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अभ्यास प्रश्न • GS-III

ड्रोन झुंड, अवरोधन की लागत और बहुस्तरीय सीमा सुरक्षा

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ड्रोन झुंड, अवरोधन की लागत और बहुस्तरीय सीमा सुरक्षा पर 250 शब्द का मुख्य परीक्षा आदर्श उत्तर: प्रश्न की मांग, विश्लेषण, समाधान और निष्कर्ष।

15 अंकशब्द-सीमा: 250 शब्द21 अक्टूबर 2026

प्रश्न

अभ्यास प्रश्न

“सस्ते ड्रोनों के झुंड ने पारंपरिक वायु रक्षा के सामने अवरोधन की लागत की चुनौती खड़ी की है।” स्वदेशी नवाचार और बहुस्तरीय सीमा सुरक्षा के संदर्भ में चर्चा कीजिए।

प्रश्न की मांग

  • सस्ते ड्रोन और महँगी अवरोधक प्रणालियों के बीच लागत-असंतुलन समझाना है।
  • स्वदेशी तकनीक के साथ पहचान, निर्णय और प्रतिकार की बहुस्तरीय व्यवस्था तथा उसकी सीमाएँ बतानी हैं।

आदर्श उत्तर

भूमिका: छोटे, सस्ते और सामूहिक रूप से प्रयुक्त ड्रोन सीमावर्ती निगरानी, तस्करी और हमलों की प्रकृति बदल रहे हैं। प्रत्येक कम लागत वाले लक्ष्य पर महँगी मिसाइल चलाना आर्थिक तथा परिचालन दोनों दृष्टियों से टिकाऊ नहीं है।

लागत की चुनौती: अनेक ड्रोन एक साथ आने पर सेंसर, निर्णय प्रणाली और उपलब्ध गोला-बारूद पर दबाव बढ़ता है। छोटे आकार, कम ऊँचाई और नागरिक उपकरणों जैसी बनावट से पहचान कठिन होती है। हमलावर की कम लागत रक्षक पर बार-बार अधिक खर्च थोप सकती है।

बहुस्तरीय प्रतिकार: रडार, रेडियो आवृत्ति, प्रकाशीय और तापीय सेंसरों की जानकारी मिलाकर लक्ष्य पहचानना चाहिए। जामिंग और नियंत्रण-संकेत बाधित करने जैसे सॉफ्ट-किल उपाय जहाँ प्रभावी हों, वहाँ पहली परत बन सकते हैं। स्वायत्त या संकेत-प्रतिरोधी ड्रोन के लिए उपयुक्त हार्ड-किल विकल्प और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की भौतिक सुरक्षा आवश्यक हैं।

स्वदेशी नवाचार: कम लागत के अवरोधक, सुरक्षित संचार, सेंसर-संलयन और घरेलू उत्पादन आपूर्ति निर्भरता घटा सकते हैं। ज्वाला जैसी पहल के मूल्यांकन में मोटर परीक्षण, पूर्ण उड़ान, लक्ष्य-भेदन और सैन्य उपयोगकर्ता परीक्षण अलग-अलग उपलब्धियाँ हैं। प्रारंभिक सफलता को तैनाती का प्रमाण नहीं मानना चाहिए।

प्रशासनिक आयाम: सैन्य बलों, सीमा बलों और पुलिस के बीच सूचना साझाकरण, साझा अभ्यास तथा स्थानीय समुदायों की सूचना उपयोगी होगी। जामिंग से नागरिक संचार पर प्रभाव और अवरोधन से मलबा गिरने के जोखिम भी ध्यान में रखने होंगे।

निष्कर्ष: टिकाऊ रक्षा का आधार केवल सस्ता हथियार नहीं, सही लक्ष्य पर सही साधन, विश्वसनीय परीक्षण और समन्वित प्रतिक्रिया है। यही लागत-सचेत सुरक्षा को प्रभावी बनाएगा।

मूल्यवर्धन

  • हार्ड-किल में भौतिक निष्क्रियकरण और सॉफ्ट-किल में संकेत या नियंत्रण पर प्रभाव प्रमुख है।
  • किसी तकनीक की प्रभावशीलता मौसम, लक्ष्य, दूरी और प्रतिरोधी उपायों के संदर्भ में जाँची जाती है।

संदर्भ