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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 28

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1837 में कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ क्षेत्र में हुए 'कल्याणस्वामी / अमरा सुलिया विद्रोह' (Kalyanaswamy Revolt) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर वि…

1837 में कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ क्षेत्र में हुए 'कल्याणस्वामी / अमरा सुलिया विद्रोह' (Kalyanaswamy Revolt) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह विद्रोह कुर्ग (Coorg) के राजा को अंग्रेजों द्वारा 1834 में अपदस्थ किए जाने के बाद भड़का। 2. कल्याणस्वामी और उनके अनुयायियों ने घोषणा की कि वे कुर्ग के वैध राजा के प्रतिनिधि हैं और अंग्रेजों को लगान देना बंद कर दिया। 3. विद्रोहियों ने मैंगलोर पर मार्च किया और कुछ समय के लिए सरकारी खजाने पर अधिकार कर लिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1837 में दक्षिण कन्नड़ (कर्नाटक) में अपदस्थ कुर्ग राजा की पुनर्बहाली के लिए कल्याणस्वामी और लक्ष्मप्पा बंगरसर के नेतृत्व में 'अमरा सुलिया विद्रोह' हुआ, जिसमें किसानों ने मैंगलोर पर कब्जा कर लिया था।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1837 से 1856 के बीच ओडिशा के पर्वतीय क्षेत्रों में हुए 'खोंड विद्रोह' (Khond Uprising) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. खोंड विद…

1837 से 1856 के बीच ओडिशा के पर्वतीय क्षेत्रों में हुए 'खोंड विद्रोह' (Khond Uprising) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. खोंड विद्रोह का मुख्य नेतृत्व चक्र बिसोई (Chakra Bisoi) ने किया था। 2. विद्रोह का मुख्य कारण अंग्रेजों द्वारा खोंडों की पारंपरिक मानव बलि प्रथा 'मरियाह' (Meriah) पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास और नए करों का आरोपण था। 3. अंग्रेजी सरकार ने मरियाह प्रथा को रोकने के लिए कैंपबेल के अधीन एक विशेष 'मरियाह एजेंसी' की स्थापना की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। ओडिशा के खोंडों ने चक्र बिसोई के नेतृत्व में विद्रोह किया। मुख्य कारण था अंग्रेजों द्वारा उनकी पवित्र मानव बलि प्रथा 'मरियाह' पर रोक लगाना और कैंपबेल द्वारा बनाई गई दमनकारी मरियाह एजेंसी का विरोध।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1838 की 'त्रिदलीय संधि' (Tripartite Treaty) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह संधि लॉर्ड ऑकलैंड (गवर्नर-जनरल), महाराजा रणजीत स…

1838 की 'त्रिदलीय संधि' (Tripartite Treaty) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह संधि लॉर्ड ऑकलैंड (गवर्नर-जनरल), महाराजा रणजीत सिंह और अपदस्थ अफगान अमीर शाह शुजा के बीच संपन्न हुई थी। 2. शाह शुजा ने सिंध पर अपने संप्रभुता के दावे इस शर्त पर छोड़ दिए कि सिंध के अमीर उसे एक भारी हर्जाना चुकाएंगे। 3. सिंध के अमीरों को इस संधि में एक हस्ताक्षरकर्ता पक्ष के रूप में शामिल किया गया था और उनकी सहमति ली गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 3 गलत है क्योंकि सिंध के अमीरों को इस संधि में कोई पक्ष नहीं बनाया गया था, बल्कि उनकी पीठ पीछे उनके भाग्य का फैसला किया गया था। कथन 1 और 2 सही हैं; जून 1838 में ऑकलैंड, रणजीत सिंह और शाह शुजा के बीच त्रिदलीय संधि हुई जिसमें शाह शुजा के बकाए के बदले अमीरों से जबरन धन वसूलना तय हुआ।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1838 में कलकत्ता में स्थापित 'लैंडहोल्डर्स सोसाइटी' (Landholders' Society / ज़मींदारी एसोसिएशन) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1.…

1838 में कलकत्ता में स्थापित 'लैंडहोल्डर्स सोसाइटी' (Landholders' Society / ज़मींदारी एसोसिएशन) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी स्थापना द्वारकानाथ टैगोर, प्रसन्न कुमार टैगोर और राधाकांत देव द्वारा की गई थी। 2. यह भारत की पहली संगठित राजनीतिक संस्था मानी जाती है जिसने अपने हितों की रक्षा के लिए संवैधानिक प्रदर्शन और याचिकाओं का सहारा लिया। 3. इसका मुख्य उद्देश्य केवल बंगाल, बिहार और उड़ीसा के बड़े जमींदारों के वर्गीय हितों की रक्षा करना था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1838 में कलकत्ता में द्वारकानाथ टैगोर आदि ने लैंडहोल्डर्स सोसाइटी बनाई। यह भारत की पहली राजनीतिक संस्था थी जिसने याचिकाओं और संवैधानिक माध्यमों से जमींदारों के अधिकारों की रक्षा की।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1839 में असम के पूर्वोत्तर सीमांत पर 'सिंघपो विद्रोह' (Singphos Uprising) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सिंघपो लड़ाकों ने ब्र…

