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UPSC 2021 • मुख्य परीक्षा • सामान्य अध्ययन-II • GS-II

SCO के उद्देश्य और भारत के लिए महत्त्व • UPSC 2021

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SCO के उद्देश्य और भारत के लिए महत्त्व • UPSC 2021 पर 250 शब्द का मुख्य परीक्षा आदर्श उत्तर: प्रश्न की मांग, विश्लेषण, समाधान और निष्कर्ष।

15 अंकशब्द-सीमा: 250 शब्द21 अक्टूबर 2026

प्रश्न

UPSC 2021 • मुख्य परीक्षा • सामान्य अध्ययन-II

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के लक्ष्यों और उद्देश्यों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। भारत के लिए इसका क्या महत्त्व है?

मूल अंग्रेज़ी प्रश्न

Critically examine the aims and objectives of SCO. What importance does it hold for India?

प्रश्न की मांग

  • संगठन के घोषित उद्देश्य और व्यवहार की सीमाओं का समालोचनात्मक परीक्षण करना है।
  • भारत के सुरक्षा, संपर्क, ऊर्जा और कूटनीतिक हितों पर अलग से चर्चा करनी है।

आदर्श उत्तर

भूमिका: शंघाई सहयोग संगठन यूरेशिया में क्षेत्रीय सुरक्षा और बहुआयामी सहयोग का मंच है। इसके उद्देश्यों में पारस्परिक विश्वास, अच्छे पड़ोसी संबंध, आतंकवाद-विरोध तथा आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग प्रमुख हैं।

मुख्य उद्देश्य: संगठन आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद का मुकाबला करने पर बल देता है। क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी संरचना सदस्य देशों के सहयोग का संस्थागत आधार है। व्यापार, ऊर्जा, संपर्क और जन-संपर्क बढ़ाकर क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करना भी इसके एजेंडे में शामिल है।

समालोचनात्मक परीक्षण: सदस्यों की भिन्न प्राथमिकताएँ, आपसी विवाद और चीन–रूस का प्रभाव सामूहिकता सीमित करते हैं। आतंकवाद की परिभाषा एवं उस पर कार्रवाई में समान मानक आवश्यक हैं। संप्रभुता-संबंधी चिंताओं और असमान आर्थिक क्षमता के कारण संपर्क तथा व्यापार की घोषणाओं का क्रियान्वयन कठिन हो सकता है।

भारत के लिए महत्त्व: भारत को मध्य एशियाई देशों से संवाद, ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर विचार रखने का अवसर मिलता है। अफगानिस्तान की स्थिरता, सीमा-पार आतंकवाद और कट्टरपंथ भारत के प्रत्यक्ष हित हैं। रूस के साथ संपर्क तथा बहुध्रुवीय विश्व की दिशा में संवाद भी उपयोगी हैं।

साथ ही भारत को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि क्षेत्रीय संपर्क संप्रभुता का सम्मान करे और आतंकवाद पर दोहरे मानदंड स्वीकार न हों। मंच में भागीदारी सभी सदस्य देशों की प्रत्येक परियोजना का समर्थन नहीं बनती।

निष्कर्ष: संगठन भारत के लिए उपयोगी कूटनीतिक अवसर है, किंतु उसकी उपयोगिता वास्तविक सुरक्षा सहयोग और आर्थिक परिणामों पर निर्भर है। सक्रिय भागीदारी के साथ स्वतंत्र निर्णय और विविध साझेदारियाँ बनाए रखना उचित होगा।

मूल्यवर्धन

  • प्रश्न 2021 का है। मूल उत्तर में उस समय की सदस्यता के संदर्भ को बाद के विस्तार से न मिलाइए।
  • उद्देश्य बताने के बाद सीमाओं और भारत के हितों का पृथक मूल्यांकन उत्तर को समालोचनात्मक बनाता है।

संदर्भ