उत्सर्जन अंतराल रिपोर्ट 2026, इंडोनेशिया पीटलैंड आग और स्कर्न नदी बहाली
UNEP की उत्सर्जन अंतराल रिपोर्ट 2026, 1.5°C अतिक्रमण, इंडोनेशिया के पीटलैंड वनाग्नि और डेनमार्क की स्कर्न नदी बहाली का UPSC-केंद्रित अध्ययन।
23 अक्टूबर 2026
चर्चा में क्यों?
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की उत्सर्जन अंतराल रिपोर्ट 2026: द पॉइंट ऑफ रिटर्न ने चेतावनी दी है कि वैश्विक तापमान का 1.5°C सीमा से ऊपर जाना अब लगभग अपरिहार्य है। इसी समय इंडोनेशिया में पीटलैंड आग और दक्षिण-पूर्व एशिया की धुंध ने प्राकृतिक कार्बन-सिंक की सुरक्षा को फिर केंद्र में ला दिया है। समाधान के उदाहरण के रूप में डेनमार्क की स्कर्न नदी बहाली महत्वपूर्ण है।
उत्सर्जन अंतराल रिपोर्ट 2026: मुख्य तथ्य
- यह 17वाँ संस्करण है; शीर्षक The Point of Return है।
- न्यूनतम संभावित 1.5°C अतिक्रमण-पथ में मध्य-शताब्दी के आसपास तापमान लगभग 1.7–1.8°C तक पहुँच सकता है।
- 2025 के स्तर की तुलना में वैश्विक GHG उत्सर्जन में 2030 तक 18%, 2035 तक 45% और 2040 तक 69% कटौती चाहिए।
- मौजूदा NDCs से 2030 तक केवल 5–8% और 2035 तक 11–15% कटौती का अनुमान है।
- वर्तमान नीतियाँ लगभग 2.8°C, सभी NDCs और समान प्रयास लगभग 2.6°C, तथा NDCs + अतिरिक्त नेट-जीरो लक्ष्य लगभग 2.1°C तक तापवृद्धि सीमित कर सकते हैं।
- न्यूनतम अतिक्रमण-पथ में इस शताब्दी में लगभग 320 GtCO₂ स्थायी रूप से हटाने की जरूरत पड़ सकती है।
उत्सर्जन अंतराल वैज्ञानिक रूप से आवश्यक उत्सर्जन स्तर और नीतियों/प्रतिज्ञाओं से मिलने वाले अनुमानित उत्सर्जन स्तर के बीच का अंतर है।
इंडोनेशिया का पीटलैंड और वनाग्नि संकट
स्वतंत्र उपग्रह-आधारित Nusantara Atlas आकलन ने जनवरी–सितंबर 2026 में लगभग 19 लाख हेक्टेयर भूमि को आग से प्रभावित बताया। इसे सरकारी आधिकारिक आँकड़े के समान नहीं समझना चाहिए; स्रोत और पद्धति अलग हैं। एल-नीनो जनित शुष्कता, भूमि-सफाई और पीटलैंड आग ने संकट बढ़ाया।
- पीटलैंड जल-संतृप्त जैविक मिट्टी में लंबे समय तक कार्बन जमा करता है; सूखकर जलने पर यह तेजी से CO₂ और धुआँ छोड़ता है।
- धुंध सिंगापुर, मलेशिया और आसपास के क्षेत्रों की वायु गुणवत्ता पर सीमा-पार प्रभाव डाल सकती है।
- कालीमंतन बोर्नियो द्वीप का इंडोनेशियाई भाग है।
डेनमार्क की स्कर्न नदी बहाली
पश्चिमी जटलैंड की स्कर्न नदी को 1960 के दशक में सीधा और तटबंधित किया गया था। बाद में नदी को लगभग 26 किमी तक फिर प्राकृतिक घुमावदार पथ दिया गया और करीब 2,200 हेक्टेयर भूमि को आर्द्रभूमि में लौटाया गया। यूरोपीय आयोग के अनुसार इससे जल-गुणवत्ता और वन्यजीव में सुधार हुआ।
भारत के लिए सीख: बाढ़-मैदान, आर्द्रभूमि और प्राकृतिक नदी-मोड़ों को स्थान देना शहरी बाढ़, पोषक प्रदूषण और जैव विविधता के लिए प्रकृति-आधारित समाधान है।
स्थिर पृष्ठभूमि: पेरिस समझौता और NDC
- पेरिस समझौता तापवृद्धि को 2°C से काफी नीचे रखने तथा 1.5°C तक सीमित करने के प्रयास पर आधारित है।
- NDC प्रत्येक देश का स्वनिर्धारित जलवायु कार्रवाई लक्ष्य है।
- कार्बन डाइऑक्साइड निष्कासन (CDR) उत्सर्जन कटौती का विकल्प नहीं, पूरक साधन है।
मुख्य परीक्षा विश्लेषण
रिपोर्ट बताती है कि दूर की नेट-जीरो तारीख पर्याप्त नहीं; निकट अवधि में तेज उत्सर्जन कटौती आवश्यक है। बड़े पैमाने की CDR तकनीक भूमि, ऊर्जा, जल और लागत दबाव बढ़ा सकती है। पीटलैंड, मैंग्रोव, वन और नदी-आर्द्रभूमि जैसे प्राकृतिक सिंक जलवायु शमन, अनुकूलन और जैव विविधता—तीनों लाभ देते हैं। भारत के लिए ऊर्जा संक्रमण के साथ नदी-बहाली, आर्द्रभूमि संरक्षण और भू-उपयोग नियमन का एकीकृत दृष्टिकोण जरूरी है।
विगत वर्ष का वास्तविक UPSC प्रश्न
UPSC CSE Mains 2021 · GS Paper-III · 15 अंक · 250 शब्द
संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा अभिसमय (UNFCCC) के पक्षकारों के सम्मेलन (COP) के 26वें सत्र के प्रमुख परिणामों का वर्णन कीजिए। इस सम्मेलन में भारत द्वारा की गई प्रतिबद्धताएँ क्या हैं?प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास
कथनों पर विचार कीजिए— 1. उत्सर्जन अंतराल रिपोर्ट UNEP प्रकाशित करता है। 2. न्यूनतम 1.5°C अतिक्रमण-पथ के लिए 2035 तक 2025 की तुलना में 45% कटौती चाहिए। 3. स्कर्न नदी बहाली में नदी को और सीधा तथा आर्द्रभूमि कम किया गया।
(a) केवल 1 और 2 (b) केवल 2 और 3 (c) केवल 1 और 3 (d) 1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें
उत्तर: (a)। कथन 3 गलत है; स्कर्न परियोजना में प्राकृतिक घुमाव और आर्द्रभूमि पुनर्स्थापित की गई।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
15 अंक · 250 शब्द: “1.5°C सीमा का अतिक्रमण जलवायु नीति को उत्सर्जन कटौती के साथ प्राकृतिक कार्बन-सिंक की रक्षा पर भी केंद्रित करने की मांग करता है।” इंडोनेशिया के पीटलैंड संकट और स्कर्न नदी बहाली के संदर्भ में विश्लेषण कीजिए।