1839 में असम के पूर्वोत्तर सीमांत पर 'सिंघपो विद्रोह' (Singphos Uprising) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सिंघपो लड़ाकों ने ब्रिटिश छावनी पर अचानक हमला कर कैप्टन नीफविले (Neufville) की सेना को चुनौती दी थी। 2. विद्रोह का कारण अंग्रेजों द्वारा आदिवासियों के दास व्यापार पर प्रतिबंध और उनके इलाकों में चाय बागानों का विस्तार था। 3. 1839 में सिंघपो ने खमती (Khamti) आदिवासियों के साथ मिलकर ब्रिटिश रेजीडेंट एडम व्हाइट की हत्या कर दी थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। असम के सिंघपो आदिवासियों ने 1830 और 1839 में चाय बागानों के विस्तार और दास प्रथा पर रोक के विरोध में विद्रोह किया। 1839 में उन्होंने खमती आदिवासियों के साथ मिलकर सादिया में ब्रिटिश एजेंट कर्नल व्हाइट की हत्या कर दी थी।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1839 में देवेंद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित 'तत्त्वबोधिनी सभा' (Tattvabodhini Sabha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका प्रारंभ…

1839 में देवेंद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित 'तत्त्वबोधिनी सभा' (Tattvabodhini Sabha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका प्रारंभिक नाम 'तत्वरंजिनी सभा' था और इसका उद्देश्य वेदांत के सार का प्रचार तथा बंगाली भाषा के माध्यम से वैज्ञानिक और तार्किक शिक्षा देना था। 2. अक्षय कुमार दत्त इसके प्रसिद्ध मुखपत्र 'तत्त्वबोधिनी पत्रिका' के पहले संपादक बने। 3. 1842 में देवेंद्रनाथ टैगोर तत्त्वबोधिनी सभा के सदस्यों सहित ब्रह्म समाज में शामिल हुए और उन्होंने समाज को एक नया संगठनात्मक ढांचा प्रदान किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। देवेंद्रनाथ टैगोर ने 1839 में तत्त्वबोधिनी सभा बनाई। अक्षय कुमार दत्त इसके मुख्य पत्र 'तत्त्वबोधिनी पत्रिका' के संपादक थे। 1842 में देवेंद्रनाथ समाज में शामिल हुए और उन्होंने ब्रह्म समाज को पुनर्जीवित किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1840 में पंजाब के पश्चिमोत्तर सीमांत पर बाबा राम सिंह और भगत जवाहरमल द्वारा स्थापित 'कूका आंदोलन' (Kuka Movement / Namdhari) के प्रारंभिक स्वरूप …

1840 में पंजाब के पश्चिमोत्तर सीमांत पर बाबा राम सिंह और भगत जवाहरमल द्वारा स्थापित 'कूका आंदोलन' (Kuka Movement / Namdhari) के प्रारंभिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी शुरुआत सिख धर्म में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए एक धार्मिक सुधार आंदोलन के रूप में हुई थी। 2. बाद में बाबा राम सिंह के नेतृत्व में यह ब्रिटिश शासन के विरुद्ध एक राजनीतिक आंदोलन बन गया जिसमें स्वदेशी और असहयोग की वकालत की गई। 3. कूका आंदोलनकारियों ने ब्रिटिश डाक, रेलवे और सरकारी स्कूलों का बहिष्कार किया तथा अपनी समानांतर डाक और प्रशासनिक व्यवस्था बनाई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1840 में भगत जवाहरमल और बालक सिंह द्वारा शुरू हुआ कूका (नामधारी) आंदोलन बाद में बाबा राम सिंह के नेतृत्व में एक सशक्त राजनीतिक आंदोलन बना जिसने स्वदेशी, विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार और समानांतर डाक प्रणाली का प्रयोग किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1842 में मध्य प्रदेश के सागर और नर्मदा क्षेत्र में हुए 'बुंदेला विद्रोह' (Bundela Uprising) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विद…

