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GS Paper 1
भारतीय कला एवं संस्कृति
1हड़प्पा सभ्यता (सिंधु घाटी सभ्यता)—नगर योजना, कला, शिल्प, मुहरें, मूर्तिकला और सांस्कृतिक विरासत
2मौर्यकालीन कला तथा अशोक के स्तंभ, शिलालेख, गुफाएँ और स्तूप
3गांधार, मथुरा और अमरावती मूर्तिकला शैलियाँ तथा उनकी तुलना
4गुप्तकालीन कला, मूर्तिकला और स्थापत्य की प्रमुख विशेषताएँ
5बौद्ध और जैन स्थापत्य—स्तूप, चैत्य, विहार, गुफाएँ और प्रतीकवाद
6भारत की शैलकृत स्थापत्य परंपरा—अजंता, एलोरा, एलिफेंटा तथा अन्य प्रमुख स्थल
7भारतीय मंदिर स्थापत्य—नागर, द्रविड़ और वेसर शैलियाँ तथा क्षेत्रीय विविधताएँ
8विजयनगर और हम्पी की स्थापत्य एवं सांस्कृतिक परंपरा
9दिल्ली सल्तनत का स्थापत्य और भारतीय-इस्लामी समन्वय
10मुगल स्थापत्य—विकास, प्रमुख विशेषताएँ और क्षेत्रीय प्रभाव
11क्षेत्रीय तथा औपनिवेशिक स्थापत्य परंपराएँ और भारतीय वास्तुकला में परिवर्तन
12भारतीय चित्रकला—अजंता, मुगल, राजस्थानी, पहाड़ी, दक्कनी और लोक परंपराएँ
13भारतीय मूर्तिकला, प्रतिमा-विज्ञान और धार्मिक प्रतीकों का विकास
14भारतीय शास्त्रीय एवं लोक संगीत, नृत्य और रंगमंच परंपराएँ
15संस्कृत, पालि, प्राकृत, तमिल, फारसी और भक्ति-सूफी साहित्य की प्रमुख परंपराएँ
आधुनिक भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम
1618वीं शताब्दी के मध्य में भारत की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति
17भारत में यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों का आगमन और प्रतिस्पर्धा
18बंगाल पर अंग्रेजी प्रभुत्व—प्लासी, बक्सर और द्वैध शासन का महत्व
19मैसूर तथा अंग्रेजों के बीच संघर्ष और दक्षिण भारत में ब्रिटिश विस्तार
20मराठा, सिख और अन्य भारतीय शक्तियों के विरुद्ध ब्रिटिश विस्तार
21सहायक संधि, हड़प नीति और ब्रिटिश सर्वोच्चता की स्थापना
22औपनिवेशिक प्रशासन—नौकरशाही, पुलिस, न्यायपालिका और प्रशासनिक केंद्रीकरण
23स्थायी बंदोबस्त, रैयतवाड़ी और महालवाड़ी भू-राजस्व व्यवस्थाएँ
24औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था—धन-निष्कासन, विऔद्योगीकरण और भारतीय उद्योगों पर प्रभाव
25कृषि का वाणिज्यीकरण, अकाल, वन नीतियाँ और ग्रामीण अर्थव्यवस्था
26औपनिवेशिक शिक्षा नीति—प्राच्य-पाश्चात्य विवाद, मैकाले और आधुनिक शिक्षा
27प्रेस, सेंसरशिप, समाचार-पत्र और आधुनिक राजनीतिक चेतना का विकास
2819वीं शताब्दी के सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन
29जाति-विरोधी और सामाजिक न्याय आंदोलन—फुले, नारायण गुरु, पेरियार, डॉ. आंबेडकर आदि
30आदिवासी विद्रोह—कारण, प्रकृति, क्षेत्रीय विविधता और औपनिवेशिक प्रतिक्रिया
31किसान आंदोलन—नील, पाबना, दक्कन, तेभागा, बारदोली आदि
321857 का विद्रोह—कारण, स्वरूप, नेतृत्व, क्षेत्रीय प्रसार और परिणाम
