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अभ्यास प्रश्न • GS-III

1.5°C अतिक्रमण, प्राकृतिक कार्बन-सिंक और जलवायु नीति

1.5°C सीमा के संभावित अतिक्रमण, पीटलैंड संरक्षण और नदी-आर्द्रभूमि पुनर्स्थापन पर 15 अंक/250 शब्द का UPSC मुख्य परीक्षा आदर्श उत्तर।

15 अंकशब्द-सीमा: 250 शब्द23 अक्टूबर 2026

प्रश्न

अभ्यास प्रश्न

“1.5°C सीमा का अतिक्रमण जलवायु नीति को उत्सर्जन कटौती के साथ प्राकृतिक कार्बन-सिंक की रक्षा पर भी केंद्रित करने की मांग करता है।” इंडोनेशिया के पीटलैंड संकट और डेनमार्क की स्कर्न नदी बहाली के संदर्भ में विश्लेषण कीजिए।

प्रश्न की मांग

  • 1.5°C अतिक्रमण के अर्थ और नीति-निहितार्थ को स्पष्ट करना है।
  • पीटलैंड और नदी-आर्द्रभूमि को कार्बन-सिंक तथा अनुकूलन साधन के रूप में जोड़ना है।
  • भारत के लिए संतुलित आगे की राह देनी है; कार्बन निष्कासन को उत्सर्जन कटौती का विकल्प नहीं बताना है।

आदर्श उत्तर

भूमिका: UNEP की Emissions Gap Report 2026 बताती है कि वर्तमान प्रतिज्ञाएँ 1.5°C पथ के लिए पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में जलवायु नीति का केंद्र केवल भविष्य की नेट-जीरो तिथि नहीं, बल्कि तत्काल उत्सर्जन कटौती और प्राकृतिक कार्बन-सिंक की सुरक्षा होना चाहिए।

क्यों आवश्यक? 1.5°C से ऊपर अस्थायी अतिक्रमण भी चरम मौसम, समुद्र-स्तर और पारिस्थितिक tipping risks बढ़ाता है। बाद में तापमान नीचे लाने के लिए बड़े पैमाने पर कार्बन डाइऑक्साइड निष्कासन चाहिए, जिसकी भूमि, ऊर्जा, जल और लागत सीमाएँ हैं।

पीटलैंड का उदाहरण: इंडोनेशिया में सूखे और आग से पीटलैंड में सदियों से संचित कार्बन CO₂ के रूप में निकलता है। इसलिए जल-स्तर बहाली, drainage नियंत्रण और आग-रोकथाम उत्सर्जन रोकने के साथ जैव विविधता व स्थानीय आजीविका भी बचाते हैं।

स्कर्न नदी से सीख: डेनमार्क में नदी के प्राकृतिक घुमाव और आर्द्रभूमि पुनर्स्थापन से जल-गुणवत्ता, जैव विविधता और बाढ़-नियंत्रण सुधरा। यह प्रकृति-आधारित अनुकूलन का उदाहरण है।

भारत के लिए आगे की राह: कोयला-निर्भर उत्सर्जन में तीव्र कमी, नवीकरणीय ऊर्जा, आर्द्रभूमि–मैंग्रोव–पीटलैंड संरक्षण, शहरी नदी-बाढ़मैदान पुनर्स्थापन तथा वैज्ञानिक MRV व्यवस्था को एकीकृत करना चाहिए।

निष्कर्ष: प्राकृतिक कार्बन-सिंक उत्सर्जन कटौती के पूरक हैं, विकल्प नहीं। 1.5°C जोखिम के युग में दोनों को साथ चलाना ही जलवायु-सुरक्षित विकास का आधार है।

मूल्यवर्धन

  • UNEP 2026: 2025 की तुलना में 2035 तक लगभग 45% वैश्विक GHG कटौती की आवश्यकता।
  • पीटलैंड संरक्षण = शमन + जैव विविधता + आग/धुंध जोखिम में कमी।
  • Nature-based Solutions को कार्बन-लेखा तक सीमित न करके बाढ़, जल और आजीविका से जोड़ें।

संदर्भ