वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 36
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प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करें1917 के 'चंपारण सत्याग्रह' (Champaran Satyagraha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह भारत में महात्मा गांधी द्वारा संचालित पहला…
1917 के 'चंपारण सत्याग्रह' (Champaran Satyagraha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह भारत में महात्मा गांधी द्वारा संचालित पहला सफल 'सविनय अवज्ञा' (First Civil Disobedience) आंदोलन था। 2. बिहार के चंपारण में यूरोपीय नील बागान मालिकों (Planters) द्वारा प्रचलित 'तीनकठिया पद्धति' (Tinkathia System) के तहत किसानों को अपनी कुल भूमि के 3/20 भाग पर नील की खेती करना अनिवार्य था। 3. 19वीं सदी के अंत में जर्मनी में विकसित कृत्रिम रंगों (Synthetic Dyes) के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक नील की मांग समाप्त हो गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। चंपारण में यूरोपीय बागान मालिक 3/20 भाग पर नील की खेती करवाते थे। कृत्रिम डाई आने से नील का धंधा घाटे में गया, तो बागान मालिकों ने किसानों को अनुबंध से मुक्त करने के बदले भारी 'तवान' (Tawan - गैरकानूनी क्षतिपूर्ति) और 'शरहबेशी' (लगान वृद्धि) थोप दी।
1918 के 'खेड़ा सत्याग्रह' (Kheda Satyagraha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह भारत में महात्मा गांधी का 'पहला वास्तविक असहयोग…
1918 के 'खेड़ा सत्याग्रह' (Kheda Satyagraha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह भारत में महात्मा गांधी का 'पहला वास्तविक असहयोग' (First Non-Cooperation) आंदोलन था। 2. गुजरात के खेड़ा जिले में भीषण सूखे और फसल बर्बादी के बावजूद ब्रिटिश प्रशासन किसानों से पूरा भू-राजस्व (Land Revenue) वसूलने पर अड़ा हुआ था। 3. राजस्व संहिता (Revenue Code) के अनुसार, यदि कुल उत्पादन सामान्य उपज के एक-चौथाई (25%) से कम हो, तो किसानों को भू-राजस्व में पूर्ण छूट पाने का कानूनी अधिकार था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। खेड़ा में 1918 में फसल बर्बाद हुई और उत्पादन 25% से कम रहा। सरकार के राजस्व नियमों के अनुसार पूरा लगान माफ होना चाहिए था, किंतु अधिकारियों ने धमकी दी कि लगान न देने पर संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी। गांधीजी ने किसानों को लगान न देने (असहयोग) की सलाह दी।
1918 के दिल्ली कांग्रेस अधिवेशन (दिसंबर 1918) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिवेशन की अध्यक्षता पंडित मदन मोहन मालवीय ने …
1918 के दिल्ली कांग्रेस अधिवेशन (दिसंबर 1918) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिवेशन की अध्यक्षता पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। 2. अधिवेशन में किसानों की बड़ी संख्या में भागीदारी हुई और किसानों के अधिकारों का प्रस्ताव पारित किया गया। 3. कांग्रेस ने मांग की कि भारत में तुरंत पूर्ण प्रांतीय स्वायत्तता (Full Provincial Autonomy) लागू की जाए और आत्मनिर्णय का अधिकार दिया जाए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। दिसंबर 1918 के दिल्ली अधिवेशन के अध्यक्ष मदन मोहन मालवीय थे। इसमें लगभग 1500 किसानों ने भाग लिया। कांग्रेस ने मॉन्टेग्यू- चेम्सफोर्ड रिपोर्ट की आलोचना करते हुए तत्काल पूर्ण प्रांतीय स्वायत्तता और आत्मनिर्णय की मांग रखी।
1918 में अहमदाबाद मिल हड़ताल की सफलता के बाद गांधीजी और अनुसूया साराभाई ने किस ऐतिहासिक मजदूर संगठन की स्थापना की थी?
