वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 41
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प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करेंआंग्ल-नेपाल युद्ध (1814–1816) के समय भारत का गवर्नर-जनरल कौन था?
आंग्ल-नेपाल युद्ध (1814–1816) के समय भारत का गवर्नर-जनरल कौन था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (b) सही है। आंग्ल-नेपाल युद्ध (1814–1816) के समय भारत का गवर्नर-जनरल लॉर्ड हेस्टिंग्स (मार्क्विस ऑफ हेस्टिंग्स — 1813 से 1823) था।
आंग्ल-बर्मा संबंधों की पृष्ठभूमि और 18वीं-19वीं सदी में बर्मा के कोणबॉन्ग राजवंश (Konbaung Dynasty) के विस्तार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर …
आंग्ल-बर्मा संबंधों की पृष्ठभूमि और 18वीं-19वीं सदी में बर्मा के कोणबॉन्ग राजवंश (Konbaung Dynasty) के विस्तार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बर्मी सेनापति महा बंधुला ने अराकान, मणिपुर और असम पर अधिकार कर लिया, जिससे बर्मा की सीमाएं सीधे ब्रिटिश बंगाल से जा टकराईं। 2. अराकान के शरणार्थियों द्वारा चटगांव की पहाड़ियों में शरण लेने और वहां से बर्मा पर छापे मारने से दोनों पक्षों में तनाव बढ़ाा। 3. शाहपुरी द्वीप (Shahpuri Island) पर अधिकार को लेकर दोनों के बीच तात्कालिक संघर्ष शुरू हुआ। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। बर्मा के राजा बोदावपाया और सेनापति महा बंधुला ने अराकान व असम जीता। अराकान शरणार्थियों के मुद्दे और चटगांव के पास शाहपुरी द्वीप पर बर्मी आक्रमण से प्रथम आंग्ल-बर्मा युद्ध छिड़ाा।
आंग्ल-मैसूर युद्धों के समय ब्रिटिश गवर्नरों/गवर्नर-जनरलों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध (1767–69) :…
आंग्ल-मैसूर युद्धों के समय ब्रिटिश गवर्नरों/गवर्नर-जनरलों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध (1767–69) : लॉर्ड वेरेल्स्ट (Verelst) 2. द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध (1780–84) : वारेन हेस्टिंग्स (Warren Hastings) 3. तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध (1790–92) : लॉर्ड कॉर्नवालिस (Lord Cornwallis) 4. चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध (1799) : लॉर्ड वेलेजली (Lord Wellesley) उपर्युक्त युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सभी चारों युग्म सही सुमेलित हैं। प्रथम युद्ध के समय लॉर्ड वेरेल्स्ट बंगाल का गवर्नर था; द्वितीय युद्ध के समय वारेन हेस्टिंग्स गवर्नर-जनरल था; तृतीय युद्ध के समय लॉर्ड कॉर्नवालिस था; और चतुर्थ युद्ध के समय लॉर्ड वेलेजली गवर्नर-जनरल था।
आंदोलन/संगठन—नेता युग्म:अखिल भारतीय अस्पृश्यता निवारण संघ — महात्मा गांधीअखिल भारतीय किसान सभा — स्वामी सहजानंद सरस्वतीआत्मसम्मान आंदोलन — ई. वी.…
- अखिल भारतीय अस्पृश्यता निवारण संघ — महात्मा गांधी
- अखिल भारतीय किसान सभा — स्वामी सहजानंद सरस्वती
- आत्मसम्मान आंदोलन — ई. वी. रामासामी नायकर
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- तीनों युग्म ऐतिहासिक रूप से सही हैं।
आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- टैगोर ने मदनपल्ले में ‘जन गण मन’ का अंग्रेज़ी अनुवाद किया था।
आजीवक संप्रदाय के बारे में कथनों पर विचार कीजिए: (a) मख्खलि गोसाल इसके प्रमुख नेता थे। (b) ‘नियति’ इसकी केंद्रीय धारणा थी। (c) यह जाति और वर्ग के…
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- मख्खलि गोसाल प्रमुख नेता थे, नियति केंद्रीय विचार था और आजीवक संगठित समुदाय/सभा परंपरा रखते थे; जाति-वर्ग भेदभाव वाला कथन सही नहीं है।
आधुनिक इतिहासकारों द्वारा 1916 के लखनऊ समझौते की आलोचना के प्रमुख आधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कांग्रेस द्वारा पृथक न…
आधुनिक इतिहासकारों द्वारा 1916 के लखनऊ समझौते की आलोचना के प्रमुख आधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कांग्रेस द्वारा पृथक निर्वाचक मंडल को स्वीकार करना अप्रत्यक्ष रूप से इस सिद्धांत को मान्यता देना था कि हिंदू और मुसलमान अलग-अलग राजनीतिक समुदाय हैं। 2. यह समझौता शीर्ष स्तर के नेताओं के बीच सीटों की सौदेबाजी था, जिसने आम हिंदू और मुस्लिम जनता को एक-दूसरे के निकट लाने के ठोस जमीनी प्रयास नहीं किए। 3. मदन मोहन मालवीय जैसे कुछ वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस द्वारा पृथक निर्वाचक मंडल स्वीकार किए जाने का कड़ा विरोध किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। बिपिन चंद्र के अनुसार लखनऊ समझौता एक बड़ी राजनीतिक गलती साबित हुआ क्योंकि इसने सांप्रदायिकता को संस्थागत मान्यता प्रदान की। इसने दो राष्ट्रों के सिद्धांत (Two-Nation Theory) के बीज बो दिए, जिसे बाद में जिन्ना ने भुनाया।
आधुनिक भारतीय इतिहास में 1857 के विद्रोह के युगांतकारी महत्व का सटीक मूल्यांकन निम्नलिखित में से कौन-सा है?
