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अभ्यास प्रश्न • GS-II/III

एग्रीस्टैक (AgriStack): किसान पहचान, समावेशन और डेटा शासन

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15 अंकशब्द-सीमा: 250 शब्द26 अक्टूबर 2026

प्रश्न

एग्रीस्टैक भारतीय कृषि में लक्षित लाभ-वितरण और आँकड़ा-आधारित शासन को कैसे बदल सकता है? पट्टेदार किसानों, निजता और डेटा की गुणवत्ता से जुड़ी चुनौतियों का परीक्षण कीजिए।

आदर्श उत्तर

भूमिका: ₹2,817 करोड़ के डिजिटल कृषि मिशन (Digital Agriculture Mission) के अंतर्गत एग्रीस्टैक कृषि क्षेत्र का डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना ढाँचा है। 23 अक्टूबर 2026 की रात तक 11 करोड़ विशिष्ट किसान पहचान संख्या का लक्ष्य, 31 मार्च 2027 की निर्धारित समय-सीमा से पाँच माह पहले, पूरा हुआ।

परिवर्तनकारी क्षमता

  • विश्वसनीय पहचान: किसान रजिस्ट्री, भू-संदर्भित ग्राम मानचित्र और बोई गई फसल की रजिस्ट्री को जोड़कर बार-बार सत्यापन और दोहराव घटाया जा सकता है।
  • लक्षित लाभ-वितरण: सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण, फसल बीमा और आपदा राहत में पात्रता निर्धारण तथा प्रक्रिया तेज हो सकती है।
  • तात्कालिक योजना-निर्माण: भूखंड-स्तरीय फसल आँकड़े खरीद, उपज अनुमान, सूखा-बाढ़ प्रतिक्रिया और कृषि-आदान योजना को बेहतर बना सकते हैं।

मुख्य जोखिम

  • पट्टेदार और बँटाईदार किसानों का बहिष्करण: भूमि-अभिलेख आधारित पहचान में वास्तविक काश्तकार और भूमि-मालिक अलग होने पर लाभ छूट सकता है; महिला और वनाधिकार प्राप्त कृषक भी प्रभावित हो सकते हैं।
  • डेटा की गुणवत्ता: गलत भूमि अभिलेख, फसल सर्वेक्षण या पहचान जोड़ने की त्रुटि से पात्र किसान लाभ से वंचित हो सकता है।
  • निजता: भूमि, फसल, लाभ और वित्तीय सेवाओं से जुड़े आँकड़ों के व्यापक संयोजन के लिए उद्देश्य-सीमा, सहमति, पहुँच-नियंत्रण और स्वतंत्र लेखा-परीक्षण आवश्यक है।
  • संघीय समन्वय: रजिस्ट्रियाँ राज्यों द्वारा संचालित होती हैं; मानकों और शिकायत-निवारण में एकरूपता जरूरी है।

आगे की राह

ग्रामसभा/स्थानीय सत्यापन से वास्तविक काश्तकार का पंजीकरण, पट्टेदार-अनुकूल राज्य नियम, वैकल्पिक ऑफलाइन व्यवस्था, समयबद्ध सुधार-प्रक्रिया, निजता-सुरक्षित अभिकल्पना और स्वतंत्र साइबर सुरक्षा परीक्षण अपनाए जाएँ। डेटा साझा करना ‘केवल आवश्यक न्यूनतम’ सिद्धांत पर आधारित हो।

निष्कर्ष: एग्रीस्टैक की सफलता पहचान संख्याओं की गिनती से नहीं, बल्कि सही किसान को सही लाभ बिना बहिष्करण के पहुँचाने से मापी जानी चाहिए।

संदर्भ