1918 में अहमदाबाद मिल हड़ताल की सफलता के बाद गांधीजी और अनुसूया साराभाई ने किस ऐतिहासिक मजदूर संगठन की स्थापना की थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (b) सही है। 1920 में गांधीजी और अनुसूया साराभाई ने 'टेक्सटाइल लेबर एसोसिएशन' (TLA या मजदूर महाजन संघ) की स्थापना की, जो शांतिपूर्ण मध्यस्थता और अहिंसक समझौते के सिद्धांतों पर काम करने वाला भारत का सबसे प्रभावशाली मजदूर संगठन बना।
1918 में भारत में क्रांतिकारी गतिविधियों की जांच और नए दमनकारी कानून बनाने के लिए गठित ब्रिटिश समिति का नाम क्या था?
1918 में भारत में क्रांतिकारी गतिविधियों की जांच और नए दमनकारी कानून बनाने के लिए गठित ब्रिटिश समिति का नाम क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। 1918 में जस्टिस सिडनी रौलट की अध्यक्षता में 'सेडिशन कमेटी' (रौलट कमेटी) गठित की गई थी।
1918 में मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों पर कांग्रेस के आलोचनात्मक रुख से अलग हुए पुराने नरमपंथियों—सप्रू, जयकर और चिंतामणि—ने किस संगठन का गठन किय…
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- पुराने उदारवादी नेताओं ने Indian National Liberal Federation का गठन किया।
1920 में ऑल इंडिया होमरूल लीग के पुनर्गठन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
1920 में ऑल इंडिया होमरूल लीग के पुनर्गठन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। 1920 में महात्मा गांधी ने ऑल इंडिया होमरूल लीग की अध्यक्षता स्वीकार की। लीग का नाम बदलकर 'स्वराज्य सभा' रखा गया और इसके संगठनात्मक ढांचे तथा कार्यकर्ताओं का सीधा उपयोग गांधीजी ने अपने असहयोग आंदोलन के लिए किया।
1920 में किस संगठन ने अपना नाम ‘स्वराज्य सभा’ रखा?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- होम रूल लीग ने आगे चलकर यह नाम अपनाया।
1920 से 1925 के बीच पंजाब में चले 'अकाली आंदोलन' (Akali Movement / Gurdwara Reform Movement) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह…
1920 से 1925 के बीच पंजाब में चले 'अकाली आंदोलन' (Akali Movement / Gurdwara Reform Movement) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह ऐतिहासिक सिख गुरुद्वारों को भ्रष्ट, विलासी और ब्रिटिश-समर्थक महंतों (उदासी पुजारियों) के नियंत्रण से मुक्त कराने का एक अहिंसक जन- आंदोलन था। 2. 1920 में गुरुद्वारों के प्रबंधन के लिए 'शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी' (SGPC) और इसके राजनीतिक विंग के रूप में 'शिरोमणि अकाली दल' का गठन हुआ। 3. अकाली आंदोलन ने महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन के साथ घनिष्ठ तालमेल बिठाकर कार्य किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। अकाली आंदोलन (1920-25) भ्रष्ट महंतों से गुरुद्वारों की मुक्ति के लिए अहिंसक आंदोलन था। SGPC और अकाली दल का गठन हुआ और इसने कांग्रेस के असहयोग आंदोलन का पूर्ण समर्थन किया।
1922 का साराबंदी अभियान किसके नेतृत्व में चला?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- BPSC की अंतिम उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (b) सरदार वल्लभभाई पटेल है।
1922 के 'गुरु का बाग मोर्चा' (Guru Ka Bagh Morcha) की ऐतिहासिक महत्ता क्या थी?