331858 के बाद औपनिवेशिक शासन की संरचना और नीतिगत परिवर्तन
34भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना और प्रारंभिक राष्ट्रीय चेतना
35उदारवादी राष्ट्रवाद—विचार, कार्यपद्धति, उपलब्धियाँ और सीमाएँ
36उग्र राष्ट्रवाद, बंग-भंग और स्वदेशी आंदोलन
37क्रांतिकारी राष्ट्रवाद—भारत और विदेशों में क्रांतिकारी गतिविधियाँ
38होम रूल आंदोलन, प्रथम विश्वयुद्ध और भारतीय राजनीति में परिवर्तन
39गांधी का उदय—चंपारण, अहमदाबाद और खेड़ा सत्याग्रह
40असहयोग आंदोलन और खिलाफत आंदोलन—स्वरूप, सामाजिक आधार और प्रभाव
41सविनय अवज्ञा आंदोलन, नमक सत्याग्रह और गांधी-इरविन समझौता
42भारत छोड़ो आंदोलन—परिस्थितियाँ, जनभागीदारी, भूमिगत आंदोलन और महत्व
43सुभाषचंद्र बोस, आजाद हिंद फौज और स्वतंत्रता संघर्ष में उनका योगदान
44समाजवादी, साम्यवादी, श्रमिक और किसान धाराओं का राष्ट्रीय आंदोलन में योगदान
45स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं, किसानों, आदिवासियों, दलितों और विद्यार्थियों की भूमिका
461909 से 1947 तक संवैधानिक विकास—सुधारों से सत्ता हस्तांतरण तक
47सांप्रदायिक राजनीति, मुस्लिम लीग, पाकिस्तान की मांग और भारत विभाजन
स्वतंत्रता के बाद भारत
48रियासतों का भारत में एकीकरण और सरदार पटेल-वी.पी. मेनन की भूमिका
49भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन और उससे जुड़ा जनदबाव
50नए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का निर्माण तथा भारतीय संघ का क्षेत्रीय पुनर्गठन
51स्वतंत्रता के बाद लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण
52भूमि सुधार, नियोजित अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने के प्रयास
53स्वतंत्र भारत के प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन तथा क्षेत्रीय आकांक्षाएँ
विश्व इतिहास
54प्रबोधन, तर्कवाद और आधुनिक राजनीतिक विचारों का उदय
55अमेरिकी क्रांति—कारण, विचारधारा और विश्व पर प्रभाव
56फ्रांसीसी क्रांति—कारण, चरण, विचार और दीर्घकालीन प्रभाव
57औद्योगिक क्रांति—तकनीकी परिवर्तन, पूंजीवाद, नगरीकरण और सामाजिक प्रभाव
58पूंजीवाद, समाजवाद और साम्यवाद—उत्पत्ति, स्वरूप और सामाजिक प्रभाव
59राष्ट्रवाद तथा जर्मनी और इटली का एकीकरण
60साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद—कारण, विस्तार और उपनिवेशित समाजों पर प्रभाव
61प्रथम विश्वयुद्ध—कारण, घटनाक्रम, परिणाम और नई विश्व व्यवस्था
62रूसी क्रांति और सोवियत व्यवस्था का उदय
63फासीवाद, नाजीवाद, महामंदी और द्वितीय विश्वयुद्ध
64एशिया और अफ्रीका में उपनिवेशवाद से मुक्ति तथा नव-स्वतंत्र राष्ट्रों की चुनौतियाँ
65शीतयुद्ध, विश्व का द्विध्रुवीकरण और राष्ट्रीय सीमाओं के पुनर्निर्धारण का प्रभाव
भारतीय समाज
