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वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 38

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति19वीं सदी के उत्तरार्ध में भारत में राष्ट्रवाद के विकास में ऐतिहासिक अनुसंधानों (Historical Research) की क्या भूमिका थी?

19वीं सदी के उत्तरार्ध में भारत में राष्ट्रवाद के विकास में ऐतिहासिक अनुसंधानों (Historical Research) की क्या भूमिका थी?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। प्राच्यविदों और भारतीय इतिहासकारों के अनुसंधानों ने सिद्ध किया कि भारत अतीत में ज्ञान, विज्ञान, कला और दर्शन में विश्व का मार्गदर्शक था। इसने औपनिवेशिक हीन-भावना को समाप्त कर राष्ट्रीय स्वाभिमान जगाया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति19वीं सदी के पूर्वार्ध में राजस्थान में 'मेर विद्रोह' (Mer Uprising - 1820) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मेर लोग मेवाड़ और म…

19वीं सदी के पूर्वार्ध में राजस्थान में 'मेर विद्रोह' (Mer Uprising - 1820) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मेर लोग मेवाड़ और मारवाड़ के बीच मेरवाड़ा (अजमेर के निकट) के पहाड़ी क्षेत्रों में रहते थे। 2. अंग्रेजों और राजपूत रियासतों द्वारा संयुक्त रूप से मेरवाड़ा में पुलिस चौकियां स्थापित करने और कर लगाने के विरोध में मेरों ने विद्रोह किया। 3. 1822 में अंग्रेजों ने मेरों को नियंत्रित करने के लिए 'मेरवाड़ा बटालियन' (Merwara Battalion) का गठन किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। अजमेर-मेरवाड़ा के मेरों ने 1820 में अंग्रेजों और राजपूत राज्यों के हस्तक्षेप के विरुद्ध विद्रोह किया। 1822 में अंग्रेजों ने उनके दमन और नियंत्रण के लिए 'मेरवाड़ा बटालियन' की स्थापना की।

UPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 202019वीं सदी के प्रथम अर्ध में औद्योगिक क्रांति का भारत पर प्रमुख प्रभाव क्या था?
19वीं सदी के प्रथम अर्ध में औद्योगिक क्रांति का भारत पर प्रमुख प्रभाव क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) भारतीय हस्तशिल्प का विनाश

क्यों?

  • ब्रिटिश औद्योगिक उत्पादन से भारतीय पारंपरिक हस्तशिल्प पर गंभीर प्रभाव पड़ा।
विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति19वीं सदी के प्रमुख सुधार आंदोलनों और उनके संस्थापक केंद्रों के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. ब्रह्म समाज : कलकत्ता (1828) 2. प्रार्थना स…

19वीं सदी के प्रमुख सुधार आंदोलनों और उनके संस्थापक केंद्रों के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. ब्रह्म समाज : कलकत्ता (1828) 2. प्रार्थना समाज : बंबई (1867) 3. सत्यशोधक समाज : पुणे (1873) 4. आर्य समाज : बंबई (1875) 5. रामकृष्ण मिशन : बेलूर (1897) उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सभी पांचों युग्म सही सुमेलित हैं। ब्रह्म समाज (कलकत्ता 1828), प्रार्थना समाज (बंबई 1867), सत्यशोधक समाज (पुणे 1873), आर्य समाज (बंबई 1875), रामकृष्ण मिशन (बेलूर 1897)।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति19वीं सदी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के वर्गीकरण (सुधारवादी बनाम पुनरुत्थानवादी) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. सुधार…

19वीं सदी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के वर्गीकरण (सुधारवादी बनाम पुनरुत्थानवादी) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. सुधारवादी आंदोलन (Reformist Movements) : ब्रह्म समाज, प्रार्थना समाज, अलीगढ़ आंदोलन 2. पुनरुत्थानवादी आंदोलन (Revivalist Movements) : आर्य समाज, रामकृष्ण मिशन, देवबंद आंदोलन उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