1922 के 'गुरु का बाग मोर्चा' (Guru Ka Bagh Morcha) की ऐतिहासिक महत्ता क्या थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। 1922 के गुरु का बाग मोर्चे में ब्रिटिश पुलिस की बर्बरता के सामने सिखों के शांतिपूर्ण अहिंसक त्याग को देखकर अंग्रेज पादरी सी.एफ. एंड्रयूज ने कहा था कि उन्होंने ईसा मसीह के बलिदान का दृश्य देखा।
1923 में स्वराज पार्टी की स्थापना किसने की?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू स्वराज पार्टी के प्रमुख संस्थापक थे।
1924 में बंबई में डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा स्थापित 'बहिष्कृत हितकारिणी सभा' के मूल सिद्धांतों और आदर्श वाक्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर व…
1924 में बंबई में डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा स्थापित 'बहिष्कृत हितकारिणी सभा' के मूल सिद्धांतों और आदर्श वाक्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सभा का आदर्श वाक्य था: "शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो" (Educate, Agitate, Organise)। 2. इसका मुख्य उद्देश्य अछूतों के सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षिक अधिकारों की रक्षा करना और उनमें स्वाभिमान जगाना था। 3. इसने दलित छात्रों के लिए छात्रावास, पुस्तकालय और रात्रि पाठशालाएं खोलीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। जुलाई 1924 में डॉ. अंबेडकर ने 'बहिष्कृत हितकारिणी सभा' बनाई। आदर्श वाक्य था: "शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो।" इसने छात्रावास और रात्रि पाठशालाएं चलाईं।
1924–1925 में केरल के त्रावणकोर में हुए ऐतिहासिक 'वायकोम सत्याग्रह' (Vaikom Satyagraha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका मु…
1924–1925 में केरल के त्रावणकोर में हुए ऐतिहासिक 'वायकोम सत्याग्रह' (Vaikom Satyagraha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका मुख्य उद्देश्य वायकोम के शिव मंदिर के चारों ओर की सार्वजनिक सड़कों पर अवर्णों (एझवा, पुलाया आदि) के चलने के अधिकार को मान्यता दिलाना था। 2. के.पी. केशव मेनन, टी.के. माधवन और के. केलप्पन इसके प्रमुख नेता थे। 3. महात्मा गांधी और पेरियार ई.वी. रामास्वामी ने भी इस सत्याग्रह में भाग लिया था और गांधीजी ने त्रावणकोर की महारानी से वार्ता की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 1924–25 का वायकोम सत्याग्रह मंदिर के चारों ओर की सड़कों पर अछूतों के चलने के अधिकार के लिए था। के.पी. केशव मेनन, टी.के. माधवन, के. केलप्पन, पेरियार और गांधीजी ने इसमें भाग लिया।
1925 में पेरियार ई.वी. रामास्वामी (E.V. Ramasamy Periyar) द्वारा शुरू किए गए 'आत्म-सम्मान आंदोलन' (Self- Respect Movement / सुय मरियाधै इयक्कम) क…
1925 में पेरियार ई.वी. रामास्वामी (E.V. Ramasamy Periyar) द्वारा शुरू किए गए 'आत्म-सम्मान आंदोलन' (Self- Respect Movement / सुय मरियाधै इयक्कम) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पेरियार ने कांग्रेस की आंतरिक नीतियों (विशेषकर चेरनमादेवी गुरुकुल में जातिगत भेदभाव) से क्षुब्ध होकर कांग्रेस छोड़ दी थी। 2. इस आंदोलन ने ब्राह्मण पुरोहितों के बिना सादे विवाहों ('आत्म-सम्मान विवाह') को बढ़ावा दिया, जिसे बाद में तमिलनाडु में कानूनी मान्यता मिली। 3. पेरियार ने मनुस्मृति को सार्वजनिक रूप से जलाया और रामायण की एक क्रांतिकारी भौतिकवादी पुनर्व्याख्या प्रस्तुत की। 4. उन्होंने तमिल में 'कुदी अरासु' (Kudi Arasu / गणराज्य) नामक प्रसिद्ध पत्रिका निकाली। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
