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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 27

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1813 से 1857 के बीच अपनाई गई 'अधीनस्थ पृथक्करण की नीति' (Policy of Subordinate Isolation) का मूल सार क्या था?

1813 से 1857 के बीच अपनाई गई 'अधीनस्थ पृथक्करण की नीति' (Policy of Subordinate Isolation) का मूल सार क्या था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। 1813 से 1857 तक की 'अधीनस्थ पृथक्करण नीति' का उद्देश्य था कि देशी राज्य कंपनी के पूर्ण अधीनस्थ रहें और उनके आपसी संपर्कों को पूरी तरह काटकर उन्हें एक-दूसरे से विलग रखा जाए ताकि वे कोई संयुक्त शक्ति न बन सकें।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1814–1815 में राजा राममोहन राय द्वारा कलकत्ता में स्थापित 'आत्मीय सभा' (Atmiya Sabha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका मुख्…

1814–1815 में राजा राममोहन राय द्वारा कलकत्ता में स्थापित 'आत्मीय सभा' (Atmiya Sabha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका मुख्य उद्देश्य एकेश्वरवादी वेदांत दर्शन का प्रचार करना तथा जातिगत बंधनों और अंधविश्वासों पर विचार-विमर्श करना था। 2. द्वारकानाथ टैगोर, प्रसन्न कुमार टैगोर और बृजमोहन मजूमदार इसके प्रमुख सहयोगी सदस्य थे। 3. रूढ़िवादी हिंदुओं ने इसके विरोध में राधाकांत देव के नेतृत्व में 'धर्म सभा' की स्थापना की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1814-15 में आत्मीय सभा बनी जिसमें द्वारकानाथ टैगोर व अन्य प्रमुख सहयोगी थे। इसके तार्किक वाद-विवादों से घबराकर रूढ़िवादी हिंदुओं ने 1830 में राधाकांत देव के नेतृत्व में 'धर्म सभा' बनाई, जिसने सती प्रथा विरोधी कानून का विरोध किया था।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1816 में उत्तर प्रदेश के 'बरेली के उपद्रव' (Bareilly Uprising) का तात्कालिक कारण क्या था?

1816 में उत्तर प्रदेश के 'बरेली के उपद्रव' (Bareilly Uprising) का तात्कालिक कारण क्या था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। 1816 में बरेली में अंग्रेजों ने नया चौकीदारी टैक्स लगाया। जब पुलिस ने कर वसूली के दौरान एक सम्मानित मुफ्ती मुहम्मद ऐवाज के प्रति असभ्यता की, तो हजारों शहरियों ने हथियार उठा लिए और कंपनी की सेना से खूनी संघर्ष किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1817 में ओडिशा में हुए ऐतिहासिक 'पाइक विद्रोह' (Paika Rebellion) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पाइक खुर्दा (Khurda) के राजा क…

1817 में ओडिशा में हुए ऐतिहासिक 'पाइक विद्रोह' (Paika Rebellion) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पाइक खुर्दा (Khurda) के राजा के पारंपरिक पैतृक सैन्य सैनिक थे, जो लगान-मुक्त भूमि जोतते थे। 2. इस विद्रोह का मुख्य नेतृत्व बख्शी जगबंधु बिद्याधर (खुर्दा राजा के सेनापति) ने किया था। 3. विद्रोह के कारणों में नई नमक नीति, चांदी के सिक्कों के बजाय कौड़ियों के चलन पर प्रतिबंध, और अंग्रेजों द्वारा पाइकन जमीनों का अधिग्रहण शामिल थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। ओडिशा के पाइक पारंपरिक सैनिक थे। 1803 में खुर्दा विजय के बाद अंग्रेजों की नमक नीति, कर वृद्धि और पाइकन भूमि जब्ती के विरोध में खुर्दा राजा के सेनापति बख्शी जगबंधु बिद्याधर ने 1817 में पाइक विद्रोह का नेतृत्व किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1818 में कोरेगांव (Koregaon) और अष्टी (Ashti) के युद्धों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भीमा कोरेगांव के युद्ध में ब्रिटिश बॉम…