दोनों युग्म सही सुमेलित हैं। सुधारवादी आंदोलन (Reformist) वर्तमान सामाजिक संरचना में तार्किक बदलाव चाहते थे (ब्रह्म समाज, प्रार्थना समाज, अलीगढ़), जबकि पुनरुत्थानवादी आंदोलन (Revivalist) प्राचीन मूल धर्मग्रंथों की शुद्धता की ओर लौटने की वकालत करते थे (आर्य समाज, रामकृष्ण मिशन, देवबंद)।

UPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 201819वीं सदी में ब्रिटिश शासन का एक प्रमुख आर्थिक परिणाम क्या था?
19वीं सदी में ब्रिटिश शासन का एक प्रमुख आर्थिक परिणाम क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) कृषि का वाणिज्यीकरण

क्यों?

  • औपनिवेशिक मांग और राजस्व नीतियों से नकदी फसलों का विस्तार हुआ।
विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति2 अगस्त 1858 को ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'भारत शासन अधिनियम, 1858' (Act for the Better Government of India) के प्रमुख प्रावधानों में निम्नलिखित …

2 अगस्त 1858 को ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'भारत शासन अधिनियम, 1858' (Act for the Better Government of India) के प्रमुख प्रावधानों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल थे? 1. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन को समाप्त कर भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन (महारानी विक्टोरिया) के अधीन कर दिया गया। 2. कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स और बोर्ड ऑफ कंट्रोल (द्वैध प्रणाली) को समाप्त कर दिया गया। 3. भारत के शासन के संचालन के लिए एक नए पद 'भारत का राज्य सचिव' (Secretary of State for India) का सृजन किया गया जो ब्रिटिश कैबिनेट का सदस्य था। 4. भारत सचिव की सहायता के लिए 15 सदस्यों की एक 'भारत परिषद' (Council of India) का गठन किया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

चारों प्रावधान सही हैं। 1858 के अधिनियम से कंपनी राज समाप्त हुआ, क्राउन का सीधा शासन शुरू हुआ, बोर्ड ऑफ कंट्रोल/डायरेक्टर्स समाप्त हुए, और भारत राज्य सचिव व 15 सदस्यीय भारत परिषद का गठन हुआ।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति20 अगस्त 1828 को राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'ब्रह्म सभा' (बाद में ब्रह्म समाज) के ट्रस्ट डीड (Trust Deed) के मूल सिद्धांतों के संदर्भ में नि…

20 अगस्त 1828 को राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'ब्रह्म सभा' (बाद में ब्रह्म समाज) के ट्रस्ट डीड (Trust Deed) के मूल सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. समाज का भवन किसी भी धर्म या संप्रदाय के व्यक्ति के लिए बिना किसी भेद-भाव के खुला रहेगा, जो एक शाश्वत, अगम्य और सर्वव्यापी ईश्वर की आराधना करना चाहता हो। 2. भवन में किसी भी मूर्ति, चित्र, नक्काशी या बलि की अनुमति नहीं होगी। 3. किसी भी धर्म, संप्रदाय या उसकी पूजा पद्धति का उपहास या निंदा करना सख्त वर्जित था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 20 अगस्त 1828 को ब्रह्म सभा बनी। इसके 1830 के ट्रस्ट डीड में स्पष्ट था कि यह भवन बिना किसी मूर्ति, चित्र या बलि के केवल निराकार और सर्वव्यापी ईश्वर की प्रार्थना के लिए होगा, जहां किसी भी धर्म की निंदा नहीं होगी।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति20 अगस्त 1917 की 'मॉन्टेग्यू घोषणा' (Montagu Declaration) के मूल पाठ और उद्देश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रिटिश शासन क…