आधुनिक भारतीय इतिहास में 1857 के विद्रोह के युगांतकारी महत्व का सटीक मूल्यांकन निम्नलिखित में से कौन-सा है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। 1857 के महाविद्रोह ने कंपनी के शासन का अंत किया और भारतीयों में राष्ट्रीय प्रतिरोध की ऐसी भावना जगाई जिसने 20वीं सदी के स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखी।
आधुनिक शिक्षित भारतीय वर्ग द्वारा 1857 के विद्रोह का समर्थन न करने का मुख्य कारण क्या था?
आधुनिक शिक्षित भारतीय वर्ग द्वारा 1857 के विद्रोह का समर्थन न करने का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। आधुनिक शिक्षित भारतीयों का मानना था कि ब्रिटिश शासन भारत में आधुनिक शिक्षा, विज्ञान और औद्योगीकरण लाएगा, जबकि विद्रोही नेता पुरानी सामंती व्यवस्था को बहाल करना चाहते थे।
आर.सी. दत्त ने ब्रिटिश भू-राजस्व नीतियों और भारतीय अर्थव्यवस्था के विनाश का विश्लेषण करते हुए क्या निष्कर्ष निकाला था?
आर.सी. दत्त ने ब्रिटिश भू-राजस्व नीतियों और भारतीय अर्थव्यवस्था के विनाश का विश्लेषण करते हुए क्या निष्कर्ष निकाला था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। आर.सी. दत्त ने कहा था कि यदि लगान हल्का होता और धन देश से बाहर न जाता, तो अकाल कभी इतनी तबाही न मचाते।
आर्य समाज के सामाजिक दृष्टिकोण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आर्य समाज ने बाल विवाह का विरोध किया और लड़कों के लिए विवाह की न…
आर्य समाज के सामाजिक दृष्टिकोण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आर्य समाज ने बाल विवाह का विरोध किया और लड़कों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 25 वर्ष और लड़कियों के लिए 16 वर्ष निर्धारित करने की वकालत की। 2. इसने अंतरजातीय विवाह और विधवा पुनर्विवाह का खुला समर्थन किया। 3. इसने अनाथालयों, विधवा आश्रमों और आपदा राहत कार्यों का भारत में सबसे बड़ा गैर-सरकारी नेटवर्क स्थापित किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। आर्य समाज ने बाल विवाह रोका (लड़के 25, लड़कियां 16), अंतरजातीय व विधवा विवाह को बढ़ावा दिया, और अनाथालयों व आपदा राहत कार्यों का विशाल तंत्र खड़ा किया।
आर्य समाज द्वारा संचालित 'शुद्धि आंदोलन' (Shuddhi Movement) का मुख्य उद्देश्य क्या था?
आर्य समाज द्वारा संचालित 'शुद्धि आंदोलन' (Shuddhi Movement) का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। शुद्धि आंदोलन का उद्देश्य उन लोगों को पुनः हिंदू धर्म में शामिल करना था जो किसी कारणवश इस्लाम या ईसाई धर्म में चले गए थे।
इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल (केंद्रीय विधान परिषद) में रौलट बिल के पारित होने पर सभी निर्वाचित भारतीय सदस्यों की क्या भूमिका थी?
इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल (केंद्रीय विधान परिषद) में रौलट बिल के पारित होने पर सभी निर्वाचित भारतीय सदस्यों की क्या भूमिका थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (b) सही है। केंद्रीय विधान परिषद के सभी 22 निर्वाचित भारतीय सदस्यों ने एकजुट होकर बिल का विरोध किया। किंतु सरकारी बहुमत के बल पर इसे जबरन पास कर दिया गया, जिसके विरोध में जिन्ना, मालवीय और मजहरुल हक ने परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
इतिहासकार जॉन विलियम काये ने प्रथम आंग्ल-अफगान युद्ध (ऑकलैंड की नीति) का मूल्यांकन किस रूप में किया?