1818 में कोरेगांव (Koregaon) और अष्टी (Ashti) के युद्धों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भीमा कोरेगांव के युद्ध में ब्रिटिश बॉम्बे नेटिव इन्फैंट्री (जिसमें मुख्य रूप से महार सैनिक शामिल थे) ने पेशवा की विशाल सेना का सफलतापूर्वक सामना किया। 2. अष्टी के युद्ध में पेशवा के निष्ठावान सेनापति बापू गोखले वीरतापूर्वक लड़ते हुए मारे गए। 3. इन युद्धों के बाद बाजीराव द्वितीय ने अंततः जून 1818 में सर जॉन मैल्कम के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1 जनवरी 1818 को भीमा कोरेगांव में कैप्टन स्टॉन्टन की सेना ने पेशवा की सेना को रोका। फरवरी 1818 में अष्टी के युद्ध में जनरल स्मिथ ने पेशवा की सेना को हराया और बापू गोखले मारे गए। जून 1818 में बाजीराव द्वितीय ने जॉन मैल्कम के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1818 में पेशवाई की समाप्ति और उसके परिणामों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लॉर्ड हेस्टिंग्स ने पेशवा के पद को समाप्त कर दिया औ…

1818 में पेशवाई की समाप्ति और उसके परिणामों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लॉर्ड हेस्टिंग्स ने पेशवा के पद को समाप्त कर दिया और पेशवा के सभी क्षेत्रों को बंबई प्रेसीडेंसी में मिला लिया। 2. बाजीराव द्वितीय को 8 लाख रुपये की वार्षिक पेंशन देकर उत्तर प्रदेश के बिठूर (कानपुर के पास) भेज दिया गया। 3. मराठा भावनाओं को शांत करने के लिए शिवाजी के वंशज प्रताप सिंह को सतारा का एक छोटा सा राज्य दिया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1818 में लॉर्ड हेस्टिंग्स ने पेशवा का पद समाप्त कर दिया। पेशवा का साम्राज्य बंबई प्रेसीडेंसी बना। बाजीराव द्वितीय को 8 लाख रु. वार्षिक पेंशन देकर कानपुर के पास बिठूर भेज दिया गया, और छत्रपति शिवाजी के वंशज प्रताप सिंह को सतारा की गद्दी दी गई।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1819 से 1831 के बीच गुजरात के 'कच्छ विद्रोह' (Cutch Rebellion) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कच्छ के राजा भारमल द्वितीय को अं…

1819 से 1831 के बीच गुजरात के 'कच्छ विद्रोह' (Cutch Rebellion) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कच्छ के राजा भारमल द्वितीय को अंग्रेजों द्वारा अपदस्थ कर उनके नाबालिग पुत्र को गद्दी पर बैठाने और वास्तविक सत्ता ब्रिटिश रेजीडेंट के हाथ में सौंपने के विरोध में यह विद्रोह हुआ। 2. कच्छ के स्थानीय सरदारों (झाड़ेजा राजपूतों) ने भारमल की पुनर्बहाली के लिए हथियार उठाए। 3. अंग्रेजों को अंततः समझौता करना पड़ा और कच्छ के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कम करना पड़ा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1819 में अंग्रेजों ने कच्छ के राजा भारमल द्वितीय को अपदस्थ किया। झाड़ेजा राजपूतों और जनता ने ब्रिटिश रेजीडेंट के हस्तक्षेप के विरुद्ध विद्रोह किया। 1831 तक चले संघर्ष के बाद अंग्रेजों को रियासत के साथ समझौता करना पड़ा।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1820 के दशक के अंत में बंगाल में उभरे 'युवा बंगाल आंदोलन' (Young Bengal Movement) और हेनरी विवियन डेरोजियो (Henry Vivian Derozio) के संदर्भ में न…

1820 के दशक के अंत में बंगाल में उभरे 'युवा बंगाल आंदोलन' (Young Bengal Movement) और हेनरी विवियन डेरोजियो (Henry Vivian Derozio) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. डेरोजियो हिंदू कॉलेज में अंग्रेजी साहित्य और इतिहास के युवा शिक्षक थे, जो फ्रांसीसी क्रांति के विचारों और थॉमस पेन की रचनाओं से अत्यधिक प्रभावित थे। 2. उन्होंने अपने छात्रों को सभी मान्यताओं और परंपराओं पर सवाल उठाने, सत्य से प्रेम करने और स्वतंत्र रूप से सोचने के लिए प्रेरित किया। 3. डेरोजियो को 'आधुनिक भारत का प्रथम राष्ट्रवादी कवि' भी माना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। हिंदू कॉलेज के प्राध्यापक हेनरी विवियन डेरोजियो (1809–1831) ने 'यंग बंगाल आंदोलन' की शुरुआत की। उन्होंने युवाओं में स्वतंत्र चिंतन और सत्य का प्रेम जगाया। उन्हें 'आधुनिक भारत का प्रथम राष्ट्रवादी कवि' माना जाता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1820 में राजा राममोहन राय द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'प्रीसेप्ट्स ऑफ जीसस' (Precepts of Jesus: The Guide to Peace and Happiness) के संदर्भ में निम्नल…