66भारतीय समाज की प्रमुख विशेषताएँ और विविधता में एकता
67भारत में जाति व्यवस्था—परंपरा, परिवर्तन, गतिशीलता और समकालीन स्वरूप
68भारतीय जनजातीय समाज—पहचान, अलगाव, समावेशन और विकास की चुनौतियाँ
69परिवार, विवाह और नातेदारी संस्थाओं में परिवर्तन
70भारतीय समाज में पितृसत्ता, महिलाओं की स्थिति और महिला संगठनों की भूमिका
71महिला शिक्षा, रोजगार, संपत्ति, राजनीतिक भागीदारी और लैंगिक समानता
72भारत का जनसांख्यिकीय संक्रमण—जनसंख्या वृद्धि, प्रजनन दर और क्षेत्रीय अंतर
73जनसांख्यिकीय लाभांश, वृद्धावस्था और बदलती आयु संरचना
74आंतरिक प्रवास—ग्रामीण-शहरी, अंतर्राज्यीय और मौसमी प्रवास
75गरीबी, असमानता, सामाजिक बहिष्करण और विकास की चुनौतियाँ
76नगरीकरण—महानगर, झुग्गी बस्तियाँ, आवास, आधारभूत सेवाएँ और शहरी संकट
77वैश्वीकरण का भारतीय परिवार, संस्कृति, रोजगार, उपभोग और युवाओं पर प्रभाव
78सामाजिक सशक्तीकरण—अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक
79दिव्यांगजन, वृद्धजन, ट्रांसजेंडर तथा अन्य वंचित समूहों का सामाजिक समावेशन
80सांप्रदायिकता, धर्मनिरपेक्षता और भारतीय समाज पर उनका प्रभाव
81क्षेत्रवाद, उप-राष्ट्रीय पहचान और राष्ट्रीय एकीकरण
82डिजिटल प्रौद्योगिकी—सामाजिक सशक्तीकरण, डिजिटल विभाजन और सामाजिक परिवर्तन
भौतिक एवं आर्थिक भूगोल
83पृथ्वी की आंतरिक संरचना तथा प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत
84अंतर्जात और बहिर्जात भू-आकृतिक प्रक्रियाएँ तथा स्थलरूपों का निर्माण
85भूकंप—उत्पत्ति, वितरण, प्लेट सीमाएँ और भौगोलिक प्रभाव
86सुनामी—उत्पत्ति, प्रसार और तटीय क्षेत्रों पर प्रभाव
87ज्वालामुखिता, हॉटस्पॉट और ज्वालामुखीय स्थलरूप
88वायुमंडल की संरचना, सौर विकिरण और पृथ्वी का ऊष्मा बजट
89वायुदाब पट्टियाँ, वैश्विक पवन प्रणाली और जेट धाराएँ
90वायुराशियाँ, वाताग्र और शीतोष्ण चक्रवात
91उष्णकटिबंधीय चक्रवात—निर्माण, तीव्रता, मार्ग और फुजीवारा प्रभाव
92भारतीय मानसून—तंत्र, स्थल-समुद्र संबंध और मानसून को प्रभावित करने वाले कारक
93एल नीनो-दक्षिणी दोलन, हिंद महासागर द्विध्रुव और मैडेन-जूलियन दोलन का मानसून पर प्रभाव
94स्थानीय पवनें—लू, चिनूक, फॉन तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानीय पवन प्रणालियाँ
95विश्व के प्रमुख जलवायु प्रदेश और प्राकृतिक वनस्पति का वितरण
96महासागरीय धाराएँ, ज्वार, अपवेलिंग और महासागर-वायुमंडल संबंध
97हिममंडल—हिमनद, हिमचादर, टुंड्रा और समुद्र-स्तर परिवर्तन
98भारत की भौतिक संरचना, नदी तंत्र और जल संसाधनों की भौगोलिक आधारभूमि
99मरुस्थलीकरण, भूमि क्षरण, पवनजनित प्रक्रियाएँ और मानव-प्रेरित भूमि-उपयोग परिवर्तन
100विश्व और भारत में प्राकृतिक संसाधनों का वितरण, उद्योगों का स्थानिक वितरण तथा बदलता आर्थिक-व्यापारिक भूगोल