इतिहासकार जॉन विलियम काये ने प्रथम आंग्ल-अफगान युद्ध (ऑकलैंड की नीति) का मूल्यांकन किस रूप में किया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। जॉन विलियम काये ने प्रथम आंग्ल-अफगान युद्ध को ब्रिटिश साम्राज्य के इतिहास का सबसे मूर्खतापूर्ण और शर्मनाक सैन्य अभियान बताया था।
इतिहासकार पी.ई. रॉबर्ट्स (P.E. Roberts) ने बक्सर के युद्ध के महत्व के बारे में क्या निष्कर्ष निकाला?
इतिहासकार पी.ई. रॉबर्ट्स (P.E. Roberts) ने बक्सर के युद्ध के महत्व के बारे में क्या निष्कर्ष निकाला?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। पी.ई. रॉबर्ट्स का यह प्रसिद्ध कथन बक्सर के निर्णायक महत्व को उजागर करता है। बक्सर के बाद अवध का नवाब और मुग़ल सम्राट दोनों अंग्रेजों के शरणागत हो गए और कंपनी भारत की सर्वोच्च राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित हो गई।
इतिहासकार बिपिन चंद्र के अनुसार, 19वीं सदी के उत्तरार्ध में भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की मूल विशेषता क्या थी?
इतिहासकार बिपिन चंद्र के अनुसार, 19वीं सदी के उत्तरार्ध में भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की मूल विशेषता क्या थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। बिपिन चंद्र ने स्पष्ट किया कि भारत पहले से एक बना-बनाया आधुनिक राष्ट्र नहीं था, बल्कि यह "बनती हुई एक कौम" (A Nation in the Making) था जिसे औपनिवेशिक विरोधी संघर्ष ने एक साझा राष्ट्रीय पहचान में ढाला।
इतिहासकार सिडनी ओवेन (Sidney Owen) ने बेसिन की संधि (1802) के ऐतिहासिक महत्व का मूल्यांकन किस प्रकार किया?
इतिहासकार सिडनी ओवेन (Sidney Owen) ने बेसिन की संधि (1802) के ऐतिहासिक महत्व का मूल्यांकन किस प्रकार किया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। सिडनी ओवेन का यह प्रसिद्ध कथन है। बेसिन की संधि ने मराठा परिसंघ के प्रमुख (पेशवा) को अंग्रेजों का दास बना दिया, जिससे अन्य मराठा सरदार (सिंधिया, भोंसले, होल्कर) अपमानित महसूस करने लगे और द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध छिड़ गया।
इतिहासकार सुरेंद्रनाथ बनर्जी (Surendranath Banerjea) ने डेरोजियो के अनुयायियों (डेरोजियंस) के बारे में क्या टिप्पणी की थी?
इतिहासकार सुरेंद्रनाथ बनर्जी (Surendranath Banerjea) ने डेरोजियो के अनुयायियों (डेरोजियंस) के बारे में क्या टिप्पणी की थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने डेरोजियंस को आधुनिक बंगाल का अग्रदूत और उस नई चेतना का जनक बताया जिसने बाद की पीढ़ियों को राष्ट्रवाद की राह दिखाई।
उग्र राष्ट्रवादियों द्वारा अपनाए गए संघर्ष के चार प्रमुख साधनों (Four Pillars) में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल थे? 1. स्वदेशी (Swadeshi - भारत…
उग्र राष्ट्रवादियों द्वारा अपनाए गए संघर्ष के चार प्रमुख साधनों (Four Pillars) में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल थे? 1. स्वदेशी (Swadeshi - भारतीय वस्तुओं का उपयोग) 2. बहिष्कार (Boycott - विदेशी माल और संस्थाओं का बहिष्कार) 3. राष्ट्रीय शिक्षा (National Education - राष्ट्रीय नियंत्रण में शिक्षा) 4. निष्क्रिय प्रतिरोध (Passive Resistance - कानूनों और सरकारी आज्ञाओं की शांतिपूर्ण अवज्ञा) नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
चारों साधन सही हैं। उग्रवादियों ने स्वदेशी (भारतीय उद्योग), विदेशी का पूर्ण बहिष्कार, राष्ट्रीय शिक्षा (विदेशी नियंत्रण से मुक्त), और निष्क्रिय प्रतिरोध (सत्याग्रह का पूर्ववर्ती रूप) को अपनाया।
उग्रवादी (Extremist) नेताओं द्वारा उदारवादी राजनीति की आलोचना के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उग्रवादी (Extremist) नेताओं द्वारा उदारवादी राजनीति की आलोचना के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। तिलक और उग्रवादियों ने उदारवादियों की भिक्षावृत्ति (Political Mendicancy) की आलोचना की और कहा कि अधिकार भीख मांगकर नहीं बल्कि आत्मबल और संघर्ष से मिलते हैं।