1820 में राजा राममोहन राय द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'प्रीसेप्ट्स ऑफ जीसस' (Precepts of Jesus: The Guide to Peace and Happiness) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उन्होंने ईसा मसीह के नैतिक और दार्शनिक संदेशों की प्रशंसा की, किंतु न्यू टेस्टामेंट में वर्णित चमत्कारों और त्रित्व (Trinity) की अवधारणा को खारिज कर दिया। 2. इस पुस्तक के प्रकाशन के कारण सेरामपुर के बैपटिस्ट ईसाई मिशनरियों (जैसे जोशुआ मार्शमैन) ने राममोहन राय का कड़ा विरोध किया। 3. इस विवाद के बाद राममोहन राय ने ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया और यूनिटेरियन बन गए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 3 गलत है क्योंकि राममोहन राय ने कभी ईसाई धर्म स्वीकार नहीं किया; उन्होंने ईसाई कट्टरपंथ और त्रित्ववाद की भी तार्किक आलोचना की। कथन 1 और 2 सही हैं (1820 की 'प्रीसेप्ट्स ऑफ जीसस' और सेरामपुर मिशनरियों का विरोध)।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1820–1821 तथा 1837 में सिंहभूम (झारखंड) में हुए 'हो एवं मुंडा विद्रोह' (Ho and Munda Uprisings) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1.…

1820–1821 तथा 1837 में सिंहभूम (झारखंड) में हुए 'हो एवं मुंडा विद्रोह' (Ho and Munda Uprisings) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हो जनजाति के लोग सिंहभूम के पोड़ाहाट के राजा के अधीन रहते थे और अपनी स्वतंत्रता के प्रति अत्यंत सजग थे। 2. पोड़ाहाट के राजा ने अंग्रेजों की सहायता से हो आदिवासियों पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया, जिससे हो लोगों ने बगावत कर दी। 3. 1837 में कैप्टन विल्किंसन के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना ने हो विद्रोह को दबाया और पूरे क्षेत्र को सीधे ब्रिटिश नियंत्रण में ले लिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। हो आदिवासियों ने सिंहभूम के पोड़ाहाट राजा और अंग्रेजों के संयुक्त दबाव के खिलाफ 1820-21 और 1837 में संघर्ष किया। 1837 में विल्किंसन ने हो क्षेत्र को 'कोलहान' नाम से सीधे ब्रिटिश नियंत्रण में लिया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1823 के 'प्रेस लाइसेंसिंग विनियमन' (आदम्स का प्रेस अध्यादेश) के विरुद्ध राजा राममोहन राय के विरोध के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: …

1823 के 'प्रेस लाइसेंसिंग विनियमन' (आदम्स का प्रेस अध्यादेश) के विरुद्ध राजा राममोहन राय के विरोध के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उन्होंने कलकत्ता उच्चतम न्यायालय और ब्रिटिश प्रिवी काउंसिल में याचिका दायर कर प्रेस की स्वतंत्रता की मांग की। 2. इस दमनकारी कानून के विरोध में उन्होंने अपने प्रसिद्ध फारसी साप्ताहिक पत्र 'मिरात-उल-अखबार' का प्रकाशन बंद कर दिया। 3. यह भारतीय इतिहास में नागरिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी के लिए संगठित आंदोलन का पहला उदाहरण था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1823 के जॉन एडम्स के लाइसेंसिंग नियम के विरोध में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी और विरोध स्वरूप 'मिरात-उल-अखबार' का प्रकाशन बंद कर दिया। यह भारत में प्रेस की आजादी के लिए पहला संगठित संघर्ष था।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1824 में कर्नाटक के कित्तूर (Kittur) में रानी चेन्नम्मा (Rani Chennamma) के विद्रोह का मुख्य कारण क्या था?

1824 में कर्नाटक के कित्तूर (Kittur) में रानी चेन्नम्मा (Rani Chennamma) के विद्रोह का मुख्य कारण क्या था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। 1824 में कित्तूर के राजा मल्लसर्ज की मृत्यु पर अंग्रेजों (धारवाड़ कलेक्टर थैकरे) ने दत्तक पुत्र शिवलिंगप्पा को मानने से इंकार कर दिया। रानी चेन्नम्मा ने हथियार उठाए और पहले संघर्ष में थैकरे मारा गया। बाद में रानी को बंदी बनाकर बैलहोंगल में कैद रखा गया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1824 में बैरकपुर (बंगाल) के सिपाही विद्रोह का मुख्य कारण क्या था?

