2020 · Q1(a)
प्रश्न
समग्र राष्ट्रीय शक्ति (Comprehensive National Power—CNP) के तीन प्रमुख घटकों—मानव पूंजी, सॉफ्ट पावर (संस्कृति और नीतियाँ) तथा सामाजिक सद्भाव—को बढ़ाने में नीतिशास्त्र और मूल्यों की भूमिका की चर्चा कीजिए।
प्रश्न की मांग एवं दृष्टिकोण
यह प्रश्न राष्ट्र के स्तर पर नीतिशास्त्र के परिणामों (Macro
Consequences of Ethics) को परखता है। किसी देश की समग्र शक्ति (CNP) केवल सेना या जीडीपी (Hard Power) से नहीं बनती,
बल्कि उसके नैतिक मूल्यों से पोषित मानव संसाधन, सांस्कृतिक साख और आंतरिक एकता से बनती है।
मॉडल उत्तर
भूमिका: किसी राष्ट्र की 'समग्र राष्ट्रीय शक्ति' (
का निर्णायक योगदान होता है। नीतिशास्त्र और मूल्य CNP के तीनों आधारभूत स्तंभों को निम्न प्रकार से सशक्त करते हैं:
मुख्य भाग:
1. मानव पूंजी ( Human Capital) का संवर्धन:
केवल तकनीकी कौशल से युक्त परंतु नैतिक रूप से भ्रष्ट युवा (जैसे—साइबर अपराधी या घोटालेबाज कॉर्पोरेट) राष्ट्र पर बोझ बन जाते हैं।
Work Ethic), 'सत्यनिष्ठा', 'अनुशासन' और 'लैंगिक समानता' के मूल्य कार्यबल की उत्पादकता बढ़ाते हैं, प्रतिभा
'कार्य-संस्कृ ति' (
पलायन (Brain Drain) रोकते हैं और स्वास्थ्य व शिक्षा में भ्रष्टाचार समाप्त कर कु शल मानव पूंजी का निर्माण करते हैं।
2. सॉफ्ट पावर ( Soft Power — संस्कृ ति और नीतियाँ) में वृद्धि:
जोसेफ नाई ( Joseph Nye) के अनुसार सॉफ्ट पावर आकर्षण से आती है, बल से नहीं। भारत के 'अहिंसा', 'वसुधैव कु टुम्बकम्',
'योग', 'बौद्ध करुणा' और 'पंचशील' के नैतिक मूल्यों ने भारत को विश्व गुरु और भरोसेमंद वैश्विक मित्र की पहचान दी है।
COVID-19 के दौरान 'वैक्सीन मैत्री' और आपदाओं में 'ऑपरेशन दोस्त' जैसी नैतिक विदेश नीतियों ने भारत की वैश्विक साख को नई
ऊँ चाई दी है।
3. सामाजिक सद्भाव ( Social Harmony) का सुदृढ़ीकरण:
'सहिष्णुता' ( Tolerance), 'बंधुत्व' और 'सर्वधर्म समभाव' के मूल्य सांप्रदायिकता, जातिवाद और क्षेत्रवाद के संघर्षों को रोकते हैं।
आंतरिक शांति होने पर राज्य को कानून-व्यवस्था पर कम खर्च करना पड़ता है और वह संसाधन राष्ट्र के विकास में लगता है।
निष्कर्ष: इस प्रकार, नीतिशास्त्र और मानवीय मूल्य किसी राष्ट्र की 'आर्थिक और सैन्य शक्ति' को स्थायी 'नैतिक वैधता और आंतरिक मजबूती'
प्रदान कर समग्र राष्ट्रीय शक्ति ( CNP) को पूर्णता देते हैं।
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