ज्वाला-एमके1, ड्रोन-रोधी रक्षा और पुलिस स्मृति दिवस
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ज्वाला की रॉकेट मोटर का परीक्षण, प्रतिरोध की लागत, हॉट स्प्रिंग्स के शहीद और क्षेत्रीय मिसाइल चुनौती।
चर्चा में क्यों?
निजी भारतीय रक्षा कंपनी आईजी डिफेंस ने अपने ज्वाला माइक्रो-मिसाइल कार्यक्रम के लिए दो ठोस रॉकेट मोटरों के परीक्षण की घोषणा की है। अक्टूबर की यह प्रगति स्वदेशी ड्रोन-रोधी क्षमता के विकास से संबंधित है। मोटर का स्थिर परीक्षण पूरी मिसाइल के लक्ष्य-भेदन परीक्षण या सेना में तैनाती की पुष्टि नहीं है।
21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में शहीद पुलिसकर्मियों तथा कर्तव्य पर बलिदान देने वाले सभी पुलिसकर्मियों की स्मृति से जुड़ा है। क्षेत्रीय सुरक्षा में पाकिस्तान का फतह-2 विस्तारित दूरी वाला परीक्षण भी चर्चा का विषय है।
ज्वाला-एमके1: घोषित क्षमता और परीक्षण की स्थिति
ज्वाला छोटी दूरी की सतह-से-वायु माइक्रो-मिसाइल परियोजना है। इसका उद्देश्य शत्रु ड्रोन को भौतिक रूप से निष्क्रिय करने वाली हार्ड-किल क्षमता विकसित करना है। इसे निजी क्षेत्र की स्वदेशी काउंटर-ड्रोन परियोजना के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
| पहलू | निर्माता द्वारा बताए गए डिजाइन लक्ष्य |
|---|---|
| संलग्नता दूरी | लगभग 2–5 किलोमीटर। |
| ऊँचाई का दायरा | लगभग 50–5,000 मीटर। |
| प्रणोदन | डुअल-पल्स ठोस रॉकेट मोटर; उड़ान के अलग चरणों में ऊर्जा उपलब्ध कराने का उद्देश्य। |
| वारहेड | लगभग 0.5–1.5 किलोग्राम का विखंडनकारी वारहेड और निकटता फ्यूज का उल्लेख। |
| प्रतिक्रिया और सटीकता | सात सेकंड से कम प्रतिक्रिया तथा दो मीटर से कम त्रुटि जैसे घोषित लक्ष्य। |
| नेटवर्क | कंपनी के ग्रिड डिफेंड युद्ध-प्रबंधन तंत्र से एकीकरण का प्रस्ताव। |
इन विनिर्देशों को निर्माता के घोषित लक्ष्य के रूप में पढ़ें। युद्धक परिस्थिति में स्वतंत्र पुष्टि, उपयोगकर्ता परीक्षण और विश्वसनीय प्रदर्शन स्थापित करना अलग चरण हैं। जीपीएस-रहित या अधिक इलेक्ट्रॉनिक व्यवधान वाले परिवेश में प्रदर्शन का आकलन भी परीक्षण से होना चाहिए।
पुलिस स्मृति दिवस: ऐतिहासिक आधार
- 21 अक्टूबर 1959: लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के हमले में दस भारतीय पुलिसकर्मी शहीद हुए। करम सिंह का नेतृत्व इस घटना से जुड़ा है।
- जनवरी 1960: पुलिस महानिरीक्षकों के सम्मेलन में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को इस बलिदान की स्मृति में मनाने का निर्णय हुआ।
- विस्तृत उद्देश्य: केवल उस एक घटना का स्मरण नहीं, बल्कि देश भर में कर्तव्य पर बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों का सम्मान।
- राष्ट्रीय पुलिस स्मारक: चाणक्यपुरी, नई दिल्ली। इसमें केंद्रीय स्मारक, शौर्य की दीवार और संग्रहालय जैसे अलग भाग हैं।
- एक आवश्यक अंतर: लगभग 30 फुट ऊँचा एकाश्म ग्रेनाइट केंद्रीय स्मारक और नामों वाली शौर्य की दीवार अलग संरचनाएँ हैं। वर्ष-विशिष्ट कुल बलिदानों की संख्या को बिना अद्यतन स्रोत के स्थायी आँकड़ा न मानें।
एनसीईआरटी से संबंध
कक्षा 12, समकालीन विश्व राजनीति—समकालीन विश्व में सुरक्षा; सामान्य विज्ञान—गति, ऊर्जा और संचार की आधारभूत अवधारणाएँ।
स्थिर आधार • सीधे पढ़ें
| पद्धति | क्या करती है? | प्रमुख सीमा |
|---|---|---|
| सॉफ्ट-किल | रेडियो या उपग्रह संकेत में व्यवधान, नियंत्रण संपर्क प्रभावित करना। | स्वायत्त या वैकल्पिक संपर्क वाले ड्रोन पर हर बार समान प्रभाव नहीं। |