1824 में बैरकपुर (बंगाल) के सिपाही विद्रोह का मुख्य कारण क्या था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। 1824 में बैरकपुर की 47वीं नेटिव इन्फैंट्री के सिपाहियों ने समुद्र यात्रा को धर्म-विरोधी (काला पानी) मानकर बर्मा जाने से इंकार कर दिया। अंग्रेजों ने परेड ग्राउंड पर निहत्थे सिपाहियों पर तोपों से गोलाबारी कर रेजिमेंट को भंग कर दिया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1825 से 1835 के बीच बंगाल के शेरपुर क्षेत्र में करम शाह और उनके पुत्र टीपू शाह द्वारा चलाए गए 'पागलपंथी विद्रोह' (Pagalpanthi Movement) के संदर्भ…

1825 से 1835 के बीच बंगाल के शेरपुर क्षेत्र में करम शाह और उनके पुत्र टीपू शाह द्वारा चलाए गए 'पागलपंथी विद्रोह' (Pagalpanthi Movement) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पागलपंथी मूलतः एक अर्ध-धार्मिक संप्रदाय था जिसमें मुख्य रूप से गारो और हाजंग जनजातियों के किसान शामिल थे। 2. टीपू शाह ने जमींदारों द्वारा किसानों पर लगाए गए अवैध उपकरों (अबवाब) और अत्यधिक लगान का विरोध किया। 3. टीपू शाह ने शेरपुर पर अधिकार कर एक स्वतंत्र किसान राज्य की स्थापना की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। पागलपंथी संप्रदाय की स्थापना करम शाह ने की थी। उनके पुत्र टीपू शाह ने गारो व हाजंग किसानों को जमींदारों के अवैध उपकरों (अबवाब) के विरुद्ध संगठित किया और शेरपुर पर कब्जा कर किसानों का राज स्थापित किया था।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1829–1833 के बीच मेघालय की गारो और जयंतिया पहाड़ियों के बीच हुए 'खासी विद्रोह' (Khasi Uprising) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1.…

1829–1833 के बीच मेघालय की गारो और जयंतिया पहाड़ियों के बीच हुए 'खासी विद्रोह' (Khasi Uprising) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विद्रोह का नेतृत्व खासी प्रमुख तीरोत सिंह (U Tirot Sing) ने किया था। 2. संघर्ष का मुख्य कारण ब्रह्मपुत्र घाटी को सिलहट से जोड़ने के लिए खासी क्षेत्र से होकर एक सामरिक सैन्य सड़क का निर्माण और बाहरी मजदूरों का प्रवेश था। 3. तीरोत सिंह ने छापामार युद्ध लड़ा, किंतु अंततः पकड़े जाने के बाद उन्हें ढाका की जेल में रखा गया जहां उनकी मृत्यु हुई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। असम और सिलहट को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण और बाहरी मजदूरों के प्रवेश से अपनी स्वतंत्रता खतरे में देखकर खासी प्रमुख तीरोत सिंह ने 1829 में विद्रोह किया। 1833 तक चले छापामार युद्ध के बाद वे पकड़े गए और ढाका में उनका देहांत हुआ।

BPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 20201831 का कोल विद्रोह, जिसका नेतृत्व बुधु भगत ने किया, किस क्षेत्र में हुआ?
1831 का कोल विद्रोह, जिसका नेतृत्व बुधु भगत ने किया, किस क्षेत्र में हुआ?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) सिंहभूम

व्याख्या

  • कोल विद्रोह छोटानागपुर-सिंहभूम क्षेत्र से संबंधित था।
विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1831 में पश्चिम बंगाल के नारकेलबेरिया में 'तितू मीर के आंदोलन' (Titu Mir's Movement) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मीर निसार …

1831 में पश्चिम बंगाल के नारकेलबेरिया में 'तितू मीर के आंदोलन' (Titu Mir's Movement) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मीर निसार अली (तितू मीर) सैयद अहमद बरेलवी के शिष्य थे और उन्होंने मुस्लिम किसानों को हिंदू जमींदारों और यूरोपीय नीलहे बगान मालिकों के शोषण के विरुद्ध संगठित किया। 2. विद्रोह का तात्कालिक कारण स्थानीय जमींदार रामनारायण द्वारा दाढ़ी रखने वाले मुसलमानों पर लगाया गया 'दाढ़ी कर' (Beard Tax) था। 3. तितू मीर ने नारकेलबेरिया में बांस का एक मजबूत किला (Bamboo Fort) बनाया और समानांतर सरकार चलाई, जहां वे अंततः ब्रिटिश सेना से लड़ते हुए मारे गए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। तितू मीर (मीर निसार अली) ने बंगाल के किसानों को हिंदू जमींदारों और अंग्रेज नीलहों के खिलाफ संगठित किया। जमींदार द्वारा दाढ़ी पर टैक्स लगाने पर विद्रोह भड़का। नारकेलबेरिया में बांस का किला बनाकर लड़े और 1831 में तोपों की गोलाबारी में शहीद हुए।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1831–1832 में छोटानागपुर क्षेत्र (झारखंड) में हुए ऐतिहासिक 'कोल विद्रोह' (Kol Mutiny) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोल विद्र…

