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अभ्यास प्रश्न • GS-III

समुद्री जल से लिथियम निष्कर्षण और भारत का स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण

समुद्री जल से लिथियम निष्कर्षण की संभावनाओं, BARC तकनीक और व्यावसायीकरण की चुनौतियों पर 10 अंक/150 शब्द का UPSC मुख्य परीक्षा आदर्श उत्तर।

10 अंकशब्द-सीमा: 150 शब्द23 अक्टूबर 2026

प्रश्न

अभ्यास प्रश्न

भारत की स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण रणनीति में समुद्री जल से लिथियम निष्कर्षण जैसी स्वदेशी तकनीकों की संभावनाओं और व्यावसायीकरण की प्रमुख चुनौतियों का परीक्षण कीजिए।

प्रश्न की मांग

  • लिथियम के रणनीतिक महत्व और आयात-निर्भरता के संदर्भ से शुरुआत करें।
  • समुद्री जल की विशाल उपलब्धता के साथ कम सांद्रता की तकनीकी चुनौती बताएं।
  • BARC उपलब्धि को प्रयोगशाला-स्तर की सफलता मानते हुए scale-up की सीमाएँ और आगे की राह दें।

आदर्श उत्तर

भूमिका: विद्युत वाहन, ग्रिड-भंडारण और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार से लिथियम भारत के लिए रणनीतिक खनिज बन गया है। समुद्री जल में इसका विशाल भंडार स्वदेशी आपूर्ति का संभावित स्रोत है।

संभावनाएँ: BARC की चयनात्मक निष्कर्षण प्रक्रिया ने प्रयोगशाला स्तर पर लगभग 90% लिथियम पुनर्प्राप्ति दिखाई है। भविष्य में इसे तटीय विलवणीकरण संयंत्रों की concentrated brine से जोड़कर जल-प्रसंस्करण लागत घटाई जा सकती है। इससे आयात जोखिम कम करने, घरेलू battery ecosystem और critical-mineral security को बल मिल सकता है।

चुनौतियाँ: समुद्री जल में लिथियम केवल लगभग 0.17 mg/L है और Mg/Li अनुपात बहुत अधिक है। अतः ऊर्जा खपत, रसायन/solvent लागत, solvent loss, scale-up, समुद्री अपशिष्ट, battery-grade purification और जीवन-चक्र उत्सर्जन महत्वपूर्ण बाधाएँ हैं।

आगे की राह: pilot plants, techno-economic assessment, solvent recycling, desalination integration और recycling-based urban mining को समानांतर बढ़ाना चाहिए।

निष्कर्ष: समुद्री लिथियम आशाजनक पूरक स्रोत है, पर निकट भविष्य में खनन और battery recycling का विकल्प नहीं।

मूल्यवर्धन

  • समुद्री जल में लिथियम ≈ 0.17 mg/L; इसलिए “संसाधन विशाल” लेकिन “सांद्रता अत्यल्प” का विरोधाभास याद रखें।
  • Critical minerals रणनीति में extraction + refining + recycling—तीनों आवश्यक हैं।

संदर्भ