष्ट्रीय सेना के अधिकारी

क्यों?

  • ये तीनों INA अधिकारी लाल किला मुकदमों के कारण विशेष रूप से प्रसिद्ध हुए।
UPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 2018औपनिवेशिक शिक्षा संस्थान–संस्थापक युग्म:बनारस संस्कृत कॉलेज — विलियम जोन्सकलकत्ता मदरसा — वॉरेन हेस्टिंग्सफोर्ट विलियम कॉलेज — आर्थर वेलज़ली
औपनिवेशिक शिक्षा संस्थान–संस्थापक युग्म:
  1. बनारस संस्कृत कॉलेज — विलियम जोन्स
  2. कलकत्ता मदरसा — वॉरेन हेस्टिंग्स
  3. फोर्ट विलियम कॉलेज — आर्थर वेलज़ली
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) केवल 2

क्यों?

  • कलकत्ता मदरसा हेस्टिंग्स से जुड़ा; अन्य मिलान गलत हैं।
विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिकर्नल जेम्स नील (Colonel James Neill) द्वारा इलाहाबाद और बनारस में किए गए दमनकारी अत्याचारों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

कर्नल जेम्स नील (Colonel James Neill) द्वारा इलाहाबाद और बनारस में किए गए दमनकारी अत्याचारों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। कर्नल जेम्स नील ने इलाहाबाद और बनारस में आतंक का नंगा नाच किया। उसने बिना किसी मुकदमे के मासूम नागरिकों और ग्रामीणों को सरेआम पेड़ों से लटका दिया और पूरे के पूरे गांवों को जला दिया।