1831–1832 में छोटानागपुर क्षेत्र (झारखंड) में हुए ऐतिहासिक 'कोल विद्रोह' (Kol Mutiny) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोल विद्रोह का मुख्य नेतृत्व बुद्धू भगत, जोआ भगत और मदारा महतो ने किया था। 2. विद्रोह का तात्कालिक कारण छोटानागपुर के राजा द्वारा कोल आदिवासियों की पैतृक जमीनें छीनकर बाहरी सिखों और मुसलमानों को पट्टे पर दिया जाना था। 3. विद्रोहियों ने गैर-आदिवासी बाहरी लोगों (दिक्कुओं) के घरों को जला दिया और बड़े पैमाने पर हिंसा की, जिसे दबाने के लिए कंपनी को व्यापक सैन्य अभियान चलाना पड़ा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1831–32 में छोटानागपुर के कोलों (मुंडा, उरांव, हो) ने बुद्धू भगत और जोआ भगत के नेतृत्व में बगावत की। कारण था उनकी जमीनें बाहरी सिख और मुस्लिम ठेकेदारों को पट्टे पर देना। बुद्धू भगत परिवार सहित लड़ते हुए शहीद हुए।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1832 में विलियम बेंटिंक के समय अंग्रेजों और सिंध के अमीरों के बीच हस्ताक्षरित वाणिज्यिक संधि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सि…

1832 में विलियम बेंटिंक के समय अंग्रेजों और सिंध के अमीरों के बीच हस्ताक्षरित वाणिज्यिक संधि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सिंध की नदियों (सिंधु नदी) और मार्गों को ब्रिटिश व्यापारियों के लिए खोल दिया गया। 2. संधि में यह स्पष्ट शर्त रखी गई थी कि किसी भी सैन्य पोत, अस्त्र-शस्त्र या युद्ध सामग्री को इन मार्गों से नहीं ले जाया जाएगा। 3. अंग्रेजी व्यापारियों को सिंध में स्थायी रूप से बसने की अनुमति दी गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 3 गलत है क्योंकि 1832 की संधि में स्पष्ट लिखा था कि कोई भी अंग्रेज व्यापारी या अधिकारी सिंध में स्थायी रूप से नहीं बसेगा। कथन 1 और 2 सही हैं; व्यापारिक मार्ग खुले लेकिन किसी भी सैन्य पोत या गोला-बारूद के परिवहन पर सख्त प्रतिबंध था।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1836 से 1854 के बीच केरल के मालाबार तट पर हुए 'मोपला विद्रोहों' (Moplah / Mappila Uprisings) की मुख्य विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर…

1836 से 1854 के बीच केरल के मालाबार तट पर हुए 'मोपला विद्रोहों' (Moplah / Mappila Uprisings) की मुख्य विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मोपला मूलतः मालाबार के मुस्लिम कृषक और बटाईदार थे, जो उच्च जाति के हिंदू भू-स्वामियों (जेन्मी / Jenmi) के अधीन काम करते थे। 2. ब्रिटिश भू-राजस्व व्यवस्था ने जेन्मियों को भूमि का पूर्ण कानूनी मालिक बना दिया और मोपलाओं को बेदखली और अत्यधिक लगान के प्रति असुरक्षित कर दिया। 3. मोपला विद्रोहियों ने जेन्मियों और ब्रिटिश अधिकारियों पर हिंसक हमले किए, जिसे औपनिवेशिक अधिकारियों ने विशुद्ध 'धार्मिक उन्माद' के रूप में पेश किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। मालाबार के मोपला मुस्लिम काश्तकार थे। अंग्रेजों द्वारा जेन्मी भू-स्वामियों को पूर्ण अधिकार देने और लगान बढ़ाने के विरोध में 1836 से 1854 के बीच 22 से अधिक बार मोपला विद्रोह हुए।