20 अगस्त 1917 की 'मॉन्टेग्यू घोषणा' (Montagu Declaration) के मूल पाठ और उद्देश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रिटिश शासन का घोषित लक्ष्य 'प्रशासन की प्रत्येक शाखा में भारतीयों की बढ़ती भागीदारी' सुनिश्चित करना था। 2. ब्रिटिश साम्राज्य के एक अभिन्न अंग के रूप में भारत में 'उत्तरदायी सरकार' (Responsible Government) की क्रमिक स्थापना करना ब्रिटिश नीति का उद्देश्य घोषित किया गया। 3. प्रगति के प्रत्येक चरण का समय और स्वरूप ब्रिटिश सरकार और भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया जाएगा, जो भारतीयों के सहयोग और कर्तव्य-पालन पर निर्भर करेगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। मॉन्टेग्यू घोषणा में पहली बार 'उत्तरदायी सरकार' शब्द का आधिकारिक प्रयोग किया गया। किंतु इसमें यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि सुधार क्रमिक होंगे और यह तय करने का अधिकार पूरी तरह ब्रिटिश संसद का होगा कि भारतीय कब और कितने अधिकार पाने के योग्य हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति20 अगस्त 1917 की मॉन्टेग्यू घोषणा पर विभिन्न भारतीय राष्ट्रवादी नेताओं की प्रतिक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?…

20 अगस्त 1917 की मॉन्टेग्यू घोषणा पर विभिन्न भारतीय राष्ट्रवादी नेताओं की प्रतिक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है? 1. बाल गंगाधर तिलक — इसे 'सूर्यविहीन उषाकाल' (A Sunless Dawn) तथा असंतोषजनक व निराशाजनक कहा। 2. एनी बेसेंट — इसे 'एक मुक्त राष्ट्र द्वारा दूसरे राष्ट्र को दिया गया गरिमापूर्ण उपहार' (A Worthy Gift) माना। 3. सुरेंद्रनाथ बनर्जी एवं नरमपंथी — इसे 'भारत का मैग्ना कार्टा' (Magna Carta of India) मानकर स्वागत किया। उपर्युक्त में से कौन-से सही सुमेलित हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों युग्म सही सुमेलित हैं। तिलक ने इसे 'सूर्यविहीन उषाकाल' कहकर खारिज किया क्योंकि इसमें भारतीयों को स्वशासन का तुरंत कोई अधिकार नहीं दिया गया था। वहीं उदारवादियों (सुरेंद्रनाथ बनर्जी आदि) ने इसे ऐतिहासिक प्रगति मानकर इसका गर्मजोशी से स्वागत किया।

BPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 202220 फरवरी 1947 को प्रधानमंत्री एटली ने भारत से ब्रिटिश सत्ता हस्तांतरण की अंतिम समय-सीमा क्या घोषित की?
20 फरवरी 1947 को प्रधानमंत्री एटली ने भारत से ब्रिटिश सत्ता हस्तांतरण की अंतिम समय-सीमा क्या घोषित की?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) जून 1948

व्याख्या

  • एटली ने घोषणा की कि जून 1948 से देर नहीं सत्ता हस्तांतरित कर दी जाएगी।
विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति20 मार्च 1927 को डॉ. बी.आर. अंबेडकर के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक 'महाड़ सत्याग्रह' (Mahad Satyagraha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजि…

20 मार्च 1927 को डॉ. बी.आर. अंबेडकर के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक 'महाड़ सत्याग्रह' (Mahad Satyagraha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह सत्याग्रह महाराष्ट्र के कोलाबा जिले के महाड़ में स्थित 'चावदार तालाब' (Chavadar Tank) से दलितों को सार्वजनिक रूप से पानी पीने का अधिकार दिलाने के लिए किया गया था। 2. यह भारत के इतिहास में नागरिक मानवाधिकारों के लिए अछूतों का पहला बड़ा संगठित जन-आंदोलन था। 3. 20 मार्च को भारत में 'सामाजिक सशक्तिकरण दिवस' (Social Empowerment Day) के रूप में मनाया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 20 मार्च 1927 को महाड़ के चावदार तालाब से दलितों को पानी पीने का अधिकार दिलाने के लिए सत्याग्रह हुआ। इसे भारत में 'सामाजिक सशक्तिकरण दिवस' कहा जाता है।

UPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 202020वीं सदी के आरम्भ तक भारत में नील की खेती क्यों घटी?
20वीं सदी के आरम्भ तक भारत में नील की खेती क्यों घटी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) कृत्रिम रंगों के आविष्कार से विश्व बाजार में अलाभकारी होना

क्यों?

