PTA, FTA, मूल-नियम, SPS और TBT का अंतर
प्रश्न
PTA, FTA तथा मूल-नियम में अंतर स्पष्ट कीजिए। द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं में SPS और TBT की क्या भूमिका है?
यह अध्ययनसार का मौलिक अभ्यास प्रश्न है, वास्तविक UPSC विगत वर्ष प्रश्न नहीं।
आदर्श उत्तर
भूमिका: व्यापार समझौतों में शुल्क-रियायत की व्यापकता, उत्पाद की उत्पत्ति और नियामकीय मानक अलग प्रश्न हैं। इन्हें एक ही अवधारणा नहीं मानना चाहिए।
मुख्य अंतर
- PTA: चुनी हुई वस्तुओं पर परस्पर प्राथमिकता, प्रायः सीमित शुल्क-रियायत।
- FTA: समझौते के अंतर्गत अधिकांश निर्धारित द्विपक्षीय व्यापार पर व्यापक शुल्क-उन्मूलन या कमी; अपवाद संभव।
- मूल-नियम: उत्पाद किस देश का माना जाएगा, यह तय करने वाले मानदंड; स्थानीय मूल्य-वर्धन या निर्माण प्रक्रिया जैसी शर्तें लागू हो सकती हैं।
SPS तथा TBT की भूमिका
SPS का संबंध खाद्य सुरक्षा, पशु और पौध स्वास्थ्य संबंधी उपायों से है। TBT तकनीकी विनिर्देश, लेबलिंग, परीक्षण और अनुरूपता आकलन से जुड़ा है। दोनों वैध सुरक्षा उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं, किंतु अस्पष्ट अथवा अनावश्यक प्रतिबंध बनकर व्यापार बाधित भी कर सकते हैं।
निष्कर्ष: भारत–मैक्सिको वार्ता में संतुलित शुल्क-रियायत, पारदर्शी उत्पत्ति-प्रमाणन और वैज्ञानिक, अनुपातिक मानक व्यापार सुविधा तथा उपभोक्ता-सुरक्षा दोनों को सुदृढ़ करेंगे।