चारों कथन सही हैं। 1925 में पेरियार ने आत्म-सम्मान आंदोलन शुरू किया। बिना पुरोहित के विवाह, मनुस्मृति का दहन, रामायण की भौतिकवादी व्याख्या और 'कुदी अरासु' पत्रिका इसके मुख्य आयाम थे।
1927 में मार्गरेट कजिंस (Margaret Cousins) और अन्य प्रमुख नेताओं द्वारा स्थापित 'अखिल भारतीय महिला सम्मेलन' (All India Women's Conference - AIWC)…
1927 में मार्गरेट कजिंस (Margaret Cousins) और अन्य प्रमुख नेताओं द्वारा स्थापित 'अखिल भारतीय महिला सम्मेलन' (All India Women's Conference - AIWC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी स्थापना मूलतः महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हुई थी, किंतु शीघ्र ही इसने महिलाओं के कानूनी और मताधिकार के मुद्दों को अपने हाथ में ले लिया। 2. बड़ौदा की महारानी चिमनाबाई गायकवाड़ इसकी प्रथम अध्यक्ष बनीं। 3. AIWC ने 1929 के शारदा अधिनियम को पारित कराने में निर्णायक दबाव समूह (Pressure group) के रूप में कार्य किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 1927 में मार्गरेट कजिंस द्वारा AIWC की स्थापना हुई। महारानी चिमनाबाई गायकवाड़ पहली अध्यक्ष बनीं। इसने शारदा अधिनियम (1929) के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाई।
1929 के 'बाल विवाह निरोधक अधिनियम' (Child Marriage Restraint Act, 1929), जिसे लोकप्रिय रूप से 'शारदा अधिनियम' (Sharda Act) कहा जाता है, के संदर्भ…
1929 के 'बाल विवाह निरोधक अधिनियम' (Child Marriage Restraint Act, 1929), जिसे लोकप्रिय रूप से 'शारदा अधिनियम' (Sharda Act) कहा जाता है, के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह विधेयक अजमेर के शिक्षाविद् और समाज सुधारक राय साहब हरबिलास शारदा के प्रयासों से केंद्रीय विधानसभा में पेश किया गया था। 2. इस कानून ने लड़कियों के विवाह की न्यूनतम कानूनी आयु 14 वर्ष और लड़कों के लिए 18 वर्ष निर्धारित की। 3. यह कानून 1 अप्रैल 1930 से पूरे ब्रिटिश भारत में सभी धर्मों और समुदायों पर लागू किया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। हरबिलास शारदा के प्रयासों से 1929 का बाल विवाह निरोधक अधिनियम बना। लड़कियों की न्यूनतम आयु 14 और लड़कों की 18 वर्ष तय की गई और यह 1 अप्रैल 1930 से लागू हुआ।
1929 के कांग्रेस अधिवेशन में स्वतंत्रता का ध्वज किसने फहराया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- BPSC की अंतिम Series-A उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (b) जवाहरलाल नेहरू है।
1930 में नासिक में डॉ. अंबेडकर द्वारा शुरू किए गए 'कालाराम मंदिर सत्याग्रह' (Kalaram Temple Entry Satyagraha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर व…
1930 में नासिक में डॉ. अंबेडकर द्वारा शुरू किए गए 'कालाराम मंदिर सत्याग्रह' (Kalaram Temple Entry Satyagraha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका उद्देश्य अछूतों को नासिक के प्रसिद्ध कालाराम मंदिर में प्रवेश का अधिकार दिलाना था। 2. सत्याग्रह का स्थानीय संचालन दादासाहेब गायकवाड़ ने किया था। 3. यह सत्याग्रह लगभग 5 वर्षों तक चला, जिसमें अंततः सवर्णों द्वारा मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाने पर अंबेडकर ने निष्कर्ष निकाला कि हिंदू धर्म में सुधार की संभावनाएं सीमित हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 1930 में नासिक का कालाराम मंदिर सत्याग्रह 5 साल चला। दादासाहेब गायकवाड़ ने संचालन किया। इसके बाद अंबेडकर ने निष्कर्ष निकाला कि हिंदू धर्म में रहकर समानता असंभव है।
1930 में महात्मा गांधी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन कहाँ से आरंभ किया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- BPSC की अंतिम उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (b) दांडी है।