  • कृत्रिम रंगों के विकास ने प्राकृतिक नील की वैश्विक मांग और लाभप्रदता घटा दी।
विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति21 फरवरी 1849 को लड़े गए गुजरात के युद्ध (Battle of Gujrat) को 'तोपों का युद्ध' (Battle of the Guns) क्यों कहा जाता है?

21 फरवरी 1849 को लड़े गए गुजरात के युद्ध (Battle of Gujrat) को 'तोपों का युद्ध' (Battle of the Guns) क्यों कहा जाता है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। 21 फरवरी 1849 को गुजरात (चिनाब नदी के किनारे) में लड़े गए युद्ध में अंग्रेजों ने 84 तोपों से भीषण गोलाबारी की जिसने सिख तोपखाने को खामोश कर दिया। इसके बाद 12 मार्च को शेर सिंह और चतर सिंह ने रावलपिंडी में हथियार डाल दिए।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति21 फरवरी 1915 को पूरे उत्तरी भारत (फिरोजपुर, लाहौर, मेरठ छावनियों) में एक साथ सशस्त्र सैन्य विद्रोह करने की गदर योजना के विफल होने का मुख्य कारण …

21 फरवरी 1915 को पूरे उत्तरी भारत (फिरोजपुर, लाहौर, मेरठ छावनियों) में एक साथ सशस्त्र सैन्य विद्रोह करने की गदर योजना के विफल होने का मुख्य कारण क्या था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। पुलिस के मुखबिर कृपाल सिंह ने पूरी योजना पहले ही सीआईडी को बता दी, जिससे अंग्रेजों ने सभी छावनियों में पहरा कड़ा कर दिया और नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति22 जून 1897 को पूना में चापेकर बंधुओं (दामोदर और बालकृष्ण चापेकर) द्वारा की गई हत्या के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह आधुनिक …

22 जून 1897 को पूना में चापेकर बंधुओं (दामोदर और बालकृष्ण चापेकर) द्वारा की गई हत्या के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह आधुनिक भारतीय इतिहास में अंग्रेजों के विरुद्ध की गई पहली राजनीतिक हत्या (First political assassination) थी। 2. उन्होंने पूना के प्लेग कमिश्नर वाल्टर चार्ल्स रैंड (W.C. Rand) और लेफ्टिनेंट आयर्स्ट को गोली मारी थी। 3. चापेकर बंधुओं ने 'हिंदू धर्म संरक्षिणी सभा' की स्थापना की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 22 जून 1897 को चापेकर बंधुओं (दामोदर ও बालकृष्ण) ने पूना के प्लेग कमिश्नर रैंड और आयर्स्ट की हत्या की। यह ब्रिटिश अधिकारियों की पहली राजनीतिक हत्या थी। दोनों भाइयों को फांसी हुई।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति25 दिसंबर 1927 को महाड़ में डॉ. अंबेडकर द्वारा 'मनुस्मृति दहन' (Burning of Manusmriti) के ऐतिहासिक कदम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार की…

25 दिसंबर 1927 को महाड़ में डॉ. अंबेडकर द्वारा 'मनुस्मृति दहन' (Burning of Manusmriti) के ऐतिहासिक कदम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अंबेडकर ने मनुस्मृति को हिंदू समाज में जातिगत असमानता, अस्पृश्यता और महिलाओं की अधीनता का मूल वैचारिक स्रोत माना। 2. मनुस्मृति की प्रति को चिता में जलाने की शुरुआत अंबेडकर के ब्राह्मण सहयोगी गंगाधर नीलकंठ सहस्त्रबुद्धे ने की थी। 3. यह घटना भारतीय इतिहास में सामाजिक असमानता के प्रतीकों के विरुद्ध बौद्धिक और प्रतीकात्मक विद्रोह की पराकाष्ठा थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 25 दिसंबर 1927 को महाड़ सम्मेलन में डॉ. अंबेडकर और उनके ब्राह्मण साथी गंगाधर सहस्त्रबुद्धे ने असमानता के प्रतीक मनुस्मृति को सार्वजनिक रूप से अग्नि को समर्पित किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति26 जुलाई 1876 को कलकत्ता में सुरेंद्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस द्वारा स्थापित 'इंडियन एसोसिएशन' (Indian Association of Calcutta) के संदर्भ में …