1842 में मध्य प्रदेश के सागर और नर्मदा क्षेत्र में हुए 'बुंदेला विद्रोह' (Bundela Uprising) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विद्रोह का मुख्य नेतृत्व चंद्रपुर के जवाहर सिंह बुंदेला और मदनपुर के ढिल्लन शाह ने किया था। 2. विद्रोह का कारण अंग्रेजों द्वारा लागू की गई कठोर भू-राजस्व व्यवस्था और पारंपरिक बुंदेला जागीरदारों की जमीनें छीनना था। 3. विद्रोहियों ने सागर और दमोह में पुलिस थानों और ब्रिटिश कार्यालयों को लूट लिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1842 में मध्य प्रदेश के सागर-नर्मदा क्षेत्र में जवाहर सिंह बुंदेला और ढिल्लन शाह के नेतृत्व में बुंदेला विद्रोह हुआ। कारण था अंग्रेजों की कठोर भू-राजस्व मांग और जागीरों की जब्ती।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1842 में सिंध में ब्रिटिश रेजीडेंट के रूप में नियुक्त किए गए मेजर जनरल चार्ल्स नेपियर (Sir Charles Napier) की आक्रामक नीतियों के संदर्भ में निम्न…

1842 में सिंध में ब्रिटिश रेजीडेंट के रूप में नियुक्त किए गए मेजर जनरल चार्ल्स नेपियर (Sir Charles Napier) की आक्रामक नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नेपियर ने अमीरों पर देशद्रोह के झूठे आरोप लगाए और इमामगढ़ के मजबूत रेगिस्तानी किले को बिना किसी उकसावे के नष्ट कर दिया। 2. उसने अमीरों पर एक नई अत्यंत अपमानजनक संधि थोपने का प्रयास किया जिसमें उनके सिक्के ढालने के अधिकार और प्रमुख भूभाग छीन लिए गए। 3. नेपियर ने अपनी डायरी में लिखा: "हमें सिंध पर कब्जा करने का कोई अधिकार नहीं है, फिर भी हम ऐसा करेंगे, और यह एक बहुत ही लाभदायक, उपयोगी और मानवीय बदमाशी होगी।" उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। चार्ल्स नेपियर ने सिंध में अत्यंत उद्दंड और आक्रामक नीति अपनाई। उसने जनवरी 1843 में रेगिस्तान में इमामगढ़ का किला उड़ा दिया और अमीरों पर नई संधि थोपी। नेपियर ने स्वयं अपनी डायरी में इसे 'एक लाभदायक, उपयोगी और मानवीय बदमाशी' (A very advantageous, useful, humane piece of rascality) स्वीकार किया था।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1843 में सिंध के विलय के समय भारत का गवर्नर-जनरल कौन था?

1843 में सिंध के विलय के समय भारत का गवर्नर-जनरल कौन था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (b) सही है। 1843 में सिंध के विलय के समय भारत का गवर्नर-जनरल लॉर्ड एलेनबरो (1842–1844) था।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1843 में सिंध विलय से पूर्व लड़े गए दो निर्णायक युद्ध कौन-से थे?

1843 में सिंध विलय से पूर्व लड़े गए दो निर्णायक युद्ध कौन-से थे?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। फरवरी 1843 में मियानी (Miani) के युद्ध और मार्च 1843 में डबो (Dabo) के युद्ध में चार्ल्स नेपियर ने सिंध के बलूची अमीरों की सेना को पराजित किया। इसके बाद अगस्त 1843 में सिंध का औपचारिक विलय कर दिया गया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1844 में महाराष्ट्र के कोल्हापुर में 'गड़करी विद्रोह' (Gadkari Uprising) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गड़करी मराठा किलों के …

1844 में महाराष्ट्र के कोल्हापुर में 'गड़करी विद्रोह' (Gadkari Uprising) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गड़करी मराठा किलों के वंशानुगत सैनिक रक्षक (Garrison troops) थे जो सेवा के बदले कर-मुक्त जमीनें जोतते थे। 2. 1844 में प्रशासनिक पुनर्गठन के दौरान ब्रिटिश दीवान दाजी कृष्ण पंडित द्वारा इन कर-मुक्त जमीनों पर लगान लगाने और गड़करियों की छंटनी करने के विरोध में यह विद्रोह हुआ। 3. विद्रोहियों ने समनगढ़ और भूदरगढ़ के किलों पर कब्जा कर लिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। गड़करी मराठा किलों के वंशानुगत सैनिक थे। 1844 में कोल्हापुर के प्रशासनिक पुनर्गठन में ब्रिटिश दीवान द्वारा उनकी कर-मुक्त जमीनों पर लगान लगाने और छंटनी के विरोध में उन्होंने समनगढ़ और भूदरगढ़ में खुला विद्रोह किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1846–1847 में आंध्र प्रदेश के कुर्नूल में 'उय्यलवाड़ा नरसिम्हा रेड्डी' (Uyyalawada Narasimha Reddy) के विद्रोह के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर …

1846–1847 में आंध्र प्रदेश के कुर्नूल में 'उय्यलवाड़ा नरसिम्हा रेड्डी' (Uyyalawada Narasimha Reddy) के विद्रोह के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नरसिम्हा रेड्डी एक पूर्व पोलीगार थे जिनकी पैतृक पेंशन और अधिकार अंग्रेजों द्वारा कम कर दिए गए थे। 2. उन्होंने रैयतवाड़ी व्यवस्था के तहत किसानों के शोषण और पुलिस के भ्रष्टाचार के विरुद्ध हजारों किसानों और पूर्व सैनिकों को संगठित किया। 3. अंग्रेजों ने उन्हें पकड़कर कोइलकंतला के किले में सार्वजनिक रूप से फांसी दी और उनका सिर कई वर्षों तक पिंजरे में लटका कर रखा ताकि जनता में भय व्याप्त हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। उय्यलवाड़ा नरसिम्हा रेड्डी ने 1846 में कुर्नूल में 5,000 किसानों और विस्थापित सैनिकों के साथ ब्रिटिश राज के विरुद्ध बगावत की। उन्हें अक्टूबर 1846 में पकड़ा गया और फरवरी 1847 में सार्वजनिक रूप से फांसी देकर उनका सिर पिंजरे में लटकाया गया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1848 में 'सतारा' (Satara) के विलय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सतारा व्यपगत के सिद्धांत के तहत हड़पा जाने वाला पहला राज्य था…

1848 में 'सतारा' (Satara) के विलय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सतारा व्यपगत के सिद्धांत के तहत हड़पा जाने वाला पहला राज्य था। 2. सतारा के राजा अप्पा साहिब ने अपनी मृत्यु से कुछ समय पूर्व एक दत्तक पुत्र गोद लिया था जिसे कंपनी ने अस्वीकार कर दिया। 3. सतारा राज्य 1818 में मराठा साम्राज्य के पतन के बाद अंग्रेजों द्वारा ही छत्रपति शिवाजी के वंशज को सौंपा गया था, अतः इसे 'सृजित राज्य' माना गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1848 में सतारा का राजा अप्पा साहिब बिना स्वाभाविक पुत्र के मरा। डलहौजी ने उसके दत्तक पुत्र को अस्वीकार कर सतारा का विलय बंबई प्रेसीडेंसी में कर दिया क्योंकि 1818 में अंग्रेजों ने ही यह राज्य शिवाजी के वंशज को दिया था।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1849 में बंबई में स्थापित 'परमहंस मंडली' (Paramahansa Mandali) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी स्थापना दादोबा पांडुरंग और …

1849 में बंबई में स्थापित 'परमहंस मंडली' (Paramahansa Mandali) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी स्थापना दादोबा पांडुरंग और रामचंद्र जयकर ने की थी। 2. यह एक गुप्त संस्था के रूप में कार्य करती थी जिसका मुख्य उद्देश्य जाति प्रथा और मूर्तिपूजा का उन्मूलन करना था। 3. इसकी बैठकों में सभी जातियों के सदस्य एक साथ बैठकर भोजन करते थे, जिसे अक्सर निम्न जातियों के हाथों पकाया जाता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1849 में बंबई में दादोबा पांडुरंग द्वारा स्थापित परमहंस मंडली एक गुप्त सुधारवादी संस्था थी जो जाति प्रथा के विनाश और एकेश्वरवाद पर जोर देती थी। सभी सदस्य एक साथ बैठकर भोजन करते थे।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1849 में विलय के बाद पंजाब के शासन संचालन के लिए डलहौजी द्वारा गठित 'तीन सदस्यीय प्रशासनिक बोर्ड' (Board of Administration) के सदस्यों में निम्नल…

1849 में विलय के बाद पंजाब के शासन संचालन के लिए डलहौजी द्वारा गठित 'तीन सदस्यीय प्रशासनिक बोर्ड' (Board of Administration) के सदस्यों में निम्नलिखित में से कौन शामिल थे? 1. सर हेनरी लॉरेंस (अध्यक्ष) 2. जॉन लॉरेंस 3. चार्ल्स मैनसेल (बाद में रॉबर्ट मोंटगोमरी) नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों सदस्य सही हैं। 1849 में पंजाब के प्रशासन के लिए तीन सदस्यीय बोर्ड बना: हेनरी लॉरेंस (अध्यक्ष/राजनीतिक व सैन्य मामले), जॉन लॉरेंस (भू-राजस्व), और चार्ल्स मैनसेल (वित्त व न्याय; बाद में रॉबर्ट मोंटगोमरी)।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1851 में कलकत्ता में स्थापित 'ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन' (British Indian Association) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी स्थापन…