| हार्ड-किल | भौतिक प्रहार, अवरोधक, तोप या ऊर्जा-आधारित साधन से लक्ष्य निष्क्रिय करना। | प्रति अवरोधन लागत, पहचान की शुद्धता और आसपास की सुरक्षा। |
| बहुस्तरीय रक्षा | पहचान, वर्गीकरण, ट्रैकिंग, निर्णय और उपयुक्त प्रतिक्रिया का संयोजन। | सेंसरों तथा विभिन्न प्रणालियों में विश्वसनीय समन्वय। |
भारत में डीआरडीओ–बीईएल का ड्रोन-रोधी तंत्र, भार्गवास्त्र और इंद्रजाल जैसी सार्वजनिक रूप से चर्चित प्रणालियाँ अलग-अलग दृष्टिकोण दर्शाती हैं। इनकी घोषित दूरी या क्षेत्रीय कवरेज को एक ही परीक्षण-मानक का समान परिणाम मानकर तुलना नहीं करनी चाहिए।
फतह-2 का संदर्भ: मूल प्रणाली की दूरी लगभग 400 किलोमीटर बताई जाती है। अक्टूबर 2026 का परीक्षण विस्तारित दूरी वाले संस्करण का था; मूल संस्करण की दूरी को उसके नए संस्करण का पुष्ट आँकड़ा नहीं मानें। उपग्रह-सहायता और जड़त्वीय नेविगेशन अलग मार्गदर्शन अवधारणाएँ हैं।
मुख्य परीक्षा: अवरोधन की लागत और सुरक्षा
लागत का प्रश्न: कम कीमत के बड़ी संख्या में आने वाले ड्रोन के विरुद्ध हर बार बहुत महँगी पारंपरिक मिसाइल का इस्तेमाल वित्तीय तथा भंडार-संबंधी दबाव बढ़ा सकता है। इसलिए खतरे की प्रकृति के अनुरूप कम लागत और उपयुक्त साधन चुनना आवश्यक है। बिना प्रमाण प्रत्येक प्रणाली की रुपये में निश्चित कीमत तय करके तुलना करना भ्रामक होगा।
सीमा प्रबंधन: हथियार, मादक पदार्थ या निगरानी के लिए ड्रोन के उपयोग से पुलिस, सीमा बल और स्थानीय प्रशासन के बीच सूचनाओं का समन्वय जरूरी होता है। तकनीक के साथ प्रशिक्षित कर्मचारी, रखरखाव, सुरक्षित मानक प्रक्रिया और जवाबदेही भी चाहिए।
निजी नवाचार: शोध से उत्पादन तक पहुँचने के लिए उपयोगकर्ता परीक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण, आपूर्ति श्रृंखला और निरंतर सुधार जरूरी हैं। खरीद में केवल दावा या प्रदर्शन नहीं, विश्वसनीयता और पूरे जीवन-चक्र की लागत देखी जाए।
पुलिस आधुनिकीकरण: उपकरणों के साथ प्रशिक्षण, काम की परिस्थितियाँ, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और नागरिकों के साथ विश्वसनीय संबंध महत्वपूर्ण हैं। स्मृति दिवस से जुड़ा संस्थागत संदेश बलिदान के सम्मान को बेहतर कार्य-व्यवस्था में बदलना है।
प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- ज्वाला कार्यक्रम में रॉकेट मोटर का सफल परीक्षण अपने आप पूरी मिसाइल की सैन्य तैनाती का प्रमाण है।
- पुलिस स्मृति दिवस का संबंध 21 अक्टूबर 1959 की हॉट स्प्रिंग्स घटना से है।
- ड्रोन-रोधी हार्ड-किल पद्धति का उद्देश्य लक्ष्य को भौतिक रूप से निष्क्रिय करना है।
उपर्युक्त में से सही विकल्प चुनिए।
- (a) केवल 1 और 2
- (b) केवल 2 और 3
- (c) केवल 1 और 3
- (d) 1, 2 और 3
सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या
सही उत्तर: (b) केवल 2 और 3
कथन 1 गलत है: मोटर, मिसाइल का एक उपतंत्र है; पूर्ण उड़ान, लक्ष्य-भेदन और उपयोगकर्ता परीक्षण अलग हैं। कथन 2 सही है: दस पुलिसकर्मियों के बलिदान की स्मृति इस दिवस का ऐतिहासिक आधार है। कथन 3 सही है: हार्ड-किल में भौतिक प्रभाव होता है; सॉफ्ट-किल मुख्यतः संकेत या नियंत्रण प्रभावित करता है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
“सस्ते ड्रोनों के झुंड ने पारंपरिक वायु रक्षा के सामने अवरोधन की लागत की चुनौती खड़ी की है।” स्वदेशी नवाचार और बहुस्तरीय सीमा सुरक्षा के संदर्भ में चर्चा कीजिए।
15 अंक • 250 शब्द