26 जुलाई 1876 को कलकत्ता में सुरेंद्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस द्वारा स्थापित 'इंडियन एसोसिएशन' (Indian Association of Calcutta) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह कांग्रेस-पूर्व भारत की सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली राष्ट्रवादी राजनीतिक संस्था थी। 2. इसका उद्देश्य एक मजबूत अखिल भारतीय जनमत तैयार करना और साझा राजनीतिक कार्यक्रम पर भारतीय जनता को एकजुट करना था। 3. इसने 1877 में आईसीएस परीक्षा की आयु सीमा घटाए जाने के विरोध में देशव्यापी 'सिविल सेवा आंदोलन' (Civil Service Agitation) चलाया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 26 जुलाई 1876 को सुरेंद्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस ने इंडियन एसोसिएशन बनाई। इसने मध्य वर्ग और छात्रों को संगठित किया और 1877 में आईसीएस आंदोलन चलाया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति26 दिसंबर 1907 को ताप्ती नदी के तट पर आयोजित 'सूरत अधिवेशन' (सूरत विभाजन / Surat Split) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उदारवाद…

26 दिसंबर 1907 को ताप्ती नदी के तट पर आयोजित 'सूरत अधिवेशन' (सूरत विभाजन / Surat Split) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उदारवादियों ने डॉ. रास बिहारी घोष (Rash Behari Ghosh) को अध्यक्ष चुना, जबकि उग्रवादी लाला लाजपत राय को अध्यक्ष बनाना चाहते थे। 2. अधिवेशन में भारी हंगामा, नारेबाजी हुई और मंच पर कुर्सियां व एक जूता फेंका गया जो सुरेंद्रनाथ बनर्जी और फिरोजशाह मेहता को लगा। 3. अधिवेशन अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया और उदारवादियों ने उग्रवादियों (तिलक, अरविंद आदि) को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 26 दिसंबर 1907 को सूरत में रास बिहारी घोष की अध्यक्षता पर हंगामा हुआ, जूता चला और कांग्रेस विभाजित हो गई। उदारवादियों ने उग्रवादियों को बाहर कर दिया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति29 मार्च 1849 को लॉर्ड डलहौजी द्वारा पंजाब के औपचारिक विलय (Annexation of Punjab) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नाबालिग महारा…

29 मार्च 1849 को लॉर्ड डलहौजी द्वारा पंजाब के औपचारिक विलय (Annexation of Punjab) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नाबालिग महाराजा दलीप सिंह को 50,000 पाउंड की वार्षिक पेंशन देकर उनकी माता रानी जिंदन के साथ बाद में इंग्लैंड भेज दिया गया। 2. प्रसिद्ध 'कोहिनूर हीरा' (Koh-i-Noor diamond) महाराजा दलीप सिंह से लेकर महारानी विक्टोरिया को प्रस्तुत किया गया। 3. डलहौजी के इस कदम को ब्रिटिश संसद और इतिहासकारों ने पूर्णतः नैतिक और न्यायोचित ठहराया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 3 गलत है क्योंकि समकालीन ब्रिटिश विचारकों (जैसे जॉन विलियम काये और स्वयं हेनरी लॉरेंस) ने नाबालिग राजा के साथ इस व्यवहार को पूर्णतः अनैतिक और विश्वासघाती माना। कथन 1 और 2 सही हैं; दलीप सिंह को 50,000 पाउंड पेंशन देकर इंग्लैंड भेजा गया और कोहिनूर हीरा महारानी विक्टोरिया को सौंपा गया।