1851 में कलकत्ता में स्थापित 'ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन' (British Indian Association) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी स्थापना 'लैंडहोल्डर्स सोसाइटी' और 'बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी' के विलय से हुई थी। 2. राधाकांत देव इसके प्रथम अध्यक्ष और देवेंद्रनाथ टैगोर इसके प्रथम महासचिव (General Secretary) बने। 3. 1853 के चार्टर एक्ट के नवीनीकरण के समय इस एसोसिएशन ने ब्रिटिश संसद को एक याचिका भेजी जिसमें विधान परिषद में भारतीयों को प्रतिनिधित्व देने और न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करने की मांग की गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1851 में लैंडहोल्डर्स सोसाइटी और बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी मिलकर ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन बनीं। राधाकांत देव अध्यक्ष व देवेंद्रनाथ टैगोर सचिव बने। इसने 1853 के चार्टर एक्ट के समय विधायिका में भारतीय प्रतिनिधित्व की मांग की।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1851 में बंबई में स्थापित 'रहनुमाई मजदयसन सभा' (Rahnumai Mazdayasnan Sabha / Religious Reform Association) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचा…

1851 में बंबई में स्थापित 'रहनुमाई मजदयसन सभा' (Rahnumai Mazdayasnan Sabha / Religious Reform Association) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी स्थापना पारसी धर्म और समाज में सुधार के लिए नौरोजी फुरदोनजी, दादाभाई नौरोजी, एस.एस. बंगाली और के.आर. कामा ने की थी। 2. इसने जरथुस्त्र धर्म के प्राचीन शुद्ध नियमों की बहाली और पारसी महिलाओं के पर्दा प्रथा उन्मूलन तथा शिक्षा की वकालत की। 3. सभा के सामाजिक-धार्मिक संदेशों के प्रचार के लिए गुजराती भाषा में 'रास्त गोफ्तार' (Rast Goftar / सच बोलने वाला) नामक पत्रिका निकाली गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1851 में स्थापित रहनुमाई मजदयसन सभा ने पारसी धर्म में सुधार किए, पर्दा प्रथा समाप्त की और महिलाओं को शिक्षित किया। इसका मुखपत्र 'रास्त गोफ्तार' (दादाभाई नौरोजी) था।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1853 में 'झांसी' और 1854 में 'नागपुर' के विलय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. झांसी के राजा गंगाधर राव की मृत्यु के बाद उनकी वि…

1853 में 'झांसी' और 1854 में 'नागपुर' के विलय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. झांसी के राजा गंगाधर राव की मृत्यु के बाद उनकी विधवा रानी लक्ष्मीबाई द्वारा गोद लिए गए बालक दामोदर राव को डलहौजी ने उत्तराधिकारी मानने से इंकार कर दिया। 2. नागपुर के राजा रघुजी तृतीय की बिना पुत्र के मृत्यु के बाद डलहौजी ने नागपुर का विलय कर राजमहल के सामान और आभूषणों की सार्वजनिक नीलामी करवाई। 3. नागपुर का विलय अंग्रेजों के लिए कपास उत्पादन (Cotton tracts) और बंबई से कलकत्ता के बीच रेलवे संपर्क की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। झांसी में गंगाधर राव की मृत्यु के बाद रानी लक्ष्मीबाई के दत्तक पुत्र दामोदर राव को अमान्य कर दिया गया। नागपुर में रघुजी तृतीय की मृत्यु पर डलहौजी ने राजमहल के खजाने की नीलामी करवाई। नागपुर का कपास क्षेत्र ब्रिटिश कपड़ा मिलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1853 में पंजाब के प्रशासनिक बोर्ड को समाप्त कर वहां किस नई प्रशासनिक व्यवस्था की शुरुआत की गई?

1853 में पंजाब के प्रशासनिक बोर्ड को समाप्त कर वहां किस नई प्रशासनिक व्यवस्था की शुरुआत की गई?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। हेनरी और जॉन लॉरेंस के बीच मतभेदों के बाद डलहौजी ने 1853 में बोर्ड को समाप्त कर दिया और पंजाब को चीफ कमिश्नर के अधीन कर दिया। जॉन लॉरेंस पंजाब के पहले चीफ कमिश्नर बने।