LIVEUPSC CSE 2027 & BPSC • नोट्स • समसामयिकी • PYQ • Tests
UPSC CSE Mains · GS Paper 4

2022 · Q3(a)

10 अंक150 शब्दअध्याय 1

प्रश्न

निम्नलिखित उद्धरण आपके लिए क्या मायने रखता है? "नैतिकता यह जानना है कि आपको क्या करने का अधिकार ( Right to do) है और क्या करना उचित ( Right to do) है।" — पॉटर स्टीवर्ट (Potter Stewart)।

प्रश्न की मांग एवं दृष्टिकोण

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पॉटर स्टीवर्ट का यह कथन 'कानूनी
अधिकार' ( Legal Entitlement/Right) और 'नैतिक औचित्य' (Moral Righteousness) के बीच के अंतर को बहुत सुंदर ढंग से प्रकट
करता है। हर वह कार्य जो कानूनन वैध है, जरूरी नहीं कि नैतिक रूप से भी उचित हो।

मॉडल उत्तर

भूमिका: न्यायमूर्ति पॉटर स्टीवर्ट का यह कथन अंग्रेजी शब्द '
औचित्य' ( Moral Correctness)—के बीच की सूक्ष्म रेखा को स्पष्ट करता है। सच्ची नैतिकता वहीं से प्रारंभ होती है जहाँ कानून की बाध्यता
समाप्त होती है।

मुख्य भाग: कथन का विश्लेषण एवं व्यावहारिक उदाहरण:

'क्या करने का अधिकार है' ( What you have the right to do): यह संविधान, कानून या पद द्वारा प्रदत्त शक्ति और स्वतंत्रता को
दर्शाता है। इसमें व्यक्ति यह पूछता है—"क्या मैं यह कर सकता हूँ? क्या यह गैर-कानूनी तो नहीं है?"
'क्या करना उचित है' ( What is right to do): यह अंतरात्मा, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व से निर्देशित होता है। इसमें व्यक्ति
पूछता है—"क्या मुझे यह करना चाहिए? क्या यह न्यायपूर्ण और मानवीय है?"
समकालीन उदाहरण:
कॉर्पोरेट क्षेत्र: एक बड़ी कंपनी को कर-कानूनों की खामियों ( Tax Loopholes/Tax Havens) का लाभ उठाकर टैक्स बचाने का
'कानूनी अधिकार' हो सकता है, किंतु जिस देश के संसाधनों से वह मुनाफा कमा रही है, वहाँ ईमानदारी से कर चुकाना ही 'नैतिक रूप से
उचित' है।
लोक प्रशासन: एक जिलाधिकारी को अपने विवेकाधिकार से किसी गरीब ठे ले वाले पर भारी जुर्माना लगाने या उसकी गुमटी तुरंत हटाने का
'कानूनी अधिकार' है, परंतु उसे वैकल्पिक वेंडिंग ज़ोन ( Vending Zone) देकर आजीविका बचाना 'करना उचित' है।
निष्कर्ष: अतः एक परिपक्व नागरिक और संवेदनशील लोक सेवक वह है जो अपने 'अधिकारों और शक्तियों' का प्रयोग करते समय सदैव 'मानवीय
औचित्य और लोक-कल्याण' के आत्म-संयम से निर्देशित हो।

UPSC CSE 2022 Q3(b) एवं 2017 Q6(b) · 10 अंक · 150 शब्द]

मॉडल उत्तर स्रोत PDF पर आधारित है; पठनीयता के लिए टंकण, विराम-चिह्न और स्पष्ट OCR त्रुटियों का संपादकीय परिष्कार किया गया है। प्रश्न क्रमांक/शब्द-सीमा सत्यापन के बाद प्रकाशित हैं।