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मौलिक अभ्यास प्रश्न • GS-II/III

NLEM, DPCO और NPPA: दवा मूल्य का संस्थागत ढाँचा

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10 अंकशब्द-सीमा: 150 शब्द29 अक्टूबर 2026

प्रश्न

आवश्यक दवा सूची, DPCO और NPPA की संस्थागत भूमिकाएँ भारत में स्वास्थ्य-सेवा की वहनीयता को कैसे प्रभावित करती हैं?

यह अध्ययनसार का मौलिक अभ्यास प्रश्न है, वास्तविक UPSC विगत वर्ष प्रश्न नहीं।

आदर्श उत्तर

भूमिका: सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकीय प्राथमिकता, कानूनी मूल्य-नियंत्रण और प्रवर्तन की पूरक व्यवस्था जरूरी है।

तीन संस्थागत भूमिकाएँ

  • NLEM: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की राष्ट्रीय आवश्यक औषधि सूची सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकताएँ निर्धारित करती है।
  • DPCO, 2013: औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश अनुसूचित दवाओं के अधिकतम मूल्य और निर्धारित परिस्थितियों में गैर-अनुसूचित औषधियों के हस्तक्षेप का नियामकीय आधार है।
  • NPPA: औषधि विभाग से जुड़ा प्राधिकरण मूल्य निर्धारित/अधिसूचित करता और अनुपालन की निगरानी करता है।
  • व्यावहारिक प्रभाव: मूल्य तय करना तभी लाभकारी है जब अस्पताल और दुकानें अधिसूचित दर पर दवा दें। नियमित निरीक्षण, अद्यतन मूल्य-सूची और मरीज की शिकायत-सुविधा आवश्यक हैं।

समसामयिक उदाहरण: अक्टूबर 2026 में 137 गैर-अनुसूचित कैंसर-रोधी दवाओं पर व्यापारिक मार्जिन युक्तिकरण के बाद 543 ब्रांडों की संशोधित MRP सूची प्रकाशित हुई।

निष्कर्ष: NLEM चिकित्सकीय जरूरत, DPCO कानूनी अधिकार और NPPA क्रियान्वयन सुनिश्चित करता है। वास्तविक उपलब्धता तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा इनके प्रभाव को मजबूत करते हैं।

आधिकारिक संदर्भ तथा स्रोत